HNN / धर्मशाला
जिला धर्मशाला में अदालत ने पत्नी के हत्यारे पति को उम्र कैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोषी को 20,000 रूपये का जुर्माना भरने के भी आदेश जारी किए गए हैं। यदि आरोपी किसी भी सूरत में यह जुर्माना अदा नहीं करता है, तो उसे 3 साल का और अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
क्या है पूरा मामला
मनोहर लाल निवासी कांगड़ा ने 7 दिसंबर 2016 को पुलिस थाने में अपनी बेटी शारदा देवी के गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। उसने बताया कि उसने अपनी बेटी की शादी विनय कुमार से 2001 में करवाई थी। शादी के बाद से उनका दामाद उनकी बेटी के साथ मारपीट करता था जिसके चलते 2014 में शारदा अपने दोनों बच्चों को लेकर मायके आ गई। इसके बाद मायके वालों ने पति के खिलाफ घरेलू हिंसा का मुकदमा दर्ज करवाया।
जिसके चलते विनय को हर महीने शारदा को 5000 रूपये की राशि देनी होती थी। 2 अगस्त 2016 को मुकदमे की आखिरी तारीख थी। लेकिन उसकी बेटी उस दिन अदालत नहीं पहुंची। उन्होंने अपनी बेटी की काफी तलाश की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल पाया। ऐसे में परिजनों को अपने दामाद पर शक हुआ और उन्होंने पुलिस में इस बारे में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने जब मामले की जांच पड़ताल की तो आरोपी को हिरासत में लिया गया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि हर महीने पैसे देने से बचने के लिए उसने शारदा को पानी में डुबो कर उसकी हत्या कर दी और शव को अपने अन्य साथी के साथ मिलकर खेत में दफना दिया। इसके बाद यह मामला अदालत में चला। बीते कल इस मुकदमे की पैरवी सहायक जिला न्यायवादी विवेक डोगरा ने की। इस दौरान 26 गवाह अदालत में पेश किए गए जिसके चलते आरोपी को उम्र कैद की सजा सुनाई गई।









