Category: Editor’s Pick

  • सरस्वती स्पिनिंग मिल में इनकम टैक्स की रेड

    सरस्वती स्पिनिंग मिल में इनकम टैक्स की रेड

    सुबह 7:00 बजे कर ली थी फैक्ट्री और घरों की घेराबंदी

    HNN/ काला अंब

    औद्योगिक क्षेत्र काला अंब के मोगिनंद पंचायत स्थित सरस्वती स्पिनिंग मिल में इनकम टैक्स विभाग ने रेड मारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इनकम टैक्स कि यह टीम दिल्ली से आई बताई गई है।

    टीम में करीब 2 दर्जन से भी अधिक जांच अधिकारी शामिल है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार की सुबह करीब 7:00 बजे के आसपास 2 दर्जन से अधिक आयकर विभाग की टीम के सदस्य अलग-अलग इस फैक्ट्री के आसपास जुट गए थे।

    फैक्ट्री में एंट्री करने से पहले टीम ने अपने वाहन पुल से पहले ही अलग-अलग करके खड़े कर दिए थे। जिसके बाद यह पूरी टीम नाहन पुलिस से ली गई सिक्योरिटी को लेकर फैक्ट्री में एंटर कर गई थी।

    इनकम टैक्स अधिकारियों ने फैक्ट्री में जाते ही सभी के मोबाइल आदि अपने कब्जे में ले लिए थे। यही नहीं फैक्ट्री को चारों तरफ से पूरी तरह सुरक्षित किला बनाते हुए किसी को ना आने की ना जाने की इजाजत दी गई।

    जानकारी तो यह भी है कि इनकम टैक्स की यह टीम फैक्ट्री के सभी पार्टनर के घरों की भी घेराबंदी कर चुकी थी। अब यह टीम घरों के अंदर गई या नहीं इसकी पुख्ता जानकारी तो नहीं मिल पाई है।

    इनकम टैक्स की है यह टीम आखिर किस इनपुट के आधार पर आई है इसकी जानकारी तो नहीं मिल पाई है मगर माना यह भी जा रहा है कि हाल ही में जीएसटी विभाग जिला सिरमौर और उससे पहले सीजीएसटी की टीम फर्जी फर्मो और जीएसटी के मामले में गड़बड़ी के चलते काफी सारा रिकॉर्ड यहां से ले जा चुकी थी।

    संभवत इस बड़े लेन-देन में इनकम टैक्स किशोरी का भी अंदेशा माना जा सकता है जिसके आधार पर यह टीम मंगलवार को इस फैक्ट्री में आई है। यहां यह भी बताना जरूरी है कि हाल ही में स्टेट जीएसटी विभाग के द्वारा इस स्पिनिंग मिल में रेड की गई थी। विभाग यहां से जांच हेतु कुछ दस्तावेज भी ले गया था।

    हालांकि अभी तक राज्य कर एवं आबकारी विभाग जिला सिरमौर के द्वारा रेड के बाद की जाने वाली नोटिस प्रक्रिया की गई है या नहीं इसकी जानकारी नहीं मिली है। मगर इतना जरूर है कि अभी विभाग की ओर से नोटिस पीरियड में समय है। यहां यह भी बताना जरूरी है कि इस फैक्ट्री का नाम सरस्वती स्पिनिंग मिल है मगर यहां लैड फैक्ट्री लगाई गई है।

    बरहाल इनकम टैक्स अधिकारियों से संपर्क करने की भी कोशिश की गई मगर किसी ने भी कुछ भी बताने से फिलहाल इनकार किया है। यहां यह भी बताना जरूरी है कि यह सरस्वती स्पिनिंग मिल जिला सिरमौर की सबसे बड़ी टैक्सपेयर कंपनी है।

    बावजूद इसके इस फैक्ट्री के क्रियाकलाप ना केवल राज्य कर एवं आबकारी विभाग बल्कि केंद्रीय जीएसटी विभाग सहित इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के रडार पर भी रही है। सुबह 8:00 बजे के बाद से लेकर शाम के 4:00 बजे तक इनकम टैक्स की टीम फैक्ट्री में ही मौजूद रही।

    बता दें कि इस फैक्ट्री के साथ ही श्री त्रिलोकपुर रोड पर इनके एक पार्टनर की सिलेंडर फैक्ट्री भी है। आयकर विभाग के द्वारा वहां पर भी पुलिस सिक्योरिटी लगाई गई है।

  • पांवटा साहिब में युवक की संदिग्ध हालत में मौत

    पांवटा साहिब में युवक की संदिग्ध हालत में मौत

    परिजनों ने जताई हत्या की आशंका, पुलिस ने जांच करी शुरू

    HNN/ पांवटा साहिब

    उपमंडल पांवटा साहिब क्षेत्र के कुंडियो निवासी युवक की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। एक युवक बीते रविवार की आधी रात को एक खेत में संदिग्ध रूप से अचेत अवस्था मे पड़ा मिला। उधर, पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।

    जानकारी अनुसार सतपाल (21)पुत्र जसवीर सिंह निवासी कुंडियो अपने नानके बहराल में हुई मृत्यु के शोक में गया हुआ था। रविवार को वह जब वापिस नही लौटा तो परिजनों के फोन के बाद बहराल में नानके पक्ष ने तलाश किया। युवक ट्यूबवेल के पास खेत मे बेहोशी की अवस्था में पड़ा हुआ मिला था।

    रात करीब एक बजे सतपाल को सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डाक्टर ने युवक को मृत घोषित किया। सोमवार को पांवटा अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर कमाल पाशा की टीम ने मृतक युवक का पोस्टमार्टम किया। पुलिस जांच टीम ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।

    उधर, युवक के परिजनों ने हत्या की आशंका जताई हैं।
    थाना प्रभारी पांवटा साहिब अशोक चौहान ने पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद पुलिस आगामी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

  • डीसी चंबा ने पहले चलाया सफाई अभियान फिर खेली क्रिकेट और बोले..

