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  • उच्चतम न्यायालय के स्थगन आदेश के बाद, 58+ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवाएँ समाप्त

    उच्चतम न्यायालय के स्थगन आदेश के बाद, 58+ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवाएँ समाप्त

    हिमाचल उच्चतर शिक्षा निदेशालय का ज़िला उप-निदेशकों को तत्काल सेवा वापसी का निर्देश

    शिमला:

    हिमाचल प्रदेश के उच्चतर शिक्षा निदेशालय ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए ज़िला स्तर पर नियुक्त उन चतुर्थ श्रेणी (Class-IV) कर्मचारियों की सेवाएँ तत्काल प्रभाव से वापस लेने का निर्देश दिया है,

    जिनकी अधिवार्षिकी (सेवानिवृत्ति) की आयु 58 वर्ष पूरी हो चुकी है। यह निर्णय भारत के उच्चतम न्यायालय द्वारा उच्च न्यायालय के एक पूर्व निर्णय पर स्थगन आदेश (Stay Order) मिलने के बाद लिया गया है।

    निदेशालय द्वारा 15 नवंबर, 2025 को जारी यह निर्देश सभी उप-निदेशकों, उच्चतर शिक्षा, ज़िला स्तर को ‘अति आवश्यक’ मानते हुए भेजा गया है।निदेशालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई सी डब्लू पी संख्या 2274/2021 से जुड़े कर्मचारियों को लेकर है,

    जिन्हें 28 मई, 2024 को दिए गए उच्च न्यायालय के निर्णय के बाद फिर से सेवा में लगाया गया था।अब, उच्चतम न्यायालय में एसएलपी डायरी संख्या 11306/2025 में हिमाचल उच्च न्यायालय के उक्त निर्णय के कार्यान्वयन पर रोक (स्थगन) प्राप्त होने के बाद,

    सरकार ने 58 वर्ष से अधिक आयु वाले सभी पुनर्नियुक्त कर्मचारियों की सेवाएँ तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का निर्णय लिया है।

    उच्चतर शिक्षा निदेशक (अमरजीत के. शर्मा) ने सभी ज़िला उप-निदेशकों को, जो नियुक्ति अधिकारी भी हैं, निर्देश दिया है कि वे इस निर्णय का बिना किसी विलंब के सख्ती से पालन करें और की गई कार्रवाई की सूचना तुरंत निदेशालय को भेजें।

  • रिज मैदान से शुरू हुआ एंटी-चिट्टा अभियान, मुख्यमंत्री ने वॉकथॉन को झंडी दिखाकर बनाया जन आंदोलन

    रिज मैदान से शुरू हुआ एंटी-चिट्टा अभियान, मुख्यमंत्री ने वॉकथॉन को झंडी दिखाकर बनाया जन आंदोलन

    एंटी-चिट्टा अभियान : हिमाचल प्रदेश में नशा विरोधी मुहिम को सशक्त बनाने के लिए शनिवार को एंटी-चिट्टा जागरूकता अभियान का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने रिज मैदान से वॉकथॉन को झंडी दिखाकर राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत की, जिसमें भारी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

    शिमला

    तीन माह तक चलेगा राज्यव्यापी जागरूकता अभियान
    मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि चिट्टे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के लिए इस अभियान को जन आंदोलन का रूप दिया जाएगा। रिज मैदान से चौड़ा मैदान तक आयोजित राज्य स्तरीय वॉकथॉन में राज्यपाल, मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायक, अधिकारी, विद्यार्थी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। आने वाले तीन महीनों तक सभी जिलों में इसी तरह की वॉकथॉन आयोजित की जाएंगी।

    रिज मैदान और सीटीओ चौक पर दिया नशामुक्त हिमाचल का संदेश
    कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने जुबा डांस के माध्यम से नशा त्यागने का संदेश दिया, जबकि हिमाचल पुलिस आर्केस्ट्रा ने भी प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री ने उपस्थित नागरिकों को शपथ दिलाई कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे, परिवार और समाज को जागरूक करेंगे तथा मिलकर नशामुक्त हिमाचल का निर्माण करेंगे।

