सदियों पुराना था आपसी बैर देवी और देवता के आशीर्वाद से बना अब भाईचारे का पर्व किया एक दूसरे का स्वागत
HNN News शिलाई
जिला सिरमौर के शिलाई विधानसभा क्षेत्र के टटियाणा गांव में शांत पर्व (धार्मिक अनुष्ठान) का आयोजन बड़ी धूमधाम के साथ किया जा रहा है। पहले दिन शनिवार को लगभग 120 गांव के लोग इस महापर्व में पहुंचे।
इस दौरान टटियाना गांव के ग्रामीणों ने हर गांव के मेहमानों का अलग-अलग पारंपरिक वाद्य यंत्रों से स्वागत किया। जहां दिनभर ठारी माता और महासू देवता के जयकारे गूंजते रहे।
दूसरे गांव से पहुंचे शाठी-पाशी पक्षों के लोगों का स्थानीय ग्रामीणों ने चौंतरे पर स्वागत कर उन्हें समृति चिन्ह भेंट किए गए। शनिवार को दिनभर हजारों मेहमानों का आना लगा रहा, जो भंडारे का प्रसाद छकने के बाद लौटते भी रहे।
इस दौरान गांव की व्यवस्था देखते बन रही थी। गांव का युवाओं ने ग्रामीणों के स्वागत से लेकर जलपान की व्यवस्था में भरपूर स्वागत किया। इस दौरान शाठी पाशी चौंतरे पर भाईचारे की मिसाल कायम की गई।
बता दें कि शाठी पाशी के झगड़ों के फैसले टटियाणा के इसी ऐतिहासिक चौंतरे पर किए जाते थे। कभी यहां सिरमौर रियायत के महाराजा ने चौंतरे का निर्माण किया था।
इस चौंतरे को न्याय के तौर पर भी देखा जाता है। जहां पहली बार शाठी और पाशी पक्षों के लोगों ने मेहमान के तौर पर शिरकत कर एकता और भाईचारे का संदेश दिया।
जिंदगी और मौत के बीच एक उम्मीद और मरीज का भरोसा होता है डॉक्टर- मनोज गर्ग
HNN/ काला अंब
देश प्रदेश सहित काला अंब औद्योगिक क्षेत्र में फार्मा जगत के द्वारा डॉक्टर डे मनाया गया। डॉक्टर डे के उपलक्ष पर काला अंब के गांव खारी नजदीक हिमालयन कॉलेज स्थित ऐलजन फार्मा के द्वारा वृक्षारोपण किया गया। ऐलजन फार्मा के एमडी संजीव कुमार भाटिया ने वृक्षारोपण कार्यक्रम की शुरुआत आंवले का पौधा लगाकर की।
तो वहीं फार्मा के जनरल मैनेजर रोहित शर्मा सहित तमाम फैक्ट्री कर्मचारियों के द्वारा 100 से अधिक औषधीय पौधे लगाए गए। लगाए गए औषधीय पौधों में आंवला, अमरूद, नीम, जामुन आदि शामिल रहे। फार्मा यूनिट के मैनेजिंग डायरेक्टर संजीव भाटिया ने बताया कि आपात स्थिति में चिकित्सक मरीज के लिए एक बड़ी उम्मीद की किरण होता है।
उन्होंने कहा कि इसी तरह औषधीय पौधा भी एक ऐसा चिकित्सक होता है जो जटिल से जटिल बीमारियों में रोग को जड़ से खत्म करने का मादा रखता है। उन्होंने फैक्ट्री के तमाम कर्मचारियों से अपील करते हुए कहा कि अपने घर और गांव में जहां भी खाली जगह नजर आए वहां पर औषधीय पौधे जरूर लगाएं।
वहीं वैरव तथा हौरीजन फार्मा इंडस्ट्री के मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज गर्ग सहित ड्रग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के मुख्य सलाहकार सीएस पुष्करणा डिजिटल विजन के पुरुषोत्तम गोयल, एथेंस लैब के सीएमडी मिस्टर शर्मा, संजय आहूजा सहित तमाम फार्मा जगत से जुड़े उद्योगपतियों के द्वारा डॉक्टर्स डे की शुभकामनाएं दी गई।
उद्योगपति मनोज गर्ग का कहना है कि यह खास दिन उन डॉक्टर्स को समर्पित है जो ना केवल मरीज का इलाज दवा से बल्कि उनके मन का इलाज भी अपने बड़े भरोसे के साथ करते हैं। उन्होंने कहा कि आज सबसे बड़ी समस्या विकास के साथ प्रदूषण भी है।
उन्होंने कहा कि आज हर नागरिक को चाहिए कि वह हर अवसर पर अधिक से अधिक पौधे और पेड़ लगाकर पर्यावरण को सुरक्षित बनाएं। डॉक्टर्स डे पर किए गए वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान एलजन फार्मा के राजेंद्र अत्री, कुलदीप कुमार, अंकित कुमार, असलम खान, आमिर खान, सावन कुमार, मयंक ठाकुर आदि उपस्थित रहे।
