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  • प्रतिभा सिंह ने नए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार को बधाई दी, संगठन में एकजुटता और मजबूती पर दिया जोर

    प्रतिभा सिंह ने नए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार को बधाई दी, संगठन में एकजुटता और मजबूती पर दिया जोर

    शिमला में पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह ने विनय कुमार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संगठन एकजुट होकर पार्टी को और मजबूत बनाएगा।

    शिमला

    नवनियुक्त अध्यक्ष को प्रतिभा सिंह की शुभकामनाएं
    पूर्व सांसद और निवर्तमान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने विनय कुमार को नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि पार्टी संगठन पहले की तरह एकजुटता के साथ आगे बढ़ेगा और प्रदेश में कांग्रेस की मजबूती और ज्यादा बढ़ेगी।

    आला कमान के प्रति जताया आभार
    उन्होंने कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई थी, उसे उन्होंने पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाया है। भविष्य में जो भी नई जिम्मेदारी मिलेगी, वह उसे भी पूर्ण समर्पण के साथ निभाएंगी।

    संगठन की मजबूती में कार्यकर्ताओं का योगदान
    प्रतिभा सिंह ने अपने कार्यकाल में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के अथक प्रयासों से आज प्रदेश में एक मजबूत संगठन और मजबूत कांग्रेस सरकार बनी है।

    सरकार और संगठन के लिए एकजुट होकर काम करने का संदेश
    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के नेतृत्व में सरकार को मजबूत बनाने के लिए वे विनय कुमार के साथ मिलकर एकजुटता से काम करेंगी।

  • टिक्कर में कार गहरी खाई में गिरने से शिक्षक दंपत्ति की दर्दनाक मौत

    टिक्कर में कार गहरी खाई में गिरने से शिक्षक दंपत्ति की दर्दनाक मौत

    शिमला जिले के टिक्कर क्षेत्र में कार दुर्घटना में दंपत्ति की मौत से पूरा इलाका शोक में डूब गया। दोनों को अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

    शिमला

    कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरी
    रोहड़ू उपमंडल के टिक्कर इलाके के पास रमटेड़ी गांव के नजदीक एक कार अचानक नियंत्रण खोकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में राजकीय उच्च विद्यालय में मुख्य अध्यापक राजेश रेस्टा (54) और उनकी पत्नी लीला (50) गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस टीम को सूचित किया।

    पुलिस टीम ने चलाया रेस्क्यू अभियान
    रोहड़ू के डीएसपी प्रणव चौहान की अगुवाई में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से दंपत्ति को खाई से निकालकर तुरंत टिक्कर अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, चिकित्सकों ने उपचार से पहले ही दोनों को मृत घोषित कर दिया। मृतक दंपत्ति रमटेड़ी, डाकघर धराड़ा, तहसील टिक्कर के निवासी थे।

    हादसे के कारणों की जांच जारी
    डीएसपी प्रणव चौहान ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के कारणों की गहन जांच की जा रही है। दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम करवाया जा रहा है ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी हो सके। इस दुर्घटना को शिक्षा जगत के लिए भी एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।

  • राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने तीन साल में 26 हजार करोड़ का राजस्व किया एकत्रित

    राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने तीन साल में 26 हजार करोड़ का राजस्व किया एकत्रित

    शिमला​

    राज्य कर एवं आबकारी विभाग के राजस्व में लगातार बढ़ोतरी होती जा रही है। पिछले तीन साल में विभाग ने ₹26,000 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व एकत्रित किया है, जिसका खुलासा स्वयं विभाग ने किया है।

    विभाग की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान ₹10,248.56 करोड़ राजस्व अर्जित किया गया, और वित्त वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर ₹10,880.57 करोड़ रुपये हो गया।

    इसके अलावा, वर्तमान वित्त वर्ष 2025-26 में विभाग ने सितंबर 2025 तक ₹5,536.30 करोड़ रुपये राजस्व संग्रह किया है। यह बढ़ोतरी दर्शाती है कि वर्ष 2022-23 की तुलना में जीएसटी, एक्साइज, वैट, पीजीटी तथा अन्य करों से प्राप्त राजस्व राज्य सरकार के सुधारों से बेहतर कार्यकुशलता और अनुपालन का परिणाम है।