    डीसी चंबा ने पहले चलाया सफाई अभियान फिर खेली क्रिकेट और बोले..

    बे मौसम बरसात कम बर्फबारी बादल फटना आदि पर्यावरण प्रबंधन की दृष्टि से गंभीर चिंतन का है विषय अपूर्व देवगन

    HNN News चंबा

    उपायुक्त अपूर्व देवगन की  अध्यक्षता में  आज रविवार को पर्यावरण के अनुकूल जीवन शैली  अपनाने  को लेकर जारी मिशन लाइफ के तहत  विकासखंड चंबा  की ग्राम पंचायत  पुखरी के छन्नी गांव में स्वच्छता अभियान चलाया गया। 

    इस दौरान पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि, महिला मंडल, युवक मंडल, स्वयं सहायता समूह  , गैर सरकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों  सहित विभिन्न विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों नेछन्नी गांव के संपूर्ण क्षेत्र की  साफ-सफाई कर अपशिष्ट पदार्थों को इकट्ठा किया ।

    स्थानीय लोगों से चर्चा तथा संवाद करते हुए  अपूर्व देवगन ने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में मौसम  चक्र में आ रहे प्रतिकूल बदलाव के चलते  असमय भारी वर्षा, बादल फटने की घटनाएं, कम बर्फबारी और  वर्षा  पर्यावरण प्रबंधन की दृष्टि से  गंभीर चिंता का विषय है । 

    उपायुक्त ने लोगों से  बहुमूल्य वन संपदा को आग से बचाने, पौधारोपण करने, प्रतिबंधित प्लास्टिक पदार्थों का उपयोग ना करने व अपने आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई  पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता  का आह्वान भी किया है । 

    उन्होंने बताया कि मिशन लाइफ के तहत ज़िला में 15 मई से 5 जून ( अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण दिवस) तक विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं । मिशन लाइफ के तहत आयोजित की जा रही गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण को संरक्षित  रखना है। 

    आयोजित की जाने वाली सभी गतिविधियों में

    सामूहिक गतिशीलता  (मास मोबिलाइजेशन) को मिशन लाइफ का हिस्सा बनाया गया है।

    उपायुक्त ने पर्यावरण संरक्षण में सामूहिक भागीदारी  की आवश्यकता पर जोर देते हुए सभी लोगों के सहयोग  देने की अपील  की। उपायुक्त ने   स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त निरीक्षक प्रेम सिंह को क्षेत्र में स्वच्छता गतिविधियों  के प्रति जनसाधारण में जागरूकता  लाने  में दिए जा रहे विशेष योगदान के दृष्टिगत उन्हें चंबा विकासखंड का    स्वच्छता आइकन घोषित किया । 

    उपायुक्त ने इस दौरान  ग्राम पंचायत  पुखरी में    इमर्जिंग क्रिकेट क्लब पुखरी के सौजन्य से आयोजित की जा रही क्रिकेट प्रतियोगिता का भी शुभारंभ किया। 

    खिलाड़ियों के साथ संवाद करते हुए उपायुक्त ने कहा कि युवा वर्ग को खेलकूद से संबंधित बहु आयामी गतिविधियों में  हिस्सा  अवश्य लेना चाहिए । 

    मिशन लाइफ के तहत पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी संदेश देने के लिए इस दौरान पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि, महिला मंडल, युवक मंडल, स्वयं सहायता समूह  , गैर सरकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने एक जागरूकता रैली का आयोजन भी किया। 

    इस अवसर पर  परियोजना अधिकारी ज़िला  ग्रामीण विकास अभिकरण विनोद कुमार, खंड विकास अधिकारी चंबा  रणविजय कुमार,  नायब तहसीलदार  पुखरी  भूपेंद्र कश्यप, ज़िला नाजर प्रवीण मेहता, पीएस जोगिंदर कुमार  सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी  और कर्मचारी उपस्थित रहे । 