    नशाखोरी के खिलाफ कार्रवाई पहले से जारी : मुख्यमंत्री
    मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि चिट्टा फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई पहले से जारी है और इस मुहिम को सामाजिक सहयोग से और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल की नई पीढ़ी को सुरक्षित और नशामुक्त भविष्य देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

  • बिहार जनादेश में कांग्रेस की झूठी गारंटियों की करारी हार, मोदी नेतृत्व पर जनता के भरोसे की फिर पुष्टि : जयराम ठाकुर

    बिहार जनादेश में कांग्रेस की झूठी गारंटियों की करारी हार, मोदी नेतृत्व पर जनता के भरोसे की फिर पुष्टि : जयराम ठाकुर

    बिहार के चुनावी नतीजों ने कांग्रेस की गारंटियों के मॉडल को सिरे से खारिज करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक संदेश स्पष्ट कर दिया। जनमत ने यह दिखा दिया कि देश स्थिर नेतृत्व और विकास आधारित नीतियों पर आगे बढ़ना चाहता है।

    शिमला

    बिहार का जनमत राष्ट्रीय राजनीतिक माहौल का संकेत
    जयराम ठाकुर ने कहा कि बिहार के जनादेश ने साफ कर दिया है कि राहुल गांधी की गारंटियों और राजनीतिक प्रपंचों पर अब जनता भरोसा नहीं करती। यह परिणाम देश के मूड को दर्शाता है, जिसमें जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों और नेतृत्व को बेहतर विकल्प के रूप में देख रही है।

    कांग्रेस मॉडल को बताया पूरी तरह असफल
    उन्होंने कहा कि कांग्रेस की झूठी गारंटियों का मॉडल भारत के मतदाताओं पर अब असर नहीं डाल रहा। बिहार की जनता ने इसे निर्णायक रूप से नकारकर यह संदेश दे दिया है कि चुनाव केवल लुभावने वादों से नहीं जीते जाते, बल्कि विश्वसनीय नेतृत्व और मजबूत विकास मॉडल से जीते जाते हैं।

    एनडीए नेतृत्व को दी बधाई
    जयराम ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा और एनडीए नेतृत्व को बिहार की जीत के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह जनादेश जनता के विश्वास और विकास की राजनीति की जीत है।

    देश सही नेतृत्व की ओर बढ़ रहा—जयराम ठाकुर
    उन्होंने कहा कि इस परिणाम ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि देश नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को भविष्य की दिशा मानता है। जनता स्थिर, निर्णायक और पारदर्शी शासन ही चाहती है, और बिहार का जनादेश इसी दिशा की पुष्टि है।

  • रोहडू में तेज रफ्तार पिकअप की टक्कर में सड़क किनारे खड़े व्यक्ति की मौके पर मौत

    रोहडू में तेज रफ्तार पिकअप की टक्कर में सड़क किनारे खड़े व्यक्ति की मौके पर मौत

    शिमला जिले के रोहडू उपमंडल में गुरुवार शाम एक तेज रफ्तार पिकअप के अनियंत्रित होने से बड़ा हादसा हो गया । कई वाहनों को टक्कर लगने के बाद एक व्यक्ति की मौके पर दर्दनाक मौत हो गई और चालक भी घायल हुआ।

    शिमला

    तेज रफ्तार पिकअप ने मचाई तबाही
    घटना कड़ीवां के पास हुई जहां गौशाला की खाद से भरी पिकअप (HP63C-1649) अचानक अनियंत्रित हो गई। चालक विनीत, निवासी कड़ीवां, वाहन को सुन्नी से कड़ीवां की ओर ले जा रहा था, तभी उसने नियंत्रण खो दिया और सड़क किनारे खड़े वाहनों में जोरदार टक्कर मार दी।

    कई वाहन क्षतिग्रस्त, एक पिकअप पलटी
    टक्कर इतनी तेज थी कि सड़क किनारे खड़ी पिकअप (HP63-9122) पलट गई। जोरदार आवाज के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए, लेकिन तब तक हादसा गंभीर रूप ले चुका था।

