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  • सिरमौर में नशे के खिलाफ पुलिस कार्रवाई, तीन मामलों में चार आरोपी पकड़े गए

    सिरमौर में नशे के खिलाफ पुलिस कार्रवाई, तीन मामलों में चार आरोपी पकड़े गए

    जिला सिरमौर में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए तीन मामले दर्ज किए हैं। इन मामलों में ड्रग सेवन, स्मैक बरामदगी और अवैध शराब से जुड़े मामलों में चार आरोपियों को पकड़ा गया है।

    नाहन/सिरमौर

    पांवटा साहिब में ड्रग सेवन का मामला
    पुलिस थाना पांवटा साहिब की टीम ने गोविन्दघाट के समीप देईजी साहब गेट के सामने एक अल्टो कार में नशा करते हुए तीन युवकों को पकड़ा। आरोपियों की पहचान लखबीर सिंह निवासी खम्बानगर माजरी धौलाकुआं, संजीव कुमार निवासी पीपलीवाला और रितिक सोहतरा निवासी मैन मार्केट माजरा, तहसील पांवटा साहिब के रूप में हुई है। वाहन की तलाशी के दौरान एक लाइटर और दो फॉयल पेपर बरामद किए गए।

    चिकित्सकीय जांच में सेवन की पुष्टि
    तीनों आरोपियों की मेडिकल जांच करवाई गई, जिसमें ड्रग सेवन की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस थाना पांवटा साहिब में उनके विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच जारी है।

    माजरा क्षेत्र में स्मैक बरामद
    पुलिस थाना माजरा क्षेत्र में गश्त के दौरान एक व्यक्ति को 8.72 ग्राम स्मैक के साथ पकड़ा गया। आरोपी की पहचान मुन्तजिर निवासी गांव मेलियो, डाकघर माजरा, जिला सिरमौर के रूप में हुई है। यह बरामदगी आईपीएच कार्यालय की ओर से कब्रिस्तान नहर के पास की गई। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय से पुलिस हिरासत रिमांड प्राप्त किया गया है।

    पुरुवाला में अवैध शराब का मामला
    पुलिस थाना पुरुवाला क्षेत्र में गांव मानपुर देवड़ा, तहसील पांवटा साहिब की एक महिला को 5 लीटर अवैध शराब के साथ पकड़ा गया है। इस संबंध में पुरुवाला थाने में मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।

    पुलिस का अभियान जारी
    जिला पुलिस प्रशासन ने बताया कि नशे और अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी और ऐसे मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

  • मनरेगा से गांधी हटाकर गरीबों की रीढ़ तोड़ रही भाजपा: अजय सोलंकी

    मनरेगा से गांधी हटाकर गरीबों की रीढ़ तोड़ रही भाजपा: अजय सोलंकी

    आनंद परमार के नेतृत्व में यशवंत चौक पर भूख हड़ताल व विरोध प्रदर्शन

    नाहन

    केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाकर उसे “जी राम जी मनरेगा” किए जाने के विरोध में जिला सिरमौर कांग्रेस रविवार को सड़कों पर उतर आई।

    जिला कांग्रेस अध्यक्ष आनंद परमार के नेतृत्व में जिला मुख्यालय नाहन के यशवंत चौक पर डॉ. वाईएस परमार यशवंत सिंह हिमाचल निर्माता की प्रतिमा के समीप जोरदार विरोध प्रदर्शन और सांकेतिक भूख हड़ताल का आयोजन किया गया।

    मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इसे गरीब, मजदूर और ग्रामीण भारत पर सीधा हमला करार दिया।

    जिला कांग्रेस अध्यक्ष आनंद परमार ने कहा कि केंद्र सरकार को महात्मा गांधी के नाम से इतना डर क्यों है कि देश की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना से उनका नाम हटाया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम सभी के आराध्य हैं, लेकिन भगवान के नाम पर राजनीति करना भाजपा सरकार को शोभा नहीं देता। यह फैसला गांधी की विचारधारा को मिटाने और इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करने की साजिश है।

