Category: Editor’s Pick

  • भारत जोड़ो यात्रा को मिला कर्नाटक का समर्थन- रूपेंद्र ठाकुर

    भारत जोड़ो यात्रा को मिला कर्नाटक का समर्थन- रूपेंद्र ठाकुर

    कर्नाटक में बंपर जीत पर सिरमौर कांग्रेस में जश्न का माहौल, बजे ढोल, बांटी मिठाईयां

    HNN/ नाहन

    कर्नाटक में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत पर जिला सिरमौर जश्न में डूब गया। कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे को लड्डू खिलाकर इस बंपर जीत के लिए बधाई दी। जिला मुख्यालय नाहन के गुन्नूघाट अग्रसेन चौक पर कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता एवं सचिव रुपेंद्र सिंह ठाकुर के नेतत्व में कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया।

    उन्होंने कहा कि ये आम जनता की जीत है। अब देश में परिवर्तन की लहर है। उन्होंने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा का अब प्रभाव दिखना शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि धर्म को लेकर देश को बांटने वाली नीति से सत्ता चलाने वाली भाजपा को अब देश की जनता ने सिरे से नकार ना शुरू कर दिया है।

    उन्होंने कहा कि कांग्रेस विचारधारा के साथ चलती है यही वजह है कि हिमाचल के बाद कर्नाटक में कांग्रेस को जनता का भरपूर प्यार मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू बतौर स्टार प्रचारक कर्नाटक गए थे।

    उन्होंने प्रदेश में हुए परिवर्तन और कांग्रेश के विकास को चुनाव प्रचार में आधार बनाया था। हिमाचल में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद अब कर्नाटक में भी पार्टी की इकतरफा जीत हुई है। जनादेश से साफ है कि लोग केंद्र की मोदी सरकार से तंग आ चुके हैं।

    इस मौके पर जिला कांग्रेस महामंत्री नरेंद्र तोमर, महिला कांग्रेस नेत्री बिलकिस बानो, पार्षद राकेश गर्ग उर्फ पपली, कपिल गर्ग उर्फ मोंटी के अलावा दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

  • जमा-दो विद्यालय सराहां में मनाया गया नेशनल मैथमेटिक्स दिवस

    जमा-दो विद्यालय सराहां में मनाया गया नेशनल मैथमेटिक्स दिवस

    चीफ गेस्ट ने नमाजे प्रतिभाशाली छात्र-छात्राएं

    HNN New सराहां

    जिला सिरमौर के सराहा सिथित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में नेशनल मैथेमेटिक्स दिवस के अवसर पर सब डिवीज़न स्तर का कार्यक्रम आयोजित किया गया ।

    कार्यक्रम में डिग्री कॉलेज सराहां के प्राचार्य हेमंत कुमार ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस अवसर पर बोलते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को आज के दैनिक जीवन मे गणित की उपयोगिता बताते हुए इस विषय मे दिलचस्पी लेने के लिये उपस्थित विद्यार्थियों को प्रेरित किया।

    राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सराहा की प्रधानाचार्या संगीता भट्टी ने भी उपमंडल स्तर के इस कार्यक्रम को कन्या विद्यालय में आयोजित करने के लिये विभाग का आभार व्यक्त किया।

    उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के आयोजन को लेकर विद्यालय के शिक्षकों व छात्राओं में काफी उत्साह रहा वही प्राइमरी सेक्शन के नन्हे मुने बच्चों ने भी कार्यक्रम में बढ़ चढ़ कर भाग लिया।

    इस कार्यक्रम में उपमंडल पच्छाद के 15 स्कूलों के 101 बच्चों ने भाग लिया। इसमे गणित से सम्बंधित क्विज जिसमे सिलेबस से सम्बंधित प्रश्न पूछे गये थे में 50 विद्यार्थी,निबंध जिसमे जीवन मे गणित का महत्व विषय पर 100 से 150 शब्द निबन्ध लेखन में 23 विद्यार्थी,गणित एक्टिविटी कॉर्नर जिसमे ,मैथमेटिकल कन्सेप्ट को समझने व केलकुलेट करने के लिये मॉडल,वैदिक मैथेमेटिक्स व अन्य गतिविधियों में 6 विद्यार्थी, तथा मैथ्स ओलयम्पियाड़ में 21 विद्यार्थियों ने भाग लिया ।

    इन प्रतियोगिताओं में क्विज प्रतियोगिता में जूनियर सेक्शन में एसवीएन स्कूल सराहां प्रथम, कन्या विद्यालय सराहां द्वितीय तथा जीएमएसएस नारग तीसरे स्थान पर रहा।

    सीनियर सेक्शन में कन्या विद्यालय सराहां प्रथम,एसवीएन स्कूल सराहां द्वितीय तथा डीएवी स्कूल सराहां तृतीय स्थान पर रहा।

    सीनियर सेकेंडरी क्विज़ में जीएमएसएस नारग प्रथम,बॉयज स्कूल सराहां द्वितीय व सीनियर सेकेंडरी स्कूल गागल शिकोर तीसरे स्थान पर रहा।

    विद्यालय के अध्यापक अश्वनी कुमार की अगुआई में गठित टीम ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने मे अपना योगदान दिया।

