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  • शिमला के जुन्गा रियासत के पुराने राजमहल में आग, एक हिस्सा जलकर राख

    शिमला के जुन्गा रियासत के पुराने राजमहल में आग, एक हिस्सा जलकर राख

    शिमला के जुन्गा क्षेत्र में स्थित पुराने शाही राजमहल में आग लगने से उसका एक हिस्सा पूरी तरह जल गया। आग पर काबू पाने के लिए दमकल, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर तैनात रहीं।

    शिमला/जुन्गा

    राजमहल में अचानक भड़की आग
    शिमला में जुन्गा रियासत के पुराने शाही राजमहल में बुधवार दोपहर करीब एक बजे अचानक आग की लपटें उठती दिखाई दीं। देखते ही देखते आग ने महल के एक हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया और वह जलकर राख हो गया। यह महल काफी पुराना है और करीब सौ वर्षों से खाली पड़ा हुआ था।

    स्थानीय लोगों ने की आग बुझाने की कोशिश
    आग की लपटें दिखाई देने के बाद स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया। सूचना मिलने पर तहसीलदार जुन्गा कार्तिकेय शर्मा, पुलिस और होमगार्ड की टीमें मौके पर पहुंचीं। इसके बाद दमकल विभाग शिमला को भी आग की सूचना दी गई।

    दमकल विभाग की कार्रवाई
    करीब एक घंटे बाद शिमला से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का कार्य शुरू किया गया। तहसीलदार जुन्गा कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि पुलिस और होमगार्ड की सहायता से महल के बाहरी हिस्से में आग पर काबू पा लिया गया है, जबकि अंदर लकड़ी अब भी सुलग रही है। एहतियात के तौर पर दमकल की तीन गाड़ियों को मौके पर ही तैनात किया गया है।

    आग लगने के कारणों की जांच जारी
    एसडीएम शिमला ग्रामीण मौके पर कैंप लगाकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रशासन द्वारा कारणों की जांच के लिए पुलिस को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

    ऐतिहासिक धरोहर को भारी नुकसान
    राजपरिवार के सदस्य पंकज सेन ने बताया कि यह राजमहल क्योंथल रियासत की ऐतिहासिक धरोहर था और भविष्य में इसे पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जा सकता था। उन्होंने बताया कि इस महल में देवता जुन्गा के 22 टीका का मंदिर भी स्थित था, जहां अब आग लगी है।

    काष्ठकुणी शैली में बना था राजमहल
    एसडीएम शिमला ग्रामीण मंजीत शर्मा ने बताया कि आग राजमहल के पूर्वी हिस्से में लगी है। यह महल काष्ठकुणी शैली में टावर के रूप में निर्मित था, जिसमें लकड़ी और पत्थर का उपयोग किया गया था।

  • चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए बनेगी सीनियर रेजिडेंटशिप पॉलिसी, एमडी-एमएस के नए विषय होंगे शुरू

    चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए बनेगी सीनियर रेजिडेंटशिप पॉलिसी, एमडी-एमएस के नए विषय होंगे शुरू

    प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट पदों का युक्तिकरण किया जाएगा और स्वास्थ्य शिक्षा को मजबूत करने के लिए बड़े संरचनात्मक सुधार लागू होंगे। सरकार का लक्ष्य चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता के साथ-साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाना है।

    शिमला

    सीनियर रेजिडेंटशिप के लिए नई पॉलिसी का फैसला

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए एक समान सीनियर रेजिडेंटशिप पॉलिसी बनाई जाएगी। इस पॉलिसी के तहत सीनियर रेजिडेंट के पदों का युक्तिकरण किया जाएगा, ताकि मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ सेवाओं की कमी को दूर किया जा सके।

    जीडीओ कोटा बढ़ाकर 66 प्रतिशत करने का निर्णय

    मुख्यमंत्री ने बताया कि सीनियर रेजिडेंटशिप में जनरल ड्यूटी ऑफिसर (जीडीओ) का कोटा बढ़ाकर 66 प्रतिशत किया जाएगा। वर्तमान में यह अनुपात जीडीओ और सीधी भर्ती के बीच 50-50 प्रतिशत है। इस बदलाव से सेवा में कार्यरत डॉक्टरों को आगे बढ़ने का अधिक अवसर मिलेगा और अनुभव का बेहतर उपयोग हो सकेगा।