    सड़क किनारे खड़ा व्यक्ति वाहन के नीचे दबा
    पिकअप के पलटने से गांव बागी (देवली) के 46 वर्षीय विनोद सँगरोली उसके नीचे दब गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में चालक विनीत को भी चोटें आई हैं और उसे उपचार के लिए ले जाया गया।

  • 🏅 प्रदेश सरकार ने स्पोर्ट्स कोटे में अब इन 59 खेलों को ही दी मान्यता

    🏅 प्रदेश सरकार ने स्पोर्ट्स कोटे में अब इन 59 खेलों को ही दी मान्यता

    उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में मिलेगा 3% आरक्षण; तीन दशक पुराने नियम बदले

    शिमला,

    हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य की खेल प्रतिभाओं को सशक्त प्रोत्साहन देते हुए एक ऐतिहासिक प्रशासनिक बदलाव किया है। उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में आरक्षण देने संबंधी दिशा-निर्देशों में संशोधन करते हुए, राज्य सरकार ने योग्य खेलों की सूची को 59 तक बढ़ा दिया है।

    इस फ़ैसले से राज्य के हजारों खिलाड़ियों के लिए सरकारी सेवा में प्रवेश का रास्ता साफ़ हो गया है।समूह-ए से डी तक 3% आरक्षण का लाभकार्मिक विभाग की ओर से जारी आदेशों के अनुसार, राज्य सरकार के विभिन्न विभागों, बोर्डों, निगमों और विश्वविद्यालयों में समूह-ए, बी, सी और डी की सीधी भर्ती वाली नौकरियों में खिलाड़ियों को 3 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा।

    यह नई व्यवस्था पिछली तीन दशकों (वर्ष 1999, 2008 और 2018) से चले आ रहे आदेशों का स्थान लेगी, जिससे नियमों में पारदर्शिता और विस्तार आएगा।विभाग के डिप्टी सेक्रेटरी संत राज पुहार्टा द्वारा जारी इन निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि खिलाड़ियों के लिए योग्य खेलों की संशोधित सूची को परिशिष्ट “ए” में संलग्न किया गया है

    जिसके तहत पारंपरिक, आधुनिक और पैरास्पोर्ट्स सहित कुल 59 खेलों को मान्यता दी गई है।विस्तृत सूची: अब इन खेलों के खिलाड़ी भी पात्रइस विस्तार का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को सरकारी प्रोत्साहन का लाभ दिलाना है।

    संशोधित सूची में शामिल प्रमुख खेल इस प्रकार हैं

    :मुख्य खेल: तीरंदाजी, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, मुक्केबाजी, शतरंज, क्रिकेट, फुटबॉल, हैंडबॉल, हॉकी, जूडो, कबड्डी, कराटे, खो-खो, पावरलिफ्टिंग, राइफल शूटिंग, तैराकी, टेबल टेनिस, ताइक्वांडो, वॉलीबॉल, भारोत्तोलन, कुश्ती और वुशू।

    अन्य खेल:

    नेटबॉल, पैरास्पोर्ट्स, अत्या-पात्या, बॉल बैडमिंटन, बेसबॉल, बिलियर्ड्स और स्नूकर, ब्रिज, कैरम, साइक्लिंग, मूक-बधिर खेल, अश्व खेल, फेंसिंग, गोल्फ, व्यायाम (बॉडी बिल्डिंग सहित), कूडो, मल्लखंभ, मोटर स्पोर्ट्स, पेनाक सिलाट, पोलो, रग्बी, रस्साकशी, शीतकालीन खेल,

    नौकायन, सॉफ्टबॉल, सॉफ्ट टेनिस और स्क्वैश आदि।तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देशसरकार ने सभी प्रशासनिक सचिवों, ज़िला उपायुक्तों (DC) और विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि इन नए दिशा-निर्देशों को बिना किसी देरी के सख्ती से लागू किया जाए।