  • सर्वोत्तम अकादमिक एवं खोजकर्ता पुरस्कार से नवाजे गए डॉ बलदेव सिंह बोपाराय

    सर्वोत्तम अकादमिक एवं खोजकर्ता पुरस्कार से नवाजे गए डॉ बलदेव सिंह बोपाराय

    बडू साहिब अकाल अकादमी के कॉलेज ऑफ़ एग्रीकल्चर में रह चुके हैं डिन

    HNN News नाहन

    बडू साहिब इंटरनेट यूनिवर्सिटी के डॉ बलदेव सिंह बोपाराए को अकादमिक एवं खोजकर्ता की श्रेणी में उत्कृष्ट पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
    डॉ खेम सिंह अकाल कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर मैं पूर्व डीन भी रह चुके हैं।
    मौजूदा समय वह डायरेक्टर एक्सटेंशन एम फार्मर के पद पर भी कार्यरत हैं।
    बता दें कि डॉक्टर बोपाराए करीब पिछले 35 सालों से पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी लुधियाना में सेवाए देने के बाद निदेशक पद से सेवानिवृत्त हुए थे।
    डॉ बलदेव सिंह ने अपने कार्यकाल के दौरान दर्जनों छात्रों को पीएचडी और एग्रीकल्चर में एमएससी की शिक्षा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
    बड़ी बात तो यह भी है कि डॉ बलदेव सिंह ने अपने कार्यकाल में 112 रिसर्च डॉक्यूमेंट बनाए हैं।
    खेती के विभिन्न पहलुओं पर उनके द्वारा की गई खोज आज कृषि जगत में मील का पत्थर साबित हो रही है।
    यही नहीं देश तथा विदेश के वैज्ञानिकों के साथ उन्होंने एग्रीकल्चर पर कई महत्वपूर्ण विषय पर चर्चाएं भी की है। यही वजह है कि उनके अभूतपूर्व कार्यों को लेकर आईसीएआर की ओर से उत्कृष्ट खोजकर्ता का अवार्ड भी मिला है।
    डॉक्टर बोपाराए को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय उच्च श्रेणी खोजकर्ता से भी नवाजा गया है।
    कृषि जगत में उनकी अभूतपूर्व सेवाओं रिसर्च डॉक्यूमेंट के चलते उन्हें अकादमिक और खोजकर्ता अवार्ड 2023 से नवाजा गया है।
    डॉक्टर बोपाराए अब गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करवाने के लिए जुड़े हुए हैं।

  • बिन पतवार रूमित की राजनीतिक नईया समा गई राजनीति के भंवर में

    बिन पतवार रूमित की राजनीतिक नईया समा गई राजनीति के भंवर में

    गणेश जी पूजे नहीं और कर दिया अश्वमेध यज्ञ, आखिर बिखर ही गया प्रदेश में स्वर्ण कुनबा

    HNN/ नाहन

    वह कहते हैं ना कि बिना गुरु महाभारत लड़ा नहीं जा सकता और बिना पतवार की नैया को किनारा मिल नहीं सकता। यह कहावत देवभूमि क्षत्रिय संगठन और स्वर्ण मोर्चा के कर्णधार रूमित ठाकुर पर पूरी तरह से स्टीक बैठती है।

    मंगलवार को नाहन के चौगान मैदान में आयोजित देवभूमि क्षत्रिय संगठन और स्वर्ण मोर्चा का का राजनीतिक वर्चस्व बनाम स्वर्ण महासम्मेलन पूरी तरह से धराशाई हो गया। सरकार के खुफिया तंत्र के साथ-साथ राजनीतिक दिग्गजों सहित मीडिया वालों की नजरें महासम्मेलन के तंबू में 1 लाख स्वर्णो को ढूंढती रह गई।

    मगर कई बार और कई जगह से गिनती करने के बाद भी संख्या 1000 और 2000 के बीच में भी ठहरती नजर नहीं आई। बरहाल अब बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर 1 महीने से जिस कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की जा रही थी वह कैसे फ्लॉप हो गया।

    सबसे बड़ी बात तो यह है कि मुख्यमंत्री को रूमित ठाकुर ने स्वागत समारोह के लिए मना लिया था और मुख्यमंत्री के सामने ही दावा किया था कि ऐसा भव्य स्वागत किसी का नहीं हुआ होगा जो सुखविंदर सिंह सुक्खू का किया जाएगा। मगर यह सम्मेलन कहां होगा इसका खुलासा उस समय नहीं हुआ था।

    इसके साथ साथ विपक्ष में बैठे भाजपा के प्रमुख नेत प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के स्वर्ण समर्थक भी चौंकाने हो गए और सबसे अहम जो गलती इस आयोजन को लेकर के रूमित ठाकुर के द्वारा की गई वह थी बगैर स्थानीय विधायक अजय सोलंकी के बगैर मुख्यमंत्री को नाहन आने का निमंत्रण दिया जाना।

    रूमित यह नहीं जानते की अजय सोलंकी मुख्यमंत्री का सबसे खास खास भी है। जाहिर है राजनीतिक अर्थशास्त्री कहीं ना कहीं बनाए जा रहे गणित को समझ भी रहे थे। चर्चा तो यह भी रही कि ससुराल में भविष्य की राजनीति की पटकथा लिखने की कोशिश की जा रही है। अब यदि कोई ऐसा सोच भी रहा होगा तो वह गलत भी नहीं हो सकता।

    मजे की बात तो यह है कि जिला के प्रमुख कद्दावर नेता यानी मंत्री हर्षवर्धन चौहान अजय सोलंकी पूर्व विधायक पौंटा साहिब करनेश जंग भी स्वर्ण वर्ग से ताल्लुक रखते हैं। इसके साथ साथ पांवटा विधानसभा क्षेत्र के लिए चर्चा में चल रहे कांग्रेसी चेहरे में नाहन के 1 बड़े ठाकुर जोकि हर्षवर्धन चौहान और अजय सोलंकी सहित रेणुका जी के विधायक विनय कुमार के भी खास माने जाते हैं।