सुरेंद्र हिंदुस्तानी को बनाया जिला भाजपा का उपाध्यक्ष
HNN/ नाहन
आखिर करीब 7 महीनों के बाद जिला सिरमौर के 3 विधानसभा क्षेत्र में हुई भाजपा की करारी हार के बाद तीन पदाधिकारियों को पद मुक्त कर दिया गया है। जिला भाजपा अध्यक्ष विनय गुप्ता के द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार शिलाई विधानसभा क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले भाजपा के जिला उपाध्यक्ष कुलदीप राणा को पद मुक्त कर दिया गया है। वहीं पच्छाद विधानसभा क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले भाजपा जिला महामंत्री बलदेव कश्यप को भी पद मुक्त कर दिया गया है।
श्री रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र में नारायण सिंह की की हुई करारी हार का ठीकरा भी भाजपा के 1 बड़े पदाधिकारी के सर फूटा है। जिला भाजपा अध्यक्ष के द्वारा इसी विधानसभा क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले एससी मोर्चा के जिला अध्यक्ष रूप सिंह को भी उनके पद से पद मुक्त किया है। हैरान कर देने वाली बात तो यह है कि इनको पद मुक्त को किस कारण से किया गया है इस बारे में मीडिया को जानकारी नहीं दी गई है।
मगर माना जा रहा है कि भाजपा ने अपनी हार का ठीकरा इन तीन प्रमुख पदाधिकारियों के सर फोड़ा है। वहीं शिलाई विधानसभा क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले नाहन में सेटल सुरेंद्र हिंदुस्तानी को जिला सिरमौर भाजपा का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनकी इस नियुक्ति को लेकर उनके समर्थकों ने प्रदेश अध्यक्ष और जिला अध्यक्ष का आभार व्यक्त किया है। माना जा रहा है कि सुरेंद्र हिंदुस्तानी की नियुक्ति के पीछे प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की रणनीति भी शामिल है।
सुरेंद्र हिंदुस्तानी भाजपा के कर्मठ सिपाही भी हैं। यही नहीं सुरेंद्र हिंदुस्तानी एक अच्छे अधिवक्ता के साथ साथ बेहतर रणनीतिकार भी है। बरहाल जिला सिरमौर में इन तीन प्रमुख पदाधिकारियों के पद मुक्त किए जाने क को लेकर इनके समर्थकों ने बड़े सवाल भी खड़े किए हैं। बलदेव कश्यप का कहना है कि उन्हें किसी को भी पार्टी की ओर से शो कॉज नोटिस भी नहीं दिया गया था। उन्होंने कहा कि उनका पद मुक्त किया जाना किस लिए किया गया है इसकी कम से कम उन्हें जानकारी तो दी जानी चाहिए थी और ना ही उनसे कोई स्पष्टीकरण लिया गया।
बलदेव कश्यप ने कहा कि खुद की कमजोरियों का और कमजोर संगठन का ठीकरा पार्टी के निष्ठावान पदाधिकारियों के सर जानबूझकर छोड़ा गया है। उन्होंने यहां तक भी कहा कि उनके पास भी कई ऐसे ठोस सबूत है जिनके खुलासे के बाद खुद को दिक्कत कहलाने वाले संकट में पड़ जाएंगे। बलदेव कश्यप ने यहां तक कहा कि जिला में प्रदेश अध्यक्ष के होने के बावजूद नैतिकता के आधार पर सबसे पहले जिला अध्यक्ष को भी अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए था।
उन्होंने तो यहां तक भी कहा कि इस विधानसभा क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले प्रदेश विपणन बोर्ड के अध्यक्ष रहे बलदेव भंडारी के खुद के बूथ से कांग्रेश को लीड मिली है। ऐसे में उनको पार्टी से निष्कासित क्यों नहीं किया गया है। वहीं पद मुक्त किए गए पदाधिकारियों के समर्थकों का कहना है कि चुनाव से पहले जो फीडबैक पार्टी के द्वारा लिया गया था उसमें 75 फ़ीसदी वोट बलदेव तोमर के पक्ष में टिकट के लिए पड़े थे।