    आनंद परमार ने मनरेगा की फंडिंग व्यवस्था में किए गए बदलाव पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले मनरेगा की पूरी राशि केंद्र सरकार वहन करती थी, लेकिन अब 90 प्रतिशत केंद्र और 10 प्रतिशत राज्य सरकार की हिस्सेदारी तय कर दी गई है।

    उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जानबूझकर राज्यों पर आर्थिक बोझ डालकर मनरेगा को कमजोर करने और गरीबों का हक छीनने की दिशा में काम कर रही है।इस सांकेतिक भूख हड़ताल में स्थानीय विधायक अजय सोलंकी भी शामिल हुए।

    विधायक अजय सोलंकी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मनरेगा महात्मा गांधी के विचारों और संघर्ष से जन्मी योजना है, जिसने करोड़ों गरीब परिवारों को सम्मान के साथ रोजगार दिया।

    उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार गांधी को योजनाओं से नहीं, बल्कि देश की सोच से हटाना चाहती है। मनरेगा से गांधी का नाम हटाना केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि गरीबों की रीढ़ तोड़ने और संविधान की मूल भावना पर प्रहार करने का प्रयास है।

    उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस फैसले को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी और सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रहेगा।

    इस विरोध प्रदर्शन और भूख हड़ताल में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष जी आर मुसाफिर, पूर्व विधायक पांवटा साहिब किरनेश जंग, पूर्व विधायक राजेंद्र ठाकुर, महिला कांग्रेस वरिष्ठ नेता प्रोमिला ठाकुर, आराधना राणा,

    पार्षद राकेश गर्ग, पूर्व पार्षद कपिल गर्ग उर्फ मोंटी, निखिल, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता व पूर्व प्रधान सत्यराम चौहान, मनीराम पुंडीर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

    कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में मनरेगा के मूल स्वरूप और महात्मा गांधी के नाम को योजना में बहाल करने की मांग उठाते हुए चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

  • दुर्घटना पीड़ितों के साथ खड़ी हुई विधिक सेवा, कानूनी मदद का भरोसा

    दुर्घटना पीड़ितों के साथ खड़ी हुई विधिक सेवा, कानूनी मदद का भरोसा

    नाहन
    हरिपुरधार में हुए भीषण बस हादसे ने पूरे सिरमौर जिले को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में जहां 14 लोगों की मौत हुई है, वहीं 52 यात्री घायल हुए हैं। ऐसे हालात में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिरमौर ने मैदान में उतरते हुए दुर्घटना से प्रभावित घायलों और मृतकों के परिजनों को निःशुल्क कानूनी सहायता और परामर्श उपलब्ध करवाने का भरोसा दिलाया है।

    हादसे के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम ने नाहन, ददाहू और संगड़ाह के अस्पतालों में पहुंचकर उपचाराधीन घायलों, उनके परिजनों और मृतकों के परिवारों से सीधे संवाद किया।

    इस दौरान प्राधिकरण से जुड़े चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसल सुभाष शर्मा और असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसल मनजीत सिंह ने पीड़ित परिवारों को मुआवजा, बीमा दावों और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं को लेकर आवश्यक जानकारी दी और हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

    पीड़ित परिवारों को अस्पतालों में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए नाहन, ददाहू और संगड़ाह में पैरा लीगल स्वयंसेवक कमला, लेखराज और विजय कुमार की तैनाती की गई है। ये स्वयंसेवक घायलों के इलाज से जुड़े मामलों, परिजनों की सहायता और प्रशासनिक समन्वय का कार्य कर रहे हैं।

    जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से पीड़ितों और उनके परिजनों को नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 की जानकारी भी दी गई है, ताकि आगे किसी भी प्रकार की कानूनी सहायता के लिए वे सीधे संपर्क कर सकें।

    इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन के चिकित्सा अधीक्षक और प्रिंसिपल से समन्वय कर घायलों के उपचार और देखभाल को प्राथमिकता देने का आग्रह किया गया है।