    सरकार के इस बड़े और दूरगामी कदम से राज्य में खेल प्रतिभाओं को सशक्त प्रोत्साहन मिलेगा और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में बेहतर और सुरक्षित अवसर प्राप्त होंगे।

  • SHUT DOWN / शिमला के जुन्गा क्षेत्र में इस दिन बिजली रहेगी बंद, 11 केवी जोघो फीडर पर रखरखाव कार्य निर्धारित

    SHUT DOWN / शिमला के जुन्गा क्षेत्र में इस दिन बिजली रहेगी बंद, 11 केवी जोघो फीडर पर रखरखाव कार्य निर्धारित

    शिमला

    शिमला जिले के जुन्गा क्षेत्र में 14 नवंबर को आवश्यक रखरखाव कार्य के चलते कई घंटों तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। बिजली विभाग ने सभी उपभोक्ताओं से तैयारी रखने और सहयोग करने की अपील की है।

    जुन्गा और आसपास के क्षेत्रों में रहेगा व्यापक असर
    विद्युत उपमंडल जुन्गा ने सूचित किया है कि 11 केवी जोघो फीडर पर आवश्यक मरम्मत और रखरखाव कार्य 14 नवंबर को किया जाएगा। सहायक अभियंता यशवंत सिंह के अनुसार, जुन्गा कस्बा सहित क्याणा, खड़कीधार, क्यारी, महेशु, नागरी, यान, कोट चंबी, भाड़, डोगरापुल, चढ़ाऊ केनची, ठूंड, अंकित स्टोन क्रशर, सेरगाता और नीन क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बाधित रहेगी।

    मौसम रहेगा निर्णायक, विभाग ने की सहयोग की अपील
    बिजली विभाग ने स्पष्ट किया कि रखरखाव कार्य मौसम की अनुकूलता पर निर्भर करेगा। जनता से अनुरोध किया गया है कि वे इस अनिवार्य सुधार कार्य के दौरान धैर्य बनाए रखें और विभाग को अपना सहयोग दें, ताकि कार्य पूर्ण होने के बाद सुचारु विद्युत आपूर्ति जल्द बहाल की जा सके।

  • व्यापारिक गौरव गाथा: अंतर्राष्ट्रीय लवी मेला, रामपुर बुशहर

    व्यापारिक गौरव गाथा: अंतर्राष्ट्रीय लवी मेला, रामपुर बुशहर

    नमक-सोना विनिमय से भेड़-बकरियों के रेवड़ों तक की 300 साल पुरानी दास्तान

    शिमला रामपुर बुशहर

    हिमालय की गोद में, सतलुज नदी के तट पर बसा रामपुर बुशहर प्रतिवर्ष अंतर्राष्ट्रीय लवी मेले का आयोजन कर सदियों पुरानी एक ऐसी व्यापारिक गाथा को जीवंत रखता है, जिसने इस क्षेत्र के भूगोल और इतिहास को आकार दिया है।

    एशिया के सबसे प्राचीन व्यापारिक संगमों में से एक, लवी मेला, केवल वस्तुओं का लेन-देन नहीं, बल्कि भीतरी हिमालय और तिब्बत के बीच पनपे एक विशिष्ट सभ्यतागत आदान-प्रदान का जीवंत प्रमाण है।

    लवी मेले का इतिहास बुशहर रियासत के शक्तिशाली शासक राजा केहर सिंह (1639-1696 ई.) द्वारा तिब्बत के साथ की गई एक ऐतिहासिक व्यापारिक संधि में निहित है।

    इस संधि ने रामपुर को भारत और तिब्बत के बीच एक निर्बाध, कर-मुक्त व्यापारिक गलियारा बना दिया था। पुराने तिब्बती व्यापारिक अभिलेखों के अनुसार, इस विरासत की सबसे असाधारण जानकारी यह है कि एक समय तिब्बत सीमा से सटे क्षेत्रों के व्यापारी यहाँ से अत्यंत मूल्यवान वस्तु नमक लेकर जाते थे, और बदले में सोना लेकर आते थे।

