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  • एग्रीफाउंड पार्वती ने बदली सिरमौर के किसानों की तकदीर, 700 करोड़ से ऊपर का बिका लहसुन

    एग्रीफाउंड पार्वती ने बदली सिरमौर के किसानों की तकदीर, 700 करोड़ से ऊपर का बिका लहसुन

    उच्च गुणवत्ता वाला लहसुन उगाने में सिरमौर ने बनाई देश में अपनी नंबर 1 पहचान

    HNN/ नाहन

    एक और जहां इस बार किसानों के लाल सोना कहलाने वाले टमाटर ने किसानों को मालामाल किया है, तो वहीं इस बार लहसुन भी कुबेर का खजाना साबित हुआ है। जिला सिरमौर ने इस बार 60,000 मीट्रिक टन से भी अधिक लहसुन का उत्पादन किया है जिसकी कीमत करीब लगभग 700 करोड़ से अधिक पार की गई है। बड़ी बात तो यह है कि सिरमौर के लहसुन की सबसे ज्यादा डिमांड चेन्नई व तमिलनाडु में है।

    इस बार हुई लहसुन की बेहतर पैदावार के लिए एग्रीफाउंड पार्वती नाम की किस्म वरदान साबित हुई है, जबकि जम्मू से लाया जाने वाला गैर परिष्कृत बीज कोई खास दमदार साबित नहीं हुआ है। बता दें कि एग्रीफाउंड पार्वती नेशनल हॉर्टिकल्चर रिसर्च एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन के माध्यम से इंडियन कौंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च (ICR) के द्वारा उच्च गुणवत्ता के साथ तैयार किया जाता है। अब यह जानना बहुत जरूरी है कि आईसीआर केवल सीड ही तैयार करती है। इनके द्वारा तैयार किए गए सीड को खाने में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।

    यही वजह है कि भले ही पार्वती बीज महंगा हो मगर इससे पैदा हुई फसल में ना तो कीड़ा लगता है ना ही किसी प्रकार की कोई बीमारी लगती है। इस सीड से उगाए गए लहसुन की सबसे ज्यादा मांग चेन्नई तमिलनाडु आदि बड़े राज्य में है। इसकी दूसरी सबसे बड़ी वजह यह भी है कि इस किस्म के सीड से उगाए गए लहसुन का साइज भी काफी भरा और गुणवत्ता से भरपूर होता है। वहीं ब्लैक गार्लिक तैयार करने वाले उद्योगपतियों की भी सबसे ज्यादा डिमांड इसी लहसुन की होती है।

    बता दें इस समय ब्लैक गार्लिक का रेट भी 750 से लेकर 2000 रुपए प्रति किलो तक हो गया है मगर सिरमौर में अभी तक यहां के लहसुन से कोई भी ब्लैक गार्लिक प्रोसेस नहीं करता है। बता दें कि जिला के 4000 हेक्टेयर एरिया में लहसुन का उत्पादन किया जाता है। करीब 60,000 मीट्रिक टन से अधिक उत्पादन भी हुआ है। किसानों ने करीब 70 से 80 फीसदी लहसुन बेच दिया है। बाकी का लहसुन अभी सितंबर, अक्टूबर, नवंबर में बेचने के लिए स्टॉक कर चुके हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि इन महीनों में लहसुन का रेट काफी ज्यादा रहता है।

    कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि लहसुन की एक बेहतर परंपरा को बनाए रखने के लिए सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले बीज पर ही भरोसा करना चाहिए। उनका तो यह भी मानना है कि यदि किसान जम्मू का बीज या अन्य गैर रिसर्च किया हुआ बीच लहसुन की खेती के लिए खरीदते हैं तो उससे न केवल अपनी फसल बल्कि दूसरे की फसल भी खराब होने का डर रहता है। बरहाल अब यदि सिरमौर का युवा चंद पैसों की नौकरी के लिए गांव से पलायन करता है तो उसका सबसे बड़ा दुर्भाग्य होगा।

    क्योंकि देश में सिरमौर की ऐसी दो फसलें प्रमुख हो चुकी है जिनकी राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मांग दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। ऐसे में इस मांग को निरंतर बनाए रखने के लिए सिरमौर के किसानों को केवल और केवल सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए बीज की ही पैदावार करनी चाहिये।