    मेडिकल कॉलेजों में एमडी-एमएस के नए विषय शुरू होंगे
    मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा महाविद्यालय चम्बा, नाहन, हमीरपुर और नेरचौक में नए विषयों में एमडी और एमएस की पढ़ाई शुरू की जाएगी। इससे प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी और स्वास्थ्य सेवाओं की आधारभूत संरचना और अधिक सुदृढ़ होगी।

    सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की होगी नियुक्ति
    उन्होंने कहा कि डीएम और एमसीएच जैसी सुपर स्पेशलिटी में प्रशिक्षित डॉक्टरों को चिकित्सा महाविद्यालयों में नियुक्ति प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही सभी मेडिकल कॉलेजों में अत्याधुनिक स्टेट-ऑफ-द-आर्ट आईसीयू स्थापित किए जाएंगे, जिससे गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके।

    1000 रोगी मित्रों की होगी नियुक्ति
    मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में 1000 रोगी मित्र नियुक्त किए जाएंगे, जिनमें से 500 मेडिकल कॉलेजों और 500 अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में तैनात होंगे। इस योजना के लिए पहले चरण में हमीरपुर जिला में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा।

    वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष व्यवस्था
    उन्होंने कहा कि चमियाणा अस्पताल, चिकित्सा महाविद्यालय टांडा और आईजीएमसी शिमला में 70 वर्ष से अधिक आयु के मरीजों की सहायता के लिए रोगी मित्र पायलट आधार पर तैनात किए जाएंगे। इन संस्थानों में रोगी मित्र काउंटर भी स्थापित किए जाएंगे, जिससे बुजुर्ग मरीजों को मार्गदर्शन और सहायता मिल सके।

    ओपीडी में डेटा एंट्री ऑपरेटर तैनात होंगे
    मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा महाविद्यालयों की विभिन्न ओपीडी में मरीजों से संबंधित डेटा दर्ज करने के लिए डेटा एंट्री ऑपरेटर भी नियुक्त किए जाएंगे। इससे स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटलीकरण मजबूत होगा और मरीजों को बेहतर सुविधा मिलेगी।

    स्वास्थ्य शिक्षा को अग्रणी बनाने की दिशा में सरकार
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए नवोन्मेषी उपायों के साथ-साथ दीर्घकालिक योजनाएं लागू कर रही है, ताकि हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य शिक्षा और सेवाओं के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सके।

  • हिमाचल में रेरा रजिस्ट्रेशन फीस बढ़ी, प्लॉटिंग के रेट 80 रुपये प्रति वर्ग मीटर तक पहुँचे

    हिमाचल में रेरा रजिस्ट्रेशन फीस बढ़ी, प्लॉटिंग के रेट 80 रुपये प्रति वर्ग मीटर तक पहुँचे

    शिमला

    हिमाचल प्रदेश में रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) के तहत हाउसिंग और प्लॉटिंग प्रोजेक्ट्स की रजिस्ट्रेशन फीस में बढ़ोतरी कर दी गई है। इस संबंध में मुख्य सचिव की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है।

    संशोधित दरें प्रदेशभर में तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।अधिसूचना के अनुसार आवासीय उपयोग के लिए प्लॉटेड विकास में रजिस्ट्रेशन फीस बढ़ाई गई है।

    ग्रामीण क्षेत्रों में यह शुल्क 10 रुपये प्रति वर्ग मीटर से बढ़कर 30 रुपये कर दिया गया है, जबकि शहरी क्षेत्रों में अब 40 रुपये प्रति वर्ग मीटर रजिस्ट्रेशन फीस देनी होगी।

    वाणिज्यिक उपयोग के लिए प्लॉटिंग की रजिस्ट्रेशन फीस में सबसे अधिक बढ़ोतरी की गई है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में 60 रुपये और शहरी क्षेत्रों में 80 रुपये प्रति वर्ग मीटर शुल्क तय किया गया है।