बावजूद इसके उनकी पार्टी के प्रति निष्ठा और ईमानदारी को दरकिनार करते हुए रीना कश्यप को टिकट दे दिया गया था। बलदेव तोमर ने कहा कि उन्होंने ना कभी पार्टी के खिलाफ कोई शब्द बोला है और ना ही पार्टी की निष्ठा को ले करके कोई सवाल उठाया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि कुछ अवसरवादीयों के हाथ में पार्टी का संचालन पड़ गया था जिसके चलते निष्ठावान पदाधिकारियों को हाशिए पर रखा गया।
उन्होंने कहा कि अब पार्टी का नेतृत्व डॉ. राजीव बिंदल के हाथ है। उन्होंने कहा कि डॉ. राजीव बिंदल पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के मान सम्मान को अच्छी तरह से जानते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह पहले भी पार्टी के प्रति निष्ठावान थे और आगे भी पार्टी के लिए निष्ठावान बने रहेंगे। बलदेव कश्यप ने यह भी स्पष्ट किया कि जिला में भाजपा का नेतृत्व कमजोर हाथ में है यदि जल्द ही इस नेतृत्व को ना बदला गया तो आने वाले समय में जिला से भाजपा की सभी पांचों सीटों का सफाया भी होगा।
278 अलग-अलग योजनाएं हुई प्रभावित, क्विक रिस्पांस टीम ने संभाला मोर्चा
HNN/ नाहन
जून माह में हुई पहले दौर की बारिश ने सिरमौर के जल शक्ति विभाग को करारी चोट दी है। जिला के सभी पांचो विधानसभा क्षेत्रों में बरसात से करीब 16.24 करोड रुपए का माली नुकसान हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला में वाटर सप्लाई स्कीमों को बरसात से 12.42 करोड़ सिंचाई योजनाओं में 3.72 करोड तथा सीवरेज स्कीमों में 9.7 लाख रुपए का नुकसान हुआ है।
बता दें कि इस नुकसान में वाटर सप्लाई की छोटी-बड़ी 220 स्कीमें इरीगेशन की 55 तथा 3 स्कीमे सीवरेज की प्रभावित हुई हैं। हालांकि कुल हुए 16.24 करोड़ के नुकसान में पंप हाउस और मोटरे लगभग सुरक्षित है मगर इन स्कीमों से जुड़ी पाइपलाइन रिटेनिंग वॉल को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है।
कई जगह तो बारिश का ऐसा तांडव मचा कि सप्लाई से जुड़ी सैकड़ों पाइप पानी के तेज बहाव मैं या तो बह गई या फिर मलबे में दब गई। बरसात से सबसे ज्यादा नुकसान पांवटा साहिब, शिलाई, हरिपुरधार नाहन, श्री रेणुका जी आदि क्षेत्र में हुआ है। बावजूद इस भारी नुकसान के जल शक्ति विभाग की व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में गठित की क्विक रिस्पांस टीम काफी प्रभावशाली रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रभावित हुई सभी वाटर स्कीमों को टेंपरेरी रूट से बहाल कर दिया गया है। विभाग ने अपनी गठित की गई क्विक रिस्पांस टीम को हाई अलर्ट मोड़ पर भी रखा हुआ है।
उधर अधीक्षण अभियंता राजीव महाजन ने खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि जिला में आईपीएच को बरसात के कारण 16.24 करोड का कुल नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि विभाग इस समय अलर्ट मोड पर है।
महाजन ने बताया कि उनका प्रथम उद्देश्य तमाम पेयजल की स्कीमों को सुचारू तथा सुरक्षित बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि अगले बरसात में विभाग को कम से कम नुकसान हो इसीलिए नुकसान वाले क्षेत्रों का जायजा भी लिया जा रहा है।
चालक ने अपनी सूझबूझ से पहले ही भाटली गिरते मलबे की स्थिति और फिर….
