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  • सिरमौर में मुख्यमंत्री शगुन योजना की 59.83 लाख की राशि ट्रेजरी में अटकी

    सिरमौर में मुख्यमंत्री शगुन योजना की 59.83 लाख की राशि ट्रेजरी में अटकी

    193 लाभार्थी इंतजार में, बीपीएल परिवार कर्ज लेकर कर रहे बेटियों की शादी

    नाहन

    हिमाचल प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री शगुन योजना के तहत सिरमौर जिले में 193 लाभार्थियों को मिलने वाली 59 लाख 83 हजार रुपये की राशि विभिन्न ट्रेजरी कार्यालयों में अटकी हुई है। लंबे समय से भुगतान न होने के चलते बीपीएल परिवार बेटियों की शादी के लिए कर्ज लेने को मजबूर हैं।

    मुख्यमंत्री शगुन योजना के तहत प्रदेश सरकार बीपीएल परिवार की बेटियों के विवाह के लिए 31 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान करती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक जिले में केवल 53 लाभार्थियों को ही योजना का लाभ मिल पाया है।

    इन लाभार्थियों को कुल 16 लाख 43 हजार रुपये की राशि जारी की गई है।
    वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जिला सिरमौर को मुख्यमंत्री शगुन योजना के तहत एक करोड़ 16 लाख 25 हजार रुपये का बजट आवंटित किया गया था।

    बावजूद इसके 193 पात्र लाभार्थियों की 59.83 लाख रुपये की राशि ट्रेजरी स्तर पर रोकी गई है। इससे जरूरतमंद परिवारों में नाराजगी और निराशा बढ़ रही है।
    गरीब परिवारों को सरकार से समय पर सहयोग मिलने की उम्मीद रहती है, लेकिन राशि जारी न होने से कई परिवार मजबूरी में निजी कर्ज लेकर विवाह कार्यक्रम पूरे कर रहे हैं।

    इधर मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिला सिरमौर के लिए 8 लाख 55 हजार रुपये का बजट आवंटित किया गया था। इस योजना के अंतर्गत 16 लाभार्थियों को 8 लाख 16 हजार रुपये की राशि जारी कर दी गई है। योजना के तहत विधवा महिला की बेटी के विवाह के लिए 51 हजार रुपये की सहायता दी जाती है।

    वहीं बेटी है अनमोल योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिला सिरमौर को 5 लाख 46 हजार रुपये का बजट आवंटित किया गया। पहले कंपोनेंट में दो बेटियों और दूसरे कंपोनेंट में 10 बेटियों को निर्धारित 21 हजार रुपये की राशि जारी कर वितरित की जा चुकी है।

    इस संबंध में जिला सिरमौर महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी पवन गर्ग ने पुष्टि करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री शगुन योजना के तहत 193 लाभार्थियों को मिलने वाली राशि विभिन्न ट्रेजरी कार्यालयों में लंबित पड़ी है।

  • चिट्टा मुक्त पंचायत बनाने की पहल, सिरमौर में 21–22 जनवरी को विशेष ग्राम सभाएं

    चिट्टा मुक्त पंचायत बनाने की पहल, सिरमौर में 21–22 जनवरी को विशेष ग्राम सभाएं

    सूचना देने वालों को नकद इनाम, व्यसन ग्रस्तों के पुनर्वास पर भी चर्चा

    नाहन

    जिला सिरमौर में चिट्टे की रोकथाम के लिए 21 और 22 जनवरी, 2026 को सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा।उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।

    उपायुक्त ने जानकारी देते हुए बताया कि इन ग्राम सभाओं में चिट्टे के दुष्प्रभावों को लेकर लोगों को जागरूक किया जाएगा।चिट्टा तस्करों के बारे में सूचना देने वालों को राज्य सरकार द्वारा नकद पुरस्कार दिए जाने की जानकारी भी साझा की जाएगी।

    उन्होंने बताया कि ग्राम सभाओं में चिट्टे के व्यसन ग्रस्त व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए सरकार की पहल पर चर्चा की जाएगी।इसके साथ ही ग्राम पंचायत प्रधानों को चिट्टा मुक्त पंचायत बनाने की शपथ दिलाई जाएगी।

    उपायुक्त ने बताया कि इन ग्राम सभाओं के लिए उपमंडलाधिकारी (ना.) को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।संबंधित उपमंडलों के पुलिस अधिकारियों को ग्राम सभा में पुलिस अधिकारी या कर्मचारी की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