    उधर, जिला उपनिदेशक कृषि विभाग राजेंद्र ठाकुर ने खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि इस बार 60,000 मीट्रिक टन से अधिक पैदावार हुई है। तो वहीं कृषि प्रसार अधिकारी रणवीर सिंह का कहना है कि एग्रीफाउंड पार्वती बीज वरदान साबित हुई है। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि आईसीआर द्वारा प्रमाणित बीज को ही इस्तेमाल करें। तो इससे भविष्य में भी एक बेहतर मार्केट वैल्यू किसानों को मिलती रहेगी।

  • प्रदेश गुर्जर कल्याण परिषद ने हाटियों को मिले एसटी दर्जे पर मोदी सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

    प्रदेश गुर्जर कल्याण परिषद ने हाटियों को मिले एसटी दर्जे पर मोदी सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

    राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन की चेतावनी के साथ सुप्रीम कोर्ट में भी जाने की तैयारी

    HNN/ नाहन

    केंद्र की भाजपा सरकार के द्वारा सिरमौर के हाटियों को राज्यसभा से शेड्यूल ट्राइब का बिल पास करवाए जाने को लेकर प्रदेश का गुर्जर समाज बुरी तरह से भड़क गया है। अपने संवैधानिक अधिकारों के हनन की बात कहते हुए गुर्जर समाज ने अपने आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की भी चेतावनी जारी कर दी है। शुक्रवार को सुबह नाहन में रखी प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए गुर्जर कल्याण परिषद सिरमौर के उपाध्यक्ष सुभाष चौधरी ने कहा कि आंदोलन को लेकर राष्ट्रीय कार्यकारिणी से सहयोग मांगा गया है।

    सुभाष चौधरी ने कहा कि उनके साथ हुए इस अन्याय को लेकर पूरे देश का गुर्जर समुदाय अब एकजुटता के साथ केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी में है। सुभाष चौधरी ने कहा कि जो क्षेत्र पहले से ही संपन्न है और उस क्षेत्र की साक्षरता दर भी 80 फ़ीसदी है। सुभाष चौधरी ने कहा कि वही प्रदेश के गुर्जर समाज की साक्षरता दर केवल 45 से 50 फ़ीसदी ही है। चौधरी ने कहा कि इस क्षेत्र के अधिकतर बच्चे बेहतरीन से बेहतरीन शिक्षा ग्रहण करते हैं जबकि पहले से ही उपेक्षित गुर्जर वर्ग के छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ पशुपालन का काम भी करना पड़ता है।

    उन्होंने कहा कि ऐसे में क्षेत्र के स्वर्णो को मिले शेड्यूल ट्राइब आरक्षण के बाद यह वर्ग और अधिक पिछड़ना शुरू हो जाएगा। वही सचिव हेमराज ने कहा कि हाटी कोई जाति नहीं है यही नहीं इसे राज्यसभा में भेजे जाने से पहले आरजीआई की पहले की तमाम सभी आपत्तियों को नजरअंदाज भी किया गया है। उन्होंने कहा कि यह बिल पहले भी तीन बार रिजेक्ट किया जा चुका है। वही गुर्जर कल्याण परिषद के सदस्य नवीन कुमार ने कहा कि प्रदेश की पूर्व में रही भाजपा सरकार ने केवल राजनीतिक फायदा उठाने के लिए पहले की आपत्तियों को नजरअंदाज करते हुए बिल का ड्राफ्ट तरोड़ मरोड़ कर बनाया गया था।

    गुर्जर कल्याण परिषद ने कहा कि लंबे अरसे से प्रदेश का गुर्जर समाज भाजपा को समर्थन देता आया है। मगर अब केवल और केवल राजनीतिक फायदा उठाने के लिए केंद्र सरकार ने इसे हमारे हक मारकर राज्यसभा में पास करवाया है। उन्होंने कहा कि गिरि पार क्षेत्र के स्वर्ण लोगों को सरकार ने सीधे-सीधे बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करते हुए उन्हें आरक्षण लाभ दे दिया है। सदस्य गुर्जर कल्याण परिषद सोमनाथ ने वार्ता के दौरान कहा कि अपने साथ हुए इस अन्याय को लेकर जहां राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन खड़ा किया जाएगा वही गुर्जर समाज अब देश की सर्वोच्च अदालत के सामने अपनी फरियाद रखेगा।

    उन्होंने कहा कि एक सोचे समझे षड्यंत्र के तहत प्रदेश में रही पूर्व की भाजपा सरकार ने इस क्षेत्र के दलित वर्ग को भी नहीं बख्शा। सोमनाथ ने कहा कि इस क्षेत्र के लोगों को शेड्यूल ट्राइब का दर्जा दिए जाने से पहले इनका आर्थिक आधार पर कोई सर्वे नहीं किया गया। उन्होंने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि जब जौनसार बाबर को शेड्यूल ट्राइब का दर्जा दिया गया था तो उसी समय इन्हें भी शेड्यूल ट्राइब का दर्जा दिया जाना चाहिए था।