    यह पूरी पहल जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिरमौर, जो जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष भी हैं, के निर्देशन में की गई है। प्राधिकरण का कहना है कि इस तरह की बड़ी दुर्घटनाओं में पीड़ितों को समय पर कानूनी मार्गदर्शन और संस्थागत सहयोग मिलना बेहद आवश्यक है।

    हरिपुरधार बस हादसे के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिरमौर की यह सक्रियता पीड़ित परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बनकर सामने आई है, जिससे इस कठिन समय में उनके कानूनी और मानसिक दबाव को कम करने में मदद मिल रही है।

  • हरिपुरधार हादसा : कब जागेगा सिस्टम? चालक को ही जिम्मेदार मान लेना सच्चाई से मुंह मोड़ना होगा

    हरिपुरधार हादसा : कब जागेगा सिस्टम? चालक को ही जिम्मेदार मान लेना सच्चाई से मुंह मोड़ना होगा

    ओवरलोडिंग ने ली 14 जानें, 52 घायल—प्रशासनिक लापरवाही उजागर

    नाहन/ हरिपुरधार

    हरिपुरधार की गहरी खाई में गिरी निजी बस ने सिर्फ 14 जिंदगियां नहीं छीनीं, बल्कि सिरमौर में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक दावों की भी पोल खोल दी।

    शिमला से कुपवी जा रही इस बस में क्षमता से कहीं अधिक 66 यात्री सवार थे, जबकि पहाड़ी इलाकों की संकरी और जोखिम भरी सड़कें पहले ही अतिरिक्त भार झेलने की स्थिति में नहीं होतीं।

    हादसे में 14 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 52 लोग घायल हुए हैं।
    सवाल यह नहीं है कि दुर्घटना कैसे हुई, बल्कि यह है कि ऐसी स्थिति बनने दी ही क्यों गई। घना कोहरा, कड़ाके की ठंड और संकरी सड़क पर ओवरलोड बस का संचालन किसी तकनीकी चूक से ज्यादा, लंबे समय से चली आ रही लापरवाही का नतीजा नजर आता है।

    यह मान लेना कि केवल चालक ही इसका जिम्मेदार है, सच्चाई से मुंह मोड़ने जैसा होगा, क्योंकि निजी बसों में ओवरलोडिंग बिना बस मालिकों की सहमति और परिवहन विभाग की अनदेखी के संभव नहीं हो सकती।

    विडंबना यह है कि जिस दिन यह हादसा हुआ, उसी दौरान आरटीओ सिरमौर सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत जागरूकता कार्यक्रम चला रहा था। मंचों से नियमों की बातें हो रही थीं, लेकिन जमीनी हकीकत यह रही कि एक ओवरलोड बस मौत बनकर खाई में जा गिरी।

    इससे साफ होता है कि सड़क सुरक्षा महज औपचारिक अभियानों से नहीं, बल्कि निरंतर और सख्त निगरानी से सुनिश्चित होती है।
    यह पहला मौका नहीं है जब सिरमौर में लापरवाही ने जानें ली हों। वर्ष 2018 में श्री रेणुका जी मेले के दौरान ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार के कारण बस हादसे में नौ लोगों की मौत हो चुकी है।

    तब भी जांच के आदेश हुए थे और सख्ती के दावे किए गए थे, लेकिन समय बीतने के साथ वे दावे कागजों तक ही सिमटकर रह गए। हरिपुरधार हादसा बताता है कि पूर्व की त्रासदियों से अब तक कोई ठोस सबक नहीं लिया गया।

    इस दुर्घटना के बाद आरटीओ की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बसों की नियमित फिटनेस जांच, पहाड़ी रूटों पर विशेष निगरानी और ओवरलोडिंग पर सख्त कार्रवाई अगर समय रहते होती, तो शायद इतनी बड़ी कीमत न चुकानी पड़ती।

    66 यात्रियों से भरी बस का बिना रोक-टोक संचालन अपने आप में सिस्टम की विफलता को दर्शाता है।
    हादसे ने दुर्गम क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था की कमजोर कड़ी को भी उजागर किया है।