    उन्होंने बताया कि ग्राम सभाओं के सफल आयोजन के लिए संबंधित खंड विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

    ग्राम सभा से पूर्व पंचायत क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।उपायुक्त ने बताया कि चिट्टे के व्यसन ग्रस्त व्यक्तियों की सूचना पंचायत सचिवों के माध्यम से निर्धारित प्रपत्र पर एकत्रित की जाएगी।

    सभी सहायक आयुक्त (विकास) और खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि संकलित सूचना 23 जनवरी तक उपायुक्त कार्यालय को भेजी जाए।

  • सैनवाला के पास सड़क किनारे लटका ट्राला, पांवटा–कालाअंब हाईवे पर टला बड़ा हादसा

    सैनवाला के पास सड़क किनारे लटका ट्राला, पांवटा–कालाअंब हाईवे पर टला बड़ा हादसा

    सुबह मोड़ पर संतुलन बिगड़ा, ओवरलोड ट्रालों से हाईवे पर बढ़ रहा खतरा

    नाहन :

    पांवटा साहिब–कालाअंब नेशनल हाईवे पर सैनवाला के समीप उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब रेत-बजरी से लदा एक ट्राला अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लटक गया। गनीमत रही कि हादसे के वक्त कोई अन्य वाहन इसकी चपेट में नहीं आया और किसी तरह का जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।

    बताया जा रहा है कि यह हादसा सुबह के समय हुआ, जब ये ट्राला कालाअंब की ओर जा रहा था और एक मोड़ पर चालक का संतुलन बिगड़ गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्राले में रेत और बजरी भरी हुई थी। मोड़ पर अचानक नियंत्रण खोने के कारण वाहन सड़क से फिसलता हुआ किनारे जा टिका और लटक गया।

    यदि उस समय पीछे या सामने से कोई वाहन आ रहा होता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। बता दें कि पांवटा साहिब-कालाअंब नेशनल हाईवे पर इन दिनों ओवरलोड ट्रालों की समस्या लगातार सामने आ रही है।

    तकनीकी खराबी या चढ़ाई न चढ़ पाने के कारण भारी लोड वाले ट्राले जगह-जगह खड़े देखे जा सकते हैं। दोसड़का के समीप शक्तिनगर में एक लोड ट्राला कई दिनों तक खड़ा रहा, जबकि नवोदय स्कूल के पास भी चढ़ाई में एक ट्राला खड़ा होने से यातायात प्रभावित हो रहा है।

    हाईवे पर खड़े इन बड़े ट्रालों से यह साफ जाहिर होता है कि इनमें जरूरत से ज्यादा रेत-बजरी भरी जाती है। खजूरना में मारकण्डा पुल पार करने के बाद नाहन की ओर चढ़ाई चढ़ना ऐसे ओवरलोड वाहनों के लिए मुश्किल हो रहा है।

    हालांकि, परिवहन समेत अन्य विभागों की ओर से समय-समय पर इन वाहनों के चालान किए जाते हैं और कई बार बिना नंबर के वाहन भी जब्त किए गए हैं। इनमें से अधिकतर वाहन हरियाणा के बताए जा रहे हैं और अवैध खनन के कारोबार से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

  • सेहत की पाठशाला बना कृषि विज्ञान केंद्र धौलाकुआं

    सेहत की पाठशाला बना कृषि विज्ञान केंद्र धौलाकुआं

    बहराल स्कूल के बच्चों ने समझा प्राकृतिक खेती और पोषण का रिश्ता

    नाहन

    समग्र शिक्षा अभियान के तहत राजकीय उच्च विद्यालय बहराल के छठी से आठवीं कक्षा के 59 विद्यार्थियों ने बुधवार को कृषि विज्ञान केंद्र धौलाकुआं का शैक्षणिक भ्रमण किया।

    भ्रमण का उद्देश्य बच्चों को खेती, पोषण और स्वास्थ्य के आपसी संबंध से परिचित कराना रहा।विद्यार्थियों ने केंद्र की फसल प्रदर्शन इकाई में प्राकृतिक तरीकों से उगाई जा रही विभिन्न सब्जियों को नजदीक से देखा।

    उन्होंने जाना कि खेत में उगा भोजन सीधे तौर पर मानव स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करता है।भ्रमण के दौरान बच्चों को प्राकृतिक खेती की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी गई।