  • अपग्रेड किए गए सिरमौर के 10 स्कूलों का घटा दर्जा

    अपग्रेड किए गए सिरमौर के 10 स्कूलों का घटा दर्जा

    HNN News नाहन

    प्रदेश में सरकार के द्वारा घटाए गए 90 स्कूलों के दर्जे में सिरमौर के 10 स्कूल भी शामिल है। जिसमें तीन माध्यमिक चार उच्च तथा तीन वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला शामिल है। जिन स्कूलों का दर्जा घटाया गया है वहां पर कम संख्या के बच्चे अब नजदीक के स्कूलों में जाएंगे।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार पांवट साहिब के डांडा, काला अंब बोबरी , शिलाई के दारवा माध्यमिक स्कूल रेणुका जी के सैल पच्छाद के लेऊ कुफ्फर, मंडी खड़ाना तथा धनेश्वर उच्च पाठशाला का दर्जा घटा दिया गया है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार श्री रेणुका जी क्षेत्र के डयूडी खडाहां,चौरास तथा पच्छाद की डिब्बर वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला का दर्जा भी घटा दिया गया है।

    गौरतलब हो कि यह स्कूल है जिन्हें पूर्व में रही जयराम सरकार के द्वारा चुनाव से पहले सत्रोन्नत किया गया था। बावजूद इसके इन स्कूलों में बच्चों की संख्या में कोई इजाफा नहीं हुआ। कई स्कूल तो ऐसे भी थे जिनमें एक या दो ही बच्चे थे। सरकार द्वारा कम बच्चों वाले स्कूलों की रिपोर्ट भी सभी जिलों से मंगाई गई थी। नेक्स्ट पैर

    जिला सिरमौर के द्वारा यह लिस्ट पहले ही भेजी जा चुकी थी जिस पर सरकार के द्वारा यह निर्णय लिया गया है। उपनिदेशक करमचंद के द्वारा खबर की पुष्टि की गई है।

  • नाहन सदर पुलिस ने 7 साल से लापता को मिलवाया परिवार से

    नाहन सदर पुलिस ने 7 साल से लापता को मिलवाया परिवार से

    4 दिन रहा सदर पुलिस की मेहमान नवाजी में, दोनों भाइयों के मिलन को देख सभी हुए भावविभोर

    HNN/ नाहन

    नाहन सदर पुलिस ने करीब 7 सालों से लापता चल रहे 35 वर्षीय शिव कुमार यादव को उसके परिजनों से मिलवा दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार शिव कुमार यादव यूपी के गोंडा जिला का रहने वाला है। पिछले 7 सालों से वह दिमागी संतुलन खो जाने के चलते घर से बिना बताए चला गया था।

    पिछले कुछ दिनों से शिव कुमार बनेठी के क्षेत्र में बदहाल अवस्था में घूम रहा था। यही नहीं शिवकुमार आने जाने वाले लोगों को भी डराता था और लोग उसे खाना पीना भी देते थे मगर दिमागी संतुलन के सही ना होने के चलते उससे डरते भी थे। शिवकुमार स्थानीय लोगों को जब ज्यादा परेशान करने लगा तब वहां के लोगों ने उसे नाहन सदर पुलिस के पास छोड़ दिया।

    4 दिन से शिवकुमार यादव सदर पुलिस की मेहमान दारी में रहा। सदर पुलिस के कर्मचारी में 7 गुण मिलते हुए पुलिसकर्मियों ने बातों ही बातों में उसके घर का पता भी निकलवा लिया था। इसकी सूचना थाना कोतवाल राजेश पाल ने अपने एमएससी ओमपाल की मार्फत गोंडा में उसके भाई को दी। जिसके बाद उसका भाई आज यानी शनिवार को नाहन सदर पुलिस के समक्ष पहुंचा।

    अपने भाई को देखकर शिवकुमार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। तो वहीं उसका भाई भी अपने भाई को देखकर विश्वास ही नहीं कर पाया और रोने लग पड़ा। शिव यादव के भाई ने बताया कि उसके परिजनों ने तो यह सोच लिया था कि अब उसका भाई शायद जिंदा नहीं है मगर जब अपने भाई को अपने सामने देखा तो उसने भी राहत की सांस ली।

    सदर पुलिस के द्वारा शिवकुमार को साफ-सुथरे कपड़े पहना और पैसे आदि देकर उसके भाई के सुपुर्द कर दिया। अपने पास आए इस 4 दिनों के मेहमान को पुलिस ने भी बड़े खुश दिल से विदा किया। शिव यादव को रेस्क्यू करने में राजेश पाल एसएचओ कुलदीप ओमपाल रामपाल आदि शामिल रहे।

    बड़ी बात तो यह है कि 4 दिन में शिव कुमार ने भी पुलिस कर्मियों का दिल जीत लिया। सदर पुलिस कर्मियों ने ना केवल उसे स्वादिष्ट भोजन खिलाया बल्कि उसकी दाढ़ी-मूछें आदि बनाकर नहला-धुला कर उसे साफ-सुथरे वस्त्र भी पहनाए।

  • चूड़धार के जंगलों में लापता हुई युवती व 3 युवकों को नोहरा पुलिस ने किया रेस्क्यू

    चूड़धार के जंगलों में लापता हुई युवती व 3 युवकों को नोहरा पुलिस ने किया रेस्क्यू

    जांबाज सिपाहियों ने रात को ही खंगाल दिया जंगल ,यह थी पूरी घटना……

    HNN/ नाहन

    प्रदेश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थल में शुमार चूड़धार के रास्ते से भटक कर लापता हुए तीन युवकों और एक युवती को रेस्क्यू कर लिया गया है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार शिलाई के बाली कोटि निवासी शुभम नेगी और पौड़ी गढ़वाल की शिवानी, सेक्टर 25 चंडीगढ़ निवासी हिमांशु, सेक्टर 56 चंडीगढ़ निवासी रोहित, चूड़धार मंदिर में माथा टेक कर बीते कल वीरवार की सुबह करीब 9:00 और 10:00 के बीच नोहराधार वापस लौट रहे थे।