    घायलों को समय पर उपचार दिलाने में स्थानीय लोग आगे आए, लेकिन सीमित संसाधनों और स्टाफ की कमी से जूझ रहे अस्पतालों की स्थिति एक बार फिर सामने आ गई। दुर्गम इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं का आधुनिकीकरण और मेडिकल स्टाफ की तैनाती अब टाली नहीं जा सकती।

    हरिपुरधार हादसा सरकार और प्रशासन के लिए स्पष्ट संदेश है कि अब संवेदना से आगे बढ़कर ठोस समाधान करने होंगे।

    पहाड़ी सड़कों के सुधार, खतरनाक मोड़ों पर सुरक्षा उपाय, बसों की कड़ी जांच, ओवरलोडिंग पर जीरो टॉलरेंस और मजबूत आपातकालीन व्यवस्था ही भविष्य में ऐसे हादसों को रोक सकती है। अगर अब भी सबक नहीं लिया गया, तो अगली खबर फिर किसी खाई से आने का खतरा बना रहेगा।

    वही फोटो खींच कर दुर्घटना स्थल पर राजनीतिक टॉनिक लेने वाले जनप्रतिनिधियों को भी अब उन 14 मासूम जिंदगियों को जवाब देना होगा कि आखिर वोट जरूरी है या फिर जनता के लिए बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन। जाहिर सी बात है इस बड़ी चूक का ठीक रहा कहीं ना कहीं चालक के सिर्फ फूटेगा मगर चालक से ज्यादा जिम्मेवार वह परिवहन अधिकारी है जिसकी जिला में मौजूदगी के बाद 66 सावरिया एक निजी वाहन में भरकर चल रही थी।

  • हरिपुरधार बस हादसा : बस के साथ खाई में चली गई थी मैं, फिर मां को ढूंढा

    हरिपुरधार बस हादसा : बस के साथ खाई में चली गई थी मैं, फिर मां को ढूंढा

    दिव्यांशी की आपबीती ने रुलाया; घायलों का हाल जानने अस्पतालों में पहुंचे नेता, जनप्रतिनिधि

    नाहन
    हरिपुरधार बस हादसे ने गिरिपार क्षेत्र ही नहीं, पूरे हिमाचल को गहरे सदमे में डाल दिया है। इस दर्दनाक हादसे में घायल कुफरी (शिमला) निवासी नौ वर्षीय बच्ची दिव्यांशी की आपबीती ने हर किसी की आंखें नम कर दीं। छुट्टियों के चलते अपनी ननिहाल हरिपुरधार जा रही दिव्यांशी को नहीं पता था कि यह सफर उसकी जिंदगी का सबसे डरावना अनुभव बन जाएगा।

    दिव्यांशी ने बताया कि बस कैसे अनियंत्रित हुई, इसका अहसास तक नहीं हुआ। कोहरे और सड़क पर जमे पाले के बीच अचानक बस रुकी और फिर देखते ही देखते गहरी खाई में लुढ़क गई। मासूम बच्ची ने बताया,
    “मैं बस के साथ ही नीचे चली गई थी।

    जब बस रुकी तो देखा कि मुझे ज्यादा चोट नहीं लगी है। सबसे पहले मैंने अपनी मां को ढूंढा और उनके पास पहुंची। तब तक कई लोग हमें बचाने के लिए आ चुके थे।

    हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोग फरिश्ता बनकर सामने आए और जान जोखिम में डालकर खाई में उतरकर घायलों को बाहर निकाला। कई घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि कई लोग अपने घायल परिजनों को निजी वाहनों से सोलन, संगड़ाह, नाहन और शिमला तक ले गए।

    इस हादसे में घायल ध्रुव ने बताया कि दुर्घटना इतनी अचानक हुई कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। एक पल में बस सड़क पर थी और अगले ही पल खाई में जा चुकी थी।