    वह भी स्वर्ण वर्ग से ताल्लुक रखते हैं। अब सूत्रों की माने तो जानकारी यह भी थी कि इस महासम्मेलन को सफल करने में छुटने वाली संख्या 1 लाख से भी अधिक जा चुकी थी। मगर ऐन वक्त पर तप कर लाल हुए राजनीतिक तवे पर किसी ने पानी की बाल्टी उड़ेल दी।

    इसके साथ साथ अब यह भी साबित हो गया कि प्रदेश का स्वर्ण वर्ग का कुनबा पूरी तरह बिखर गया है और स्वर्ण आयोग के गठन का मुद्दा भी दोनों प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के गले की फांस बनते बनते बच गया है।

    रूमित ठाकुर राजनीतिक गेम बनाने से पहले यह भी नहीं समझ पाए कि प्रदेश में सरकार चाहे भाजपा की हो चाहे कांग्रेस की हो मुख्यमंत्री स्वर्ण वर्ग से ही बनता है। रूमित का दाव परफेक्ट भी हो सकता था मगर उन्होंने ऐसे वक्त पर राजनीतिक आकांक्षाएं जाहिर कर दी जब दोनों ही प्रमुख पार्टियों से ताल्लुक रखने वाले स्वर्ण वर्ग के लोग तन मन धन सब तरह से रूमित के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े थे।

    यह गेम पूर्व सरकार के समय खेली गई थी यह एक बड़ा कूटनीतिक दांव था। असल में रूमित अपनी राजनीतिक आकांक्षाएं जाहिर नहीं करना चाहते थे मगर भीड़ में लिखी गई एक पत्रकार के माध्यम से जो पटकथा तैयार की गई थी उसने अंग्रेजों के प्रमुख सूत्र को एक बार फिर चरितार्थ किया।

    एन वक्त पर फूट डालो राज करो की नीति का दाव सफल हो गया। वहीं नाहन में आयोजित किए जा रहे कार्यक्रम में यदि रूमित ठाकुर मुख्यमंत्री को निमंत्रण देने में विधायक को भी साथ लेकर जाते और विधायक की ही देखरेख में सारा कार्यक्रम आयोजित करवाते तो यह कार्यक्रम फ्लॉप होने का सवाल ही पैदा नहीं होता था।

    जाहिर सी बात है किसी भी कार्य की शुरुआत से पहले गणेश पूजन किया जाता है। अभी अभी गणेश जी रूस्ट हो गए तो पूजा कैसे सफल मानी जा सकती है और किसके साथ साथ आयोजित कार्यक्रम में कोई भी राजनीतिक चेहरा नहीं था।

    कुछ गाने बजाने वालों और कुछ कलाकारों सहित दो ऐसे चेहरों के दम पर एक लाख की भीड़ का दावा किसी भी सूरत में सफल हो नहीं सकता था। बरहाल एक बात बिल्कुल सही कही है कि भले ही प्रदेश में मुख्यमंत्री स्वर्ण वर्ग का बनता हो मगर यह वर्ग प्रदेश में किसी भी तरह से एकजुट नहीं है।

    ऐसे में स्वर्ण आयोग के मुद्दे से भटका देवभूमि क्षत्रिय संगठन और स्वर्ण मोर्चा कहीं ना कहीं आपसी लड़ाई में अब ज्यादा उलझ जाएगा।

  • अब नाहन शहर से होकर नहीं गुजरेगा एनएच 907ए, बनेगी सुरंग

    अब नाहन शहर से होकर नहीं गुजरेगा एनएच 907ए, बनेगी सुरंग

    मार्क टेक्नोक्रेट कंपनी ने यह काम किया शुरू

    HNN/ नाहन

    नाहन शहर से होकर गुजरने वाले एनएच 907 ए को लेकर मोहल्ला गोविंदगढ़ से लेकर आईटीआई तक बड़ी राहत की खबर आई है। 907 ए और एनएच 07 की कनेक्टिविटी में जहां सड़क को चौड़ा करने की जद में नाहन शहर आ रहा था मगर अब ऐसा नहीं होगा।

    एनएच अथॉरिटी से प्राप्त जानकारी के अनुसार मार्क टेक्नोक्रेट कंसलटेंसी कंपनी ने शहर की जगह सुरंग को प्राथमिकता दी है। बता दें कि बनोग से कुम्हारहट्टी तक एनएच को डबल लेन बनाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय के द्वारा कंसलटेंसी हेतु 9 करोड़ रुपए का बजट पारित किया गया था।

    जिसके लिए एनएच जिला सिरमौर के द्वारा कंसल्टेंसी टेंडर कॉल किए गए थे। कंसल्टेंसी का टेंडर हरियाणा की मार्क टेक्नोक्रेट कंपनी के नाम खुला है। कंपनी के द्वारा दो- दिन पहले से इस पर काम भी शुरू कर दिया गया है। बता दें कि कंसल्टेंसी टेंडर का काम पूरा हो जाने के बाद इस पूरे प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार की जाएगी।

    बड़ी बात तो यह है कि इस काम में अब कोई ज्यादा देरी भी नहीं है क्योंकि कंपनी को कंसल्टेंसी रिपोर्ट देने के लिए 10 महीने का समय दिया गया है। इस प्रोजेक्ट में जहां पहले बनोग से नाहन शहर होते हुए दोसड़का एनएच-07 पर कनेक्टिविटी देनी थी मगर अब ऐसा नहीं होगा।