    उन्हें बताया गया कि रासायनिक खाद और कीटनाशकों के बिना की जाने वाली खेती मिट्टी की उर्वरता बनाए रखती है। इससे भूमि, जल और पर्यावरण सुरक्षित रहता है। प्राकृतिक खेती से उगाई गई सब्जियां अधिक पौष्टिक होती हैं और लंबे समय में कई बीमारियों के खतरे को कम करती हैं।

    विद्यार्थियों को वेलेटीना किस्म की बैंगनी फूलगोभी, लाल पत्ता गोभी सहित अन्य किस्मों की गोभी दिखाई गई। इन सब्जियों में मौजूद विटामिन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट के बारे में भी जानकारी दी गई, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होते हैं।

    कृषि विज्ञान केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रभारी डॉ. पंकज मित्तल ने बताया कि प्राकृतिक खेती से न केवल उपभोक्ताओं को सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक भोजन मिलता है, बल्कि किसानों की लागत भी कम होती है।

    उन्होंने कहा कि इस पद्धति से मिट्टी की जैविक शक्ति बढ़ती है, उत्पादन टिकाऊ रहता है और किसानों की आय में सुधार होता है।डॉ. पंकज मित्तल ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र में फसल प्रदर्शन इकाई को एक मॉडल के रूप में विकसित किया गया है।

    इसका उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भी प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है और यह भविष्य की खेती का मजबूत आधार है।शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों के साथ शिक्षक रेणु गोस्वामी, मनवीर कौर, नरिंद्र कौर, सुदेश कुमार और सुरेंद्र कौर भी मौजूद रहे।

  • धौलाकुआं में ऐसा शिव मंदिर, जहां किसानों की हर कामना होती है पूर्ण

    धौलाकुआं में ऐसा शिव मंदिर, जहां किसानों की हर कामना होती है पूर्ण

    आस्था, खेती और विज्ञान का संगम बना केवीके धौलाकुआं परिसर

    नाहन/ धौला कुआं

    कृषि विज्ञान केंद्र धौलाकुआं परिसर स्थित शिव मंदिर अब किसानों और श्रद्धालुओं के लिए आस्था का मजबूत केंद्र बनता जा रहा है। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर यहां विशेष पूजा-अर्चना, हवन-यज्ञ और भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों, कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मियों और किसानों ने भाग लिया।

    इस दौरान अच्छी फसल, समृद्धि और खुशहाली के लिए विशेष कामना की गई।कृषि विज्ञान केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रभारी डॉ. पंकज मित्तल ने बताया कि कृषि में सूर्य का विशेष महत्व है।

    सूर्य की किरणों से ही फसलों को ऊर्जा, पोषण और प्राकृतिक सुरक्षा मिलती है। इसी वैज्ञानिक आधार के चलते मकर संक्रांति पर सूर्य आराधना के साथ हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया और किसानों की खुशहाली के लिए पूर्ण आहुति डाली गई।

    डॉ. पंकज मित्तल ने बताया कि केवीके परिसर स्थित शिव मंदिर का हाल ही में जीर्णोद्धार करवाया गया है। इसके बाद नियमित रूप से पूजा-अर्चना शुरू की गई।

    उन्होंने कहा कि यह मंदिर अब केवल धार्मिक स्थल नहीं रहा, बल्कि किसानों और कर्मचारियों के लिए सकारात्मक ऊर्जा और विश्वास का केंद्र बन चुका है।

    इस शिव मंदिर से जुड़ी आस्था का एक सशक्त उदाहरण पालमपुर विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त अनुभाग अधिकारी कामेश्वर वर्मा की कहानी के रूप में सामने आया है।

    कामेश्वर वर्मा ने बताया कि उन्होंने इसी मंदिर में अपनी बेटी की सरकारी नौकरी की कामना की थी। भोलेनाथ की कृपा से उनकी यह मनोकामना पूरी हुई और उनकी बेटी को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई।

    इसी कृतज्ञता भाव के साथ वह मकर संक्रांति पर आयोजित हवन-यज्ञ और भंडारे में विशेष रूप से शामिल होने पहुंचे।स्थानीय किसान दीपक पुंडीर ने भी मंदिर से जुड़ा अपना अनुभव साझा किया।

    उन्होंने बताया कि वह अपनी फसलों की पहली उपज शिव मंदिर में समर्पित करते हैं। उनका विश्वास है कि इस परंपरा के कारण उनके यहां कभी अन्न-धन की कमी नहीं रही।