    उन्होंने कहा कि इन्हें अब उस दौर में विशेष आरक्षण दिया जा रहा है जब मोदी सरकार यह कहती है कि हमने प्रदेश का अभूतपूर्व विकास करवाया है। उन्होंने तो यहां तक भी कहा कि वे क्षेत्र के लोगों के बिल्कुल भी खिलाफ नहीं है और ना ही उन्हें शेड्यूल ट्राइब का दर्जा मिला है इसको लेकर कोई नाराजगी है बल्कि सरकार चाहे तो इसे ए और बी श्रेणी में डाल कर हमें इनसे अलग शेड्यूल ट्राइब का कोटा जारी करें।

    गुजरात कल्याण परिषद ने बिल्कुल स्पष्ट कर दिया है कि गुर्जर समाज के साथ हो रहे इस अन्याय को लेकर प्रदेश की कांग्रेस सरकार भी हम से आंखें चुरा रही है। उन्होंने कहा कि अब पूरा गुर्जर समाज संगठित है और हर मोर्चे पर संघर्ष के लिए उतरने के लिए तैयार हो चुका है। सदस्य राजकुमार ने तो यहां तक भी कहा कि जब केंद्र सरकार किसान बिल को वापस ले सकती है तो एक विशेष वर्ग के साथ हो रहे अन्याय को लेकर इस पर पुनर्विचार क्यों नहीं कर सकती।

  • पॉल्यूशन फैलाने से बाज ना आने पर सागर कत्था उद्योग की काटी बिजली

    पॉल्यूशन फैलाने से बाज ना आने पर सागर कत्था उद्योग की काटी बिजली

    जिला परिषद सहित काला अंब पंचायत में भी उठा था मुद्दा, पॉल्यूशन बोर्ड ने लिया बड़ा एक्शन

    HNN/ काला अंब

    काला अंब त्रिलोकपुर रोड स्थित सागर कत्था उद्योग की बिजली का कनेक्शन काट दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह कार्यवाही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जिला सिरमौर के द्वारा दिए गए नोटिस के बाद अमल में लाई गई है। बताया गया है कि सागर कत्था उद्योग के द्वारा फैक्ट्री से केमिकल युक्त पानी बार-बार खुले नाले में गिराया जा रहा था। इस नाले का पानी पवित्र नदी श्री मार्कंडेय जी नदी में मिलता है।

    अत्यधिक प्रदूषित पानी के नाले में गिराए जाने को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भी भारी रोष था। यही नहीं काला अंब जिला परिषद वार्ड के सदस्य के द्वारा यह मुद्दा जिला परिषद की बैठक में भी उठाया गया था। जिसके बाद हरकत में आए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जिला सिरमौर के द्वारा मौका निरीक्षण किया गया। पॉल्यूशन बोर्ड की टीम ने मौके पर स्थिति को अत्यधिक चिंतनीय पाया। बोर्ड के द्वारा इस बाबत फैक्ट्री प्रबंधन को नोटिस भी जारी किया गया।

    दिए गए नोटिस के आधार पर कंप्लायंस रिपोर्ट ना दिए जाने पर बोर्ड के द्वारा बिजली बोर्ड को पावर डिस्कनेक्ट करने के लिए नोटिस दिया गया था। यह नोटिस बीते 25 जुलाई को बिजली बोर्ड को मिल गया था। जिसके बाद एक्सईएन बिजली बोर्ड के द्वारा एसडीओ काला अंब को जल्द से जल्द उचित कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए गए। आज शुक्रवार को बिजली बोर्ड के द्वारा कार्यवाही को अमल में लाते हुए फैक्ट्री का पावर कनेक्शन डिस्कनेक्ट कर दिया गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा बिजली बोर्ड के द्वारा की गई कार्यवाही को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने इसका स्वागत भी किया है।

    वहीं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जिला सिरमौर के क्षेत्रीय अधिकारी पवन शर्मा ने खबर की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री प्रबंधन के द्वारा दिए गए नोटिस पर कंप्लायंस रिपोर्ट दिए जाने के बाद बोर्ड की टीम फिर से जांच करेगी। उन्होंने बताया कि अब यदि फैक्ट्री प्रबंधन इंगित पैरामीटर्स के अनुसार डिस्चार्ज का प्रबंधन करता है तो उनकी बिजली बहाल की जा सकेगी। उधर, एक्सईएन नाहन बिजली बोर्ड राहुल राणा ने खबर की पुष्टि करते हुए बताएगी पॉल्यूशन बोर्ड के नोटिस के बाद फैक्ट्री की बिजली काटी गई है।