    यह विनिमय दर्शाता है कि दुर्गम हिमालयी क्षेत्रों में नमक कितना बहुमूल्य था, जिसकी कीमत शुद्ध धातु के साथ आँकी जाती थी। इस आदान-प्रदान ने बुशहर को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाया और रियासत की ताकत दूर-दूर तक फैली।मेले की व्यापकता केवल खनिज और ऊनी उत्पादों तक ही सीमित नहीं थी।

    यह मेला पशुधन व्यापार का भी एक विशाल केंद्र था। व्यापारी यहाँ भेड़-बकरियों की खरीद-फरोख्त भी किया करते थे। बड़े-बड़े रेवड़ (झुंड) पहाड़ की घाटियों से उतरकर रामपुर आया करते थे, जहाँ उनका व्यापार होता था।

    हालांकि, आधुनिक परिवहन और नियमों के कारण यह पारंपरिक पशुधन व्यापार अब धीरे-धीरे बंद हो गया है। इसके अलावा, चामुर्थी नस्ल के घोड़े, जिन्हें ‘पहाड़ का जहाज’ कहा जाता था, अपनी सहनशक्ति के कारण दुर्गम यात्राओं के लिए मेले में विशेष आकर्षण का केंद्र होते थे।

    आज लवी मेले का प्राथमिक उद्देश्य सदियों पुरानी इस व्यापारिक विरासत को सांस्कृतिक और आर्थिक रूप से पोषित करना है। हालांकि 1962 के बाद तिब्बत से व्यापार बंद हो गया,

    यह मेला अभी भी किन्नौर, लाहौल-स्पीति और कुल्लू के व्यापारियों के लिए चिलगोजे, काला जीरा, शॉल और पट्टू के करोड़ों रुपये के कारोबार का केंद्र बना हुआ है। व्यापार के अतिरिक्त,

    यह मेला बुशहर और किन्नौर की सांस्कृतिक विरासत का भव्य प्रदर्शन मंच है, जहाँ पारंपरिक वेशभूषा, लोक संगीत और ‘नाटी’ नृत्य के माध्यम से स्थानीय पहचान को जीवित रखा जाता है।

    इस प्रकार, लवी मेला एक बहुआयामी आयोजन है जो अतीत के नमक-सोना व्यापार से लेकर पशुधन की खरीद-फरोख्त तक, इस क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक इतिहास को बयाँ करता है। बड़ी बात तो एक यह है कि यहां जो नमक आया करता था वह मंडी के द्रंग की खानों से आया करता था।

  • हिमाचल में 4 आईपीएस अधिकारियों के तबादले, अरविंद दिग्विजय नेगी बने डीआईजी, शिमला में संभालेंगे नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो

    हिमाचल में 4 आईपीएस अधिकारियों के तबादले, अरविंद दिग्विजय नेगी बने डीआईजी, शिमला में संभालेंगे नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो

    4 आईपीएस अधिकारियों के तबादले : हिमाचल प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग में एक बार फिर महत्वपूर्ण तबादले और पदस्थापन आदेश जारी किए हैं। राज्यपाल की स्वीकृति से कार्मिक विभाग ने यह अधिसूचना तत्काल प्रभाव से जारी की है। यह आदेश 5 नवम्बर 2025 को जारी अधिसूचना में आंशिक संशोधन के रूप में किए गए हैं।

    शिमला: अरविंद दिग्विजय नेगी को मिली पदोन्नति
    अधिसूचना के अनुसार, अरविंद दिग्विजय नेगी, आईपीएस (बैच 2011) को पदोन्नति के बाद पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी), नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, सीआईडी, शिमला के रूप में नियुक्त किया गया है। वे इससे पहले भी पुलिस विभाग में कई अहम पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

    रोहित मालपानी बने एसपी साइबर क्राइम
    वहीं, रोहित मालपानी, आईपीएस (बैच 2012), जो वर्तमान में कमांडेंट, 15वीं एचपीएपी, जुंगा के पद पर कार्यरत हैं और अतिरिक्त रूप से एसपी साइबर क्राइम, शिमला का कार्यभार भी संभाल रहे थे, अब उन्हें स्थायी रूप से एसपी साइबर क्राइम, शिमला के पद पर तैनात किया गया है।