    पहले इस श्रेणी में 20 रुपये प्रति वर्ग मीटर शुल्क लिया जाता था।संयुक्त आवासीय एवं वाणिज्यिक उपयोग के लिए प्लॉटेड विकास की रजिस्ट्रेशन फीस भी बढ़ा दी गई है। इस श्रेणी में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 45 रुपये और शहरी क्षेत्रों के लिए 60 रुपये प्रति वर्ग मीटर शुल्क निर्धारित किया गया है।

    पहले यह दर 15 रुपये प्रति वर्ग मीटर थी।रेरा के तहत रजिस्ट्रेशन फीस बढ़ने से प्रदेश में प्रस्तावित नए हाउसिंग और प्लॉटिंग प्रोजेक्ट्स की लागत पर असर पड़ने की संभावना है। हालांकि, अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि नई दरें केवल नए पंजीकरण पर लागू होंगी और इन्हें तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।

  • हिम केयर में अब प्राइवेट वार्ड की सुविधा, व्यवस्था परिवर्तन जमीन पर दिखने लगा

    हिम केयर में अब प्राइवेट वार्ड की सुविधा, व्यवस्था परिवर्तन जमीन पर दिखने लगा

    फेस रिकॉग्निशन से सत्यापन, सहारा योजना में लोकल ऑडिट और जिला स्तरीय कमेटी

    शिमला

    हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार के द्वारा दिया गया नारा व्यवस्था परिवर्तन अब जमीनी स्तर पर नजर आना शुरू हो गया है। इसी कवायद के तहत व्यवस्था में परिवर्तन करते हुए हिम केयर और मुख्यमंत्री सहारा योजना में बड़ा बदलाव किया गया है।

    मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिम केयर और सहारा योजना की समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि हिम केयर योजना के तहत अब सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में प्राइवेट वार्ड में भी इलाज की सुविधा दी जाएगी।

    इससे योजना के लाभार्थियों को बेहतर और सम्मानजनक स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि हिम केयर योजना के अंतर्गत पंजीकरण के समय लाभार्थियों का सत्यापन फेस रिकॉग्निशन तकनीक के आधार पर किया जाएगा।

    इससे फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगेगी और पात्र लोगों तक ही योजना का लाभ पहुंचेगा।मुख्यमंत्री सहारा योजना को लेकर भी अहम निर्णय लिए गए हैं। योजना के तहत लोकल ऑडिट करवाने के निर्देश दिए गए हैं।

    पात्र लाभार्थियों के सत्यापन के लिए जिला स्तर पर तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सहारा योजना के सभी लाभार्थियों को हिम परिवार पोर्टल से जोड़ा जाए, ताकि डाटा एकीकृत हो और योजनाओं की निगरानी अधिक प्रभावी ढंग से की जा सके।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हिम केयर योजना के डाटा का विश्लेषण कर प्रदेश में बीमारियों की स्थिति का आकलन किया जाएगा और उसी आधार पर स्वास्थ्य क्षेत्र में नीतिगत फैसले लिए जाएंगे।

    इसके साथ ही उन्होंने हिम केयर योजना के तहत निजी अस्पतालों की लंबित देय राशि का भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार गोकुल बुटेल, अतिरिक्त मुख्य सचिव केके पंत, सचिव स्वास्थ्य प्रियंका बासु इंग्टी और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

  • सुख-आश्रय योजना के तहत 52 ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ शैक्षणिक भ्रमण पर रवाना

    सुख-आश्रय योजना के तहत 52 ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ शैक्षणिक भ्रमण पर रवाना

    मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के अंतर्गत राज्य के 52 बच्चों को विशेष शैक्षणिक एवं अनुभवात्मक भ्रमण के लिए रवाना किया गया है। इस भ्रमण का उद्देश्य बच्चों को शिक्षा, संस्कृति और आधुनिक भारत से प्रत्यक्ष रूप से जोड़ना है।

    शिमला

    चाइल्ड केयर संस्थानों से चयनित बच्चे
    मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के अंतर्गत रवाना किए गए ये सभी बच्चे राज्य के चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशंस सराहन, टूटीकंडी और मशोबरा में रह रहे हैं। चयनित बच्चों को यह अवसर उनके समग्र विकास और सीखने के अनुभव को विस्तार देने के उद्देश्य से प्रदान किया गया है।