    इसकी बड़ी वजह भारी भरकम मुआवजा और बीच में कुछ हेरिटेज एरिया पड़ने के चलते यह विचार छोड़ दिया गया। एनएच अथॉरिटी के द्वारा अब इसकी जगह बनोग से कांसी वाला तक करीब डेढ़ किलोमीटर सुरंग बनाए जाने का फैसला ले लिया गया है।

    कंसलटेंसी कंपनी अब सुरंग बनाए जाने को लेकर इसका प्राक्कलन करेगी। हालांकि बाईपास के लिए सड़क भी बन सकती थी मगर इसमें भी भारी मुआवजा और कई पेड़ों के कटने को लेकर प्रोजेक्ट लंबे समय तक अटकने की संभावनाएं ज्यादा थी।

    सूत्रों की माने तो जिस जगह से सुरंग बनाने का निर्णय लिया गया है उसमें ज्योग्राफिकली इसे बेहतर और सुरक्षित विकल्प भी माना जा रहा है। बता दे कि राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय एनएच के एवरेज रूट को कम करने के लिए टनल प्रोजेक्ट पर ज्यादा फोकस भी कर रहा है।

    अब यदि नाहन शहर के नीचे से अगर सुरंग गुजरती है तो शहर पर सैट ट्रैफिक का भारी दबाव भी कम हो जाएगा। यही नहीं दोनों एनएच की कनेक्टिविटी के बाद यह पूरा रूट भी थ्रू हो जाएगा।

    वहीं एनएच का कार्यभार देख रहे हैं अधिशासी अभियंता वीके अग्रवाल ने खबर की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि एनएच की कनेक्टिविटी में शहर को अलग कर दिया गया है इसकी जगह सुरंग बनाने के लिए कंसल्टेंसी प्राक्कलन तैयार करके देगी।

  • प्रदेश भाजपा संगठन में हो सकते हैं बड़े बदलाव, बैक फुट और फ्रंट फुट होगा फारवर्ड फ्रंट

    प्रदेश भाजपा संगठन में हो सकते हैं बड़े बदलाव, बैक फुट और फ्रंट फुट होगा फारवर्ड फ्रंट

    प्रदेश में 2024 चारों सीटें भाजपा के खाते में जाने के इसलिए बनेंगे आसार…..

    HNN/ नाहन

    शिमला नगर निगम के चुनावों में अगर भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा है तो इसमें जिसकी लाठी उसकी भैंस कहावत बिल्कुल सटीक बैठती है। बावजूद इसके भाजपा ने जनमत का स्वागत किया है। सत्ता पक्ष की ताकत और विपक्ष के संगठन में बदलाव की हुई बेमौसमी बारिश का फर्क तो पड़ता ही है।

    बावजूद इसके प्रदेश भाजपा की कमान राजनीति के एक ऐसे चाणक्य के हाथ में है, जहां नीचे से ऊपर तक यानि पदाधिकारी से लेकर कार्यकर्ता तक संगठन के प्रति निष्ठा के साथ जुड़ जाता है ना कि गुटबाजी में। बावजूद इसके 3 धडों में बंटी भाजपा को एकजुट करने में निश्चित ही बड़े बदलावों के कयास लगाए जाने लाजमी भी हो जाते हैं।

    तो उधर डॉ. राजीव बिंदल जब आज नगर निगम के चुनावों की जिम्मेवारी के बाद नाहन पहुंचे तो जिला के पांचों विधानसभा क्षेत्रों के दिग्गजों ने शक्ति प्रदर्शन के साथ उनका स्वागत किया। इनमें से कुछ ऐसे भी चेहरे थे जो विपरीत परिस्थितियों के दौरान डॉ. राजीव बिंदल से अक्सर दूरी बनाकर रखते थे।

    नाहन के दिल्ली गेट से लेकर हिंदू आश्रम तक नए प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत जुलूस देखते बन रहा था। विधानसभा चुनाव में उनकी हार से निराश खास कार्यकर्ताओं के चेहरों पर रौनक थी। प्रदेश अध्यक्ष मीडिया से भी रूबरू हुए और स्पष्ट तौर पर संगठन में बदलाव को लेकर उन्होंने ऐसा बयान दिया जो अपने आप में हमारी बात की पुष्टि भी करता है।

    अनुमान लगाया जा रहा है कि नए प्रदेश अध्यक्ष जयराम सरकार के दौरान बैकफुट पर रहे कार्यकर्ताओं को अब फ्रंट फुट पर संगठित कर सकते हैं। जिनमें जिला अध्यक्ष से लेकर मंडलों तक में हाशिए पर रहे पुराने चेहरों को तवज्जो दी जा सकती है। जिसमें ना केवल पूर्व में मुख्यमंत्री रहे प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल शांता कुमार जैसे दिग्गजों के कट्टर समर्थक शामिल होंगे बल्कि जयराम सरकार के दौरान संगठन में पदों पर बैठे पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को भी संगठन के प्रति दायित्व के साथ बांधा जा सकता है।

    अब यदि नए प्रदेश अध्यक्ष अपनी बदली हुई रणनीति के तहत आगे बढ़ते हैं तो निश्चित ही कांग्रेस के लिए लोकसभा चुनाव बड़ी चुनौती बन जाएंगे। यहां यह भी जान लेना जरूरी है कि भले ही राज्य में किसी की भी सरकार हो मगर देश की जनता आज भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आस्था रखते हुए देश को सुरक्षित मानती है।