    यहां यह बताना जरूरी है कि शुभम और शिवानी दोनों बाकी अन्य दो युवकों से अलग थे। जानकारी तो यह थी कि चंडीगढ़ वाले युवकों के साथ दो और युवक भी शामिल थे। मगर कुल 6 लोगों में से दो नोहराधार पहुंच गए थे। बताया जा रहा है कि वापसी लौटते समय भारी बारिश और ओलावृष्टि हो रही थी जिसके चलते यह सुरक्षित ठिकाना ढूंढते हुए जमनाला के पास बने एक शैड में रुक गए थे।

    जैसे ही बारिश रुकी यह यहां से नीचे जंगल की ओर को चले गए। जहां यह रास्ता भटक गए। कई घंटे रास्ता ना मिलने के कारण यह सभी काफी डर और सह गए थे। करीब शाम अंधेरा होने के समय यह सभी इकट्ठा होकर जंगल में ही बैठ गए। जिसके बाद लापता हुए इन युवकों ने रेस्क्यू की मांग करते हुए नोहराधार पुलिस को कांटेक्ट किया। लापता युवकों ने अपनी लोकेशन भी पुलिस के साथ शेयर करी।

    बताया जा रहा है जिस समय पुलिस को सूचना मिली उस समय भारी बारिश हो रही थी। बावजूद इसके बारिश वा ठंड और रात के अंधेरे की परवाह ना करते हुए डीएसपी मुकेश डडवाल को त्तमाम जानकारी दिए जाने के बाद पुलिस पार्टी रेस्क्यू के लिए निकल पड़ी। इस रेस्क्यू दल में मुंशी सुरेंद्र, कॉन्स्टेबल योगेश्वर, कांस्टेबल सदानंद शामिल थे। यहां यह भी बताना जरूरी है कि नोहराधार से चूड़धार मंदिर तक करीब 19 किलोमीटर का पैदल रास्ता है।

    जंगलों से होते हुए गुजरने वाले इस रास्ते में जंगल के चलते भालू और बाघ आदि जैसे खतरनाक जानवरों का भय बना रहता है। खतरनाक चढ़ाई और घने जंगलों को अंधेरे में ही पार करते हुए रेस्क्यू दल करीब 1:30 बजे के आसपास रात को लापता युवती और युवकों के पास पहुंच गया था। उनका कुशल क्षेम जानते हुए पुलिस दल इन सब को वापस नोहराधार सुबह लेकर पहुंचा।

    बता दें कि मंदिर से वापस लौट रहे युवक युवती व अन्य दो युवकों के लापता हो जाने के बाद पूरे जिला में हड़कंप मच गया था। मिली जानकारी के अनुसार इन सभी ने परसों रास्ते में पड़ने वाले एक स्थान तीसरी में स्टे किया था। सुबह सूरज उगने पर यह सभी चूड़धार मंदिर पहुंच गए थे। वापसी में आते हुए इनके साथ यह हादसा पेश आया था।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार शुभम, शिवानी दोनों के साथ-साथ अन्य दो युवक भी प्राइवेट जॉब करते हैं। शिवानी और शुभम दोनों अच्छे दोस्त हैं । हैरानी के साथ-साथ कुछ सवाल यह भी खड़े होते हैं कि जब पूरे रास्ते में आने और जाने के लिए एरो निशान लगाए गए हैं यही नहीं इसके साथ साथ जंगल से इधर-उधर कहीं ना जाने को लेकर हिदायत बोर्ड भी लगे हैं।

    बावजूद इसके कि जंगल खतरनाक है तो इन्हें सबको रास्ता छोड़कर इधर-उधर नहीं जाना चाहिए था। बरहाल पुलिस पार्टी ने इन सब को रेस्क्यू कर अपना फर्ज बखूबी निभाया है। तो वहीं इन सभी के रेस्क्यू हो जाने पर इनके अभिभावकों ने भी राहत की सांस ली है। उधर, डीएसपी संगडाह मुकेश डडवाल ने खबर की पुष्टि की है।

  • भांग से प्रदेश का भविष्य बनाने को लेकर 5 सदस्यीय टीम स्टडी टूर पर रवाना

    भांग से प्रदेश का भविष्य बनाने को लेकर 5 सदस्यीय टीम स्टडी टूर पर रवाना

    सिरमौर सहित प्रदेश के सभी जिलों में मेडिसिनल और इंडस्ट्रियल परपज से लगाई जाएगी भांग -जगत सिंह नेगी

    HNN/ नाहन

    हिमाचल प्रदेश की जीडीपी में कैनबिस यानी भांग बड़ा हिस्सा बनने की तैयारी में आ चुकी है। प्रदेश सरकार मेडिसिनल और इंडस्ट्रियल परपज से लीगलाइज की गई भांग की खेती को जल्द ही झंडी देने की तैयारी में है।