  • सोलंकी जी अपनी यादाशत करें मजबूत, बनोग-धारक्यारी रोड कांग्रेस नहीं भाजपा की है देन- प्रताप ठाकुर

    सोलंकी जी अपनी यादाशत करें मजबूत, बनोग-धारक्यारी रोड कांग्रेस नहीं भाजपा की है देन- प्रताप ठाकुर

    नाहन विधानसभा पर फिर से बैठ गया नटनी रूपी कांग्रेस बोले- मनीष चौहान

    HNN/ नाहन

    जिला भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रैस वार्ता में मंडल अध्यक्ष प्रताप ठाकुर ने बीते कल अजय सोलंकी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। प्रैस वार्ता को सम्बोधित करते हुए प्रताप ठाकुर ने विधायक अजय सोलंकी को अपनी यादाश्त मजबूत करने की राय देते हुए कहा की बनोग धारक्यारी रोड कांग्रेस की नहीं बल्कि पूर्व में रहे नाहन विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ राजीव बिंदल की देन है।

    उन्होंने कहा कि भाजपा ने तो इस सड़क पर बस को भी पास करवाया था मगर विधायक अजय सोलंकी न तो इस सड़क को अभी तक पक्का करवा पाए है और न ही इस सड़क पर वह अभी तक बस चलवा पाए है। अब उन्होंने कहा कि नाहन की जनता विधायक की निष्क्रियता को लेकर अब फिर से विकास के मसीहा कहलाने वाले डॉ राजीव बिंदल को याद कर रही है। उन्होंने कहा कि नाहन विधानसभा क्षेत्र का विकास अब लगभग पूरी तरह से रुक चुका है।

    वंही मनीष चौहान ने कहा कि नाहन फिर से नटनी रूपी कांग्रेस का श्राप लगना शुरू हो चुका है। प्रताप ठाकुर ने कहा कि वर्तमान विधायक ने सेना सम्बंधी अन्य विषयों को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। जो पैसा प्रदेश सरकार द्वारा सेना को जमा करवाया जाना था वह पैसा आज तक भी जमा नहीं करवाया गया और जाबल का बाग-कंडाईवाला के मध्य होने वाले पुल का निर्माण कार्य भी बंद करवा दिया।

    ठाकुर ने कहा कि झूठ बोल कर और झूठी गांरटियां देकर सत्ता में आई कांग्रेस सरकार के ऊपर से जनता का विश्वास उठ गया है। जहां हर रोज पीने का पानी आता था वहां 10-10, 15-15 दिन से पीने का पानी नहीं आ रहा है। कांग्रेस सरकार न पहले जनता को पानी देना चाहती थी और न ही आज पानी देना चाहती है क्योंकि कांग्रेस की यही कार्यशैली है।

  • हम गारंटीया नहीं, रघुकुल रीत के तहत निभाते हैं वचन- बलदेव तोमर

    हम गारंटीया नहीं, रघुकुल रीत के तहत निभाते हैं वचन- बलदेव तोमर

    तोमर बोले- हाटी की माटी लोकसभा चुनाव में उतारेगी मोदी सरकार का कर्ज

    HNN/ नाहन

    रघुकुल रीत सदा चली आई प्राण जाए पर वचन ना जाए यह बात दोहराते हुए शिलाई के पूर्व विधायक बलदेव तोमर ने कहा कि हम झूठी गारंटीया नहीं देते हैं। उन्होंने कहा कि चुनावों के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सतौण में पहले ही हाटी दर्जे का ऐलान करके जा चुके थे। बावजूद इसके कांग्रेस के नेताओं ने क्षेत्र की भोली भाली जनता को गुमराह करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। उन्होंने कहा बावजूद इसके केंद्र के द्वारा जो वचन दिया गया था उसे अब निभा दिया गया है।

    बलदेव तोमर ने कहा कि इस बड़े भरोसे की राज्यसभा में पुष्टि हो जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, सांसद सुरेश कश्यप सहित तमाम भाजपा नेताओं का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि अब क्षेत्र की जनता को अपनी गलती का एहसास हो चुका है। निश्चित ही संसदीय चुनाव में गिरि पार की जनता भारी बहुमत के साथ फिर से केंद्र में भाजपा की सरकार बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देगी।

