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  • पीएनबी चेक बाउंस केस में दोषी की अपील खारिज, सेशन कोर्ट ने रखी सजा बरकरार

    पीएनबी चेक बाउंस केस में दोषी की अपील खारिज, सेशन कोर्ट ने रखी सजा बरकरार

    नाहन

    पंजाब नेशनल बैंक से जुड़े चेक बाउंस मामले में दोषी विजय कुमार को सेशन कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। माननीय सेशन जज योगेश जसवाल की अदालत ने आरोपी की आपराधिक अपील खारिज करते हुए निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा और मुआवजे के आदेश को बरकरार रखा है।

    अदालत ने कहा कि आरोपी द्वारा चेक पर हस्ताक्षर स्वीकार किए जाने के बाद यह कानूनन माना जाएगा कि चेक वैध देनदारी के भुगतान के लिए जारी किया गया था। केवल इसे “सिक्योरिटी चेक” बताना पर्याप्त नहीं है, जब तक इसके समर्थन में ठोस साक्ष्य प्रस्तुत न किए जाएं।

    मामले के अनुसार आरोपी ने पंजाब नेशनल बैंक से केसीसी ऋण लिया था। ऋण अदायगी में चूक के बाद बैंक को दिए गए चेक के बाउंस होने पर कानूनी नोटिस जारी किया गया, लेकिन भुगतान न होने पर मामला अदालत पहुंचा।

    निचली अदालत ने आरोपी को एक वर्ष के साधारण कारावास और 1.50 लाख रुपये मुआवजा अदा करने की सजा सुनाई थी।सेशन कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि निचली अदालत का फैसला कानून और तथ्यों के अनुरूप है और अपील में हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं बनता। इसके साथ ही आरोपी की अपील खारिज कर दी गई।

  • चिट्टा केस में सीज कार 10 लाख के बांड पर रिलीज, मगर आरोपी को राहत नहीं

    चिट्टा केस में सीज कार 10 लाख के बांड पर रिलीज, मगर आरोपी को राहत नहीं

    सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्णय का दिया क्या था हवाला क्या है पूरा मामला पढ़ें पूरी खबर

    नाहन

    चिट्टा तस्करी से जुड़े मामले में भले ही कोर्ट ने सीज की गई कार को सुपुर्दगी पर रिहा करने का आदेश दिया हो, लेकिन आरोपी को किसी भी तरह की राहत नहीं मिली है।

    नाहन स्थित विशेष न्यायाधीश-II गौरव महाजन की अदालत ने साफ किया है कि वाहन की रिहाई का अर्थ आरोपी के खिलाफ चल रही कार्रवाई में ढील नहीं माना जाएगा।

    मामला 30 जनवरी 2025 का है, जब नाहन पुलिस को गुप्त सूचना के आधार पर सर्किट हाउस नाहन के मुख्य द्वार के बाहर खड़ी एक कार से चिट्टा बरामद हुआ था।

    पुलिस जांच में वाहन के डैशबोर्ड से 8.33 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया, जिसे एनडीपीएस एक्ट के तहत इंटरमीडिएट क्वांटिटी माना गया। मौके से वाहन को सीज कर लिया गया था और आरोपी चेतन दास के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।

    जांच के दौरान सामने आया कि कार हरियाणा नंबर की है और उसकी पंजीकृत मालकिन आरोपी की पत्नी अंजलि देवी हैं। इसके बाद वाहन की रिहाई को लेकर अदालत में आवेदन दाखिल किया गया।

    अदालत ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के पूर्व निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि लंबे समय तक वाहन को थाने में खड़ा रखना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है, क्योंकि इससे वाहन के खराब होने की आशंका रहती है।

    हालांकि, अदालत ने वाहन को सीधे तौर पर छोड़ने के बजाय कड़ी शर्तों के साथ सुपुर्दगी पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह कार 10 लाख रुपये के बांड और उतनी ही राशि के एक जमानती पर रिहा होगी।

    साथ ही शर्त लगाई गई कि वाहन का किसी भी तरह से दोबारा किसी अपराध, विशेषकर एनडीपीएस एक्ट से जुड़े मामले में इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।

    कोर्ट ने यह भी साफ किया कि यदि भविष्य में वाहन के दुरुपयोग या एनडीपीएस एक्ट के तहत दोष सिद्ध होता है, तो कार की जब्ती की कार्रवाई की जा सकती है और वाहन की बाजार कीमत राज्य को जमा करवानी होगी।