    ​राज्य सरकार ने विभाग की पारदर्शिता और कार्यप्रणाली को मजबूत बनाने के लिए कई सुधार लागू किए हैं। इनमें वर्ष 2023-24 और 2024-25 में शराब ठेकों के आवंटन के लिए नीलामी-कम टेंडर प्रणाली शामिल है।

    इस पहल से आबकारी राजस्व में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है, जो वर्ष 2022-23 के ₹2,147.04 करोड़ रुपये से बढ़कर 2023-24 में ₹2,631.30 करोड़ रुपये और वर्ष 2024-25 में ₹2,776.41 करोड़ हो गया।

    बजट घोषणाओं के अनुसार, सरकार ने शराब की प्रत्येक बोतल पर ₹10 का मिल्क सेस भी लगाया है, जिससे वर्ष 2024-25 में ₹141.92 करोड़ रुपये अतिरिक्त प्राप्त हुए हैं। इस राशि का उपयोग दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और पशुपालकों की सहायता के लिए किया जा रहा है।

    इसी प्रकार, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2024-25 से नैचुरल फार्मिंग सेस भी लगाया गया, जिससे ₹24.62 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई। वहीं, वर्ष 2025-26 के लिए बेसहारा अथवा विधवा महिलाओं तथा दिव्यांग अभिभावकों के बच्चों के लिए सहायता हेतु भारतीय और विदेशी शराब के निर्यात पर प्रति बल्क लीटर ₹1.50 का डब्ल्यूडीए सेस लगाया गया है।​

    प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से, जनवरी 2024 में लंबे समय से लंबित सुधार के तहत विभाग में जीएसटी और एक्साइज के लिए अलग-अलग शाखाओं का गठन किया गया, जिससे विशेषज्ञता, प्रवर्तन और सेवा प्रदायगी में सुधार हुआ है। इसके अतिरिक्त, करदाताओं की सुविधा के लिए सितंबर 2024 में एक नया ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप शुरू किया गया।

    इसके माध्यम से ई-रजिस्ट्रेशन, वैट और सीएसटी की ई-रिटर्न फाइलिंग, ऑनलाइन कर भुगतान, चेकपोस्ट पर ई-डिक्लरेशन तथा विभिन्न वैधानिक प्रपत्रों को ऑनलाइन जारी करना एवं सत्यापन जैसी डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। विभाग ने इस प्रकार डिजिटल शासन की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

  • 6297 एनटीटी शिक्षकों की भर्ती का रास्ता खुला, केंद्र उठाएगा पूरा खर्च

    6297 एनटीटी शिक्षकों की भर्ती का रास्ता खुला, केंद्र उठाएगा पूरा खर्च

    शिमला।
    हिमाचल प्रदेश में प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षकों (एनटीटी) के 6,297 रिक्त पदों पर रुकी हुई भर्ती प्रक्रिया को अब नए सिरे से शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

    इस भर्ती की सबसे बड़ी खासियत यह है कि नियुक्त होने वाले शिक्षकों के मानदेय का पूरा खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी, जिससे राज्य सरकार पर कोई वित्तीय बोझ नहीं आएगा।

    शिक्षा विभाग ने यह कदम तब उठाया है जब केंद्र ने साफ कर दिया कि एनटीटी भर्ती के लिए एक वर्षीय डिप्लोमा धारकों के लिए ब्रिज कोर्स करवाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। केंद्र का स्पष्ट रुख है कि एनटीटी डिप्लोमा दो वर्ष का होना अनिवार्य है, जिसके कारण पूर्व में शुरू की गई प्रक्रिया बाधित हो गई थी।


    ​केवल 111 अभ्यर्थी ही पाए गए थे पात्र

    ​पूर्व में जब इन 6,297 पदों को भरने के लिए आवेदन मांगे गए थे, तब लगभग 10 हजार आवेदन प्राप्त हुए थे। हालांकि, विस्तृत जांच के बाद केवल 111 अभ्यर्थी ही योग्यता मानदंडों (दो वर्षीय डिप्लोमा) को पूरा करते पाए गए थे।

    शिक्षा विभाग ने अब फैसला किया है कि पात्र पाए गए इन 111 अभ्यर्थियों को जल्द ही नियुक्ति पत्र जारी किए जाएंगे।