HNN Newsशिलाई
शिलाई एनएच पर गंगटोली के समीप हुआ हादसा शिलाई। निर्माणाधीन पांवटा साहिब-शिलाई एनएच 707 पर गंगटोली के समीप पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण एक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
आपने बनाई तो यह रहा कि कार चालक व सवार समय रहते गाड़ी छोड़कर भाग निकले, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। प्राप्त जानकारी के अनुसार एक वैन (एचआर71जी-8804) शिलाई से पांवटा की ओर जा रही थी कि गंगटोली के समीप पहुंचते ही एनएच की कटिंग का मलबा गिरने लगा।
इसे देखते हुए चालक व एक अन्य सवार गाड़ी छोड़कर वहां से भाग निकले। इसी बीच पहाड़ी से मलबे के साथ आई चट्टान से वैन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
लोगों का कहना है कि एनएच 707 में इस क्षेत्र में निर्माण कंपनी नियमों को ताक पर रखकर कार्य कर रही है। कंपनी व उसके ठेकेदारों की दादागिरी से लोगों की भूमि में बिना पूछे मलबा गिराया जा रहा है। प्रभावित लोग कंपनी प्रबंधन व प्रशासन के पास शिकायतें ले कर जाते हंै तो समस्या का समाधान नहीं होता। शिलाई पुलिस थाना के प्रभारी प्रीतम सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौका पर पहुंची लेकिन वहां कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं था। गाड़ी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है।
हजारों हरि भक्तों के साथ अंजुमन इस्लामिया के सदस्यों ने खींचा भगवान श्री जगन्नाथ जी का रथ
HNN News नाहन
हिमाचल प्रदेश जिला सिरमौर के नाहन शहर में भगवान श्री जगन्नाथ जी की 15 रथ यात्रा का धूमधाम से आयोजन हुआ। रथ यात्रा में हजारों की तादाद में श्री हरि भक्तों ने रथ को नगर भ्रमण के लिए खींचा।
रथ यात्रा का आयोजन रथ मंडल नाहन के द्वारा किया गया। रथ यात्रा मंडल अध्यक्ष प्रकाश बंसल के द्वारा इस बार रथ अभिनंदन की परंपरा स्थानीय विधायक अजय सोलंकी के द्वारा निभवाई गई। विधायक ने रथ यात्रा के आयोजन को लेकर शहर वासियों को शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्री जगन्नाथ जी से देश और प्रदेश में सुख शांति, आपसी भाईचारा बना रहे इसकी कामना भी करी।
विधायक ने कहा कि नाहन में आयोजित होने वाली रथ यात्रा प्रदेश के साथ-साथ देशभर में अब पहचान बनाने लग पड़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि निश्चित ही जिस तरीके से आयोजन मंडल के द्वारा यह आयोजन करवाया जाता है उससे यह जरूर निश्चित है कि 1 दिन यह रथ यात्रा भगवान जगन्नाथ पुरी की जैसी ख्याति प्राप्त करेगी।
वही रथ यात्रा के बारे में जानकारी देते हुए प्रकाश बंसल ने बताया कि भगवान श्री जगन्नाथ 3 दिन पहले भूमि पर विराजमान हो जाते हैं। 3 दिनों के बाद पूर्णाहुति दिए जाने के साथ ही इस यात्रा का आगाज हो जाता है। भगवान श्री जगन्नाथ जी भाई बलभद्र के साथ पालकी में विराजमान होकर बहन सुभद्रा के पास पहुंचते हैं।
यहां यह भी बता दें कि भगवान श्री जगन्नाथ जी और बलभद्र जी के द्वारा बहन सुभद्रा की द्वारिका नगर भ्रमण की इच्छा की पूर्ति को लेकर उन्हें साथ ले रथ पर बैठकर नगर भ्रमण किया जाता है।