    इसी कवायद के तहत मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा 4 वर्ष पहले उत्तराखंड और मध्य प्रदेश में शुरू की गई भांग की खेती का प्रारूप जाने के लिए प्रदेश से एक 5 सदस्यीय टीम का गठन किया गया है।

    इस स्टडी टीम का जिम्मा राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी को सौंपा गया है। जिसमें सीपीएस सुंदर ठाकुर, विधायक केवल पठानिया, विधायक डॉक्टर हंसराज, विधायक सुरेंद्र शौरी और एडवोकेट देवन खन्ना को शामिल किया गया है।

    कैनबिस स्टडी दल शनिवार को नाहन पहुंचा, जहां उनका विधायक अजय सोलंकी विनय कुमार के द्वारा दल बल के साथ जोरदार स्वागत किया गया।

    राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने अनौपचारिक बातचीत के दौरान बताया कि कैनबिस औषधीय प्रभाव युक्त पौधा है। उन्होंने कहा भांग में साइकोएक्टिव कंपाउंड मौजूद होता है जोकि हाई संसेशन भी देता है।

    यही नहीं यह बायोमास और फाइबर का एक बड़ा स्त्रोत्र भी माना गया है। जगत सिंह नेगी का कहना है कि कैंसर जैसे रोग में यह बूटी प्रभावशाली साबित रही है।

    उन्होंने बताया कि प्रदेश के लिए यह शुरुआती चरण है जबकि उत्तराखंड और मध्य प्रदेश में करीब 4 वर्ष पूर्व भांग की खेती को मान्यता दी गई थी। उन्होंने बताया कि हमारी टीम चार दिवसीय स्टडी दौरे पर है जिसमें 1 दिन उत्तराखंड तथा एक दिन मध्यप्रदेश में योजना के प्रारूप को स्टडी किया जाएगा।

    उन्होंने बताया कि इन दोनों राज्यों की कार्यप्रणाली को पूरी तरह से समझ कर प्रदेश में इसे अधिक से अधिक लाभप्रद बनाया जाएगा। इसकी खेती से रॉयल्टी कैसे और कितनी ली जानी है इसको लेकर भी जानकारियां जुटाई जाएंगी। यही नहीं यह टीम इन दोनों राज्यों में यह भी जानेंगे कि वहां के राज्यों ने इससे कैसे लोगों के लिए रोजगार परक बनाया है।

    प्रदेश में हींग की खेती को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सरकार हींग की खेती को लेकर भी वह जल्द पूरी जानकारी जुटाएंगे मगर फिलहाल सरकार का फोकस भांग की खेती और उससे राजस्व और लोगों को इससे अधिक से अधिक रोजगार मिल सके यह देखना ज्यादा जरूरी है।

    इस दौरान कार्यक्रम में विधायक अजय सोलंकी और विनय कुमार के अलावा प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता एवं सचिव रूपेंद्र ठाकुर, जिला महामंत्री नरेंद्र तोमर, मंडल अध्यक्ष ज्ञान चौधरी, मनीराम पुंडीर, जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष उपमा धीमान, यशवंत विहार महिला विंग अध्यक्ष प्रोमिला ठाकुर, पार्षद राकेश गर्ग, पूर्व पार्षद कपिल गर्ग, उर्फ मोंटी आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

  • प्रदेश के फार्मा हब को बदनाम करने वाले साजिशकर्ताओं के गिरेबान तक पहुंचे दवा नियंत्रक के जांबाज

    प्रदेश के फार्मा हब को बदनाम करने वाले साजिशकर्ताओं के गिरेबान तक पहुंचे दवा नियंत्रक के जांबाज

    घटिया रॉ मैटेरियल और फर्जी लेबलिंग के मास्टरमाइंड गिरफ्तारी के डर से हुए अंडरग्राउंड

    HNN/ नाहन

    ब्रांडेड कंपनी के फर्जी लेबल लगाकर प्रदेश की फार्मा कंपनियों को घटिया एक्सीसिएंट और रॉ मैटेरियल सप्लाई करने वाले मास्टरमाइंड गिरफ्तारी के डर से अंडर ग्राउंड हो गए हैं। बावजूद इसके इस अवैध कारोबार में संलिप्त तीन प्रमुख मास्टरमाइंड राज्य दवा नियंत्रण के स्पेशल अधिकारियों की जांच टीम के रडार पर आ चुके हैं।

    सूत्रों की माने तो दिए गए नोटिस के जवाब के ना मिलने के बाद आप इनकी गिरफ्तारी को लेकर जाल बिछाया जाना शुरु हो चुका है। गौरतलब हो कि लंबे अरसे से देश और विदेश में दूसरे नंबर पर आने वाले प्रदेश के फार्मा हब में बनी दवाइयों पर सब स्टैंडर्ड, नकली, घटिया आदि जैसे गंभीर आरोप लग रहे थे।

    प्रदेश के फार्मा जगत से जुड़े नामी गिरामी उद्योगपति भी लग रहे प्रश्न चिन्हों को लेकर परेशान चल रहे थे। वहीं राज्य दवा नियंत्रण के अधिकारी भी इस चीज को लेकर परेशान थे कि आखिर नियमित निरीक्षण और प्रयोगशालाओं में जांच परख के बाद भी दवाओं के सैंपल क्यों फेल हो रहे हैं।