    बलदेव तोमर ने कहा कि गिरीपार के हाटियों पर मोदी सरकार का बड़ा कर्ज है जिसे लोकसभा चुनाव में उतार दिया जाएगा। बलदेव तोमर ने कहा कि जिस दिन यह बिल राज्यसभा के लिए प्रस्तावित हुआ था तो क्षेत्र के एक माननीय मंत्री के द्वारा इसे असंभव कहा गया था। उन्होंने कहा कि आब जब यह राज्यसभा में पारित हो गया है तो अब माननीय भी चुप्पी साधे बैठे हैं। उन्होंने कहा कि माननीय मंत्री महोदय को जो खुद इस क्षेत्र से ताल्लुक रखते हैं उन्हें केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करना चाहिए।

    बता दें कि बलदेव तोमर इन दिनों कसौली विधानसभा क्षेत्र में संगठन के चुनावों को लेकर गए हुए हैं। फोन पर हुई उनसे बातचीत के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार प्रदेश को भारी कर्ज में डूबोती जा रही है। मुख्यमंत्री ने 7 महीने में ही 7000 करोड़ का कर्ज़ प्रदेश पर डाल दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार और संगठन में भारी मतभेद पैदा हो चुके हैं जाहिर है ऐसे में सरकार में कब स्थिरता पैदा हो जाए यह कहा भी नहीं जा सकता।

  • राणा जी फूड इंडस्ट्री पर टूटा बारिश का कहर, करोड़ों का हुआ नुक्सान

    राणा जी फूड इंडस्ट्री पर टूटा बारिश का कहर, करोड़ों का हुआ नुक्सान

    बरसाती नाले ने बदला रास्ता, दीवार तोड़ फैक्ट्री में घुसा टनों मलवा

    HNN/ काला अंब

    मंगलवार की देर रात करीब 11:00 बजे के आसपास राणा जी फूड इंडस्ट्री पर बारिश का कहर जमकर बरसा। सैन वाला पंचायत के सलानी गांव स्थित बरसाती नाले ने अपना रुख बदलते हुए फैक्ट्री की दीवार तोड़ जमकर तबाही का तांडव मचाया। नाले में भारी पानी के साथ आए टनों मलबे ने ना केवल फैक्ट्री के रॉ मैटेरियल को बुरी तरह बर्बाद कर दिया बल्कि करोड़ों की मशीनरी को भी भारी नुक्सान पहुंचा है।

    मौके से प्राप्त जानकारी के अनुसार फैक्ट्री में करीब 5 फुट से भी अधिक भारी मलवा और पानी इकट्ठा हो गया था। पानी का फ्लो इतना तेज था कि फैक्ट्री के दरवाजे और दीवारें तोड़ते हुए बड़े-बड़े डीप फ्रीज और कोल्ड स्टोर को भी अपनी चपेट में ले लिया। फैक्ट्री के कार्यालय सहित लैबोरेट्री किचन सहित तैयार माल भी मलबे में तब्दील हो गया। गनीमत तो यह रही कि जिस समय यह घटना घटी उस दौरान फैक्ट्री में 2-4 कर्मी ही मौजूद थे।

    भारी पानी और कीचड़ का सैलाब जैसे ही अंदर पहुंचा यह कर्मचारी अपनी जान बचाकर फैक्ट्री से बाहर भागे। फैक्ट्री कर्मियों ने रात को ही अपने मैनेजर करण राणा को पूरी घटना की जानकारी दी। जिसके बाद मैनेजर के द्वारा आपदा से हुए नुक्सान की बाबत पटवारी के रेवेन्यू अधिकारी सहित ग्राम प्रधान को भी सूचित किया गया। जानकारी मिलते ही ग्राम प्रधान और रेवेन्यू अधिकारी मौके पर पहुंचे।

    रेवेन्यू अधिकारी छज्जू राम के द्वारा हुए तमाम नुक्सान की जानकारी लेने के बाद मशीनरी आदि के नुक्सान को लेकर तकनीकी रिपोर्ट के लिए फैक्ट्री प्रबंधन को कहा गया। रेवेन्यू अधिकारी छज्जू राम ने बताया कि प्राथमिक तौर पर किए गए रॉ मैटेरियल का लगभग 10 लाख से अधिक का नुक्सान आंकलित किया गया है। उन्होंने बताया कि मशीनरी सहित अन्य नुक्सान को लेकर तकनीकी रिपोर्ट के बाद ही बताया जा सकता है कि यह नुक्सान कितना अधिक है।