    इसके बाद, जो भी पद रिक्त रह जाएंगे, उन्हें भरने के लिए विभाग नए सिरे से आवेदन आमंत्रित करेगा। राज्य इलेक्ट्रॉनिक कॉर्पोरशन, जो इस भर्ती प्रक्रिया की एजेंसी है, ने इस संबंध में अपनी रिपोर्ट स्कूल शिक्षा निदेशालय को सौंप दी है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

  • रामपुर के शांत रठोह गांव में तीन मंजिला मकान जलकर राख, देर रात उठीं आग की भीषण लपटें

    रामपुर के शांत रठोह गांव में तीन मंजिला मकान जलकर राख, देर रात उठीं आग की भीषण लपटें

    शिमला जिले के रामपुर उपमंडल के दलाश पंचायत स्थित शांत रठोह गांव में देर रात तीन मंजिला मकान आग की चपेट में आने से पूरी तरह जलकर राख हो गया। गनीमत रही कि अंदर मौजूद मजदूर समय रहते बाहर निकल आए, जिससे जनहानि नहीं हुई।

    शिमला

    देर रात भड़की आग, तीन मंजिला मकान पूरी तरह खाक
    शिमला जिले के रामपुर उपमंडल के दलाश पंचायत के शांत रठोह गांव में मंगलवार रात एक बड़ा अग्निकांड हुआ, जब एक तीन मंजिला आवासीय इमारत भीषण आग की चपेट में आ गई। रात के अंधेरे में उठीं लपटों ने पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। इमारत में रह रहे मजदूरों को जैसे ही आग का आभास हुआ, उन्होंने तुरंत बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। आग ने देखते ही देखते पूरे मकान और भीतर रखे सभी घरेलू सामान को राख में बदल दिया।

    ग्रामीणों की तत्परता से काबू में आई आग, राजस्व विभाग ने किया निरीक्षण
    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण मौके पर जुट गए और सामूहिक प्रयास से आग पर काबू पाने में सफलता हासिल की। बुधवार सुबह राजस्व विभाग की टीम गांव पहुंची और नुकसान का आकलन शुरू किया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आगजनी में भारी संपत्ति का नुकसान हुआ है, जबकि आग लगने के कारणों की पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।

  • मुख्यमंत्री ने अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए हिमाचल फोरेस्ट टीम को बधाई दी

    मुख्यमंत्री ने अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए हिमाचल फोरेस्ट टीम को बधाई दी

    देहरादून में आयोजित अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता में हिमाचल प्रदेश फोरेस्ट टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर छह स्वर्ण, दो रजत और पांच कांस्य पदक हासिल किए। इस शानदार उपलब्धि पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने टीम को बधाई दी है।

    शिमला

    टीम का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन, 42 टीमों में से समग्र 10वां स्थान

    12 से 16 नवंबर तक चले इस राष्ट्रीय आयोजन में देशभर की कुल 42 टीमों ने भाग लिया। हिमाचल फोरेस्ट टीम ने न केवल शानदार खेल प्रतिभा दिखाई, बल्कि समग्र श्रेणी में 10वां स्थान और मार्च-पास्ट प्रतियोगिता में दूसरा स्थान प्राप्त कर राज्य का मान बढ़ाया। अधिकारियों ने बताया कि यह अब तक प्रतियोगिता में हिमाचल फोरेस्ट टीम का सबसे उत्कृष्ट प्रदर्शन है।

    मुख्यमंत्री ने टीम की मेहनत और समर्पण की सराहना की

    मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के कर्मचारी किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और अपनी मेहनत व समर्पण से राज्य को नई पहचान दिला रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवा रही है, जिससे भविष्य में और भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।

  • शिमला के जुनीधार में तीन मंजिला मकान में आग लगने से भारी नुकसान, दमकल ने समय रहते नियंत्रित किया

    शिमला के जुनीधार में तीन मंजिला मकान में आग लगने से भारी नुकसान, दमकल ने समय रहते नियंत्रित किया

    शिमला जिले के जुनीधार में रविवार तड़के तीन मंजिला मकान में आग लगने से लाखों की संपत्ति जलकर राख हो गई। दमकल दल की त्वरित कार्रवाई से आग को अन्य घरों में फैलने से रोक लिया गया।