    श्रद्धालुओं और किसानों का कहना है कि कृषि विज्ञान केंद्र धौलाकुआं परिसर स्थित यह शिव मंदिर आज आस्था और खेती के संतुलन का प्रतीक बन चुका है, जहां विज्ञान और विश्वास एक साथ जुड़कर किसानों को आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहे हैं।

  • दुर्घटना / देहरादून डिपो की बस दुर्घटनाग्रस्त, रूखड़ी के पास पहाड़ी से टकराने पर टला बड़ा हादसा

    दुर्घटना / देहरादून डिपो की बस दुर्घटनाग्रस्त, रूखड़ी के पास पहाड़ी से टकराने पर टला बड़ा हादसा

    चंडीगढ़ से देहरादून जा रही उत्तराखंड परिवहन निगम की बस नाहन क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। गनीमत रही कि हादसे के दौरान कोई अन्य वाहन या राहगीर इसकी चपेट में नहीं आया।

    नाहन

    शाम करीब चार बजे हुआ हादसा

    उत्तराखंड के देहरादून डिपो की ग्रामीण बस शाम करीब चार बजे चंडीगढ़ से देहरादून की ओर जा रही थी। नाहन क्षेत्र के रूखड़ी के समीप अचानक बस विपरीत दिशा में चली गई और सड़क किनारे पहाड़ी से टकरा गई, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।

    स्टेयरिंग लॉक होने की आशंका

    हादसे के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मौके पर मौजूद यात्रियों के अनुसार बस का स्टेयरिंग लॉक हो गया था। मोड़ काटने के बाद बस के अगले टायर एक ही दिशा में रह गए, जिससे चालक वाहन को नियंत्रित नहीं कर सका।

    पहाड़ी से टकराने पर रुकी बस

    बस सड़क से नीचे जाने से पहले पहाड़ी से टकरा गई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। यदि उस स्थान पर पहाड़ी नहीं होती, तो बस गहरी खाई में गिर सकती थी और जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था।

    कुछ यात्रियों को आईं हल्की चोटें

    टक्कर के बाद बस को जोरदार झटका लगा, जिसमें कुछ यात्रियों को हल्की चोटें आने की सूचना है। हादसे के बाद सभी यात्री सुरक्षित बस से बाहर निकल आए।

    अन्य वाहनों से गंतव्य की ओर रवाना

    दुर्घटना के बाद यात्रियों ने अन्य वाहनों की मदद से अपने-अपने गंतव्य की ओर यात्रा जारी रखी। मामले को लेकर संबंधित विभाग द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

  • राजगढ़, सराहां और पांवटा में सिक्योरिटी गार्ड व सुपरवाइजर के 120 पदों के लिए कैंपस इंटरव्यू

    राजगढ़, सराहां और पांवटा में सिक्योरिटी गार्ड व सुपरवाइजर के 120 पदों के लिए कैंपस इंटरव्यू

    जिला सिरमौर में निजी सुरक्षा कंपनी द्वारा युवाओं को रोजगार का अवसर दिया जा रहा है। तीन अलग-अलग स्थानों पर आयोजित कैंपस इंटरव्यू के माध्यम से 120 पदों पर सीधी भर्ती की जाएगी।

    सिरमौर/नाहन

    तीन उप-रोजगार कार्यालयों में होंगे इंटरव्यू

    जिला रोजगार अधिकारी देविंद्र कुमार ने जानकारी दी कि सिस इंडिया लिमिटेड आरटीए हमीरपुर (सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंस सर्विसेज) द्वारा पुरुष वर्ग के लिए सिक्योरिटी गार्ड और सुपरवाइजर के कुल 120 पद भरे जाएंगे। इन पदों के लिए रोजगार कार्यालयों के माध्यम से कैंपस इंटरव्यू आयोजित किए जा रहे हैं।

    इन तिथियों पर आयोजित होंगे कैंपस इंटरव्यू

    भर्ती प्रक्रिया के तहत 15 जनवरी 2026 को उप-रोजगार कार्यालय राजगढ़, 16 जनवरी को उप-रोजगार कार्यालय सराहां तथा 17 जनवरी 2026 को उप-रोजगार कार्यालय पांवटा साहिब में प्रातः 11 बजे से कैंपस इंटरव्यू आयोजित किए जाएंगे। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित तिथि और स्थान पर उपस्थित होकर साक्षात्कार में भाग ले सकते हैं।

    योग्यता और आयु सीमा निर्धारित

    इन पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास रखी गई है। आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की आयु 19 वर्ष से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। भर्ती पूरी तरह पुरुष उम्मीदवारों के लिए निर्धारित है।