    डॉ. कार्तिकेयन और पदम चंद के भी तबादले
    इसके अलावा, डॉ. कार्तिकेयन गोकुलचंद्रन, आईपीएस (बैच 2014), जो अब तक पुलिस अधीक्षक, कुल्लू के पद पर तैनात थे और हाल ही में उन्हें कम्पल्सरी वेटिंग ऑफिसर, पुलिस मुख्यालय शिमला भेजे जाने का आदेश हुआ था, अब उन्हें कमांडेंट, तृतीय भारत रिजर्व बटालियन, पंडोह, जिला मंडी नियुक्त किया गया है। इसी अधिसूचना के तहत पदम चंद, आईपीएस (बैच 2015), जो अब तक कमांडेंट, तृतीय भारत रिजर्व बटालियन, पंडोह के पद पर थे, को कमांडेंट, प्रथम एचपीएपी, जुंगा, जिला शिमला के पद पर स्थानांतरित किया गया है।

  • Himachal Weather / प्रदेश में शुष्क मौसम जारी, 15 नवंबर तक साफ आसमान और ठंड बढ़ने की संभावना

    Himachal Weather / प्रदेश में शुष्क मौसम जारी, 15 नवंबर तक साफ आसमान और ठंड बढ़ने की संभावना

    Himachal Weather : हिमाचल प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम शुष्क बना हुआ है। कुछ स्थानों पर हल्का कोहरा दर्ज किया गया जबकि अधिकांश हिस्सों में दिन धूप खिली रही। प्रदेश में मौसम शुष्क बना हुआ है और आने वाले दिनों में भी बारिश की संभावना नहीं है। 15 नवंबर तक आसमान साफ रहने और रात के तापमान में गिरावट के आसार हैं।

    शिमला:

    राज्य में शुष्क रहा मौसम, कुछ जगह कोहरा दर्ज
    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में पिछले 24 घंटों में किसी भी स्थान पर वर्षा नहीं हुई। सुंदरनगर में मध्यम कोहरा और बिलासपुर में हल्का कोहरा दर्ज किया गया। पोंटा साहिब में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान -3.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    मुख्य शहरों का तापमान
    शिमला में अधिकतम तापमान 19.6 और न्यूनतम 8.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। कल्पा में अधिकतम तापमान 17 और न्यूनतम 0 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि मनाली में अधिकतम तापमान 17.4 और न्यूनतम 3.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    अगले पांच दिनों तक मौसम रहेगा साफ
    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 11 से 15 नवंबर तक राज्य में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। इस अवधि के दौरान किसी प्रकार की चेतावनी नहीं जारी की गई है।

    शिमला में रहेगा मुख्यतः साफ आसमान
    11 से 13 नवंबर तक शिमला शहर में आसमान साफ रहने का अनुमान है। अधिकतम तापमान 19 से 20 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 8 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई गई है।

  • हिमाचल छात्रवृत्ति घोटाले के मास्टरमाइंड रजनीश बंसल ‘फरार अपराधी’ घोषित, ईडी अब संपत्ति करेगा नीलाम

    हिमाचल छात्रवृत्ति घोटाले के मास्टरमाइंड रजनीश बंसल ‘फरार अपराधी’ घोषित, ईडी अब संपत्ति करेगा नीलाम

    कालाअंब/शिमला।

    हिमाचल प्रदेश के बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले के धन शोधन (Money Laundering) मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की विशेष अदालत ने एक निर्णायक कदम उठाया है। कालाअंब स्थित हिमालयन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस (HGPI) के प्रबंध निदेशक रजनीश बंसल को आखिरकार ‘उद्घोषित फरार अपराधी’ (Proclaimed Offender) घोषित कर दिया गया है।