    देश के प्रमुख शहरों का करेंगे दौरा
    इस शैक्षणिक भ्रमण के दौरान बच्चे चंडीगढ़, दिल्ली, आगरा और गोवा का दौरा करेंगे। यात्रा के दौरान वे देश की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों, प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों और आधुनिक भारत के विकास को नजदीक से समझेंगे।

    आधुनिक परिवहन साधनों का अनुभव
    भ्रमण कार्यक्रम के तहत बच्चों को वंदे भारत एक्सप्रेस, मेट्रो, हवाई यात्रा, क्रूज और हॉप-ऑन हॉप-ऑफ पर्यटन बस जैसे आधुनिक परिवहन साधनों का अनुभव भी कराया जाएगा, जिससे उनका आत्मविश्वास और व्यावहारिक ज्ञान बढ़ेगा।

    मुख्यमंत्री ने बताया योजना का उद्देश्य
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण बच्चों में आत्मविश्वास, जिज्ञासा, राष्ट्रीय एकता की भावना और सामाजिक चेतना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि हर ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ को सुरक्षित, शिक्षित और उज्ज्वल भविष्य देना राज्य सरकार का संकल्प है।

  • महिला-नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को मिलेगा नया मंच, बरू साहिब में खुलेगा अत्याधुनिक इनक्यूबेशन सेंटर

    महिला-नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को मिलेगा नया मंच, बरू साहिब में खुलेगा अत्याधुनिक इनक्यूबेशन सेंटर

    प्रदेश में महिला उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सरकार और शैक्षणिक संस्थान मिलकर नया प्लेटफॉर्म तैयार कर रहे हैं। इस पहल से महिला-नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को मार्गदर्शन, संसाधन और नेटवर्किंग का सशक्त समर्थन मिलेगा।

    शिमला

    इटरनल यूनिवर्सिटी और उद्योग विभाग के बीच MoC
    हिमाचल प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती देने की दिशा में Eternal University और उद्योग विभाग, हिमाचल प्रदेश सरकार के बीच इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना को लेकर मेमोरेंडम ऑफ कमिटमेंट पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत बरू साहिब स्थित इटरनल यूनिवर्सिटी परिसर में एक अत्याधुनिक इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किया जाएगा।

    महिला-नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स पर विशेष फोकस
    प्रस्तावित इनक्यूबेशन सेंटर को विशेष रूप से महिला-नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है। यहां नवाचार, उद्यमिता और स्वरोजगार से जुड़ी महिलाओं को संरचित सहयोग प्रदान किया जाएगा।

    वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ समझौता
    यह MoC शिमला में आयोजित एक औपचारिक कार्यक्रम के दौरान संपन्न हुआ। इटरनल यूनिवर्सिटी की ओर से निदेशक (प्रवेश एवं प्लेसमेंट) बलराज सिंह तथा उद्योग विभाग की ओर से निदेशक उद्योग डॉ. यूनुस ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।

    मार्गदर्शन और नेतृत्व से मिली परियोजना को दिशा
    इस पहल की नींव इटरनल यूनिवर्सिटी के चांसलर एवं द कलगीधर ट्रस्ट, बरू साहिब के अध्यक्ष डॉ. दविंदर सिंह के मार्गदर्शन में रखी गई है। परियोजना का क्रियान्वयन विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. नीलम कौर के नेतृत्व में किया जा रहा है।

    मेंटोरशिप और नेटवर्किंग की मिलेंगी सुविधाएं
    इनक्यूबेशन सेंटर के माध्यम से स्टार्टअप्स को क्षमता निर्माण, मेंटरशिप, व्यावसायिक मार्गदर्शन और नेटवर्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही निवेशकों, कॉर्पोरेट्स और सरकारी संस्थाओं के साथ सहयोग को भी मजबूत किया जाएगा।

    राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मिलेगा बल
    यह सहयोग हिमाचल प्रदेश सरकार के समावेशी और नवाचार-आधारित स्टार्टअप विज़न के अनुरूप है। इससे न केवल उभरते उद्यमियों को सशक्त बनाया जाएगा, बल्कि इटरनल यूनिवर्सिटी की भूमिका को शिक्षा, नवाचार और सामाजिक-आर्थिक विकास के एक मजबूत केंद्र के रूप में और सुदृढ़ किया जाएगा।