    इसके अलावा वाहन का बीमा दो सप्ताह के भीतर करवाना, ट्रायल के दौरान जब भी आदेश हो वाहन पेश करना और उसकी स्थिति में कोई बदलाव न करना अनिवार्य किया गया है।

    अदालत ने अपने आदेश में दो टूक कहा कि वाहन की रिहाई का यह आदेश आरोपी को किसी भी तरह की कानूनी राहत नहीं देता और चिट्टा तस्करी से जुड़े मामले में जांच व ट्रायल अपने तय कानूनन रास्ते पर आगे बढ़ेगा।

  • कड़ी शर्तों के साथ चिट्टा आरोपी को मिली जमानत

    कड़ी शर्तों के साथ चिट्टा आरोपी को मिली जमानत

    नाहन

    पच्छाद थाना क्षेत्र में चिट्टा तस्करी के मामले में विशेष न्यायाधीश-I योगेश जसवाल की अदालत ने आरोपी साहिल मेहता को कड़ी शर्तों के साथ जमानत प्रदान कर दी है।

    अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी के कब्जे से बरामद चिट्टा की मात्रा वाणिज्यिक श्रेणी में नहीं आती, इसलिए एनडीपीएस एक्ट की धारा 37 की सख्त शर्तें इस मामले में लागू नहीं होतीं।

    मामला 4 दिसंबर 2025 का है, जब पुलिस को गुप्त सूचना के आधार पर देवथल क्षेत्र में नाका लगाकर बिना नंबर की ऑल्टो कार की तलाशी ली गई थी। तलाशी के दौरान वाहन के डैशबोर्ड से 6.56 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ, जिसके बाद आरोपी को एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया।

    अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी प्रथम अपराधी है और उसके खिलाफ पूर्व में कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं पाया गया है। कोर्ट ने यह भी माना कि आरोपी स्थायी निवासी है और उसके फरार होने या जांच को प्रभावित करने की ठोस आशंका नहीं है।

    हालांकि, कोर्ट ने जमानत के साथ कड़ी शर्तें लगाईं। आरोपी को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और समान राशि के एक जमानती पर रिहा किया गया है।

    साथ ही उसे जांच में सहयोग करने, गवाहों को प्रभावित न करने, प्रत्येक पेशी पर अदालत में उपस्थित रहने और भविष्य में किसी भी आपराधिक गतिविधि से दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं।अदालत ने स्पष्ट किया कि शर्तों के उल्लंघन की स्थिति में पुलिस को जमानत रद्द कराने का पूरा अधिकार रहेगा।

  • कालाअंब मजदूर पिटाई मामला: हत्या और एट्रोसिटी एक्ट में केस दर्ज

    कालाअंब मजदूर पिटाई मामला: हत्या और एट्रोसिटी एक्ट में केस दर्ज

    नाहन में प्रदर्शन के बाद नारायणगढ़ थाने में दर्ज हुई एफआईआर

    नाहन

    हरियाणा सीमा से सटे औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में मजदूर युवक की पिटाई के बाद हुई मौत के मामले में नारायणगढ़ पुलिस ने हत्या और अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

    यह कार्रवाई घायल युवक के बयान के आधार पर की गई है।मामला जिला सिरमौर के ददाहू क्षेत्र के चूली गांव के तीन मजदूर युवकों लखनपाल, विजय और नीरज से जुड़ा है, जो कालाअंब क्षेत्र में मजदूरी करते थे।

    आरोप है कि कुछ दिन पहले तीनों के साथ बर्बर तरीके से मारपीट की गई, जिसमें लखनपाल गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए पीजीआई चंडीगढ़ ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    घटना में घायल नीरज का उपचार चल रहा था, जो हाल ही में अस्पताल से घर लौटा। इसके बाद नीरज ने पूरे घटनाक्रम को लेकर नारायणगढ़ पुलिस थाना में अपना बयान दर्ज कराया।

    इसी बयान के आधार पर पुलिस ने हत्या और एट्रोसिटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।इससे पहले गुरुवार को नाहन में सीटू और हिमाचल किसान सभा के बैनर तले पीड़ित परिजनों और ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया।

    प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन और सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। जनवादी संगठनों ने इस मामले को लेकर एसपी सिरमौर को ज्ञापन भी सौंपा और पीड़ित परिवार व गवाहों की सुरक्षा की मांग उठाई।

