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  • उत्तर पश्चिम हिमालय में मौसम में बदलाव और भारी बारिश को लेकर बड़ा वैज्ञानिक खुलासा

    उत्तर पश्चिम हिमालय में मौसम में बदलाव और भारी बारिश को लेकर बड़ा वैज्ञानिक खुलासा

    श्री रेणुका जी झील से लिया गया था सैंपल, ढाई सौ साल पहले का खंगाला इतिहास

    HNN/ नाहन

    उत्तर पश्चिम हिमालय तथा हिमाचल प्रदेश में इस बार मानसून से पहले शुरू हुई भारी बारिश और तबाही को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। अब यदि वाडिया हिमालयन इंस्टिट्यूट के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र मीणा के जेजीएसआर जनरल ऑफ जिओ साइंसेज रिसर्च में शामिल हुए रिसर्च डॉक्यूमेंट पर नजर डालें तो भारी बारिश से हुई तबाही को लेकर ना तो हो रहा विकास और ना ही मनुष्य इसके लिए जिम्मेदार है।

    इस रिसर्च डॉक्यूमेंट में करीब ढाई सौ वर्ष पहले हिमालयन क्षेत्र में आद्रता और शुष्क मौसम के क्या पैरामीटर थे उसको लेकर सेडिमेंट जुटाए गए और आप जानकर हैरान हो जाएंगे कि इसके लिए हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर से ताल्लुक रखने वाली प्राचीन सतयुग कालीन श्री रेणुका जी झील से सैंपल उठाए गए थे। वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर नरेंद्र मीणा 2010 और उसके बाद कई बार यहां से झील की तलहटी से कोर सैंपलिंग करके ले गए थे।

    जिसका मुख्य उद्देश्य हिमालयन क्षेत्रों की झीलों का संरक्षण और जलवायु परिवर्तन और उसका संरक्षण आदि इसमें शामिल था। उसी सेडिमेंट की कोर सेंपलिंग के आधार पर वर्ष 1839-1890 में मौसम कितनी आद्रता थी तथा 1890-1929 व 2003 में जलवायु कितनी शुष्क थी इसको वैज्ञानिक तरीके से जांचा गया। असल में इसकी जरूरत इसलिए महसूस हुई की किसी भी तरह के मौसम खासतौर से वर्षा ऋतु के दौरान काफी समय पहले ही एक स्टिक जानकारी योजनाकारों एवं सरकारों को मिल सके।

    झील से उठाए गए ढाई सौ साल पुराने सेडिमेंट के आधार पर क्लाइमेट रिकॉर्ड को रिकंस्ट्रक्ट किया गया। वैज्ञानिक के द्वारा इसकी जन्मकुंडली को खंगालने के लिए कई प्रॉक्सी पैरामीटर का उपयोग किया गया। बड़ी बात तो यह है कि झील के अवसादो की उम्र की गणना जो है वह लैड आइसोटोप की मदद से की गई है। अब जो हैरान कर देने वाले आंकड़े निकल कर आए उससे किस क्षेत्र में सबसे ज्यादा बारिश पड़ी है और पड़ेगी इसकी संभावना इस रिसर्च आर्टिकल में डिस्कस की गई है।

    इस रिसर्च डॉक्यूमेंट के अनुसार समुंदर की सतह के तापमान में जो बदलाव आया है जिसे अनलिनो (इएनएसओ ) तथा इंडियन ओसियन डाई पोल (आईओडी ) दोनों के इंटरप्ले के बाद मानसून की दशाएं क्या रहेंगी यह पता चला। यह वह दशाएं होती है जो उत्तर पश्चिम भारत में मानसून की वर्षा के वितरण को नियंत्रित करती हैं। ऐसी परिस्थितियों में मनुष्य प्रकृति के द्वारा पैदा होने वाली परिस्थितियों को बदल तो नहीं सकता मगर उन परिस्थितियों से क्या प्रभाव पड़ेगा किस तरह का मौसम रहेगा और आपदाओं की स्थिति क्या रहेगी इसकी सटीक जानकारी मिल सकती है।

    इस रिसर्च डॉक्यूमेंट के आधार पर किसी भी साल या फिर लगातार कुछ सालों तक पॉजिटिव आईओडी और इएनएसओ का मिलन उत्तर पश्चिम हिमालय में भारी बारिश ला सकता है। यह भी खुलासा पहले ही किया जा चुका है। और ठीक रिसर्च डॉक्यूमेंट के अनुसार ही यह मौसम में बड़ा परिवर्तन पुष्ट हुआ है। असल में सरकार अभी अनलिनो या लानिनो के पैटर्न के आधार पर ही मौसम को लेकर तैयारियां करती है।

    अब अगर इसमें पॉजिटिव एवम् नेगेटिव आईओडी को भी शामिल किया जाता है तो यह और बेहतर तरीके से मौसम का फोरकास्ट कर सकता है। यानी कुल मिलाकर कहा जाए तो जो मौसम को जानने के लिए पैटर्न इस्तेमाल किया जाता है उसमें कई वेरिएबल होते हैं। ऐसे में यदि थोड़ा भी फर्क किसी वेरिबल में पड़ जाता है तो मौसम का सही आंकलन बदल जाता है।