    हादसे के बाद घायलों का हाल जानने के लिए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार देर रात क्षेत्रीय अस्पताल सोलन पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात की और स्वास्थ्य अधिकारियों से उपचार की जानकारी ली।

    बताया गया कि सोलन में 15 घायलों को रेफर किया गया है, जिनमें से दो की हालत गंभीर होने पर उन्हें आईजीएमसी शिमला भेजा गया है। इस दौरान अनुराग शर्मा, सोलन कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुभाष बरमानी सहित अन्य नेता मौजूद रहे।

    उधर, पच्छाद की विधायक रीना कश्यप सिविल अस्पताल राजगढ़ पहुंचीं और घायल यात्रियों का कुशलक्षेम जाना। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में वे पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी हैं और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करती हैं।

    चौपाल-कुपवी के विधायक बलवीर सिंह वर्मा ने भी हरिपुरधार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर घायलों का हाल-चाल जाना और बाद में घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।

    हिमाचल किसान सभा ने भी इस हादसे पर गहरा दुख जताया है। किसान सभा सिरमौर के अध्यक्ष सतपाल मान, महासचिव राजेंद्र ठाकुर सहित अन्य पदाधिकारियों ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं प्रकट कीं और सरकार से मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा, घायलों के बेहतर उपचार तथा हादसे की निष्पक्ष जांच की मांग की।

    किसान सभा ने कहा कि सिरमौर में तंग और बदहाल सड़कें तथा पैराफिट की कमी भी लगातार हो रही दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बन रही हैं, जिन पर सरकार को गंभीरता से काम करना चाहिए।

  • हरिपुरधार बस हादसे पर मुख्यमंत्री ने जताया शोक

    हरिपुरधार बस हादसे पर मुख्यमंत्री ने जताया शोक

    मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता और घायलों को बेहतर इलाज के निर्देश

    शिमला

    मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जिला सिरमौर के हरिपुरधार क्षेत्र में हुए निजी बस हादसे में बहुमूल्य जानों के नुकसान पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद है और इससे प्रदेश को अपूरणीय क्षति पहुंची है।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि शिमला से कुपवी की ओर राजगढ़ मार्ग से जा रही निजी बस दुर्घटनाग्रस्त होकर गहरी खाई में गिर गई, जिसमें कई लोगों की जान चली गई।

    उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाई जाए और घायलों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की जाए।

    मुख्यमंत्री ने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करने तथा शोक संतप्त परिवारों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।

    उधर स्थानीय विधायक नाहन विधानसभा क्षेत्र अजय सोलंकी ने भी इस दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उधर विधानसभा क्षेत्र के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता बृजराज ठाकुर भी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन और स्थानीय लोग रिस्क में शामिल है।

  • 13 से 22 फरवरी तक नाहन चौगान मैदान में सिरमौर क्रिकेट प्रतियोगिता

    13 से 22 फरवरी तक नाहन चौगान मैदान में सिरमौर क्रिकेट प्रतियोगिता

    64 टीमें लेंगी हिस्सा, उत्तर भारत के 9 राज्यों के खिलाड़ी होंगे शामिल खेलो खेल, छोड़ो नशा थीम पर होगा आयोजन

    नाहन
    ऐतिहासिक चौगान मैदान नाहन में युवाओं को नशे से दूर रखने और खेलों की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से खेलो खेल, छोड़ो नशा थीम पर 13 से 22 फरवरी तक सिरमौर क्रिकेट कप प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।

    प्रतियोगिता का आयोजन सिरमौर यूथ एंड स्पोर्ट्स क्लब द्वारा किया जा रहा है, जिसमें उत्तर भारत के 9 राज्यों की कुल 64 टीमें भाग लेंगी।

    सोमवार को नाहन में आयोजित पत्रकार वार्ता में सिरमौर यूथ एंड स्पोर्ट्स क्लब के संयोजक योगी ठाकुर और ओपी ठाकुर ने बताया कि प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखना और उन्हें खेलों के माध्यम से सकारात्मक दिशा देना है।

    उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में जिला सिरमौर के शिलाई, कफोटा, हरिपुरधार, संगड़ाह, श्रीरेणुकाजी, धारटीधार, सैंनधार, पच्छाद, राजगढ़, पझौता, पांवटा साहिब, आजभोज, नाहन, कोलर और त्रिलोकपुर सहित जिला सोलन, शिमला, मंडी, कुल्लू, किन्नौर और बिलासपुर की टीमें भाग लेंगी।

    इसके अलावा उत्तराखंड, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा के नारायणगढ़, बिलासपुर, रायपुररानी और अंबाला क्षेत्रों से भी टीमें प्रतियोगिता में शिरकत करेंगी।

    आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिता की विजेता टीम को ₹3,01,000 नकद और ट्रॉफी प्रदान की जाएगी, जबकि उपविजेता टीम को ₹1,55,000 नकद और ट्रॉफी दी जाएगी। सेमीफाइनल में हारने वाली दो टीमों को तीसरा और चौथा पुरस्कार के रूप में ₹11-11 हजार रुपए दिए जाएंगे।

    इसके अलावा मैन ऑफ द सीरीज को विशेष स्पोर्ट्स साइकिल प्रदान की जाएगी।
    पत्रकार वार्ता में मुख्य आयोजक शानू ठाकुर, रामलाल और रूप सिंह भी उपस्थित रहे।

  • भाजपा दौर के विकास पर कांग्रेस सरकार का ताला, कालाआम–त्रिलोकपुर की जनता से खुला धोखा

    भाजपा दौर के विकास पर कांग्रेस सरकार का ताला, कालाआम–त्रिलोकपुर की जनता से खुला धोखा

    नाहन

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. राजीव बिन्दल ने कांग्रेस की सुखविन्द्र सिंह सुक्खू सरकार और क्षेत्रीय कांग्रेस विधायक पर कालाआम व त्रिलोकपुर क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय और धोखा करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

    उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में जनता की सुविधाओं के लिए शुरू किए गए विकास कार्यों को कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही ठप कर दिया।

    डा. बिन्दल ने कहा कि त्रिलोकपुर उत्तर भारत का एक प्रमुख धार्मिक तीर्थ स्थल है, जहां माता बालासुंदरी मंदिर में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसके बावजूद कांग्रेस सरकार ने इस क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी करते हुए भाजपा सरकार के समय शुरू हुए विकास कार्यों पर ताले जड़ दिए।

    उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में कालाआम और त्रिलोकपुर क्षेत्र में स्वास्थ्य, सड़क और जन सुविधाओं को मजबूत करने के लिए ठोस और दूरदर्शी प्रयास किए गए थे, लेकिन कांग्रेस सरकार ने सत्ता संभालते ही उन कार्यों को आगे बढ़ाने के बजाय रोकने का काम किया।

    डा. बिन्दल ने कहा कि कांग्रेस सरकार का रवैया साफ दर्शाता है कि उसे न तो धार्मिक आस्था से जुड़े इस क्षेत्र की चिंता है और न ही यहां रहने वाले लोगों की बुनियादी जरूरतों से कोई सरोकार।

    विकास कार्यों को रोककर कांग्रेस सरकार ने कालाआम–त्रिलोकपुर की जनता के साथ सीधा विश्वासघात किया है।

  • जनता जाए भाड़ में, ठेकेदार ने ही किया कब्जा पार्किंग की आड़ में

    जनता जाए भाड़ में, ठेकेदार ने ही किया कब्जा पार्किंग की आड़ में

    नाहन नगर परिषद आई एक्शन में, 15 दिन का दिया नोटिस फिर भी बेअसर

    नाहन

    एक तरफ जिला प्रशासन और नगर परिषद शहर की पार्किंग व्यवस्था सुधारने के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर माल रोड पर जनता की सुविधा के लिए बनाई गई पार्किंग खुद ठेकेदार की मनमानी का शिकार बनी हुई है।