    नाहन में प्रदर्शन के बाद परिजन और संगठन प्रतिनिधि हरियाणा के नारायणगढ़ पहुंचे, जहां एसडीएम नारायणगढ़ और थाना प्रभारी से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग रखी गई। इस दौरान मृतक लखनपाल के पिता रोशन लाल, परिजन और घायल मजदूर नीरज के परिजन भी मौजूद रहे।

    प्रदर्शन का नेतृत्व सीटू सिरमौर के आशीष कुमार और अंबाला से रमेश नन्हेड़ा ने किया। हिमाचल किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर, सीटू राज्य सचिव आशीष कुमार, किसान सभा जिला अध्यक्ष सतपाल मान, जनवादी महिला समिति की रेणु सहित कई संगठनों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी शामिल रहे।

    ददाहू पंचायत प्रधान पंकज गर्ग ने भी मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की।सीटू जिला महासचिव आशीष कुमार ने कहा कि एक मजदूर की मौत हुई है और यह बेहद गंभीर मामला है।

    उन्होंने कहा कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती और निष्पक्ष जांच नहीं होती, संगठन आंदोलन जारी रखेगा।

    उधर, नारायणगढ़ पुलिस थाना के एसएचओ ललित कुमार ने पुष्टि करते हुए बताया कि मारपीट में घायल युवक नीरज के बयान के आधार पर हत्या और एट्रोसिटी एक्ट में केस दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

  • एचआरटीसी दिल्ली–पांवटा बस में जहरखुरानी, यात्री से लाखों की लूट

    एचआरटीसी दिल्ली–पांवटा बस में जहरखुरानी, यात्री से लाखों की लूट

    बेहोशी की हालत में पूरी रात ठंड में बस स्टैंड पर पड़ा रहा पीड़ित, पुलिस पर लापरवाही के आरोप

    नाहन

    हिमाचल पथ परिवहन निगम की दिल्ली–पांवटा साहिब बस में जहरखुरानी कर यात्री से लाखों रुपये की नकदी व सामान लूटने का गंभीर मामला सामने आया है। गिरिपार क्षेत्र के गांव दुगाना निवासी बलबीर सिंह पुंडीर को नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश किया गया और उनकी जेब से नकदी व मोबाइल फोन सहित अन्य सामान गायब कर दिया गया।

    घटना उस समय की है जब पीड़ित दिल्ली से पांवटा साहिब लौट रहा था। रात करीब 10 बजे जब बस पांवटा साहिब बस स्टैंड पहुंची, तो बलबीर सिंह पुंडीर बेसुध हालत में पाए गए। बस स्टाफ द्वारा उन्हें बस स्टैंड की बेंच पर लिटा दिया गया। आरोप है कि इसके बाद पूरी रात वह कड़ाके की ठंड में वहीं पड़े रहे।

    परिजनों का आरोप है कि घटना की सूचना दिए जाने के बावजूद पुलिस ने समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की। एचआरटीसी चौकीदार की ओर से 108 एंबुलेंस और 112 पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन रात भर कोई मदद नहीं पहुंची। सुबह जब पीड़ित के छोटे भाई को जानकारी मिली तो वह उन्हें सिविल अस्पताल पांवटा साहिब ले गए, जहां उनका उपचार चल रहा है। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

    मामले को लेकर शिक्षा मंत्री के पूर्व ओएसडी डॉ. मामराज पुंडीर ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सूचना के बावजूद मौके पर न पहुंचना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने पूरे मामले की जांच की मांग की है।

    वहीं, शिलाई के पूर्व विधायक बलदेव तोमर ने भी पुलिस की कथित उदासीनता पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यदि इतनी ठंड में कोई अनहोनी हो जाती, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता। यह मामला बेहद संवेदनशील है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

    परिजनों के अनुसार बलबीर सिंह पुंडीर हाल ही में दिल्ली अपनी फसल की पेमेंट लेने गए थे और शाम करीब चार बजे एचआरटीसी बस से पांवटा साहिब के लिए रवाना हुए थे। रास्ते में जहरखुरानी कर उनके साथ यह वारदात की गई।

    उधर, जिला सिरमौर के पुलिस अधीक्षक निश्चिंत सिंह नेगी ने बताया कि पुलिस टीम पीड़ित का बयान दर्ज करने के लिए अस्पताल गई थी, लेकिन उस समय उनकी हालत बयान देने योग्य नहीं थी। पीड़ित के स्वस्थ होने पर बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • हरियाणा में सिरमौर के कामगार की हत्या से बढ़ा आक्रोश, परिजनों ने एसपी सिरमौर से लगाई न्याय की गुहार