    क्या होना चाहिए
    अब यदि सरकार को ऐसी आपदाओं में पहले ही मौसम की सटीक जानकारी मिल जाती है तो इसकी पहले से ही बड़ी तैयारी की जा सकती है। जिसके लिए अब आने वाले समय में प्रिडिक्शन मॉडल की जरूरत है। पहाड़ी राज्यों में इएनएसओ, आईओडी एवं इस प्रकार के अन्य इंडिकेटर का प्रिडिक्शन मॉडल में इस्तेमाल होना चाहिए जिससे मौसम की भविष्यवाणी और ज्यादा सटीक हो पाएगी।

    अगर केंद्र तथा राज्यों की सरकार डॉपलर रडार स्थापित कर देती है तो वर्षा कितनी होगी किस क्षेत्र में होगी और किस दिन होगी कितने सेंटीमीटर तक होगी इसकी काफी हद तक सटीक जानकारी मिल पाएगी। सबसे गौर करने वाली बात यह है की 2021 में प्रकाशित इस शोध में बताई गई संभावना इस बार हिमालयन क्षेत्रों में खासतौर से हिमाचल में ज्यादा बारिश के रूप ने चरित्रार्थ हो गई जिससे काफी तबाही देखने को मिली।

    गौरतलब हो कि डॉक्टर नरेंद्र मीणा वही वैज्ञानिक है जिन्होंने श्री रेणुका जी झील में कई दिनों तक अपना वैज्ञानिक बेड़ा स्थापित कर इसका गहन अध्ययन किया था। उन्होंने कोर सैंपल के लिए दुनिया की सबसे आधुनिक और महंगी तकनीक का इस्तेमाल भी किया था। जिसके बाद इस झील की बेथीमेट्री रिसर्च भारत सरकार को भेजी गई थी। उस रिसर्च के अनुसार श्री रेणुका जी झील की कितनी गहराई है मौजूदा समय उस पर किस तरह के संकट हैं और उसका वैज्ञानिक तरीके से किस तरह उपचार हो सकता है इसका उसमें पूरा विवरण भी दिया गया है।

    अब होता ऐसा है कि जो सैंपल झील की गहराइयों से लिया जाता है उसको बड़ी ही संजीदगी के साथ लैब रोटरी में संरक्षित रखा जाता है। उसी सैंपल के आधार पर अब मौसम में जो परिवर्तन आए हैं उसको लेकर खोज की गई। निकट भविष्य में हम विश्व में सबसे बेहतर फोरकास्ट कर सकें और फोरकास्ट से पहले होने वाले नुक्सान को बचा सके इसके लिए यह रिसर्च डॉक्यूमेंट मील का पत्थर साबित होगा।

  • एनएच-07 पर गिरा विशाल पेड़, 2 घंटे से अधिक लगा जाम

    एनएच-07 पर गिरा विशाल पेड़, 2 घंटे से अधिक लगा जाम

    एनएच की टीम मौके पर, मगर राहत संसाधनों की रही कमी

    HNN/ नाहन

    नाहन से करीब 8 किलोमीटर दूर आमवाला एनएच-07 पर विशाल पेड़ गिर गया है। एनएच के ठीक बीचोबीच गिरे इस पेड़ के बाद दोनों तरफ का यातायात पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। देखते ही देखते मात्र 20 मिनट में ही दोनों तरफ 2 किलोमीटर से भी ज्यादा लंबी लाइनें लग चुकी थी। यह घटना करीब सुबह 9 बजे के आसपास की है। 10:45 बजे खबर लिखे जाने तक एनएच बहाल नहीं हो पाया था।

    2 घंटे से लगातार जाम के बाद दोनों और कई किलोमीटर लंबी वाहनों की कतारें लग चुकी थी। इस जाम में ना केवल एक बड़ी ऑक्सीजन वैन फंसी नजर आई बल्कि कई बुजुर्ग ऐसे थे जिनका पीजीआई अप्वाइंटमेंट था वह भी जाम में फंसे नजर आए। नाहन की ओर से चंडीगढ़ की तरफ जा रही कावड़ यात्रा का वाहन भी इस जाम में फंस गया। तो भोले के भक्तों ने मौके पर ही डीजे की धुन पर जमकर धमाचौकड़ी मचाई।

    भक्ति रस में डूबे भक्त औरों का भी मनोरंजन करते रहे। गर्मी से बेहाल जाम में फंसे लोगों को कहीं आसपास पीने का पानी वगैरह भी नजर नहीं आया। जाम में चंडीगढ़-मनाली ऊना की तरफ जाने वाली बसें भी जाम में फंसी हुई नजर आई। मौके पर एनएच के जूनियर इंजीनियर सूरत पुंडीर अपनी टीम के साथ डटे हुए थे।