    जाहिर सी बात है जो आज बात डॉक्टर राजीव बिंदल ने कही उससे तो यह भी स्पष्ट हो जाता है कि 2024 का लोकसभा चुनाव मोदी के चेहरे पर ही लड़ा जाएगा। प्रदेश का कर्मचारी वर्ग सरकार को कैश कर चुका है और जनता यह भी जानती है कि प्रदेश की अधिकतर विकासात्मक योजनाएं केंद्र के भरोसे पर हैं। चूंकि कांग्रेस बार-बार पैसे का रोना रो रही है।

    खजाना खाली और भारी कर्ज के मर्ज से कांग्रेस बाहर नहीं निकल पा रही है। ऐसे में जनता केंद्र के प्रति और वह भी एक मजबूत पार्टी के साथ खुद को सुरक्षित मानते हुए भाजपा के साथ जा सकती है। कहा जा सकता है कि प्रदेश की चारों सीटें निश्चित रूप से भाजपा की झोली में पहले सी जाती नजर आती है।

    बस देखना यह होगा कि क्या मंडी, कांगड़ा, हमीरपुर और शिमला संसदीय क्षेत्र से चेहरे कौन-कौन होंगे। राजीव बिंदल सभी संसदीय क्षेत्र के 17-17 विधानसभा क्षेत्रों में कौन-कौन सी स्थितियां और कौन-कौन सी परिस्थितियां है इसको लेकर भावी प्रत्याशियों की प्री प्रोफॉरमेंस भी जरूर देखेंगे।

    जानकारी तो यह भी मिल रही है कि आने वाले समय में भाजपा तमाम राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र से कैंडिडेट नहीं बनाएगी। वही यदि डॉ. राजीव बिंदल की भावी पटकथा की बात की जाए तो आने वाले समय में भले ही नाहन से वह प्रत्याशी ना हो मगर संगठन में उनका कद प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक कब और कैसे पहुंच जाए यह भी कहा नहीं जा सकता।

    कयास तो यहां तक यह भी लगाए जा रहे हैं कि आने वाले समय में डॉ. राजीव बिंदल को गवर्नर पद की नियुक्ति भी दी जा सकती है। ऐसा भी अगर नहीं हुआ तो निश्चित रूप से राष्ट्रीय स्तर पर डॉ. राजीव बिंदल की जिम्मेवारी सुनिश्चित होना पक्का माना सकता है।

    आज के स्वागत कार्यक्रम में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व सांसद सुरेश कश्यप, पूर्व में मंत्री रहे पांवटा साहिब के विधायक सुखराम चौधरी, विधायक रीना कश्यप, शिलाई के भाजपा प्रत्याशी रहे बलदेव तोमर, बलदेव कश्यप, जिला भाजपा अध्यक्ष विनय गुप्ता, पांवटा साहिब के पूर्व मंडल अध्यक्ष देवेंद्र चौधरी, जिला सिरमौर भाजपा महामंत्री मनीष चौहान सहित भाजपा समर्थित पार्षद प्रधान विदिशा जिला परिषद सदस्य वाह भारी तादाद में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित भी रहे।

  • आर्मी सिविलियन विवाद में गेट खोलने को लेकर सेशन जज ने देखा मौका

    आर्मी सिविलियन विवाद में गेट खोलने को लेकर सेशन जज ने देखा मौका

    आपसी समझौते में मामले को सुलझाने को लेकर इस दिन होगा फैसला

    HNN/ नाहन

    नाहन श्री कृष्ण मंदिर बस स्टैंड के समीप करीब दो दशक से विवादित गेट को खोलने को लेकर सेशन जज के द्वारा मौका देखा गया। आर्मी सिविलियन विवाद के तहत बंद पड़े इस गेट का मामला माननीय सेशन जज की अदालत में विचाराधीन चल रहा है। बंद पड़े गेट को खोलने को लेकर न्यू मार्केट संघर्ष समिति कच्चा टैंक तथा एमसी नाहन के द्वारा माननीय अदालत में मामला दिया गया था।

    मामले की चल रही सुनवाई के तहत सेशन जज आर के चौधरी के द्वारा दोनों पक्षों की उपस्थिति में स्पोट निरीक्षण किया गया। नगर पालिका की ओर से अधिवक्ता एमके जैन तथा संघर्ष समिति की ओर से अधिवक्ता वीरेंद्र पाल, मनीष किशोर, महेश किशोर मौजूद रहे। वहीं आर्मी की ओर से अधिवक्ता निसार अहमद शेख तथा कर्नल भंडारी व अन्य आर्मी अधिकारी मौजूद थे।

    अधिवक्ता वीरेंद्र पाल ने जानकारी देते हुए बताया कि मामले को लेकर माननीय सेशन जज के द्वारा दोनों पक्षों की मध्यस्था के साथ अंतिम निर्णय हेतु 13 मई की तारीख सुनिश्चित की गई है। उन्होंने बताया कि माननीय अदालत इस मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद आर्मी की ओर से रास्ते को कैसे और कहां से दिया जाएगा, इस पर दोनों पक्षों की सहमति ली जाएगी।

    जानकारी तो यह भी है कि आर्मी गेट खोलने की जगह किसी और जगह से लोगों के आवाजाही हेतु रास्ता देने के लिए तैयार भी हो चुकी है। अब जिस जगह से यह रास्ता दिया जाना है उस पर एमसी तथा संघर्ष समिति सहमत होती है या नहीं यह देखना बाकी होगा। बता दें कि रेवेन्यू रिकॉर्ड में जिस जगह गेट लगाया गया है उस पर एमसी नाहन के द्वारा दावा किया गया था। तो वहीं सुरक्षा के कारणों के चलते हुए आर्मी प्रबंधन के द्वारा इस गेट को बंद कर दिया गया था।