    जबकि जहां की लैब में किए गए परीक्षण के दौरान यह बेहतर मानक पाई जाती थी। मगर जैसे ही यह दवा अन्य राज्यों में बैच के आधार पर परीक्षित की जाती थी तो अधिकतर दवाएं सब्सटेंडर्ड हो जाती थी। पांवटा साहिब की एक नामी-गिरामी कंपनी के बड़े लाॅट के रिफ्यूज होने के बाद शक की सुई जेआरएफ कंपनी के लेबल पर लिए गए एक्सीसिएंट पर जा टिकी।

    चूंकि यह एक मल्टीनेशनल कंपनी है और ब्रांडेड रॉ मेटेरियल ही तैयार करती है। लिहाजा राज्य दवा नियंत्रक का कार्यभार देख रहे हैं मनीष कपूर ने अपने 5 द बेस्ट अधिकारियों की टीम का गठन कर मामले की तह तक जाने के आदेश दे दिए। इस टीम में शामिल सभी दवा निरीक्षकों ने अपने-अपने स्तर पर जब पूरे मामले की परतें उधेडी तो पता चला कि इस पूरे खेल का ताना-बाना चंडीगढ़ के साथ लगते पंचकूला में बुना गया था।

    शातिर अंकुश और अंकित सिंघला ने केसी ओवरसीज के नाम से फर्म बनाकर अपने मंसूबों को अंजाम देना शुरू किया। इन्होंने इस खेल में तीसरे व्यक्ति एलाइड फार्मा बद्दी के विक्रम को भी शामिल कर लिया। इन्होंने जेआरएस कंपनी से पंजाब हिमाचल और हरियाणा के लिए मैटेरियल्स सप्लाइ हेतु एजेंसी ले ली।

    इसके साथ-साथ इन लोगों ने बद्दी में अपना गोदाम भी ले लिया था। इन प्रमुख तीनों जालसाजों के द्वारा जेआरएस कंपनी से राॅ मटेरियल लिया जाता है। चूंकि यह रॉ मैटेरियल काफी महंगा और ब्रांडेड होने के साथ-साथ अधिकतर कंपनियां इसकी डिमांड करती हैं। इन तीनों शातिरों ने इस कंपनी के ओरिजिनल बिल की आड़ में एलाइड फार्मा के साथ मिलकर डुप्लीकेट लेबल बनाकर मिस ब्रांड को ब्रांडेड बना फार्मा कंपनियों को जमकर लूटा।

    यह सब बिल्कुल वैसे ही है जैसे यदि कोई लोकल ब्रांड अथवा मिस ब्रांड राॅ मेटेरियल 100 का है तो जेआरएस कंपनी के मेटेरियल की कॉस्ट 1000 पर है यह सिर्फ उदाहरण के तौर पर बताया गया है। इस प्रकार केसी ओवरसीज और एलाइड फार्मा ने मिलकर ना जाने कितने करोड़ों रुपए का खेल खेला है।

    ड्रग डिपार्टमेंट के निरीक्षण दल ने इस पूरे खेल का पर्दाफाश कर दिया है हालांकि कुछ कड़िया इसमें और जोड़नी बाकी है मगर उससे पहले शातिर खिलाड़ी भूमिगत हो चुके हैं। वहीं हिमाचल नाउ न्यूज़ के हाथ और भी कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं जिससे इनके और अन्य काले कारनामे भी पता चले हैं।

    वहीं एचडीएमए के राज्य चीफ एडवाइजर सीएस पुष्करणा ने कहा कि दवा के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इन आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर इन पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाए।

    वहीं राज्य दवा नियंत्रक का कार्यभार देख रहे मनीष कपूर का कहना है कि इस मामले में 2 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं तीन आरोपी भी जल्द गिरफ्त में होंगे। वहीं प्रदेश स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि दवाओं के साथ टेंपरिंग और नकली दवाई सहित अन्य दवाओं के साथ की जाने वाली जालसाजी बर्दाश्त से बाहर है।

    आरोपियों पर कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि ड्रग डिपार्टमेंट के अधिकारी बेहतर कार्य कर रहे हैं निश्चित ही प्रदेश का फार्मा हब एक बेहतर व्यवस्था के साथ फिर से ना केवल देश में बल्कि विदेशों में भी अपना खोया हुआ वजूद पा लेगा।

  • आयुष विभाग लगाएगा अब स्वास्थ्य पर्यटन को पंख, तीनों फॉर्मेसियों का भी होगा स्ट्रैंथन- हर्षवर्धन

    आयुष विभाग लगाएगा अब स्वास्थ्य पर्यटन को पंख, तीनों फॉर्मेसियों का भी होगा स्ट्रैंथन- हर्षवर्धन

    पंचकर्म और नेचर ट्रीटमेंट बनेगा प्रदेश के युवाओं का मुख्य रोजगार का जरिया

    HNN/ नाहन

    हिमाचल प्रदेश सरकार का आयुष विभाग बहुत जल्द स्वास्थ्य पर्यटन को रोजगार का एक बड़ा जरिया बनाने जा रहा है। अब यदि प्रदेश का बेरोजगार युवा नेचरोपैथी में पंचकर्म और मसाज को अपने व्यवसाय का जरिया बनाना चाहता है तो आयुष विभाग उनका हर सहयोग करेगा।