  • MSME FEST / प्रदेश में उद्योगों को नई ताकत देगी सरकार, 10 हजार करोड़ निवेश और नई उद्योग नीति का ऐलान

    MSME FEST / प्रदेश में उद्योगों को नई ताकत देगी सरकार, 10 हजार करोड़ निवेश और नई उद्योग नीति का ऐलान

    प्रदेश सरकार ने उद्योगों को सशक्त बनाने के लिए नई उद्योग नीति, सस्ती बिजली और हरित निवेश पर बड़ा रोडमैप पेश किया है। हिम एमएसएमई फेस्ट में 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश से जुड़े 37 समझौतों पर सहमति बनी है।

    शिमला

    हिम एमएसएमई फेस्ट में निवेशकों से सीधा संवाद
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने उद्योग विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय हिम एमएसएमई फेस्ट 2026 के तहत पीटरहॉफ शिमला में देश-विदेश के उद्योगपतियों और सीईओ से संवाद किया। इस दौरान प्रदेश में उद्योगों के विस्तार, निवेश और रोजगार सृजन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

    10 हजार करोड़ के निवेश पर 37 एमओयू
    सम्मेलन के दौरान प्रदेश सरकार और उद्यमियों के बीच करीब 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से उद्योग स्थापित करने को लेकर 37 प्रतिबद्धता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश की औद्योगिक दिशा के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

    जल्द लाई जाएगी नई उद्योग नीति
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शीघ्र नई उद्योग नीति लाई जाएगी। इसका उद्देश्य निवेश-अनुकूल वातावरण तैयार करना है ताकि हिमाचल प्रदेश देश के भरोसेमंद और आकर्षक इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन के रूप में उभर सके। नीति में हरित औद्योगिकीकरण, डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ग्रामीण उद्योगों को विशेष महत्व दिया जाएगा।

    उद्योगों को 24 घंटे सस्ती बिजली का भरोसा
    मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों को आश्वस्त किया कि प्रदेश में उद्योगों को 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध करवाई जाएगी और देश में सबसे कम दरों पर बिजली दी जाएगी। औद्योगिक क्षेत्रों में लॉजिस्टिक कॉस्ट घटाने और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर भी फोकस रहेगा।

    ईवी, ग्रीन हाइड्रोजन और टेक्सटाइल पर जोर
    मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की 22 हजार पेट्रो ईंधन से चलने वाली टैक्सियों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदला जाएगा, जिसके लिए 40 प्रतिशत सब्सिडी की नई योजना लाई जा रही है। ग्रीन हाइड्रोजन से बस संचालन के लिए भी जल्द टेंडर जारी होंगे। इसके साथ-साथ टेक्सटाइल इंडस्ट्री को बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।

    पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में बड़े अवसर
    मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन उद्योग सरकार की विशेष प्राथमिकता है। संपर्क सुविधाओं को बेहतर किया जा रहा है और कांगड़ा हवाई अड्डे के लिए 31 मार्च तक भूमि अधिग्रहण पूरा कर लिया जाएगा। हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को प्रोत्साहन देने के लिए प्रदेश में 200 पांच-सितारा होटल खोलने की अनुमति दी जाएगी।

    हिम चंडीगढ़ और औद्योगिक अवसंरचना का विस्तार
    चंडीगढ़ के समीप ‘हिम चंडीगढ़’ नाम से विश्वस्तरीय शहर विकसित किया जाएगा। औद्योगिक अवसंरचना को मजबूत करने के लिए एमएसई फार्मा लैब, एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर, गैस कनेक्टिविटी, बद्दी और ऊना में कौशल विकास केंद्र तथा सीआईपीईटी जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

    ऊना बल्क ड्रग पार्क से 20 हजार तक रोजगार की संभावना
    मुख्यमंत्री ने बताया कि ऊना में प्रस्तावित बल्क ड्रग पार्क को 568.75 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए अंतिम पर्यावरणीय स्वीकृति मिल चुकी है। 2071 करोड़ रुपये की लागत वाला यह पार्क 8 से 10 हजार करोड़ रुपये तक के निवेश और 15 से 20 हजार प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित करने की क्षमता रखता है।