    उधर, फैक्ट्री प्रबंधक करण राणा ने बताया कि यह वाक्या बरसाती नाले के रुख बदलने के कारण हुआ है। उन्होंने बताया कि उनके साथ लगती फैक्ट्री के द्वारा नाले के साथ एक बड़ी दीवार लगा दी गई थी जिसके कारण नाले का पूरा फ्लड् पीछे की ओर मुड़ गया। उन्होंने यह भी बताया कि इस आपदा में तमाम कर्मचारी सुरक्षित हैं जबकि फैक्ट्री को मशीनरी सहित करोड़ों का नुक्सान हुआ है।

    बता दें कि फैक्ट्री में भारी मलवा कीचड़ और पानी इकट्ठा हो गया है। फैक्ट्री के तमाम कर्मचारी सुबह 5:00 बजे से ही कीचड़ मलवा आदि निकालने में जुटे हुए थे। मौके के हालात से पता चला कि फैक्ट्री कम से कम 10 दिनों तक प्रोडक्शन में नहीं आ सकती। जिसके चलते प्रतिदिन के हिसाब से फैक्ट्री को और अधिक नुक्सान से गुजारना पड़ेगा।
    बता दें कि इस फैक्ट्री में आइसक्रीम, चिप्स तथा अन्य खाने-पीने की वस्तुएं बनाई जाती हैं।

  • 2017 में असुरक्षित हो चुके जिला स्वास्थ्य कार्यालय के जीर्णोद्धार को लेकर जगी आस

    2017 में असुरक्षित हो चुके जिला स्वास्थ्य कार्यालय के जीर्णोद्धार को लेकर जगी आस

    सीएमओ बोले- तमाम औपचारिकताएं पूरी, अब अस्थाई कार्यालय की तलाश

    HNN/ नाहन

    2017 में असुरक्षित घोषित हुए जिला स्वास्थ्य मुख्यालय के जीर्णोद्धार को लेकर उम्मीदें परवान चढ़ती नजर आ रही हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस मुख्यालय को फिर से बनाए जाने को लेकर तमाम औपचारिकताएं भी पूरी हो चुकी है। वहीं अब यह कार्यालय अस्थाई तौर पर कहां शिफ्ट किया जाना है इसको लेकर गेंद प्रशासन के पाले में चली गई है। यहां यह बताना भी जरूरी है कि करीब 6 साल पहले 2017 में सीएमओ कार्यालय को अन सेफ डिक्लेअर कर दिया गया था।

    बावजूद इसके इस कार्यालय में कार्यरत 3 दर्जन से भी अधिक कर्मचारी मौत के साए में अपनी सेवाएं देने पर मजबूर थे। हालांकि तमाम कर्मचारी इस बार की भीषण बारिश के बावजूद भी डरे सहमे कार्यालय में बैठने को मजबूर थे बावजूद इसके अब यह कार्यालय अस्थाई तौर पर कहां शिफ्ट किया जाए इसको लेकर कदमताल भी शुरू हो गई है। इस सीएमओ जिला मुख्यालय में ड्रग डिपार्टमेंट के साथ-साथ जिला को सप्लाई होने वाली दवाओं का भी भंडारण यही किया जाता है।

    भवन की हालत इतनी खस्ता हो चुकी है कि अब गिरा तब गिरा की नौबत आ चुकी है। छतें, दीवारें कंडम हो चुकी हैं यहां तक की जमीन के फर्श में भी दरारे आ चुकी हैं। हालांकि इन बीते 6 सालों में कई सीएमओ आए और गए मगर कोई भी इसके जीर्णोद्धार को लेकर योजना को सिरे नहीं चढ़ा पाया था। मौजूदा सीएमओ अजय पाठक के द्वारा मामले को बड़ी गंभीरता से लिया गया। बीते चार-पांच महीनों में उन्होंने भवन के निर्माण को लेकर लगभग तमाम औपचारिकताएं भी पूरी करवा ली हैं।

    विभाग से मिली जानकारी के अनुसार लोक निर्माण विभाग अनसेफ बिल्डिंग का निरीक्षण कर चुका है। वहीं शिमला से आए चीफ आर्किटेक्ट के द्वारा भी इस अनसेफ बिल्डिंग की जगह नया भवन कैसा बनाया जाए इसको लेकर भी योजना तैयार कर ली गई है। उधर सीएमओ डॉ. अजय पाठक का कहना है कि नए भवन के निर्माण को लेकर लगभग सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई है।

    उन्होंने बताया कि जैसे ही अस्थाई कार्यालय हेतु जगह मिल जाती है उसके तुरंत बाद कार्यालय खाली कर दिया जाएगा। वहीं डीसी सिरमौर सुमित खिमटा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि अस्थाई कार्यालय हेतु पुराने बीडीओ भवन में संभावनाएं तराशी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही अस्थाई कार्यालय हेतु व्यवस्था बनाने के प्रयास किए जाएंगे।