    यह जानकारी आज सर्किट हाउस में उद्योग एवं आयुष मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने अनौपचारिक बातचीत के दौरान कही। हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि होमस्टे योजना तथा होटल व्यवसाय के साथ पंचकर्म, नेचरोपैथी और हर्बल मसाज को जोड़ने से ना केवल पर्यटन को पंख लगेंगे बल्कि ऑफ सीजन में भी देश और विदेश का पर्यटक प्राकृतिक उपचार के लिए यहां बना रहेगा।

    हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि इसके लिए आयुष विभाग हर संभव सहायता भी उपलब्ध कराएगा। यही नहीं हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि 2007 के बाद विभाग की ओर से किसी को भी केरला में पंचकर्म और मसाज की ट्रेनिंग के लिए नहीं भेजा गया था।

    उन्होंने कहा कि अब बहुत जल्द ही 36 मसाज एक्सपर्ट को विभाग में रिक्रूट किया जाएगा। साथ ही विभाग के स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष ट्रेनिंग के लिए केरला भी भेजा जाएगा। इसके साथ साथ हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि यदि कोई आयुष विभाग के अस्पतालों में पंचकर्म आ अथवा आयुर्वेदिक हर्बल मसाज सेंटर खोलना चाहेगा तो उसे लीज पर अलॉटमेंट भी दी जाएगी।

    हर्षवर्धन चौहान का कहना है कि आयुष विभाग का अब यह लक्ष्य रहेगा कि लोगों को अस्थाई नहीं बल्कि स्थाई रूप से जटिल से जटिल रोगों में उपचार मिले। वहीं मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि सरकार आयुष विभाग का स्ट्रैंथन भी करने जा रही है जिसके तहत खाली पड़े पदों को भी भरने के लिए कवायद शुरू कर दी गई है।

    उन्होंने कहा कि खाली पड़े 135 डॉक्टरों के पद 55 पोस्टर फार्मासिस्ट तथा 36 मसाज एक्सपर्ट्स की पब्लिक सर्विस कमीशन की मार्फत रिक्रूटमेंट की जाएगी। उन्होंने कहा कि आयुष विभाग की प्रदेश में स्थित इनफॉर्मेसियों का भी आधुनिकीकरण किया जाएगा।

    जिससे इन फार्मेसी में होने वाले प्रोडक्शन को दुगना कर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं व्यवस्था में लाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि माजरा जोगिंदर नगर और बैजनाथ के पपरोला में स्थित फार्मेसी के लिए योजना भी तैयार कर ली गई है। जिसमें जोगिंदर नगर फार्मेसी में नई मशीनरी लगा दी गई है।

    बड़ी बात तो यह है कि नई मशीनरी लगाए जाने के बाद इस फार्मेसी का प्रोडक्शन बीते वर्ष की तुलना में दोगुना हुआ है। हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि अभी तो सरकार का गठन हुए केवल 5 महीने ही हुए हैं बावजूद इसके सरकार के द्वारा इसका वर्क प्लान भी बना लिया गया है।

    उन्होंने कहा कि पंचकर्म को लेकर हिमाचल का क्लाइमेट परफेक्ट माना गया है। यही नहीं प्रदेश के आयुर्वेदिक संस्थानों में करीब 48,000 लोगों ने 1 वर्ष में पंचकर्म थेरेपी करवाई है। प्रदेश में पंचकर्म और नेचरोपैथी की अपार संभावनाओं को देखते हुए सरकार अब इस को पर्यटन के साथ जोड़ने का प्लान बना रही है।

  • कई नामी कंपनियों को एक्सपोर्ट क्वालिटी का एक्सीसिएंट बताकर बेच चुका है सब्सटेंडर्ड माल

    कई नामी कंपनियों को एक्सपोर्ट क्वालिटी का एक्सीसिएंट बताकर बेच चुका है सब्सटेंडर्ड माल

    जालसाजी कर डेढ़ सौ करोड़ से अधिक कमा चुका है सिंगला इंटरनेशनल

    HNN/ नाहन

    प्रदेश में निष्क्रिय दवा सामग्री यानी एक्सीसिएंट के एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। सिंगला इंटरनेशनल फर्म के द्वारा ना केवल बद्दी की जेआरएस बल्कि मैनकाइंड जैसी कई बड़ी कंपनियों को भी सब्सटेंडर्ड निष्क्रिय दवा सामग्री बेचकर उनकी प्रतिष्ठा को दागदार करने की कोशिश की है।

    सूत्रों की माने तो यह फर्म और भी कई धंधा करती है जिसकी जानकारी इस मामले में जांच कर रही टीम को भी अभी तक नहीं मिल पाई है। एक अनुमान के अनुसार केसी इंटरनेशनल के द्वारा इस बड़े फर्जीवाड़े के तहत 1 साल से भी कम समय में डेढ़ सौ करोड़ से भी अधिक का फर्जी कारोबार किया गया है।