    बैटरी चलित पेड़ काटने के औजार के साथ रास्ता साफ किए जाने की कोशिश की जा रही थी। जो कि ना काफी नजर आ रही थी। सूरत पुंडीर ने बताया कि उन्होंने आला अधिकारियों के उसकी सूचना दे दी है जल्द ही एनएच -07 को बहाल करवा दिया जाएगा। बड़ी बात तो यह भी रहेगी मौके पर पुलिस और होमगार्ड के जवान भी तैनात नजर आए। वहीं 2 घंटे बाद एनएच-07 बहाल हो गया था।

  • रोटरी क्लब 3080 ने उठाया बड़ा जिम्मा, स्कूलों में छात्राओं के लिए बनाएंगे टॉयलेट

    रोटरी क्लब 3080 ने उठाया बड़ा जिम्मा, स्कूलों में छात्राओं के लिए बनाएंगे टॉयलेट

    “क्रिएट होप इन द वर्ल्ड” के तहत सामाजिक सरोकारों में क्लब बना उम्मीद की बड़ी किरण

    HNN/ नाहन

    जिला सिरमौर के सरकारी अथवा निजी स्कूलों में छात्राओं के लिए रोटरी क्लब 3080 ने शौचालय बनाने का बड़ा जिम्मा उठाया है। स्वच्छ रहेगी बेटी तो आगे पढ़ेगी और बढ़ेगी बेटी का लक्ष्य निर्धारित करते हुए क्लब के द्वारा इसके लिए हेल्पलाइन भी जारी की है। अब यदि वह सरकारी अथवा निजी स्कूल जिसके पास बच्चियों के लिए शौचालय की सुविधा नहीं है वह इसके लिए निवेदन कर सकते हैं।

    9 जुलाई को 2023-24 के लिए रोटेरियन नीरज गुप्ता को क्लब की कमान सौंपी गई है। नीरज गुप्ता ने बताया कि क्लब के द्वारा इस वर्ष ना केवल बच्चों के लिए स्कूलों में शौचालय बनवाए जाएंगे बल्कि जहां छात्राएं स्कूल में पैदल जाती हैं उनके लिए साइकिल भी बिल्कुल निशुल्क उपलब्ध करवाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि ना केवल शौचालय बल्कि छात्राओं के लिए स्कूल बेंच भी उपलब्ध कराने का प्रयास किए जाएंगे।

    कुछ करने का जज्बा और डिस्ट्रिक्ट गवर्नर की ओर से मिले ‘क्रिएट होम इन द वर्ल्ड’ स्लोगन के तहत क्लब के तमाम सदस्य सकारात्मक ऊर्जा के साथ जुड़ रहे हैं। नीरज गुप्ता ने बताया कि किस वर्ष के निर्धारित लक्ष्य के तहत दिव्यांग के लिए ट्राई साइकिल भी उपलब्ध कराए जाने के पूरे प्रयास किए जाएंगे। बता दें कि रोटरी 3080 सामाजिक सरोकारों में बढ़-चढ़कर अपनी उपस्थिति दर्ज करता है।

    यही नहीं समाज में बेहतर कार्य करने वाले आदर्श व्यक्तित्व को सम्मान दिया जाना और सम्मानित करना भी रोटरी की परंपरा में शामिल रहा है। वही रोटेरियन मनीष जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि क्लब के अध्यक्ष ना केवल ऊर्जावान है बल्कि वह जमीन से जुड़े हुए व्यक्ति भी है। उन्होंने बताया कि क्लब के द्वारा शव को देरी से होने वाले अंतिम संस्कार तक सुरक्षित रखने के लिए एक कोल्ड फ्रिज की व्यवस्था रखी गई है।

    उन्होंने बताया कि नाहन नगर परिषद के द्वारा यह फ्रिज पुराने एमसी में रख दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि इसकी जरूरत को पूरी तरह निशुल्क रखा गया है। क्लब के अध्यक्ष के द्वारा हेल्पलाइन नंबर 94 188 94 636 भी जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि स्कूलों में छात्राओं के लिए शौचालय, साइकिल आदि के लिए इस फोन नंबर पर डिमांड दी जा सकती है।

  • नाहन बिरोजा फैक्ट्री के पास गिरी भारी चट्टान, रेन शेल्टर ध्वस्त

    नाहन बिरोजा फैक्ट्री के पास गिरी भारी चट्टान, रेन शेल्टर ध्वस्त

    कुछ मिनट पहले ही निकले बाइक सवार, बारिश के बीच एनएच की लेबर जुटी मलबा हटाने में

    HNN News नाहन

    भारी बारिश का तांडव लगातार जारी है। जिला मुख्यालय नाहन से शिमला की ओर जाने वाले एनएच के विरोध में फैक्ट्री के पास विशालकाय चट्टान के पहाड़ से गिरने पर रेन शेल्टर ध्वस्त हो गया है।

    गनीमत तो यह रही कि दो मोटरसाइकिल सवार मुश्किल से 2 मिनट पहले ही इस रेन शेल्टर से शिमला की ओर निकले थे। ऐसे में यदि यह बाइक सवार दो मिनट और लेट हो जाते तो निश्चित ही बड़ा हादसा हो सकता था।