  • 70 फ़ीसदी जूनियर इंजीनियर के पद खाली, फिर भी आईपीएच ने पटरी पर ला दी व्यवस्था

    70 फ़ीसदी जूनियर इंजीनियर के पद खाली, फिर भी आईपीएच ने पटरी पर ला दी व्यवस्था

    वाटर सप्लाई में लैंडस्लाइड बन रही बाधा, मगर मौके पर तंबुओं में स्टाफ मुस्तैद

    HNN/ नाहन

    भीषण वर्षा के कोहराम के बाद जिला सिरमौर का जल शक्ति विभाग पेयजल व्यवस्था को पटरी पर लाने में कामयाब हो गया है। जिला की सभी छोटी-बड़ी 1405 वाटर सप्लाई स्कीम चालू हो गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अब केवल वाटर सप्लाई की नियमित व्यवस्था को लेकर केवल कुछ परसेंट ही समस्या शेष बची है। इस समस्या में सबसे बड़ी बाधा लगातार हो रही बारिश और लैंडस्लाइडिंग को माना जा रहा है। यह समस्या नाहन शहर को वाटर सप्लाई में आ रही है।

    बावजूद इसके जल शक्ति विभाग के द्वारा उन लैंडस्लाइड वाले प्वाइंट्स पर अपने स्टाफ को 24 बाय 7 मुस्तैद किया हुआ है। विभाग के द्वारा निजी स्तर पर तीन वेल्डर अलग-अलग वाटर सप्लाई स्कीम पर तैनात किए हुए हैं। यह वेल्डर आईपीएच के स्टाफ के साथ तंबू लगाकर अथवा गांव में शेल्टर लेकर रह रहे हैं। अब जैसे ही इन कर्मचारियों को लैंडस्लाइड के बाद गुजर रही लाइन के डैमेज होने की जानकारी मिलती है तो यह रात को भी उसे ठीक करने के लिए जुट जाते हैं।

    यह विशेष टेक्निकल दस्ता गिरी उठाऊ वाटर स्कीम तथा खैरी पेयजल योजना पर तैनात किया हुआ है। विभाग की कड़ी मशक्कत के चलते निकले परिणाम स्वरूप अब शहर को 15 की जगह 40 लाख लीटर पानी उपलब्ध होना शुरू हो गया है। अब जैसे ही बारिश और लैंडस्लाइड रुक जाते हैं तो पूरी की पूरी व्यवस्था पटरी पर लौट आएगी। वहां विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार गिरी पेयजल स्कीम से अभी भी केवल दो ही पंप नाहन को पानी सप्लाई करता रहे हैं।

    बाकी पंप बिजली की व्यवस्था दुरुस्त हो जाने के बाद शुरू हो जाएंगे। अब यहां सबसे हैरान कर देने वाला विषय यह है कि भीषण वर्षा पात से जहां लगभग 90 फ़ीसदी वाटर सप्लाई स्कीम बुरी तरह से डैमेज हो चुकी थी और विभाग के सामने स्टाफ का बहुत बड़ा टोटा खड़ा हो गया था। हैरान कर देने वाली बात तो यह है कि विभाग के पास पूरे जिला में केवल 30 परसेंट ही कनिष्ठ अभियंता है।

    जबकि ओवरऑल स्टाफ करीब 50 फ़ीसदी कम है। यहां यह भी बता दें कि जिला का और रोहनाट सबडिवीजन ऐसा है जहां ना तो कनिष्ठ अभियंता है और ना ही एसडीओ है। ऐसे में आप अंदाजा लगा सकते हैं कि विभाग ने किन परिस्थितियों में पूरे जिला की पेयजल व्यवस्था को आम नागरिक के लिए बहाल किया है। उधर, राजीव महाजन अधीक्षण अभियंता जल शक्ति विभाग जिला सिरमौर ने खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि जिला की सभी योजनाएं अब सुचारू हो चुकी हैं।

  • पदम बहादुर के घर पर टूटा आफत का पहाड़, पटवारी बोले- फोटो भेज दो

    पदम बहादुर के घर पर टूटा आफत का पहाड़, पटवारी बोले- फोटो भेज दो

    नाहन पंचायत के धार क्यारी गांव का है मामला, प्रशासन को भी दी है खबर

    HNN/ नाहन

    नाहन विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत धार क्यारी गांव के पदम बहादुर पर भारी बारिश ने आपदा की स्थिति पैदा कर दी है। जेल विभाग से सेवानिवृत्त पदम बहादुर का घर जमींदोज होने की तैयारी में आ गया है। पदम बहादुर ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि घर का बरामदा और पूरा आंगन जमीन सहित गहरी गहरी दरारों से खुलने लग पड़ा है।

