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बिलासपुर की टाली पंचायत में प्रधान पद का चुनाव आयोग ने आगामी आदेशों तक रद किया

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 53 Mins Ago • 1 Min Read

हिमाचल प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने बिलासपुर जिले की ग्राम पंचायत टाली में प्रधान पद के निर्वाचन को आगामी आदेशों तक रद कर दिया है। आयोग ने यह निर्णय नामांकन प्रक्रिया से संबंधित शिकायतों और प्रारंभिक जांच के आधार पर लिया है, जबकि पंचायत के अन्य सभी पदों के चुनाव निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही होंगे।

शिमला

ग्राम पंचायत टाली में प्रधान पद का निर्वाचन स्थगित

हिमाचल प्रदेश में जारी पंचायत चुनाव प्रक्रिया के बीच बिलासपुर जिले की ग्राम पंचायत टाली, विकास खंड श्री नयना देवी जी में प्रधान पद का चुनाव प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया के चलते स्थगित कर दिया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि प्रधान पद के निर्वाचन को आगामी आदेशों तक रद किया गया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय शिकायतों और प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है।

नामांकन प्रक्रिया के दौरान नहीं उठी थी आपत्ति

आयोग को जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त बिलासपुर की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में बताया गया कि पंचायत चुनाव में एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और एक मिड-डे मील वर्कर ने प्रधान पद के लिए नामांकन दाखिल किया था। नामांकन पत्रों की जांच के समय किसी भी प्रत्याशी या संबंधित पक्ष की ओर से इनकी पात्रता को लेकर कोई औपचारिक आपत्ति दर्ज नहीं करवाई गई। उपलब्ध अभिलेखों और तथ्यों के आधार पर सहायक रिटर्निंग अधिकारी ने दोनों उम्मीदवारों के नामांकन स्वीकार करते हुए उन्हें चुनाव चिन्ह भी आवंटित कर दिए थे।

शिकायत मिलने के बाद आयोग ने लिया संज्ञान

चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ने के दौरान कुछ प्रत्याशियों द्वारा इस मामले को लेकर रिटर्निंग अधिकारी तथा जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष शिकायतें दर्ज करवाई गईं। शिकायतों में चुनाव लड़ने की पात्रता से जुड़े नियमों का उल्लेख किया गया था। इसके बाद पूरा मामला राज्य निर्वाचन आयोग के समक्ष रखा गया। आयोग ने प्रारंभिक स्तर पर तथ्यों की जांच करने के बाद प्रधान पद के निर्वाचन को तत्काल प्रभाव से रद करने का निर्णय लिया।

अन्य सभी पदों पर चुनाव प्रक्रिया जारी

राज्य निर्वाचन आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि केवल प्रधान पद के चुनाव को रोका गया है। पंचायत के अन्य पदों, जिनमें उपप्रधान और वार्ड सदस्य शामिल हैं, उनके चुनाव पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित किए जाएंगे। प्रशासनिक अधिकारियों को आयोग के निर्देशों के अनुसार आगे की प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

पात्रता नियमों को लेकर बढ़ी प्रशासनिक सतर्कता

सूत्रों के अनुसार यह मामला पंचायत चुनावों में सरकारी अथवा मानदेय आधारित सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों की पात्रता को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आयोग के फैसले के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी नामांकन प्रक्रिया और पात्रता नियमों को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। संबंधित पंचायत क्षेत्र में अब सभी की नजरें राज्य निर्वाचन आयोग के अगले आदेशों और आगामी निर्णय पर बनी हुई हैं।

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