यह परंपरा सदियों से इसी तरह से मनाई जा रही है। नाहन के चौगान मैदान से शुरू हुई भगवान श्री जगन्नाथ जी की रथ यात्रा करीब सुबह 11:00 बजे के आसपास गाजे बाजे ढोल नगाड़ों के साथ नगर भ्रमण के लिए निकली।
हजारों की तादाद में देश प्रदेश से आए भक्त जनों ने श्री जगन्नाथ जी के रथ को खींचा। रथ के नगर भ्रमण का दृश्य बड़ा ही भव्य और विशाल था। शहर के तमाम सामाजिक संगठनों श्रद्धालुओं और तमाम जाति वर्ग के लोगों के द्वारा लंगर भोजन प्रसाद खीर आदि के स्टाल लगाए गए।
इस दौरान भगवान को लगाए गए 56 भोग का प्रसाद हजारों श्रद्धालुओं को रथ यात्रा के दौरान वितरित भी किया गया। अच्छी बात तो यह भी थी कि नगर प्रशासन के द्वारा रथयात्रा के साथ-साथ सफाई व्यवस्था को भी बरकरार रखा गया।
वही आपसी भाईचारे की मिसाल कायम करते हुए अंजुमन इस्लामिया के तमाम मुस्लिम सदस्यों के द्वारा अपने अध्यक्ष बॉबी अहमद की अगुवाई में रथ यात्रा का अभिनंदन किया गया।
अंजुमन इस्लामिया के सदस्यों के द्वारा फल और मिठाई शरबत की छबीलें भी सजाई गई। रथ यात्रा में शामिल भक्तों को अंजुमन इस्लामिया के द्वारा भगवान श्री जगन्नाथ जी के जयघोष के साथ मीठा शरबत पिलाया गया।
तो वही रथ मंडल के द्वारा अंजुमन इस्लामिया के अध्यक्ष सहित तमाम सदस्यों को इस्लामी टोपी पहनाकर उनका स्वागत किया गया। मजे की बात तो यह रही कि अंजुमन इस्लामिया के द्वारा भगवान श्री जगन्नाथ जी को भोग स्वरूप फल समर्पित किए गए। जिसके बाद मंडल के द्वारा अंजुमन इस्लामिया के सदस्यों को भगवान का भोग भी दिया गया।
अंजुमन इस्लामिया के द्वारा भगवान श्री जगन्नाथ जी का जयघोष करते हुए सभी सदस्यों ने मिलकर भगवान श्री जगन्नाथ जी के रथ को खींचकर आपसी भाईचारे की ऐसी मिसाल कायम करी जो इस रथयात्रा के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गई है।
रथ यात्रा के आयोजन को लेकर जहां रथयात्रा आयोजन मंडल के सदस्यों ने व्यवस्थित रूप से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया तो वही पुलिस प्रशासन ने भी बेहतर व्यवस्था बनाने में कामयाबी हासिल करी। हालांकि रथ यात्रा में भक्तों की भीड़ के बीच जेब कतरे और चेन स्नैचर भी सक्रिय रहे। चोरों के द्वारा ना केवल आम लोगों की जेबें और महिलाओं की गले की सोने की चेन झपट ली गई बल्कि चोरों ने सांसद सुरेश कश्यप की पत्नी के गले से भी सोने की चेन को कब उड़ा लिया उन्हें पता नहीं चला।
बरहाल आपसी भाईचारा और सामाजिक सौहार्द की भावना को भव्यता के साथ आज की आवश्यकता के अनुरूप जिस प्रकार रथ यात्रा का आयोजन रथ मंडल के द्वारा किया गया है वह निश्चित ही एक दिन समाज के दुश्मनों के द्वारा बनाई गई उस खाई को भी पाटने में कामयाब होंगे।
वन विभाग आया हरकत में शक के आधार पर पकड़े शिकारियों के पास से बरामद हुए वन्यजीवों के अवशेष
HNN News चंबा पांगी
हिमाचल प्रदेश में वन्यजीवों का शिकार और उनके अवशेषों की तस्करी का धंधा बेलगाम होता जा रहा है। बेखौफ शिकारी दुर्लभ वन्यजीवों का शिकार कर उनके अवशेषों और बारूद असला के साथ वीडियो भी बना रहे हैं।