    गेट बंद किए जाने को लेकर लोअर कैंट और अप्पर कैंट के लोगों के द्वारा विरोध प्रदर्शन भी किए गए। इस मार्ग के बंद होने के कारण श्री कृष्ण मंदिर रोड की पूरी मार्केट को भारी नुक्सान भी हुआ था। लोगों की इस सड़क पर आवाजाही बंद होने के चलते बस स्टैंड के पीछे पूरी की पूरी मार्केट के व्यापारी लंबे समय से नुक्सान उठा रहे थे।

    यही नहीं इस रास्ते से होकर जाने वाले सिविलियंस को लंबे रास्ते से घूम कर जाना पड़ता था। गेट को खुलवाए जाने को लेकर संघर्ष समिति बनाई गई थी, जिन्होंने लंबे समय तक संघर्ष भी किया। संघर्ष समिति की ओर से इस पूरे मामले की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता वीरेंद्र पाल तथा एमसी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एमके जैन के द्वारा की गई।

    वीरवार को माननीय सेशन जज के विवादित स्थल पर निरीक्षण के दौरान संघर्ष समिति की ओर से संजीव सैनी, पूर्व प्रधान बाबूराम, गोरखा सभा के प्रधान रणजीत सिंह राणा, अधिवक्ता नरेश, अश्विनी गौतम आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।

  • प्रदेश की आर्थिकी में उद्योगपतियों का महत्वपूर्ण योगदान- शिव प्रताप शुक्ल

    प्रदेश की आर्थिकी में उद्योगपतियों का महत्वपूर्ण योगदान- शिव प्रताप शुक्ल

    प्रदेश को मिले औद्योगिक पैकेज या केंद्र से उद्योग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए अतिरिक्त बजट- रूपेंद्र ठाकुर

    HNN/ नाहन

    जिला मुख्यालय नाहन के सर्किट हाउस में प्रदेश के गवर्नर शिव प्रताप शुक्ल के साथ उद्योगपतियों की बैठक का आयोजन हुआ। बैठक की अध्यक्षता करते हुए गवर्नर ने कहा कि प्रदेश की जीडीपी में उद्योगपतियों का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने यह भी माना कि प्रदेश में उद्योगपतियों के लिए मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी है।

    वहीं चेंबर ऑफ कॉमर्स की तरफ से कोणार्क ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर रूपेंद्र ठाकुर ने कहा कि प्रदेश को केंद्र से मिला औद्योगिक पैकेज फिर से जारी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक पैकेज की वजह से प्रदेश में इन्वेस्टर ने व्यापक स्तर पर इन्वेस्टमेंट की थी।

    उन्होंने कहा कि धारा 118 व अन्य औपचारिकताओं के चलते उस दौरान इन्वेस्टर्स का उद्योग स्थापित करने में काफी समय भी व्यर्थ हुआ। ठाकुर ने कहा कि अधिकतर उद्योगों को औद्योगिक पैकेज के तहत स्थापित करने में भी 3 से 4 साल तक का समय लग गया था। जिसके चलते उद्योगपतियों को केंद्र द्वारा दिया गया औद्योगिक पैकेज ज्यादा समय राहत नहीं दे पाया।

    उन्होंने कहा यही वजह है कि आज प्रदेश में अधिकतर उद्योग जम्मू कश्मीर की तरफ पलायन भी कर रहे हैं। रूपेंद्र ठाकुर ने राज्यपाल से बैठक में यह भी कहा कि मूलभूत सुविधाओं के अभाव में उद्योगपतियों का खर्चा ज्यादा हो रहा है और कमाई कम। उन्होंने तमाम उद्योगपतियों की ओर से मांग करते हुए कहा कि या तो उन्हें केंद्र सरकार द्वारा और अधिक सुविधाएं दी जाएं अथवा बंद किया गया औद्योगिक पैकेज फिर से बहाल किया जाए।

    फार्मा जगत से जुड़े प्रख्यात उद्योगपति मनोज गर्ग ने राज्यपाल से आग्रह करते हुए कहा कि प्रदेश के फार्मा उद्योगों के लिए मिलने वाले रॉ मैटेरियल पर केंद्र की ओर से छूट दी जानी चाहिए। उन्होंने केंद्र द्वारा प्रदेश को मिले बल्क ड्रग पार्क को लेकर तमाम उद्योगपतियों की ओर से केंद्र सरकार का आभार भी व्यक्त किया।

    वहीं राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने सभी उद्योगपतियों के साथ केंद्र व प्रदेश सरकार से मिल रही सुविधाओं को लेकर चर्चा भी की। उन्होंने काला अंब और पांवटा साहिब के औद्योगिक क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को और अधिक बेहतर बनाने को लेकर उपायुक्त सिरमौर को योजना बनाने के आदेश भी दिए।

    उन्होंने कहा कि वह पूरी कोशिश करेंगे कि उद्योगपतियों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं मिले। जिससे ना केवल प्रदेश की जीडीपी बल्कि युवाओं को इन उद्योग इकाइयों में अधिक से अधिक रोजगार भी मिल सके। उन्होंने उद्योगपतियों से यह भी आग्रह किया कि वह उद्योग चलाने के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। उन्होंने कहा कि अपनी औद्योगिक इकाई के आसपास साफ-सफाई के साथ पेड़ भी लगाएं और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित भी करें।