    हरियाणा में सिरमौर के कामगार की हत्या से बढ़ा आक्रोश, परिजनों ने एसपी सिरमौर से लगाई न्याय की गुहार

    हरियाणा के कालाअम्ब क्षेत्र में सिरमौर के एक कामगार युवक की पीट-पीटकर हत्या के मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया है। पीड़ित परिवार और सामाजिक संगठनों ने जांच पर सवाल उठाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    सिरमौर/नाहन

    कालाअम्ब में कामगार की मौत से फैला रोष
    हिमाचल प्रदेश से सटे हरियाणा के कालाअम्ब क्षेत्र में जिला सिरमौर के एक कामगार युवक की कथित रूप से बेरहमी से पिटाई कर हत्या किए जाने की घटना ने क्षेत्र में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। इस मामले को लेकर पीड़ित परिवार और स्थानीय ग्रामीणों ने हरियाणा पुलिस की कार्रवाई पर असंतोष जताया है।

    प्रतिनिधिमंडल ने एसपी सिरमौर से की मुलाकात
    घटना के विरोध में हिमाचल किसान सभा, सीटू और महिला संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल नाहन पहुंचा और एसपी सिरमौर एनएस नेगी से मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यह मामला साधारण मारपीट नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या और गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन का है।

    पीड़ितों पर हमले और धमकियों के आरोप
    पीड़ित पक्ष के अनुसार कालाअम्ब की शिवालिक कॉलोनी में ददाहू क्षेत्र के निवासी लखनपाल उर्फ लक्की, विजय और नीरज के साथ आरोपियों ने बेरहमी से मारपीट की। लखनपाल गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां पीजीआई में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद भी आरोपियों द्वारा परिवार को फोन पर धमकियां दी गईं और बच्चों को छोड़ने के बदले पैसों की मांग की गई।

    हल्की धाराओं पर दर्ज हुआ मामला
    परिजनों ने आरोप लगाया कि नारायणगढ़ थाना क्षेत्र में दर्ज मामले में केवल हल्की धाराएं लगाई गई हैं, जिससे उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद कमजोर हो रही है। उनका कहना है कि यदि शुरुआत में ही गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया जाता, तो आरोपियों के हौसले इतने बढ़े नहीं होते।

    परिवार की प्रमुख मांगें
    पीड़ित परिवार ने एसपी सिरमौर से मांग की है कि हरियाणा पुलिस से समन्वय स्थापित कर मामले में साजिशन हत्या, एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम सहित अन्य गंभीर धाराएं जोड़ी जाएं। साथ ही सभी नामजद आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।

    संगठनों ने संघर्ष जारी रखने की चेतावनी दी
    सीटू जिला महासचिव आशीष कुमार ने कहा कि यह मामला केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि बाहर काम कर रहे हिमाचली मजदूरों की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने तक संघर्ष जारी रहेगा।

    एसपी सिरमौर ने दिया आश्वासन
    एसपी सिरमौर एनएस नेगी ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि वे इस मामले को लेकर हरियाणा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से स्वयं बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे और उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

  • मंडी में नाकाबंदी के दौरान निजी बस से 818 ग्राम चरस बरामद, आरोपी पुलिस रिमांड पर

    मंडी में नाकाबंदी के दौरान निजी बस से 818 ग्राम चरस बरामद, आरोपी पुलिस रिमांड पर

    नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सदर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बस में सवार व्यक्ति से चरस बरामद की है। आरोपी को अदालत में पेश कर चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।

    मंडी

    नाकाबंदी के दौरान बस की गई चेक
    नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सदर पुलिस मंडी ने मंगलवार देर रात मंडी–कुल्लू–भुंतर–पंडोह रूट पर नाकाबंदी के दौरान एक निजी बस को जांच के लिए रोका। बस की तलाशी के दौरान पुलिस को एक यात्री की गतिविधियां संदिग्ध लगीं।

    818 ग्राम चरस के साथ आरोपी गिरफ्तार
    तलाशी के दौरान बस में सवार गुरबल जीत सिंह उर्फ गौरव निवासी तहसील पालमपुर, जिला कांगड़ा के कब्जे से 818 ग्राम चरस बरामद की गई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को मौके पर ही हिरासत में लेकर एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया।

    चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया आरोपी
    बुधवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से चरस की खरीद-फरोख्त से जुड़े नेटवर्क को लेकर पूछताछ की जा रही है।

