रेणुका जी बांध प्रबंधन की तमाम संपत्ति होगी अटैच, कोर्ट ने सुनाया फैसला

मुआवजा न मिलने पर विस्थापितों ने अदालत में दी थी चुनौती

HNN/ श्री रेणुका जी

रेणुकाजी बांध परियोजना से जुड़े विस्थापितों के एक मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिरमौर की अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए बांध प्रबंधन की तमाम संपत्ति अटैच करने के आदेश जारी किए हैं। अदालत ने आगामी 7 दिनों के भीतर डैम प्रबंधन की तमाम संपत्ति की सूची सौंपने के लिए कहा है, ताकि इस संपत्ति से विस्थापितों के मुआवजे का भुगतान किया जा सके।

जानकारी के अनुसार रेणुकाजी बांध में मर्ज होने वाले मौजा दीद-बगड़ के विस्थापितों के करीब 42 करोड़ रुपये के मुआवजे का भुगतान बांध प्रबंधन अभी तक नहीं कर पाया है। विस्थापितों ने इस मामले को अदालत में चुनौती दी थी। विस्थापितों की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता एमपी कंवर ने बताया कि शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान रेणुका बांध की तमाम संपत्ति अटैच करने के आदेश जारी किए गए हैं।

इस मामले की अगली सुनवाई दो जनवरी को रखी गई है। रेणुकाजी बांध के महाप्रबंधक एमके कपूर ने बताया कि उन्हें अदालत के फैसले की फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। मुआवजे के भुगतान की जिम्मेवारी भू-अर्जन अधिकारी (एलएओ) की है। भू-अर्जन अधिकारी से तुरंत संपर्क करके इस बारे में पूर्ण जानकारी ली जाएगी।