    शिमला

    सुबह 6 बजे लगी आग, परिवार समय रहते सुरक्षित बाहर निकला

    ग्राम पंचायत करालश के जुनीधार में मेहर सिंह नेगी के घर से अचानक आग की लपटें उठने लगीं। घटना के समय परिवार घर में सो रहा था, लेकिन शोर सुनकर सभी लोग सुरक्षित बाहर आ गए। आग ने देखते ही देखते तीन कमरों और उनमें रखे घरेलू सामान, अनाज और कीमती वस्तुओं को अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंचे और दमकल विभाग को सूचना दी।

    दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई से बड़ी दुर्घटना टली

    रोहड़ू अग्निशमन केंद्र से दमकल गाड़ी समय पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट आग लगने का कारण माना गया है। समय से मिली सहायता के कारण आग आसपास के घरों तक नहीं पहुंची।

    विधायक और प्रशासन मौके पर पहुंचे, तत्काल राहत प्रदान

    घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय विधायक मोहनलाल ब्राक्टा भी मौके पर पहुंचे और प्रभावित परिवार का हाल जाना। एसडीएम रोहड़ू धर्मेश रामोत्रा ने बताया कि प्रशासन ने फौरी राहत के रूप में 10,000 रुपये नकद, तिरपाल, बर्तन और अन्य आवश्यक सामग्री प्रदान की है। राजस्व विभाग द्वारा नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है।

    विकास मंच ने तीन अन्य अग्निकांड पीड़ित परिवारों को दी आर्थिक सहायता

    छौहारा विकास मंच ने क्षेत्र में हाल ही हुई आग की अलग-अलग घटनाओं में प्रभावित तीन परिवारों को 29,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की। इसके अलावा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धमवाड़ी की एनएसएस इकाई ने 4,300 रुपये का सहयोग दिया। मंच के अध्यक्ष डॉ. उमेश दाऊटू ने कहा कि संगठन संकट की घड़ी में पीड़ितों के साथ खड़ा है और आगे भी सहयोग जारी रहेगा।

  • शिमला के खड़ापत्थर में टैक्सी और ट्रक में टक्कर छह लोग घायल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की

    शिमला के खड़ापत्थर में टैक्सी और ट्रक में टक्कर छह लोग घायल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की

    शिमला जिले के जुब्बल क्षेत्र में खड़ापत्थर के पास टैक्सी और ट्रक की टक्कर में छह लोग घायल हुए। घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    शिमला

    शनिवार रात खड़ापत्थर में हुआ हादसा
    जानकारी के अनुसार यह दुर्घटना शनिवार रात उस समय हुई जब टैक्सी और ट्रक खड़ापत्थर के पास आमने-सामने टकरा गए। टक्कर इतनी तेज थी कि टैक्सी में सवार सभी लोग घायल हो गए।

    टैक्सी चालक की लापरवाही का आरोप
    पुलिस में दर्ज शिकायत में अभिषेक पुत्र सतपाल निवासी बराग संगड़ाह ने बताया कि वह सोलन से रोहड़ू एचआरटीसी बस में आ रहे थे। खड़ापत्थर में बस शील-घाट रोड की ओर मुड़ रही थी, तभी टैक्सी चालक की लापरवाही के कारण बड़ी टक्कर हो गई।

    घायलों का उपचार जारी, पुलिस जांच में जुटी
    घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दोनों वाहनों की स्थिति, चश्मदीदों के बयान तथा दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है।

    जुब्बल थाना क्षेत्र की पुलिस कर रही आगे की कार्रवाई
    जुब्बल थाना क्षेत्र की पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस दुर्घटना स्थल से साक्ष्य जुटाकर पूरे मामले की विस्तृत जांच करेगी।

  • हिमाचल के कॉलेज प्राध्यापकों को अब मोबाइल एप से ही हाजिरी लगानी होगी जियोफेंस सिस्टम पर उठे सवालों पर विभाग ने दी सफाई

    हिमाचल के कॉलेज प्राध्यापकों को अब मोबाइल एप से ही हाजिरी लगानी होगी जियोफेंस सिस्टम पर उठे सवालों पर विभाग ने दी सफाई

    हिमाचल प्रदेश में कॉलेज प्राध्यापकों के लिए मोबाइल एप से ही हाजिरी लगानी अनिवार्य कर दिया गया है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने जियोफेंस आधारित बायोमैट्रिक अटेंडेंस सिस्टम पर उठे सवालों को लेकर विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया है।