    इस मौके पर नाहन के विधायक अजय सोलंकी, सिरमौर के उपायुक्त सुमित खिमता, चेंबर ऑफ कॉमर्स फाउंडेशन के अध्यक्ष सतीश गोयल, वेली आयरन इंडस्ट्री से नवीन, उद्योगपति मनोज गर्ग, लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष संजय सिंघल, आर्ट एंड क्लास के सीएमडी कर्नल शैलेश पाठक, हिमालयन ग्रुप ऑफ़ प्रोफेशनल स्टडीज के चेयरमैन विकास बंसल, उद्योगपति अखिल महेश्वरी, जेपी शर्मा आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

  • पत्रकारों पर जानलेवा हमले की हो जांच दोषियों को दी जाए सजा -गौतम

    पत्रकारों पर जानलेवा हमले की हो जांच दोषियों को दी जाए सजा -गौतम

    प्रदेश में पत्रकारों की सुरक्षा पर उठा सवाल सरकार उठाए उचित कदम नहीं तो होंगे प्रदर्शन

    HNN News कुल्लू नाहन

    ऊना में पत्रकारों पर हुए हमले की जांच होनी चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। इस तरह से मीडिया की आबाज दबाना लोकतंत्र की हत्या है। यह बात नॉर्थ इंडिया पत्रकार एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष एवं कुल्लू प्रेस क्लब के प्रधान धनेश गौतम ने कही।

    उन्होंने सरकार से मांग की है कि दोषियों को सजा दी जानी चाहिए ताकि भविष्य में लोकतंत्र के प्रहरी पत्रकार सुरक्षित महसूस कर सके। उन्होंने कहा कि हमें प्रदेश सरकार से उम्मीद ही नहीं पूर्ण विश्वास भी है कि वे मीडिया फ्रेंडली होगी।

    उन्होंने कहा कि उप मुख्यमंत्री स्वयं पत्रकारिता से राजनीति तक का सफर कर चुके हैं इसलिए उन्हें पत्रकारों का दर्द बखूबी पता है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री व उप मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच बिठाई जाए और दोषियों को सजा दी जाए।

    गौर रहे कि बीते कल ऊना जिले के मैहतपुर रायपुर सहोड़ा में आईओसी प्लांट में ट्रक के प्रदर्शन को लेकर जब कवरेज के लिए पत्रकार पहुंचे तो उन पर जानलेवा हमला किया गया जिसमें प्रेस क्लब ऊना के अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा को गंभीर चोटे आई जबकि अन्य पत्रकार घायल भी हुए।

    इस घटना में कई मीडिया कर्मियों को भाग कर अपनी जान बचानी पड़ी। जिसको लेकर प्रेस क्लब कुल्लू व नार्थ इंडिया पत्रकार एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश ने कड़ा संज्ञान लिया है। प्रधान धनेश गौतम ने कहा कि यह पत्रकारों की स्वतंत्रता पर हमला है और इस हमले की सभी को निंदा करनी चाहिए।

    उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश सरकार इस पर करवाई नहीं करती है तो उस स्थिति में पत्रकारों को एकत्र होकर आगामी निर्णयों के लिए विवश होना पड़ेगा।

    वही पत्रकार महासंघ ने भी इसकी कड़ी आलोचना की है महासचिव एसपी जैरथ ,प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेश सैनी, संघ के सदस्य सोलन से पुनीत वर्मा ओम शर्मा अरुण नेगी नाहन से हितेश शर्मा चंद्र ठाकुर राजन पुंडीर, दीपक, प्रताप सिंह पोंटा साहिब से ज्ञान प्रकाश शर्मा एन यू जे के प्रदेश अध्यक्ष रणेश राणा व तमाम संगठनों से जुड़े पत्रकार सदस्यों के द्वारा इस हमले की कड़ी निंदा की गई है।

    पत्रकारों ने मांग की है कि प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर कुछ पैरामीटर सुनिश्चित करें। समस्त पत्रकार वर्ग ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि पत्रकारों पर इसी तरह से हमले होते रहेंगे तो निश्चित रूप से पत्रकार वर्ग सड़कों पर उतरेगा और राष्ट्रीय स्तर पर धरना प्रदर्शन भी शुरू करेगा।

  • सुक्खू सरकार पर शिमला की जनता के बनते भरोसे पर 23 से 25 के बीच मिलेंगी सीटें

    सुक्खू सरकार पर शिमला की जनता के बनते भरोसे पर 23 से 25 के बीच मिलेंगी सीटें

    भाजपा सिमट सकती है 7-8 पर, तो एक या दो कम्युनिस्ट को

    HNN/ शिमला

    पूर्व में रही डबल इंजन भाजपा सरकार की कथनी और करनी के फर्क पर शिमला नगर निगम के चुनाव कमल की रंगत में ढलते नजर नहीं आ रहे हैं। चुनावों का मुकाबला मुख्यता कांग्रेस और भाजपा के बीच में ही है मगर कम्युनिस्ट पार्टी में भी वार्ड नंबर 5, 6, 13 और 24 पर अपनी दावेदारी जताई है।