    अदालत के इस सख्त आदेश के बाद अब ईडी के लिए रजनीश बंसल की करोड़ों रुपये की संपत्ति को कुर्क और नीलाम करने का रास्ता साफ हो गया है।

    ⚠️ लगातार टाल-मटोल के बाद अदालत का कड़ा रुख

    न्यायालय ने यह आदेश आरोपी द्वारा लगातार समन की अनदेखी करने और अदालत की कार्यवाही से जानबूझकर बचने के कारण दिया है।ईडी के अनुसार, मामले की पूछताछ के लिए रजनीश बंसल के खिलाफ करीब पाँच समन जारी किए गए थे।

    अंतिम वारंट जारी होने के बावजूद, वह 6 फरवरी 2025 को ईडी के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ। इससे पहले भी, ईडी ने 29 जनवरी 2025 को मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत रजनीश के पंचकूला स्थित घर पर रेड की थी और उसके भाई को गिरफ्तार किया था, जो फिलहाल जेल में है।

    ईडी के शिकंजे से बचने के लिए बीते दिनों रजनीश की ओर से लगाई गई अंतरिम जमानत याचिका को भी अदालत पहले ही खारिज कर चुकी थी। इसके बाद गत 12 मार्च को विशेष न्यायाधीश की अदालत ने बंसल के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA, 2002) की धारा 4 के तहत दंडनीय अपराध के लिए ओपन-एंडेड गैर-जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया था।

    📌 नोटिस चस्पा करने पर नया विवाद

    उद्घोषणा जारी होने के बाद, आदेश की प्रतियां आरोपी के कुरुक्षेत्र स्थित निवास, नाहन के कालाअंब स्थित HGPI संस्थान और शिमला अदालत के नोटिस बोर्ड पर चस्पां की गईं थीं। बावजूद इसके, बंसल अदालत में उपस्थित नहीं हुआ।

    लेटेस्ट अपडेट यह है कि जहां अदालती दस्तावेजों में नोटिस चस्पां किए जाने का उल्लेख है, वहीं हिमालयन कॉलेज प्रबंधन की ओर से मैडम ममता का कहना है कि अभी तक उनके संस्थान पर कोई भी नोटिस चस्पा नहीं किया गया है।

    न्यायालय ने इन सभी तथ्यों को देखते हुए यह माना कि आरोपी जानबूझकर न्यायालय की कार्यवाही से बच रहा है। इसलिए उसे फरार घोषित किया गया है, और आदेश दिया गया है कि बंसल का नाम प्रवर्तन निदेशालय के फरार आरोपियों के रजिस्टर में दर्ज किया जाए।

    🔍 छात्रवृत्ति घोटाले की जड़ें

    यह मामला हिमाचल में अधिकारियों की मिलीभगत से कई निजी विश्वविद्यालय संचालकों द्वारा करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति हड़पने से जुड़ा है।मामले की शुरुआत: कथित अपराध वर्ष 2014-15 का है। 16 नवंबर 2018 को पुलिस थाना छोटा शिमला में आरोपी अरविंद राज्टा सहित अन्य के खिलाफ मामला पंजीकृत किया गया था।

    सीबीआई जांच: 7 मई 2019 को यह मामला जांच के लिए सीबीआई को सौंपा गया था। सीबीआई ने इसी दिन रजनीश बंसल व अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।पूर्व की गिरफ्तारी: सीबीआई ने 8 अप्रैल 2024 को रजनीश को गिरफ्तार किया था,

    हालांकि बाद में उन्हें कोर्ट से जमानत मिल गई थी।ईडी की जाँच: 19 जुलाई 2019 से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी मनी लॉन्ड्रिंग के तहत मामले की जांच कर रहा है।

    उद्घोषित अपराधी घोषित किए जाने की इस सूचना के बाद न केवल HGPI कॉलेज बल्कि पूरे कालाअंब क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। अब सभी की निगाहें प्रवर्तन निदेशालय पर टिकी हैं कि वह रजनीश बंसल की संपत्तियों की कुर्की और नीलामी की कार्रवाई कब शुरू करता है।