    हालात यह हैं कि पार्किंग की आड़ में ठेकेदार ने ही उस पर कब्जा जमा लिया है।जानकर हैरानी होगी कि माल रोड की जिस पार्किंग को जनता के लिए सात वाहनों की सुविधा के उद्देश्य से नीलाम किया गया था, वहां ठेकेदार ने अपनी ही कंडम गाड़ियां खड़ी कर रखी हैं।

    यह पार्किंग अब सुविधा नहीं बल्कि शहर के बीचोंबीच बदनुमा दाग बन चुकी है।चिंता की बात यह भी है कि ये कबाड़ गाड़ियां उस स्थान पर खड़ी की गई हैं, जहां हिमाचल निर्माता की मूर्ति स्थापित है।

    हिमाचल निर्माता के नाम पर आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रमों में माल्यार्पण की रस्म इसी स्थान पर निभाई जाती है, लेकिन इसके बावजूद यहां लंबे समय से कंडम गाड़ियों का कब्जा बना हुआ है।

    स्थानीय लोगों के लगातार विरोध के बावजूद नगर परिषद ठेकेदार को सबक सिखाने में नाकाम साबित हुई। शहर के प्रबुद्ध नागरिकों के बढ़ते दबाव के बाद करीब पांच दिन पहले नगर परिषद की हाउस बैठक में इस मामले को संज्ञान में लाया गया और पार्किंग ठेकेदार को 15 दिन का नोटिस जारी किया गया।

    हालांकि नोटिस दिए जाने के पांच दिन से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक पार्किंग से ठेकेदार की एक भी कंडम गाड़ी नहीं हटाई गई है।

    माल रोड पर पार्किंग सुविधा न मिलने के कारण न केवल आम नागरिक परेशान हैं, बल्कि पर्यटक भी इस क्षेत्र से दूरी बना रहे हैं।नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि ठेकेदार को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है।

    उन्होंने कहा कि यदि तय समय में गाड़ियां नहीं हटाई गईं, तो नगर परिषद पार्किंग को अपने कब्जे में लेकर कार्रवाई करेगी।अब सवाल साफ है—क्या नगर परिषद का नोटिस भी बाकी कागजी कार्रवाइयों की तरह बेअसर साबित होगा या ठेकेदार पर वाकई कार्रवाई होगी?

  • पीएनबी चेक बाउंस केस में दोषी की अपील खारिज, सेशन कोर्ट ने रखी सजा बरकरार

    पीएनबी चेक बाउंस केस में दोषी की अपील खारिज, सेशन कोर्ट ने रखी सजा बरकरार

    नाहन

    पंजाब नेशनल बैंक से जुड़े चेक बाउंस मामले में दोषी विजय कुमार को सेशन कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। माननीय सेशन जज योगेश जसवाल की अदालत ने आरोपी की आपराधिक अपील खारिज करते हुए निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा और मुआवजे के आदेश को बरकरार रखा है।

    अदालत ने कहा कि आरोपी द्वारा चेक पर हस्ताक्षर स्वीकार किए जाने के बाद यह कानूनन माना जाएगा कि चेक वैध देनदारी के भुगतान के लिए जारी किया गया था। केवल इसे “सिक्योरिटी चेक” बताना पर्याप्त नहीं है, जब तक इसके समर्थन में ठोस साक्ष्य प्रस्तुत न किए जाएं।

    मामले के अनुसार आरोपी ने पंजाब नेशनल बैंक से केसीसी ऋण लिया था। ऋण अदायगी में चूक के बाद बैंक को दिए गए चेक के बाउंस होने पर कानूनी नोटिस जारी किया गया, लेकिन भुगतान न होने पर मामला अदालत पहुंचा।

    निचली अदालत ने आरोपी को एक वर्ष के साधारण कारावास और 1.50 लाख रुपये मुआवजा अदा करने की सजा सुनाई थी।सेशन कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि निचली अदालत का फैसला कानून और तथ्यों के अनुरूप है और अपील में हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं बनता। इसके साथ ही आरोपी की अपील खारिज कर दी गई।