    उद्यमियों से शीघ्र इम्पलिमेंट एग्रीमेंट का आग्रह
    मुख्यमंत्री ने उद्यमियों से आग्रह किया कि वे शीघ्र इम्पलिमेंट एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार उद्योगों की स्थापना और विकास में हर संभव सहयोग देगी।

  • जल शक्ति विभाग में 419 करूणामूलक नियुक्तियां, सरकार ने प्रभावित परिवारों को दिया रोजगार का सहारा/मुकेश अग्निहोत्री

    जल शक्ति विभाग में 419 करूणामूलक नियुक्तियां, सरकार ने प्रभावित परिवारों को दिया रोजगार का सहारा/मुकेश अग्निहोत्री

    प्रदेश सरकार ने करूणामूलक आधार पर रोजगार उपलब्ध कराकर सैकड़ों परिवारों को राहत दी है। जल शक्ति विभाग में दी गई नियुक्तियों से प्रभावित परिवारों को स्थायी आर्थिक सुरक्षा मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

    शिमला

    करूणामूलक रोजगार को लेकर सरकार की प्राथमिकता
    उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार करूणामूलक आधार पर रोजगार प्रदान करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी कड़ी में जल शक्ति विभाग में कुल 419 पदों पर नियुक्तियां प्रदान की गई हैं, जिससे लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे परिवारों को राहत मिली है।

    श्रेणी-तीन और मल्टी-टास्क वर्कर के पद भरे गए
    उप-मुख्यमंत्री ने बताया कि इन नियुक्तियों में श्रेणी-तीन के जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) के 100 पद और मल्टी-टास्क वर्कर के 319 पद शामिल हैं। इस संबंध में सचिव जल शक्ति द्वारा इंजीनियर-इन-चीफ को आवश्यक निर्देश जारी किए जा चुके हैं।

    मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त
    मुकेश अग्निहोत्री ने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सेवा के दौरान अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों को सरकारी क्षेत्र में सम्मानजनक रोजगार देना सरकार की संवेदनशील सोच को दर्शाता है।

    आश्रितों को दीर्घकालीन आर्थिक सुरक्षा का प्रयास
    उन्होंने कहा कि राज्य की सेवा करने वाले कर्मचारियों के आश्रितों को रोजगार देकर सरकार न केवल आजीविका का साधन उपलब्ध करा रही है, बल्कि उनके भविष्य को भी सुरक्षित कर रही है। यह कदम परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

    पिछली सरकार के बैकलॉग को किया जा रहा समाप्त
    उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार के इस निर्णय से पिछली भाजपा सरकार के समय लंबित पड़े करूणामूलक नियुक्तियों के मामलों के बैकलॉग को समाप्त किया जा सकेगा। पूर्व सरकार में ये मामले लंबे समय तक लंबित रहे, जबकि मौजूदा सरकार ने वर्षों से इंतजार कर रहे आवेदकों को रोजगार देकर राहत पहुंचाई है।

    अन्य विभागों में भी मिली नियुक्तियां
    सरकार द्वारा जल शक्ति विभाग के अलावा शिक्षा विभाग में 127, गृह विभाग में 74 और अभियोजन विभाग में एक पद पर भी करूणामूलक नियुक्तियां दी गई हैं। इसे नए साल पर प्रतीक्षारत आवेदकों के लिए एक बड़ा उपहार बताया गया है।

    सरकार का विज़न रोजगार से आगे
    उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का दृष्टिकोण केवल रोजगार तक सीमित नहीं है। राज्य सरकार पूर्व कर्मचारियों के योगदान का सम्मान करती है और उनके परिजनों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

  • डिजिटल निगरानी का डर दिखाकर शिमला में सेवानिवृत्त अधिकारी से 1.18 करोड़ की साइबर ठगी

    डिजिटल निगरानी का डर दिखाकर शिमला में सेवानिवृत्त अधिकारी से 1.18 करोड़ की साइबर ठगी

