हिमाचल में भारी बारिश से 44 सड़कें बंद, कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट, बिजली व्यवस्था भी प्रभावित
प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन से 44 सड़कें बंद हो गई हैं, जबकि 254 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित होने से कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित है। मौसम विभाग ने 2, 3, 5 और 6 जुलाई के लिए कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने और मौसम संबंधी सलाह का पालन करने की अपील की है।
शिमला
बारिश और भूस्खलन से बढ़ी चुनौतियां
हिमाचल प्रदेश में मानसून सक्रिय होने के बाद अधिकांश जिलों में लगातार वर्षा का दौर जारी है। बारिश से जहां कृषि और बागवानी क्षेत्र को लाभ मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर कई स्थानों पर भूस्खलन, सड़क अवरुद्ध होने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने जैसी समस्याएं सामने आई हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) की बुधवार सुबह तक जारी रिपोर्ट के अनुसार प्रदेशभर में 44 सड़कें बंद हैं, जबकि 254 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित होने से अनेक क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित हुई है। हालांकि राहत की बात यह है कि फिलहाल किसी भी पेयजल योजना के प्रभावित होने की सूचना नहीं मिली है।
मंडी जिले में सबसे अधिक प्रभाव
एसईओसी की रिपोर्ट के अनुसार सबसे अधिक असर मंडी जिले में दर्ज किया गया है, जहां 28 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। इसके अलावा कुल्लू जिले में 12 सड़कें, लाहौल-स्पीति में 2 सड़कें तथा ऊना जिले में भी 2 सड़कें बंद होने से स्थानीय लोगों और यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई है। बिजली व्यवस्था पर भी मौसम का व्यापक प्रभाव पड़ा है। मंडी जिले में 198 बिजली ट्रांसफार्मर बंद होने से कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। वहीं सिरमौर में 44 और कुल्लू में 11 ट्रांसफार्मर प्रभावित बताए गए हैं। संबंधित विभागों की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में बहाली का कार्य कर रही हैं।
जिस्पा में बादल फटने के बाद मार्ग हुआ प्रभावित
लाहौल-स्पीति जिले के जिस्पा क्षेत्र में मंगलवार देर रात बादल फटने के कारण एक नाले में अचानक बाढ़ आ गई। इसके चलते लेह-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ और कई वाहन मार्ग में रुक गए। सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) तथा अन्य संबंधित एजेंसियों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बहाली का कार्य शुरू किया। लाहौल-स्पीति पुलिस कंट्रोल रूम के अनुसार आवश्यक कार्रवाई के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात सामान्य रूप से बहाल कर दिया गया है।
24 घंटे में कई क्षेत्रों में हुई उल्लेखनीय वर्षा
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई। कांगड़ा जिले के नगरोटा सूरियां में 102.5 मिमी, घमरूर में 95.2 मिमी, गुलेर में 87.2 मिमी तथा पालमपुर में 74.4 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। चंबा के सलूनी में 68.2 मिमी, मंडी के जोगिंदरनगर में 48 मिमी, बिलासपुर के काहू में 44.5 मिमी और बरठीं में 37.4 मिमी बारिश दर्ज हुई। इसके अतिरिक्त देहरा गोपीपुर में 38.3 मिमी तथा सुजानपुर टीहरा में 36 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा हुई, जबकि हमीरपुर में 41 किलोमीटर प्रति घंटा और सियोबाग में 39 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं भी चलीं।
अगले एक सप्ताह तक मौसम रहेगा सक्रिय
मौसम विभाग ने आगामी एक सप्ताह तक प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां जारी रहने का पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार 2 और 3 जुलाई को कई जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 4 जुलाई को येलो अलर्ट रहेगा, जबकि 5 और 6 जुलाई को फिर से भारी वर्षा की संभावना के मद्देनजर ऑरेंज अलर्ट प्रभावी रहेगा। 7 जुलाई के लिए भी कई स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग ने बताया कि मानसून अब पूरे हिमाचल प्रदेश में सक्रिय हो चुका है, जिससे आगामी दिनों में वर्षा की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग और राज्य प्रशासन ने लोगों से वर्षा के दौरान नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों तथा संवेदनशील पहाड़ी मार्गों के आसपास अनावश्यक रूप से न जाने की अपील की है। प्रशासन ने यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले मौसम और सड़क की ताजा स्थिति की जानकारी लेने, स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। इसके साथ ही संबंधित विभागों को सड़क, बिजली और अन्य आवश्यक सेवाओं की शीघ्र बहाली के निर्देश दिए गए हैं।