वायरल हुए वीडियो की जानकारी के बाद वन्य विभाग भी हरकत में आया। वीडियो चंबा के पांगी के जंगल में बनाया गया बताया जा रहा है। वन विभाग का कहना है कि यह पांगी के मिंथल क्षेत्र का लग रहा है।
प्रशासन और विभाग ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए चुराह से आए जब कुछ लोगों को शक के आधार पर रोका और तलाशी लिए जाने पर उनके बैग में से जंगली जानवरों के अवशेष भी मिले। इन अवशेषों को कब्जे में लेकर अब जांच की जा रही है कि यह उन्होंने कहां से और कैसे हासिल किए हैं।
प्रदेश में सत्ता सुख भोगने वालों ने ही लिखा क्षेत्र की दर्जनों पंचायतों का दुर्भाग्य
HNN News नाहन
हिमाचल को बनाने वाले डॉ वाईएस परमार के गृह क्षेत्र बागथन आज अपनी बदहाली पर खून के आंसू रोने पर मजबूर है। यही नहीं उनकी जन्मस्थली चनालग से जुड़ी पंचायतें और दर्जनों गांव विकास के मामले में कोसों दूर जा चुके हैं।
नाहन के बनेठी से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखने वाले इंटरनल यूनिवर्सिटी वाले बडू साहिब तथा राजगढ़ तक लोक निर्माण विभाग की सड़क 1981 के बाद से लेकर आज तक पूरी तरह सुधर नहीं पाई है। बागथन से डूंगा घाट तक 13 किलोमीटर की सड़क पैदल चलने योग्य भी नहीं रही है। कमोबेश यही हाल बाघथन से हिमाचल निर्माता डॉ वाईएस परमार की जन्मस्थली चनालग वाली सड़क का भी यही हाल है।
अब यदि बात की जाए बागथन मे बने वेटनरी हॉर्टिकल्चर , कैटल ब्रीड फार्म और मिल्क चिलिंग प्लांट की बिल्डिंग की तो यह कब गिर जाए कुछ नहीं कहा जा सकता। हैरान कर देने वाला विषय तो यह है कि यह क्षेत्र जिला की 3 विधानसभा क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है। जिसमें पच्छाद के अंतर्गत कलसेर यह वह क्षेत्र है जो सांसद और पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप के घर से मात्र कुछ किलोमीटर की दूरी पर है।
इसके साथ चावला बोहल, डगाल घाट, सिरला से होकर गुजरने वाली लोक निर्माण की सड़क। यही सड़क बागथन से आगे जाकर चरपड़ी, नहरस्वार, बेचड का बाग रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। इधर नाहन विधानसभा के क्षेत्र के अंतर्गत बनेठी, बांऊटा से भी यही सड़क गुजरती है।
अब दो विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस के विधायक हैं तो तीसरी में भाजपा की विधायक है। बावजूद इसके यह सड़क हिमाचल निर्माता के निधन के बाद से लेकर आज तक पूरी तरह मुकम्मल नहीं हो पाई है। हालांकि शिमला संसदीय क्षेत्र के सांसद सुरेश कश्यप ने बनेठी से लेकर राजगढ़ नेरी पुल लोक निर्माण विभाग की इस सड़क को एनएच में भी डलवाने के लिए प्रस्ताव भेजा था।
मगर ट्रैफिक सर्वे में यह सड़क एनएच से हट गई थी। ऐसे में यदि हिमाचल निर्माता का हवाला देकर इस सड़क का जीर्णोद्धार एनएच के रूप में करवाया जाता तो यह बड़ी उपलब्धि हो सकती थी। यही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले बडू साहिब की वजह से भी इस सड़क को एनएच में डलवाया जा सकता था।
इस सड़क पर कई जगह इतने खतरनाक ब्लैक स्पॉट है जिसकी गिनती नहीं की जा सकती। मजे की बात तो यह है कि यहां हॉर्टिकल्चर का वह सेंटर भी है जहां से हिमाचल के सेब बहुल क्षेत्रों को परिष्कृत किशन के इटली के पौधे तैयार कर दिए जाते हैं।