    घटना दोपहर बाद करीब 2:10 के आसपास की है। मौके से प्राप्त जानकारी के अनुसार बनोग संभावित बाईपास के ठीक वाई पॉइंट पर पहाड़ी की ओर से भारी-भरकम चट्टान मलबे के साथ एनएच पर आ गिरी। यह भारी-भरकम चट्टान और मलबा पहले एनएच पर बने रेन शेल्टर पर गिरा उसके बाद सड़क के बीच में आ गया।

    बड़ी बात तो यह है कि एनएच की लेबर जिसमें महिलाएं भी शामिल हैं उन्होंने कुछ ही देर में जानकारी मिलते ही भारी बारिश के बीच मलबा और पत्थर को हटाने में जी जान लगा दिया। गनीमत तो यह भी रही की यह एनएच 907 ए अवरोधित नहीं हो पाया।

    बारिश का कहर लगातार जारी है फिलहाल खबर लिखे जाने तक राष्ट्रीय राजमार्ग 907 ए नाहन कुमार हट्टी शिमला सुचारू बना हुआ था। एनएच के कार्यकारी अधीक्षण अभियंता वीके अग्रवाल का कहना है कि इस समय पूरा विभाग हाई अलर्ट पर है। पूरी मशीनरी सड़कों के रखरखाव और उन्हें सुचारू बनाए रखने में सुरक्षा के साथ तैनात हैं।

  • विधायक विनय कुमार की अपील भारी बारिश में रहें सावधान

    विधायक विनय कुमार की अपील भारी बारिश में रहें सावधान

    आवश्यकता होने पर ही निकले घर से बाहर आपदा की स्थिति में मुझसे या डीसी से करें संपर्क

    HNN News श्री रेणुका जी

    पिछले 3 दिनों से लगातार हो रही भयंकर बारिश ने प्रदेश सहित पूरे उत्तर भारत को अपनी चपेट में ले लिया है। पंजाब चंडीगढ़ हिमाचल सहित हरियाणा में भी बारिश कहर बनकर टूट रही है। बीते कल से आज तक 12 से अधिक मौतें हो चुकी हैं। दर्जनों मकान जमींदोज हो चुके हैं कई गाड़ियां पानी में बह चुकी हैं।

    भारी बारिश से हो रहे नुकसान के चलते सिरमौर प्रशासन सहित विधायक श्री रेणुका जी विनय कुमार ने जनहित में अपील जारी की है। विधायक ने लोगों को नदी नालों से दूर रहने के लिए हिदायत देते हुए कहा कि आवश्यकता होने पर ही घरों से बाहर निकले।

    विधायक ने कहा कि भारी बारिश के चलते जाटौन बांध के सभी गेट खोल दिए गए हैं बावजूद इसके गिरी और जलाल नदी दोनों पूरे उफान पर हैं। विधायक ने कहा कि ऐसे हालातों में नदियों के किनारे भी ना जाएं और ना ही इनके किनारे खड़े होकर सेल्फी आदि लेने की कोशिश करें।

    विधायक ने कहा कि किसी भी तरह की आपदा की स्थिति में डिटेल ऑफ द इंचार्ज सिरमौर अरविंद चौहान 82196 07760,01702226401,226402,226403,226404, तथा टोल फ्री नंबर 1077 पर संपर्क करें। श्री रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र में विधायक विनय कुमार के मोबाइल नंबर 94 597 0000 7 तथा 88941 30999 पर संपर्क कर सकते हैं।

  • नाहन में तूफान से गिरा बोर्ड, बाल-बाल बचे लोग और वाहन

    नाहन में तूफान से गिरा बोर्ड, बाल-बाल बचे लोग और वाहन

    पब्लिक प्लेस पर बगैर सुरक्षा पैरामीटर्स के टंगे हैं विज्ञापनों के जंबो बोर्ड

    HNN/ नाहन

    आज शनिवार शाम करीब 9:00 बजे के आसपास बारिश के साथ आए तेज तूफान में माल रोड शराब के ठेके पर लगा विज्ञापन का बोर्ड टूटकर सड़क के बीच में गिर गया।

    गनीमत यह रही कि तेज बारिश के चलते लोग ठेके के साथ लेंटर के नीचे खड़े थे नहीं तो जानी नुकसान भी हो सकता था। बावजूद इसके सड़क से गुजर रहा वाहन भी बाल-बाल बच गया।

    उसी दौरान पुलिस का वाहन भी माल रोड से ड्यूटी के दौरान गुजर रहा था। पुलिस ने शराब के ठेके वालों को सड़क के बीच से बोर्ड हटाने के लिए कहा गया। ठेके पर कार्यरत कर्मचारियों ने बारिश में ही भारी-भरकम बोर्ड को हटाकर साइड में रखा।

    बरहाल बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि शहर में अधिकतर पब्लिक प्लेस पर जंबो साइज के विज्ञापन बोर्ड लगाए गए हैं। यह विज्ञापन बोर्ड बगैर सुरक्षा पैरामीटर्स के टंगा दिए गए हैं। ऐसे में अगर तूफान का वेग ज्यादा होता है तो अक्सर इन विज्ञापन बोर्ड के गिरने का खतरा बना रहता है।