    पदम बहादुर का कहना है कि अब तो यह स्थिति है कि मकान भी धीरे-धीरे धंसने लग पड़ा है। उन्होंने बताया कि यह स्थिति 13 जुलाई को पैदा हो गई थी। बावजूद इसके प्रशासन को सूचित किए जाने के बावजूद कोई खबर लेने नहीं आया है। उन्होंने बताया कि इस समस्या की बाबत प्रधान को भी सूचित किया गया था।

    पदम बहादुर ने बताया कि उनके पास पटवारी का फोन आया था और उन्होंने फोटो भेजने के लिए कहा। अब हैरानी की बात तो यह है कि एक राजस्व अधिकारी फोटो देखकर कैसे किसी के घर के नुकसान का आंकलन कर सकता है। जाहिर है ऐसे में रेवेन्यू अधिकारी की लापरवाही या फिर उनकी अनदेखी सरकार और प्रशासन की छवि को बिगाड़ती हुई नजर आती है।

    पदम बहादुर उम्र दराज वरिष्ठ व्यक्ति हैं घर में उनकी पेंशन के अलावा कोई भी ऐसा साधन नहीं है कि जिसके दम पर वह मकान बना सकें। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी की कमाई सेवानिवृत्ति के बाद मकान पर लगा दी थी। मगर अब प्राकृतिक आपदा के चलते उनका मकान जमीन में समाने को तैयार खड़ा है। वही ग्राम प्रधान के पति के द्वारा पीड़ित व्यक्ति को आश्वस्त किया गया है कि जल्द ही प्रशासन के समक्ष इस की गुहार लगाई जाएगी।

  • यशवंत विहार पर बारिश का कहर फंसी गाड़ियां टूटा रास्ता

    यशवंत विहार पर बारिश का कहर फंसी गाड़ियां टूटा रास्ता

    मुंसिपल कॉरपोरेशन जानकारी मिलते ही आया हरकत में ओ बोले आज ही होगा समस्या का हल

    HNN News नाहन

    नाहन शहर की सबसे पास कॉलोनी यशवंत विहार में बारिश के कहर का बड़ा असर नजर आया है। भारी बारिश के चलते मेल्टिंग प्वाइंट के साथ लगते न्यूरोलॉजिकल क्लीनिक से नीचे की ओर का पूरा रास्ता ध्वस्त हो गया है।

    रास्ते के बंद हो जाने के कारण 1 दर्जन से अधिक घर मुख्य रास्ते से कट गए हैं। यही नहीं यहां के रहने वाले लोगों के वाहन भी बगैर रास्ते के फंसे रह गए हैं।

    भारी बारिश और रास्ते के बह जाने के चलते कई घरों पर भी संकट मंडराने लग पड़ा है। स्थानीय निवासी विद्या दत्त शर्मा के घर से नीचे की तरफ भी डेंजर जोन बन गया।

    जिसके चलते उनके मकान पर भी ढह जाने का खतरा बना हुआ है। रास्ता ना होने के कारण क्लीनिक में आने वाले मरीजों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    प्रभावित लोगों में सुरेश कुमार अजीत पाल योगेंद्र ठाकुर आशा देवी मीनाक्षी ठाकुर चमन ठाकुर ल राजकुमार मल्होत्रा विष्णु दत्त शर्मा आदि लोगों ने एमसी से मांग करी है कि जल्द से जल्द उनकी समस्या का समाधान कर उन्हें राहत पहुंचाई जाए।

    वही यशवंत बिहार कल्याण समिति महिला विंग की अध्यक्ष व कांग्रेस नेत्री प्रमिला ठाकुर ने आश्वस्त करते हुए कहा कि स्थानीय निवासियों की समस्या का शीघ्र से शीघ्र समाधान करवाया जाएगा।

    उधर नगर परिषद नाहन के कार्यकारी अधिकारी संजय तोमर ने जानकारी मिलते ही गठित टास्क फोर्स को रास्ता बहाल करने के आदेश भी जारी कर दिए। संजय तोमर ने कहा कि बारिश रुकते ही जेसीबी भेज कर रास्ते को दुरुस्त कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारी बारिश का दौर है ऐसे में सतर्क और सुरक्षित रहने की भी जरूरत है।