    दस्तावेज साथ लाना अनिवार्य

    अभ्यर्थियों को कैंपस इंटरव्यू के समय अपने सभी आवश्यक दस्तावेज साथ लाने होंगे, जिनमें शैक्षणिक प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, स्थायी हिमाचली प्रमाण पत्र और दो पासपोर्ट साइज फोटो शामिल हैं। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी दिए गए संपर्क नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।

  • सिरमौर में 2026 के लिए स्थानीय अवकाशों में संशोधन, उपायुक्त ने जारी की तहसीलवार छुट्टियों की सूची

    सिरमौर में 2026 के लिए स्थानीय अवकाशों में संशोधन, उपायुक्त ने जारी की तहसीलवार छुट्टियों की सूची

    जिला सिरमौर में वर्ष 2026 के दौरान मनाए जाने वाले प्रमुख मेलों और त्योहारों को लेकर स्थानीय अवकाशों की संशोधित सूची जारी की गई है। विभिन्न तहसीलों और उप तहसीलों में अलग-अलग तिथियों पर अवकाश निर्धारित किया गया है।

    सिरमौर/नाहन

    उपायुक्त ने जारी किया शुद्धिपत्र

    उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा ने वर्ष 2026 के लिए स्थानीय अवकाशों से संबंधित शुद्धिपत्र जारी किया है। जारी आदेशों के अनुसार उप मंडल राजगढ़ के अंतर्गत तहसील राजगढ़ और उप तहसील नौहरी में श्री शिरगुल देवता बैसाखी मेला के अवसर पर स्थानीय अवकाश अब 13 अप्रैल के स्थान पर 16 अप्रैल, 2026 को रहेगा।

    नाहन और रेणुका क्षेत्र के अवकाश

    जारी सूची के अनुसार तहसील नाहन में त्रिलोकपुर मेला चैत्र के अवसर पर 25 मार्च, 2026 तथा श्री रेणुका जी मेला के अवसर पर 20 नवंबर, 2026 को स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है। वहीं श्री रेणुका जी मेला के अवसर पर तहसील ददाहू में 19 और 20 नवंबर को अवकाश रहेगा।

    अन्य तहसीलों में मेला और त्योहार आधारित अवकाश

    तहसील संगड़ाह, तहसील नौहराधार और उप तहसील हरिपुरधार में श्री रेणुका जी मेला के अवसर पर 21 और 23 नवंबर, 2026 को स्थानीय अवकाश रहेगा। तहसील पांवटा साहिब और उप तहसील माजरा में होला-मोहल्ला पर्व पर 5 मार्च तथा शरद उत्सव के लिए 27 अक्तूबर, 2026 को अवकाश रहेगा।

    माघी, बूढ़ी दिवाली और वामन द्वादशी पर अवकाश

    तहसील कमरऊ में माघी त्योहार पर 12 जनवरी और श्री रेणुका जी मेला पर 20 नवंबर, 2026 को अवकाश रहेगा। तहसील शिलाई और उप तहसील रोनहाट में माघी पर्व पर 12 जनवरी तथा बूढ़ी दिवाली के अवसर पर 9 दिसंबर, 2026 को स्थानीय अवकाश रहेगा। इसी प्रकार तहसील पच्छाद और उप तहसील नारग में वामन द्वादशी मेला 23 सितंबर तथा श्री रेणुका जी मेला के लिए 20 नवंबर, 2026 को स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है।

  • लोहड़ी पर्व सामाजिक एकता और नशा मुक्त समाज का संदेश देता है: अजय सोलंकी

    लोहड़ी पर्व सामाजिक एकता और नशा मुक्त समाज का संदेश देता है: अजय सोलंकी

    नाहन

    लोहड़ी पर्व के अवसर पर नाहन विधानसभा क्षेत्र के विधायक अजय सोलंकी ने क्षेत्रवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि लोहड़ी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आपसी भाईचारे, सामाजिक समरसता और सकारात्मक जीवन मूल्यों का प्रतीक है।

    अजय सोलंकी ने कहा कि कांग्रेस की नीति हमेशा समाज को जोड़ने, कमजोर वर्गों को सशक्त करने और आपसी सौहार्द बनाए रखने की रही है। प्रदेश में कांग्रेस सरकार भी इसी सोच के साथ जनकल्याणकारी नीतियों को जमीन पर उतार रही है।

