बीएसएफ की महिला जवानों ने माउंट एवरेस्ट अभियान सफलतापूर्वक पूरा कर दर्ज की उपलब्धि
बीएसएफ की पहली ऑल वूमेन माउंट एवरेस्ट एक्सपीडिशन टीम ने 8848.86 मीटर ऊंची माउंट एवरेस्ट चोटी पर सफलतापूर्वक पहुंचकर अभियान पूरा किया है। मिशन वंदे मातरम् के तहत आयोजित इस अभियान में चार महिला जवानों ने विभिन्न मौसमीय और भौगोलिक परिस्थितियों के बीच चढ़ाई पूरी की।
केलांग
बीएसएफ की ऑल वूमेन टीम ने पूरा किया अभियान
बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) की महिला जवानों ने माउंट एवरेस्ट अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया है। बीएसएफ की पहली ऑल वूमेन माउंट एवरेस्ट एक्सपीडिशन टीम ने ‘मिशन वंदे मातरम्’ के तहत गुरुवार सुबह भारतीय समयानुसार 8 बजे 8848.86 मीटर ऊंची माउंट एवरेस्ट चोटी पर पहुंचकर अभियान पूरा किया। यह अभियान बीएसएफ के डायमंड जुबली वर्ष के अवसर पर आयोजित किया गया था।
चार महिला जवानों ने किया प्रतिनिधित्व
इस अभियान में लद्दाख की कांस्टेबल कौसर फातिमा, पश्चिम बंगाल की कांस्टेबल मुनमुन घोष, उत्तराखंड की कांस्टेबल रेबेका सिंह और कारगिल की कांस्टेबल त्सेरिंग चोरोल शामिल रहीं। चारों महिला जवानों ने निर्धारित प्रशिक्षण और पर्वतारोहण प्रक्रिया के तहत अभियान में भाग लिया। बीएसएफ की ओर से जारी जानकारी के अनुसार टीम ने तय कार्यक्रम के अनुसार शिखर तक पहुंचने का लक्ष्य पूरा किया।
कठिन परिस्थितियों में पूरी की चढ़ाई
माउंट एवरेस्ट अभियान के दौरान टीम को ऊंचाई, कम तापमान और बदलते मौसम जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। अभियान के लिए पर्वतारोहण से संबंधित सुरक्षा मानकों और तकनीकी प्रक्रियाओं का पालन किया गया। बीएसएफ अधिकारियों के अनुसार टीम ने समन्वित तरीके से अभियान को पूरा किया और शिखर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया।
डायमंड जुबली वर्ष के तहत आयोजित हुआ अभियान
बीएसएफ के डायमंड जुबली वर्ष के अवसर पर आयोजित इस अभियान को ‘मिशन वंदे मातरम्’ नाम दिया गया था। अभियान का उद्देश्य महिला कर्मियों की भागीदारी और पर्वतारोहण क्षमता को प्रदर्शित करना था। बीएसएफ की ओर से बताया गया कि इस अभियान के लिए चयनित महिला जवानों ने पूर्व प्रशिक्षण और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में अभ्यास सत्र भी पूरे किए थे।