    सप्लाई चेन की जांच में जुटी पुलिस
    पुलिस अधीक्षक मंडी ने बताया कि यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी चरस कहां से लाया था और इसे कहां सप्लाई किया जाना था। नशे के कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

  • लोन बकाया पर जारी चेक बाउंस मामले में सत्र न्यायालय ने दोषी की अपील खारिज

    लोन बकाया पर जारी चेक बाउंस मामले में सत्र न्यायालय ने दोषी की अपील खारिज

    एक वर्ष की कैद और तीन लाख रुपये मुआवजे की सजा को सत्र न्यायालय ने बरकरार रखा है। अदालत ने चेक बाउंस को गंभीर कानूनी अपराध मानते हुए दोषी को राहत देने से इनकार किया।

    सिरमौर/नाहन

    सत्र न्यायालय का सख्त रुख
    चेक बाउंस के एक महत्वपूर्ण मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय नाहन ने सख्त रुख अपनाते हुए दोषी की अपील को खारिज कर दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गौरव महाजन की अदालत ने निचली अदालत द्वारा सुनाई गई एक वर्ष की साधारण कारावास तथा तीन लाख रुपये मुआवजे की सजा को पूरी तरह से बरकरार रखा है।

    बैंक ऋण से जुड़ा मामला
    यह मामला हिमाचल प्रदेश स्टेट एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट बैंक (एआरडीबी) की राजगढ़ शाखा से जुड़ा है, जिसमें हरदेव सिंह पुत्र जीवनू, निवासी गांव गंदूरी, तहसील नौहराधार को चेक बाउंस का दोषी ठहराया गया था।

    ऋण और बकाया राशि का विवरण
    अदालत में प्रस्तुत रिकॉर्ड के अनुसार हरदेव सिंह ने वर्ष 2018 में ग्रामीण गोदाम निर्माण के लिए बैंक से 2 लाख 50 हजार रुपये का ऋण लिया था। ऋण की किस्तें समय पर जमा न होने के कारण जुलाई 2021 तक उस पर 1 लाख 61 हजार 309 रुपये की देनदारी बन गई।

    चेक बाउंस और कानूनी प्रक्रिया
    बकाया राशि चुकाने के लिए आरोपी ने अगस्त 2021 में बैंक को एक चेक जारी किया। बैंक द्वारा चेक को भुगतान के लिए प्रस्तुत करने पर खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण चेक बाउंस हो गया। इसके बाद नियमानुसार कानूनी नोटिस जारी किया गया, लेकिन तय अवधि में भुगतान नहीं किया गया।

    निचली अदालत का फैसला
    मामले की सुनवाई के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट राजगढ़ ने 4 दिसंबर 2024 को आरोपी को दोषी करार देते हुए एक वर्ष की साधारण कारावास तथा तीन लाख रुपये मुआवजा अदा करने की सजा सुनाई थी। इस आदेश को चुनौती देते हुए आरोपी ने सत्र न्यायालय में अपील दायर की थी।

    नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट का हवाला
    अपील पर सुनवाई करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गौरव महाजन ने स्पष्ट किया कि यह मामला नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत चेक बाउंस का है, न कि केवल लोन विवाद का। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय बीर सिंह बनाम मुकेश कुमार का हवाला देते हुए कहा कि हस्ताक्षरित चेक जारी करने वाला व्यक्ति उसकी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता, भले ही चेक में विवरण बाद में भरा गया हो।

    सुरक्षा चेक का तर्क अस्वीकार
    अदालत ने आरोपी के इस तर्क को भी खारिज कर दिया कि चेक बैंक को केवल सुरक्षा के तौर पर दिया गया था। न्यायालय ने इसे बाद में गढ़ा गया बचाव मानते हुए अस्वीकार कर दिया।

    अपील खारिज, सजा बरकरार
    अंत में अदालत ने निचली अदालत के निर्णय को सही ठहराते हुए अपील खारिज कर दी और आदेश दिया कि दोषी को एक वर्ष की कैद भुगतनी होगी तथा बैंक को तीन लाख रुपये मुआवजा देना होगा। मुआवजा अदा न करने की स्थिति में दोषी को दो माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी पड़ेगी।

  • सिरमौर में आबकारी व जुआ अधिनियम के तहत तीन अभियोग दर्ज, अवैध शराब व सट्टेबाजी पर कार्रवाई