    अब यदि पब्लिक प्लेस पर बगैर सुरक्षा पैरामीटर्स के लगाए गए बोर्ड किसी आने जाने वाले पर गिर जाता है तो निश्चित ही जान माल का खतरा हो सकता है। वही जब नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संजय तोमर से बात करनी चाही तो उन्होंने अपना मोबाइल स्विच ऑफ रखा हुआ था।

  • प्रदेश में भाजपा की मिशन 24 सक्सेस स्टोरी लगभग तैयार

    प्रदेश में भाजपा की मिशन 24 सक्सेस स्टोरी लगभग तैयार

    प्रदेश सहित सोलन -सिरमौर पर बिंदल का विशेष फोकस दे रहा बड़े बदलाव के संकेत और कांग्रेस को….

    HNN News नाहन

    राष्ट्रीय भाजपा तथा प्रदेश भाजपा कमानदार सहित प्रमुख नेताओं के साथ हुई बैठक के बाद माना जा रहा है कि प्रदेश भाजपा में जल्द बड़े परिवर्तन हो सकते हैं। बतौर मिशन 2024 ना केवल राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा बल्कि प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल के लिए भी वर्चस्व की जंग है।

    ऐसे में एक बेहतर व्यवस्थापक और राजनीति के चाणक्य माने जाने वाले प्रदेश अध्यक्ष बगैर बेहतर रणनीति के राष्ट्रीय अध्यक्ष के समक्ष तो गए नहीं होंगे। माना जा सकता है की मिशन 2024 की सक्सेस स्टोरी को राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ डिसकस कर लिया गया है। अब यहां बात आती है सुरेश कश्यप की तो अब उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल किया गया है। इससे तो यह स्पष्ट हो जाता है कि भाजपा का लोकसभा का टिकट कहीं और जा सकता है। बावजूद इसके कश्यप की छवि बेदाग रही है।

    जाहिर सी बात है बीते विधानसभा चुनावों में बैड परफॉर्मस और दबाव और तनाव बनाने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं को संगठन में अब हाशिया मिलना भी तय माना जा सकता है। वही बतौर विपक्ष जिस प्रकार पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और डॉक्टर राजीव बिंदल मात्र कुछ ही महीनों में कांग्रेस पर तनाव बना पाने में भी कामयाब होते नजर आ रहे हैं।

    चुनावी गारंटीयों से लेकर पूर्व सरकार के कार्यकाल में हुए अप्रत्याशित विकास कार्यों को लेकर और केंद्र की प्रदेश के प्रति हल्की सी बेरुखी ने जनता जनार्दन को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है। ऐसे में भले ही कांग्रेस को कर्मचारियों का समर्थन मिल गया हो मगर तुलनात्मक दृष्टिकोण से देखा जाए तो आम जनता पशोपेश में भी नजर आ रही है।

    ऐसे में बनी हुई परिस्थितियों के मद्देनजर भाजपा खासतौर से डॉ राजीव बिंदल की बात की जाए तो वह कोई भी मौका अब चूकने नहीं दे सकते। मजे की बात तो यह है कि जब से डॉक्टर राजीव बिंदल प्रदेश अध्यक्ष की कमान पर फिर से बैठे हैं तब से उछल कूद करने वाले अवसरवादी नेता और कथित नेता खुद-ब-खुद अगलें बगलें झांक रहे हैं।

    माना जा सकता है कि डॉ राजीव बिंदल सबसे पहले अपने दोनों प्रमुख रण क्षेत्रों को मजबूत कर बतौर रोल मॉडल प्रदेश का संगठन तैयार करेंगे। हालांकि जब डॉक्टर राजीव बिंदल पहली बार अध्यक्ष बने थे तो पांवटा साहिब में उन्होंने बड़ी मजबूत संगठन की बुनियाद डाली थी।

    बाद में पैदा हुई परिस्थितियों के चलते भले ही वह प्रदेश अध्यक्ष ना रहे मगर संगठन में अभी तक अधिकतर वही नेता व पदाधिकारी रहे जिन्हें डॉक्टर बिंदल ने बनाया था।

    तो वही बीते विधानसभा चुनाव में संगठन और सरकार मे भाजपा के पुराने और प्रमुख सिपाहियों के प्रति रही बड़ी खामियों को लेकर भी नए संगठन में डैमेज कंट्रोल हो सकता है।

    अभी-अभी सोलन की बात की जाए तो डॉक्टर बिंदल भरत साहनी और शैलेंद्र गुप्ता रविंद्र परिहार तथा कुमारी शीला में से किसी को भी जिला की कमान सौंप सकते हैं।

    आप यदि भरत साहनी की बात की जाए तो उनकी पत्नी 6 नंबर वार्ड से पार्षद भी है। खुद भी मैं पार्षद रह चुके हैं मौजूदा समय वह मंडल महामंत्री हैं। गुलेरिया जी के साथ उनके अच्छे संबंध माने जाते हैं। और कांट्रेक्टर शिप को लेकर वह सत्ता पक्ष के खिलाफ जल्दी से मोर्चा नहीं खोल पाएंगे और विराज वहीं यदि बात की जाए शैलेंद्र गुप्ता की वार्ड नंबर 9 के पार्षद है।