    असल में केसी इंटरनेशनल हिमाचल प्रदेश के ड्रग हब बद्दी बरोटीवाला काला अंब तथा पावंटा साहिब की नामी गिरामी कंपनियों को उच्च क्वालिटी के चाइना को छोड़कर अन्य विदेशी निष्क्रिय दवा सामग्री सप्लाई करता था। फर्म का मालिक सबसे ज्यादा बद्दी की जेआरएस कंपनी को यह सामग्री देता था।

    शातिर व्यक्ति ब्रांडेड विदेशी कंपनियों से मंगाए गए समान के लेबल फर्जी तैयार कर लिया करता था। मंगाया गया माल बहुत कम मात्रा में होता था मगर उसकी आड़ में उस कंपनी का लेबल खुद प्रिंट करवा कर मिस ब्रांडेड यानी सब्सटेंडर्ड निष्क्रिय दवा सामग्री और अन्य रॉ मैटेरियल पर लगाकर उसे ब्रांडेड और स्टैंडर्ड का बताकर बेच दिया करता था।

    केसी इंटरनेशनल कंपनी के चंगुल में कालाअंब, पांवटा साहिब, बद्दी बरोटीवाला सहित अन्य राज्यों की कई ऐसी बड़ी कंपनियां थी, जिन्हें यह निष्क्रियता सामग्री तथा अन्य रो मटेरियल बेचा करता था। इसके इस अचूक कारनामे का खुलासा उस समय हुआ जब कुछ नामी-गिरामी कंपनियों के प्रोडक्ट सब्सटेंडर्ड हो गए।

    जिसके चलते इन कंपनियों के कई बैच के बैच वापिस भेज दिए गए जिससे उन्हें अरबों रुपए का चूना भी लगा। जानकारी तो यह भी है कि पंचकूला में इनकी एक और फर्म भी है जिसे एक महिला संचालित करती है। इस पूरे प्रकरण को लेकर और बनाई गई दवाओं के सर स्टैंडर्ड होने पर ड्रग डिपार्टमेंट भी चौकन्ना हो गया।

    ड्रग कंट्रोलर का कार्यभार देख रहे मनीष कपूर नँएप अपने सबसे काबिल अधिकारी लवली ठाकुर और उनके साथ ड्रग इंस्पेक्टर सुरेश अभिलाष कुशल अक्षय आदि को टीम में ज शामिल कर जांच का जिम्मा सौंपा। ड्रग डिपार्टमेंट के द्वारा बद्दी बरोटीवाला की फर्म में छापा भी डाला गया और उसे सील भी कर दिया गया।

    यहां बड़ी बात यह भी रही कि फर्जीवाड़ा करने वाली फर्म के दोनों भाई भूमिगत हो चुके हैं। इन दोनों की जगह फैक्ट्री के युवक को पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। मगर सवाल यह उठता है कि एक अत्यधिक खतरनाक और संगीन अपराध करने वाले आरोपी अभी तक पुलिस के हत्थे क्यों नहीं चल पाए हैं।

    जानकारी तो यह भी है कि केसी इंटरनेशनल के द्वारा मामला रफा-दफा करने के लिए भी एक अधिकारी से कहा गया था। जानकारी तो यह है कि संभवत एक-दो दिन में ड्रग डिपार्टमेंट और बड़े खुलासे इस मामले में कर सकता है। अब सवाल यह भी उठता है कि सिंगला इंटरनेशनल इस कारोबार को कब से कर रहा था।

    ना केवल प्रदेश बल्कि देश के अन्य राज्य में स्थित किन-किन फार्मा इंडस्ट्री को इसने निष्क्रिय दवा सामग्री व अन्य रॉ मैटेरियल सप्लाई किए हैं। जानकारी तो यह भी है कि इस खेल में कहीं ना कहीं ड्रग डिपार्टमेंट के किसी व्यक्ति की भी सांठगांठ बताई जा रही है। यह व्यक्ति किस स्तर का है यह भी अब जांच का विषय है।

    बरहाल जग डिपार्टमेंट के द्वारा मामला अंतर्गत ड्रग एंड कॉस्मेटिक धारा 17 बी के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। देखना यह होगा कि मुख्य आरोपी कब पुलिस के हत्थे चढ़ते हैं। जानकारी तो यह भी मिली है कि आरोपी अपनी एंटीसिपेटरी बेल के लिए भी काफी जद्दोजहद कर रहे हैं।

    बरहाल केसी इंटरनेशनल जैसे अन्य निष्क्रिय दवा व दवा रॉ मैटेरियल सप्लाई करने वाले ना जाने और कितने खिलाड़ी प्रदेश के सर से फार्मा हब होने का ताज छीन लेना चाह रहे हैं। इनके खराब रॉ मैटेरियल और निष्क्रिय दवा सामग्रियों के चलते काला आम तथा पावंटा साहिब के कई बड़े नानी ज्ञानी फार्मा यूनिट संचालकों को भारी नुक्सान भी उठाना पड़ा है।

    उधर, फर्म के अंकित सिंगला से कई बार बात करने की कोशिश की गई यहां तक कि उन्हें मैसेज भी दिया गया बावजूद उसके उन्होंने अपना पक्ष हमें नहीं दिया है।