    विधायक ने लोहड़ी पर्व को नशा विरोधी अभियान से जोड़ते हुए कहा कि आज समाज के सामने नशा एक गंभीर चुनौती बन चुका है। ऐसे पर्व युवाओं को सकारात्मक दिशा देने और नशे से दूर रहने का संदेश देने का माध्यम बन सकते हैं।

    उन्होंने कहा कि नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए सामाजिक सहभागिता जरूरी है और इस दिशा में निरंतर अभियान चलाया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि लोहड़ी का पर्व मेहनतकश किसान और श्रमिक वर्ग से जुड़ा हुआ है, जो परिश्रम, अनुशासन और आत्मसम्मान का संदेश देता है। ऐसे पर्व समाज में एकजुटता और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं।

    अजय सोलंकी ने कामना की कि लोहड़ी का यह पर्व प्रदेश और नाहन विधानसभा क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए। उन्होंने लोगों से पर्व को आपसी भाईचारे, सद्भाव और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ मनाने की अपील की।

  • सिरमौर के दो जांबाज़ सैनिकों को सेना मेडल, दुर्गम मोर्चों पर साहसिक अभियानों से बढ़ाया प्रदेश का गौरव

    सिरमौर के दो जांबाज़ सैनिकों को सेना मेडल, दुर्गम मोर्चों पर साहसिक अभियानों से बढ़ाया प्रदेश का गौरव

    सिरमौर जिले के दो सैनिकों को भारतीय सेना द्वारा सर्वोच्च वीरता सम्मान सेना मेडल से सम्मानित किया गया है। दुर्गम परिस्थितियों और आतंकवाद विरोधी अभियानों में अद्वितीय साहस दिखाकर दोनों ने जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है।

    सिरमौर/नाहन

    गिरिपार के सूबेदार ने दुर्गम मोर्चे पर दिखाई सूझबूझ

    गिरिपार क्षेत्र के चियाड़ो गांव निवासी सूबेदार बाबू राम शर्मा को 18वीं डोगरा बटालियन में तैनाती के दौरान असाधारण वीरता के लिए सेना मेडल (वीरता) से सम्मानित किया गया है। 17 हजार फुट की ऊंचाई पर बर्फ से ढके क्षेत्र में निगरानी गश्त के दौरान उनकी टुकड़ी अनजाने में बारूदी सुरंग क्षेत्र में फंस गई थी। खराब मौसम और जानलेवा परिस्थितियों के बीच सूबेदार बाबू राम शर्मा ने जोखिम उठाते हुए कई घंटों की मेहनत से सुरक्षित मार्ग तैयार किया और पूरी टीम को सुरक्षित बाहर निकाला।

    साधनहीन शुरुआत से प्रेरणादायक सैन्य सफर

    साल 1998 में बेहद सीमित संसाधनों के बीच सेना में भर्ती हुए बाबू राम शर्मा अपने गांव से सेना में चयनित होने वाले पहले व्यक्ति हैं। सड़क और समुचित प्रशिक्षण सुविधाओं के अभाव में उन्होंने कठिन परिस्थितियों में तैयारी कर करीब तीन दशक की सेवा पूरी की। उनके इस साहसिक नेतृत्व और अनुकरणीय सेवा को सेना मेडल से सम्मानित किया गया।

    नौहराधार के जवान की आतंकवाद विरोधी कार्रवाई

    नौहराधार क्षेत्र के थनगा गांव निवासी जवान अनिल कुमार को जम्मू-कश्मीर के डोडा क्षेत्र में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान अदम्य साहस के लिए सेना मेडल प्रदान किया गया है। राष्ट्रीय राइफल में तैनात अनिल कुमार ने ऑपरेशन लागौर के दौरान सटीक निशानेबाजी करते हुए तीन आतंकियों को मार गिराया, जिससे पूरे अभियान को निर्णायक सफलता मिली और क्षेत्र में बड़ा खतरा टल गया।

    सम्मान समारोह और जिले की वीर परंपरा

    भारतीय सेना की साउथ-वेस्टर्न कमांड द्वारा आयोजित समारोह में अनिल कुमार को यह सम्मान प्रदान किया गया। वर्ष 2008 में सेना में भर्ती हुए अनिल कुमार का यह सम्मान पूरे परिवार और क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बना। उल्लेखनीय है कि सिरमौर जिला अब तक देश सेवा में 43 वीर सपूतों का बलिदान दे चुका है और यह धरती निरंतर देश को साहसी सैनिक प्रदान करती रही है।