    देखा जाए तो अगर बीते विधानसभा चुनाव में और नगर निगम के चुनाव में इनकी बेस्ट परफॉर्मेंस रहती तो संगठन को मजबूती मिलती। ऐसे में पांचों विधानसभा क्षेत्रों में बेहतर पकड़ रखने के साथ संगठन का अच्छा तजुर्बा पूर्व में मंडल अध्यक्ष रह चुके रविंद्र परिहार को माना जाता है।

    रविंद्र परिहार भाजपा राज्य कार्यकारिणी के सदस्य भी हैं और संगठन में मजबूत पकड़ रखते हैं। नगर निगम पर कांग्रेस का कब्जा है और इस विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के धनी राम शांडिल मंत्री भी हैं। कुछ भाजपा के अपने ही दिग्गज नेताओं की वजह से यहां भाजपा पूरी तरह से बैकफुट पर है। ऐसे में रविंद्र परिहार के साथ- 7 कुमारी सुशीला जोकि जिला परिषद की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं और राजनीति का भी अच्छा तजुर्बा होने के चलते संगठन को भी बेहतर चला सकती हैं।

    बरहाल कुछ तो ऐसे भी हैं जो डॉक्टर राजीव बिंदल के फिर से फॉर्म में आने के बाद खुद-ब-खुद दुबके पड़े हैं। बावजूद इसके डॉ राजीव बिंदल ने अपनी तमाम रणनीतियों में सुधार करते हुए बदले की भावना को छोड़ संगठन को और अधिक मजबूत करने पर फिलहाल ज्यादा ध्यान दिया हुआ है।

    अब यदि सिरमौर की बात की जाए तो पूर्व अध्यक्ष भी इसी जिला से ताल्लुक रखते हैं सांसद भी है संभावित प्रत्याशी भी हैं। सिरमौर में सिर्फ 2 विधानसभा क्षेत्र ही भाजपा के लिए चुनौती हैं जिनमें से एक श्री रेणुका जी और दूसरा शिलाई विधानसभा क्षेत्र है। नाहन विधानसभा क्षेत्र में भले ही कांग्रेस के विधायक हो मगर मौजूदा समय बदली परिस्थितियां कुछ और ही है।

    कांग्रेस में गहराते मतभेदों के चलते मिशन लोटस की शुरुआत भी सिरमौर से हो सकती है। ऐसे में सिरमौर में भाजपा के संगठन को लेकर भी परिवर्तन की आहट काफी तेज है। बीते 5 साल हाशिए पर रहे और रूठे हुए को मनाना भी जरूरी है। वही कुछ पुराने भाजपा दिग्गज घर वापसी की भी तैयारी के लिए बेताब है।

    इतना तो तय है कि मौजूदा भाजपा अध्यक्ष भले ही एक बेहतर रणनीति कार हो मगर फिर से अध्यक्ष पद पर रहेंगे इसको लेकर कुछ संशय है। बरहाल अगली स्टोरी में सिरमौर के साथ मंडी और बिलासपुर को भी हम विश्लेषण में रखेंगे

  • राज्य में अब इन पर भी लगा एजीटी, 400 डीलर को नोटिस जारी

    राज्य में अब इन पर भी लगा एजीटी, 400 डीलर को नोटिस जारी

    एडिशनल गुड्स टैक्स में शामिल होने के बाद सरकार को लगभग 10 से 18 करोड़ का मिलेगा राजस्व

    HNN/ नाहन

    हिमाचल प्रदेश राज्य कर एवं उत्पाद शुल्क विभाग ने प्रदेश के 400 डीलर को एडिशनल गुड्स टैक्स को लेकर नोटिस जारी कर दिए हैं। यह नोटिस लैड, एल्युमिनियम तथा प्लास्टिक दाना बनाने वाले अथवा बेचने वाले डीलर को दिए गए हैं। यहां बताना यह जरूरी है कि प्रदेश में एल्यूमीनियम, लैड तथा प्लास्टिक दाना पर एडिशनल गुड्स टैक्स को लेकर छूट दी गई थी।

    इस छूट को लेकर अन्य उद्योग पतियों को यह आपत्ति थी कि जब उनके उत्पादों पर एडिशनल को टैक्स लगाया गया है तो इन उद्योगों पर क्यों नहीं। प्रदेश में आयरन स्टील मार्बल ग्रेनाइट सहित करीब 10 ऐसे उत्पाद थे जिन पर एडिशनल गुड्स टैक्स देना पड़ता था। अब सरकार के द्वारा 19 अप्रैल 2023 को लागू किए गए एडिशनल गुड्स टैक्स के बाद तीन वस्तुओं पर यह टैक्स लगा दिया गया है।