    सिरमौर में आबकारी व जुआ अधिनियम के तहत तीन अभियोग दर्ज, अवैध शराब व सट्टेबाजी पर कार्रवाई

    अलग-अलग थाना क्षेत्रों में की गई कार्रवाई में अवैध शराब की बड़ी खेप बरामद की गई और जुए को बढ़ावा देने वाले व्यक्ति को पकड़ा गया। पुलिस ने सभी मामलों में नियमानुसार जांच शुरू कर दी है।

    सिरमौर/नाहन

    राजगढ़ थाना क्षेत्र में अवैध शराब के दो मामले दर्ज
    पुलिस थाना राजगढ़ में आबकारी अधिनियम के तहत दो अलग-अलग मामलों में अभियोग दर्ज किए गए हैं। पहले मामले में पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर योगेश शर्मा निवासी गांव देवठी, डाकघर रेडुघाटी, तहसील राजगढ़ के कब्जे से उसकी दुकान के साथ लगे शटर के अंदर बने स्टोर से 36 बोतल अवैध शराब मार्का संतरा नंबर-1 बरामद की। इस संबंध में आरोपी के खिलाफ धारा 39(1)(a) हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है।

    चिकन शॉप के स्टोर से 48 बोतल अवैध शराब बरामद
    इसी थाना क्षेत्र में एक अन्य कार्रवाई में पुलिस ने भारत भूषण निवासी गांव चम्बीधार, डाकघर रेडुघाटी, तहसील राजगढ़ के चिकन शॉप से जुड़े स्टोर में रखे लकड़ी के बॉक्स से 48 बोतल अवैध शराब बरामद की। आरोपी के खिलाफ भी धारा 39(1)(a) हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत अभियोग दर्ज किया गया है। मामले की आगामी जांच जारी है।

    सदर नाहन थाना क्षेत्र में जुआ अधिनियम का मामला
    पुलिस थाना सदर नाहन में जुआ अधिनियम के तहत एक अभियोग दर्ज किया गया है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर सुरेंद्र सिंह निवासी मकान नंबर 103/13, मोहल्ला गोविंदगढ़, नाहन को खजुरना क्षेत्र में सड़क किनारे बने रेन शैल्टर के अंदर लोगों को दड़ा-सट्टा लगाने के लिए उकसाते हुए पकड़ा। आरोपी कथित तौर पर एक के बदले 80 रुपये मिलने का लालच दे रहा था। इस पर उसके खिलाफ धारा 13A-3-67 पब्लिक गैम्बलिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

    पुलिस की सख्त कार्रवाई जारी
    जिला पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब कारोबार और जुआ गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। कानून का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • न्यायाधीश कपिल शर्मा की अदालत ने हत्या आरोपी को सुनाई उम्रकैद की सजा

    न्यायाधीश कपिल शर्मा की अदालत ने हत्या आरोपी को सुनाई उम्रकैद की सजा

    15 हजार रुपये का आर्थिक दंड, भुगतान न करने पर भोगना होगा अतिरिक्त कारावास

    हिमाचल नाऊ न्यूज पांवटा साहिब

    अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय पांवटा साहिब के न्यायाधीश कपिल शर्मा की अदालत ने हत्या के एक मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।

    अदालत ने दोषी पर 15 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

    उप जिला न्यायवादी जतिंदर शर्मा ने बताया कि अदालत ने वीरेंद्र उर्फ गल्लू पुत्र स्वर्गीय रंजीत सिंह निवासी गांव किशनपुरा, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी ठहराया है।

    मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने यह फैसला सुनाया।उप जिला न्यायवादी ने बताया कि 24 मार्च 2024 को पांवटा साहिब में शिकायतकर्ता दुग्गल सिंह ने इस संबंध में शिकायत दर्ज करवाई थी।

    मामले की जांच एसआई अजय द्वारा अमल में लाई गई। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी वीरेंद्र उर्फ गल्लू ने 21 मार्च 2024 को भजन लाल के सिर और मुंह पर गंभीर चोटें पहुंचाई थीं, जिसके चलते भजन लाल की मृत्यु हो गई थी।

    मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में कुल 19 गवाहों के बयान दर्ज करवाए गए। गवाहों के बयान, चिकित्सीय साक्ष्य और अन्य रिकॉर्ड के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया।

    मुकदमे की पैरवी उप जिला न्यायवादी जतिंदर शर्मा द्वारा की गई। अदालत के इस फैसले के बाद मामले में विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए दोषी को सजा सुनाई गई।