    शिमला

    मोबाइल एप से ही दर्ज होगी उपस्थिति, सहकर्मी के फोन से भी लॉगिन की सुविधा
    निदेशालय ने बताया कि यदि किसी प्राध्यापक का मोबाइल एप के लिए मान्य न हो, खो जाए या उपलब्ध न हो, तो वह सहकर्मी के फोन पर अपनी हिम एक्सेस आईडी से लॉगिन कर हाजिरी दर्ज कर सकता है।

    निजता सुरक्षित रहेगी, डेटा स्टेट डाटा सेंटर में संरक्षित
    उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने कहा कि प्राध्यापकों की बायोमैट्रिक पहचान आधार प्रमाणीकरण से की जाएगी और संपूर्ण रिकॉर्ड हिमाचल प्रदेश स्टेट डाटा सेंटर में सुरक्षित रहेगा। निजी जानकारी के दुरुपयोग की कोई आशंका नहीं है।

    प्राध्यापक संघ के विरोध पर विस्तृत जवाब
    राजकीय प्राध्यापक संघ द्वारा उठाई गई शंकाओं का जवाब देते हुए डिजिटल टेक्नोलॉजी एवं गवर्नेंस विभाग ने स्पष्ट किया कि यह प्रणाली आधार अधिनियम, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और सभी डेटा संरक्षण मानकों के अनुरूप है।

    एंड्रॉइड और आईओएस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध एप
    जियोफेंस आधारित यह एप एंड्रॉइड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। फोन की समस्या होने पर शिक्षक सहकर्मी के मोबाइल से भी उपस्थिति दर्ज कर सकेंगे ताकि उपस्थिति प्रक्रिया बाधित न हो।

    सभी कॉलेज प्रिंसिपलों को आदेश
    निदेशालय ने सरकारी कॉलेजों के प्रिंसिपलों को निर्देश दिए हैं कि यह स्पष्टीकरण सभी शिक्षकों और गैर-शिक्षकों तक अनिवार्य रूप से पहुंचाया जाए और सरकारी निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए।

  • उच्चतम न्यायालय के स्थगन आदेश के बाद, 58+ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवाएँ समाप्त

    उच्चतम न्यायालय के स्थगन आदेश के बाद, 58+ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवाएँ समाप्त

    हिमाचल उच्चतर शिक्षा निदेशालय का ज़िला उप-निदेशकों को तत्काल सेवा वापसी का निर्देश

    शिमला:

    हिमाचल प्रदेश के उच्चतर शिक्षा निदेशालय ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए ज़िला स्तर पर नियुक्त उन चतुर्थ श्रेणी (Class-IV) कर्मचारियों की सेवाएँ तत्काल प्रभाव से वापस लेने का निर्देश दिया है,

    जिनकी अधिवार्षिकी (सेवानिवृत्ति) की आयु 58 वर्ष पूरी हो चुकी है। यह निर्णय भारत के उच्चतम न्यायालय द्वारा उच्च न्यायालय के एक पूर्व निर्णय पर स्थगन आदेश (Stay Order) मिलने के बाद लिया गया है।

    निदेशालय द्वारा 15 नवंबर, 2025 को जारी यह निर्देश सभी उप-निदेशकों, उच्चतर शिक्षा, ज़िला स्तर को ‘अति आवश्यक’ मानते हुए भेजा गया है।निदेशालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई सी डब्लू पी संख्या 2274/2021 से जुड़े कर्मचारियों को लेकर है,

    जिन्हें 28 मई, 2024 को दिए गए उच्च न्यायालय के निर्णय के बाद फिर से सेवा में लगाया गया था।अब, उच्चतम न्यायालय में एसएलपी डायरी संख्या 11306/2025 में हिमाचल उच्च न्यायालय के उक्त निर्णय के कार्यान्वयन पर रोक (स्थगन) प्राप्त होने के बाद,

    सरकार ने 58 वर्ष से अधिक आयु वाले सभी पुनर्नियुक्त कर्मचारियों की सेवाएँ तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का निर्णय लिया है।

    उच्चतर शिक्षा निदेशक (अमरजीत के. शर्मा) ने सभी ज़िला उप-निदेशकों को, जो नियुक्ति अधिकारी भी हैं, निर्देश दिया है कि वे इस निर्णय का बिना किसी विलंब के सख्ती से पालन करें और की गई कार्रवाई की सूचना तुरंत निदेशालय को भेजें।