बावजूद इन सबके सत्ता सुख पाने वाली तमाम सरकारें इस पूरे के पूरे क्षेत्र से दशकों से नजरे चुरा रही है। ऐसे में राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा प्रश्न भी उठता है कि जो राज्य अपने निर्माता के गृह क्षेत्र का विकास नहीं करवा पाया वह पूरे प्रदेश के विकास का दावा कैसे कर सकते हैं।
संबंधित क्षेत्र से लगती दर्जनों ऐसी पंचायतें हैं जिनकी सड़कें आज भी टूटी फूटी और कच्ची पड़ी है। यहां यह भी याद दिलाना जरूरी है कि यह वह क्षेत्र भी है जितने रियासत काल से आज तक नाहन शहर को पेयजल उपलब्ध कराकर उनकी प्यास बुझाई है। क्षेत्र के युवाओं के लिए यदि रोजगार की बात की जाए तो पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा बेरोजगारी की दर भी इसी क्षेत्र की आंकी गई है। बरहाल जब तक हिमाचल निर्माता का यह गृह क्षेत्र किसी भी सरकार से इस तरह उपेक्षित रहेगा तब तक किसी भी सत्ताधारी सरकार को डॉ वाईएस परमार की जयंती मनाने का भी हक नहीं होना चाहिए।
राजगढ़ पहुंचने से कुछ किलोमीटर पीछे हुआ हादसा बाल-बाल बच गई सवारिया
HNN/ राजगढ़
जिला सिरमौर के राजगढ़ मे बडू साहिब से बठिंडा जा रही पंजाब रोडवेज ट्रांसपोर्ट की बस बड़े हादसे की चपेट में आने से पहले बाल बाल बच गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सुबह करीब 6:30 बजे के आसपास शनिवार को बडू साहिब से बाया राजगढ़ बठिंडा की ओर जा रही बस भूस्खलन की चपेट में आ गई। यह भूस्खलन नहर स्वाग जो रेडी गो शान के पास हुआ बताया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रात को हुई भारी बारिश के बाद पहाड़ियां अब दरकने लग पड़ी हैं इसी दौरान जैसे ही यह बस नहर स्वाग के पास से गुजरी कि अचानक ऊपर से मलवा आ गया। ड्राइवर ने भी अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए बस को मलबे की चपेट में आने से पहले रोक लिया। बस में बैठी सवारियां फॉरेन बस से उतर गई। तभी ऊपर से और मलवा आ गया बावजूद इसके गनीमत यह रही कि सवारियों सहित यह बस ड्राइवर की सूझबूझ से मलबे की चपेट में आने से बच गई।
बगैर हेलमेट पहन जान को जोखिम डालने वालों के किए चालान
HNN/ नाहन
सदर पुलिस नाहन के द्वारा शिमला एनएच रोड पर ट्रैफिक नियमों की अवहेलना करने वालों को सबक सिखाया गया। हेड कांस्टेबल सुरेश, हैंड कांस्टेबल राजकुमार की टीम ने बगैर हेलमेट दो पहिया वाहन चलाने वालों के 10 से भी अधिक चालान किए।
थाना पुलिस ने ना केवल चालान किए बल्कि चौपाया वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा के साथ-साथ सीट बेल्ट लगाने की भी नसीहत दी। सदर पुलिस का मुख्य उद्देश्य राइडर्स पर नजर रखने की थी। गौरतलब हो कि यशवंत विहार से मैगी प्वाइंट तक दोपहर 3:00 बजे के बाद से लेकर रात के 10:00 बजे तक राइडर्स इतनी रफ्तार के साथ चलते हैं कि खुद की जान के साथ दूसरों की जान को भी जोखिम में डालते हैं।
सदर पुलिस इस दौरान दोसड़का में भी नाका डाले खड़ी रही। इस दौरान सदर पुलिस के टीम में कांस्टेबल शरद, लक्ष्मी, आशा आदि भी मौजूद रहे। खबर लिखे जाने तक सदर पुलिस के द्वारा करीब 10,000 से अधिक का जुर्माना वसूला गया था।