    हालांकि आम आदमी पार्टी भी मुकाबले को लेकर हल्की-फुल्की उत्सुक जरूर है मगर कहीं कोई जगह मिल रही है ऐसा नजर नहीं आता है। 34 वार्डों की जंग में यदि पूरा विश्लेषण कैंडिडेट वाइज देखा जाए तो शिमला की जनता ने इस बार तो कुछ और ही मूड बना लिया है। हालांकि इस नगर निगम के चुनाव को लेकर पहले ही टेक ऑफ कर चुकी थी।

    मगर डॉक्टर बिंदल की देरी से भी एंट्री के बाद अब कुछ बेहतर सी उम्मीद मुद्दों के दम पर नजर आने लग पड़ी है। यही बड़ी वजह है कि जहां पहले भाजपा में खासतौर से महिलाओं के टिकट आवंटन को लेकर के पहले ही जंग शुरू हो चुकी थी, वहीं देरी के कारण डॉ. राजीव बिंदल ने भी कोई चेंज नहीं किया है।

    नए प्रदेश अध्यक्ष अच्छी तरह जानते हैं और लगभग समझ भी चुके हैं कि कुछ असर मुद्दे डालेंगे और कुछ टिकट आवंटन, जिन्हें पार्टी ने मैदान में नहीं उतारा वह अब बगावती तेवरों में है। ऐसा नहीं है कि यह दशा कांग्रेस की नहीं है मगर इन्हें सत्ता का बड़ा फायदा भी मिल रहा है।

    शहरी कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी भराड़ी वार्ड से प्रत्याशी बताए जा रहे हैं तो यहां भाजपा प्रत्याशी काफी मजबूत बताया जा रहा है। वार्ड नंबर 11, 12, 13 में चुनाव प्रचार की जिम्मेवारी कांग्रेस की ओर से नाहन के विधायक अजय सोलंकी को मिली थी, जहां सिम्मी नंदा कांग्रेस की पहले से विधायक है तो वहीं इस बार हेमंत कश्यप भी अच्छी पकड़ बनाए हुए हैं।

    कृष्ण नगर में विपिन सिंह भाजपा कैंडिडेट से ज्यादा मजबूत बताए जा रहे हैं। तो वहीं न्यू शिमला वार्ड नंबर 32 में निशा और कुसुम लता के बीच कांटे की टक्कर हो सकती है। अब यहां असल में एक चीज और निकल कर सामने आई है वह है वीरभद्र फैक्टर। यह तो मानना पड़ेगा कि कमान संभालने के बाद डॉ. राजीव बिंदल बहुत ही कम समय दे पाए हैं बावजूद इसके वे अपना कूटनीतिक दांव खेल चुके हैं।

    कांग्रेस के दोनों गुटों में कैसे मुद्दा बनाया जाए यह उन्होंने करके दिखा दिया है। बावजूद इसके जहां की सुखराम चौधरी नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर यहां तक की बड़े ठाकुर भी राउंड मार कर चले गए हैं। बावजूद इसके भाजपा की स्थिति काफी दयनीय है।

    वहीं यह भी बताना जरूरी है कि नगर निगम के चुनाव के बाद यदि प्रदेश अध्यक्ष बदले जाते तो समीकरण कुछ और होते या फिर चुनावी लिस्ट जारी करने से पहले डॉ. राजीव बिंदल प्रदेश अध्यक्ष बन गए होते।

    मौजूदा समय सत्या वर्मा, रूपचंद, विपिन उमंग, ममता चंदेल, नरेंद्र ठाकुर, कुलदीप ठाकुर, लक्ष्मी, सुरेंद्र चौहान, रचना भारद्वाज, राम रतन जैसे कांग्रेस के कैंडिडेट इस बार जिताऊ कैंडिडेट माने जा रहे हैं।

    तो वहीं भाजपा की ओर से रमा कुमारी, कमलेश मेहता, अनूप वैद्य, कल्याण धीमान, हेमा कश्यप एक बेहतर स्थिति में या कहा जाए जीत की स्थिति में नजर आ रहे हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है कि शिमला की जनता की जो नब्ज हिमाचल नाउ न्यूज़ के द्वारा टटोली गई है उसमें सत्ता में बैठी कांग्रेस को जनता ज्यादा कैच करने के मूड में है।

    वहीं उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बढ़ते ट्रैफिक दबाव, पानी की समस्या और मोनो ट्रेन जैसे मुख्य मुद्दों पर जो गारंटी दी है उसमें शिमला की जनता राहत महसूस करती हुई नजर आ रही है। पार्किंग की समस्या और ऐसे बहुत सारे रिहायशी मकान है जिन के नक्शे अभी तक पास नहीं हुए हैं उनको लेकर भी कांग्रेस ने पूरा भरोसा दिया है।

    भाजपा केंद्र के दम पर राजधानी में सुधार व्यवस्था बनाना चाह रही है। मगर इसके पीछे जनता एक ही तर्क दे रही है कि जब भाजपा की सरकार थी और केंद्र का पूरा आशीर्वाद था तब इन मुद्दों को क्यों नहीं हल किया गया।

    बरहाल, कुल मिलाकर कहा जाए कांग्रेस को अगर कुछ नुक्सान होगा तो उसमें पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का चुनाव प्रचार में फोटो का गायब होना माना जा सकता है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि शिमला में एंप्लाइज लोग ज्यादा रहते हैं, जिन्हें पहले ही सरकार ऑफिस का तोहफा दे चुकी है।

    बरहाल कहा जा सकता है इस बार नगर निगम के चुनावों में कांग्रेस का कब्जा हो सकता है तो साथ ही बीजेपी 7 से 8 के बीच में सिमटकर एक या दो सीट कम्युनिस्टों के खाते में भी आती हुई नजर आ रही है।