    एडिशनल गुड्स टेक्स्ट उसे कहा जाता है जिसके तहत संबंधित राज्य का सड़क परिवहन इस्तेमाल किए जाने पर टैक्स देना होता है। राज्य सरकार के द्वारा अल्युमिनियम, लैड तथा प्लास्टिक दाना पर एजीटी के लिए छूट दी गई थी। मगर अब इन तीनों वस्तुओं पर 50 पैसे प्रति किलो के हिसाब से एडिशनल गुड्स टैक्स देना होगा। विभाग के द्वारा इसकी अधिसूचना 19 अप्रैल को ही जारी कर दी गई थी।

    बावजूद इसके जब इक्का-दुक्का डीलर को छोड़कर किसी ने भी अपना रजिस्ट्रेशन विभाग के पास नहीं करवाया तो विभाग ने इस पर नोटिस जारी करने का फैसला लिया है। जिसके लिए प्रत्येक जिला के सहायक आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी विभाग द्वारा नोटिस जारी करने की प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है।

    प्रदेश में सिरमौर, बद्दी, ऊना, किन्नौर शिमला, कांगड़ा, मंडी, बिलासपुर, नूरपुर, कुल्लू, हमीरपुर के ईटीओ द्वारा करीब 400 के लगभग डीलर्स को नोटिस जारी किए गए हैं। अब यदि नोटिस जारी किया जाने के बाद भी इन वस्तुओं से जुड़े कारोबारी डीलर यदि अपना नामांकन करवाकर टैक्स जमा नहीं करवाते तो उसके बाद जुर्माने के साथ विभाग कड़ी कार्यवाही भी कर सकता है।

    अब यदि बात की जाए सरकार को मिलने वाले राज्य सबकी तो इसका अनुमान करीब 10 से 18 करोड़ के बीच निकाला गया है। उधर राज्य कर एवं आबकारी विभाग आयुक्त यूनुस खान ने खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि एजीटी को लेकर एक्साइज जिला के एटीसी के द्वारा नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

  • रोज खाते रहे फ्री के फल फ्रूट जब मांगे पैसे तो कर दिया चालान

    रोज खाते रहे फ्री के फल फ्रूट जब मांगे पैसे तो कर दिया चालान

    सिरमौर पुलिस की छवि हुई दागदार कागज भी दिखाएं फिर भी इंपाउंड कर दी गाड़ी बदले की भावना से निभाया ड्यूटी का फर्ज

    HNN News नोहराधार

    नौहराधार पंचायत के नौहरा गांव निवासी धीरेंद्र पुत्र वीरेंद्र ने नोहराधार से ट्रांसफर होकर संगड़ाह आए पुलिसकर्मी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जिसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक सिरमौर को भी सौंपी गई है।

    शिकायतकर्ता के द्वारा बताया गया कि पुलिसकर्मी अक्सर उसकी दुकान पर आता जाता रहता था और मुफ्त में फल सब्जी आदि खाता रहता था। यही नहीं कई बार वह थैला भरकर सब्जी और फल घर भी ले जाता था।

    बस 1 दिन शिकायतकर्ता को पुलिसकर्मी से पैसे मांगने भारी पड़ गए। शिकायतकर्ता ने बताया कि रोज- रोज महंगा फल फ्रूट मुफ्त में ले जाते ले जाते जब मैंने पैसे मांगे तो उसने मुझे हिसाब किताब करने की भी धमकी दी।

    शिकायतकर्ता ने बताया कि पुलिसकर्मी का हाल ही में यहां से ट्रांसफर संगडाह में हो गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि वह अपनी गाड़ियों से ट्राउट मछली को लाने ले जाने का काम भी करता है।

    शिकायतकर्ता ने बताया कि जब है पुलिसकर्मी के थाना क्षेत्र से गुजर रहा था तो उसने देखते ही गाड़ी को रोका और गाड़ी के कागज मांगे। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके द्वारा पुलिसकर्मी को लाइसेंस सहित अन्य कागज भी दिखाए गए । शिकायतकर्ता के द्वारा गाड़ी के सारे डॉक्यूमेंट मोबाइल पर ही दिखाए गए।

    पुलिसकर्मी के द्वारा इसे अमान्य करार देते हुए गाड़ी इंपाउंड करने की धमकी दी। शिकायतकर्ता के द्वारा अपना लाइसेंस भी प्रत्यक्ष रूप से दिखाया गया मगर पुलिसकर्मी के द्वारा उसे भी नजरअंदाज कर दिया गया।

    पुलिसकर्मी के द्वारा कुटिल मुस्कुराहट के साथ यह भी याद दिलाया कि अब तेरा हिसाब किताब भी कर देता हूं। शिकायतकर्ता ने बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस को प्रत्यक्ष रूप से और बाकी कागज मोबाइल पर दिखाए जाने के बावजूद भी मेरे वाहन को इंपाउंड कर दिया गया।

    शिकायतकर्ता ने इसकी शिकायत सिरमौर पुलिस अधीक्षक को शॉप भी है। शिकायतकर्ता सहित क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने मांग की है कि यदि कथित पुलिसकर्मी का स्थानांतरण जिला से बाहर नहीं किया गया तो वह इसकी शिकायत शिमला जाकर मुख्यमंत्री से करेंगे।

    शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि पुलिस कर्मी का स्थानांतरण जिला से बाहर नहीं किया गया तो वह इस शिकायत के बाद निश्चित रूप से किसी भी गंभीर आरोप में उसे फंसाने का प्रयास कर सकता है। पुलिसकर्मी की इस हरकत को लेकर ना केवल नोहराधार क्षेत्र में बल्कि पूरे जिला में सिरमौर पुलिस की छवि पर सवालिया निशान लगाए जा रहे हैं।

  • साक्षी सती ने संभाला उद्योग महाप्रबंधक सिरमौर का पदभार

    साक्षी सती ने संभाला उद्योग महाप्रबंधक सिरमौर का पदभार

    जी एस चौहान का सरकार ने बढ़ाया मान, पोस्ट सहित राजधानी से देखेंगे विभाग

    HNN/ नाहन

    जिला सिरमौर उद्योग विभाग में बतौर महाप्रबंधक साक्षी सती ने आज सोमवार को पदभार ग्रहण कर लिया है। तो वही पूर्व सरकार के समय बतौर ज्वाइंट डायरेक्टर सिरमौर का उद्योग विभाग देख रहे ज्ञान सिंह चौहान की पोस्ट का मान बढ़ाते हुए उन्हें पोस्ट सहित शिमला हेड क्वार्टर में स्थानांतरित कर दिया गया है।


    बिना महाप्रबंधक के चल रहा जिला सिरमौर का उद्योग विभाग अब अपनी मुख्य पोस्ट के साथ फिल-अप हो गया है।
    जिला के अधिकतर उद्योगपतियों के द्वारा महाप्रबंधक की पोस्ट को फिर से सुचारू करने को लेकर सरकार का आभार भी व्यक्त किया गया है। बता दें कि साक्षी सती 1991 में पांवटा साहिब उद्योग विभाग के प्रसार अधिकारी रह चुके हैं। वर्ष 2013 से लेकर 2018 तक साक्षी सती सदस्य सचिव काला-अम्ब भी रहे हैं। काला-अम्ब सिंगल विंडो के तहत साक्षी सती का कार्यकाल काफी उपलब्धियों भरा रहा है।


    वर्ष 2019 -20 में साक्षी बद्दी में 1 साल तक मेंबर सेक्रेट्री की पोस्ट पर रहे। उनके बेहतर कार्य को देखते हुए वर्ष 2022 में उन्हें प्रमोशन देकर बतौर महाप्रबंधक उद्योग विभाग किन्नौर रिकांगपिओ हेड क्वार्टर भेज दिया गया। किन्नौर से साक्षी सती का स्थानांतरण बिलासपुर उद्योग विभाग के लिए किया गया। वही उनकी बेहतर कार्यप्रणाली को देखते हुए उद्योग मंत्री अपने जिला को उद्योग में बेहतर निवेश को लेकर साक्षी सती को सिरमौर ले आए।


    यहां यह भी बताना जरूरी है कि साक्षी प्रदेश में इन्वेस्टर्स को इनवाइट करने को लेकर मुंबई, हैदराबाद में आयोजित हुई इन्वेस्टर मीट का भी प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। चूंकि जिला की मुख्य पोस्ट के खाली होने के चलते जिला में नए उद्योगों का प्रसार लगभग रुक गया था। जिला में उद्योग विभाग को लैंड बैंक की कमी भी काफी लंबे समय से अखर रही थी। यही नहीं मूलभूत सुविधाओं को लेकर जिला के उद्योगपति लंबे समय से परेशान भी चल रहे थे। चूंकि उद्योग मंत्री भी सिरमौर जिला से ताल्लुक रखते हैं लिहाजा उद्योगपतियों की मांग को देखते हुए उन्होंने फिर से जिला सिरमौर का महाप्रबंधक पद बहाल किया है।

    माना यह भी जा रहा था की जिला सिरमौर में पूर्व सरकार के समय ज्वाइंट डायरेक्टर की पोस्ट क्रिएट कर उस पर जी एस चौहान को नियुक्ति दी गई थी। माना यह जा रहा था कि इस पोस्ट की जिला सिरमौर के लिए कोई खास जरूरत भी नहीं थी। ज्वाइंट डायरेक्टर की पोस्ट अब केवल ऊना में ही रखी गई है। यहां पर इस पोस्ट को बरकरार रखने के पीछे बल्क ड्रग पार्क को प्रमोट करना है। जबकि सिरमौर में इस पोस्ट की कोई खास अहमियत भी नहीं थी।


    उधर साक्षी सती ने बताया कि वह सरकार व विभाग की उम्मीदों पर पूरी तरह से खरा उतरने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि मेरी प्राथमिकता में औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के तहत नए इन्वेस्टर्स को इन्वेस्टमेंट के लिए आकर्षित करना होगा। उन्होंने कहा कि उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान जिला सिरमौर में उद्योगपतियों और नए इन्वेस्टर्स के लिए काफी गंभीर है, लिहाजा जिला सिरमौर के औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर से बेहतर बनाए जाने के प्रयास किए जाएंगे।