HNN / काँगड़ा
जिला कांगड़ा के तहत आते चिकित्सा खंड भवारना में अल्बेंडाज़ोल दवाई खाने के बाद हुई बच्ची की मौत मामले में विभागीय टीम ने जांच पूरी कर ली है। जांच टीम ने पाया कि बच्ची की मौत के लिए न तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की गलती थी और न दवाई में कोई खराबी। दवाई पिलाते वक्त हुई उल्टी का कुछ भाग श्वास नली से फेफड़ों में चला गया था।
इस वजह से बच्ची की तबीयत बिगड़ी और बाद में उसकी मौत हो गई। गौरतलब है कि पूरे प्रदेश में सोमवार को हर आंगनबाड़ी केंद्र व स्कूलों में बच्चों के पेट के कीड़े मारने की दवाई (अल्बेंडाज़ोल ) खिलाई गई थी। इसी कड़ी में चंजेहड़ गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में भी दवाई खिलाई जा रही थी। इस दौरान तीन वर्षीय बच्ची दवा न पीने की जिद करने लगी। इसके बाद बच्ची की मां ने उसे दवा पिलाने का प्रयास किया।
दवाई पीने के दौरान बच्ची ने उल्टी कर दी। इसके बाद बच्ची को सिविल अस्पताल भवारना में उपचार के लिए ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। वहीं, जब चिकित्सकों द्वारा बच्ची का पोस्टमार्टम किया गया तो परिजनों ने मना कर दिया। जिसके बाद बच्ची का शव परिजनों को सौंप दिया गया। उधर, डॉ. कटोच ने बताया कि मामले की जांच पूरी कर ली गई है और रिपोर्ट जिला स्वास्थ्य अधिकारी को सौंप दी जाएगी।