    साइबर ठगों ने फर्जी जांच एजेंसी बनकर सेवानिवृत्त अधिकारी को मानसिक दबाव में रखा और बड़ी रकम ट्रांसफर करवा ली। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना शिमला में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

    शिमला

    डिजिटल अरेस्ट का झांसा देकर की गई ठगी
    साइबर अपराधियों ने वीडियो कॉल और फोन के माध्यम से खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताते हुए पीड़ित को गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी दी। गिरफ्तारी और खातों के फ्रीज होने के डर से अधिकारी ने अलग-अलग खातों में अपनी जमा पूंजी ट्रांसफर कर दी।

    फर्जी खातों में ट्रांसफर हुई रकम
    जांच में सामने आया है कि जिन खातों में पैसे डलवाए गए, वे म्यूल अकाउंट थे जिनका इस्तेमाल साइबर अपराध में किया जाता है। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने परिजनों को जानकारी दी और साइबर पुलिस से संपर्क किया।

    पुलिस ने जारी की चेतावनी
    साइबर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई कानूनी प्रावधान नहीं है। किसी भी व्यक्ति को ऐसी कॉल आने पर घबराने की बजाय तुरंत कॉल काटकर पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करना चाहिए।

  • कांग्रेस ने हिमाचल में 11 जिला अध्यक्षों की करी घोषणा

    कांग्रेस ने हिमाचल में 11 जिला अध्यक्षों की करी घोषणा

    सिरमौर से आनंद परमार की दोबारा ताजपोशी, 2027 की सियासी बिसात बिछी

    शिमला /नाहन

    आल इंडिया कांग्रेस कमेटी ने हिमाचल प्रदेश में संगठन को चुनावी मोड में लाते हुए प्रदेश के 11 जिलों के जिला कांग्रेस अध्यक्षों की घोषणा कर दी है। इस फैसले को सीधे तौर पर 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।

    खास बात यह रही कि जिला सिरमौर से आनंद परमार को लगातार दूसरी बार जिला अध्यक्ष बनाकर कांग्रेस नेतृत्व ने साफ संदेश दे दिया है कि पार्टी अब प्रयोग नहीं, बल्कि मजबूत और अनुभवी नेतृत्व के भरोसे मैदान में उतरेगी।

    प्रदेश में कांग्रेस की सरकार और भाजपा के विपक्ष में होने के बीच यह संगठनात्मक फैसला राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। कांग्रेस ने इस सूची के जरिए न केवल संगठनात्मक संतुलन साधा है, बल्कि यह भी जता दिया है कि आने वाले समय में जिला स्तर पर ही भाजपा को घेरने की रणनीति पर काम किया जाएगा।

    सिरमौर जिले में आनंद परमार की दोबारा ताजपोशी को राजनीतिक हलकों में बड़ा संकेत माना जा रहा है। हिमाचल निर्माता के पौत्र आनंद परमार को रिपीट करके पार्टी ने स्पष्ट किया है कि सीमावर्ती और राजनीतिक रूप से संवेदनशील जिले सिरमौर में नेतृत्व को लेकर कोई अस्थिरता नहीं चाहती। यह फैसला संगठनात्मक मजबूती के साथ-साथ क्षेत्रीय भरोसे को भी मजबूत करता है।

    राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक इस बार जिलाध्यक्षों की नियुक्ति में कांग्रेस ने केवल जातिगत गणित तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि काबिलियत, संगठनात्मक पकड़ और चुनावी मैनेजमेंट को प्राथमिकता दी है। यही वजह है कि कई जिलों में अनुभवी चेहरों को दोबारा जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को जमीन तक पहुंचाया जा सके।

    घोषित सूची के अनुसार मंडी से चंपा ठाकुर, कांगड़ा से अनुराग शर्मा, हमीरपुर से सुमन भारती शर्मा, लाहौल-स्पीति से डोरजे अंगरूप, कुल्लू से सेस राम आज़ाद, चंबा से सुरजीत कुमार भरमौरी, सिरमौर से आनंद परमार, सोलन से सुभाष चंद वर्माणी, शिमला अर्बन से इंदरजीत सिंह, बिलासपुर से अंजना धीमान और ऊना से देशराज गौतम को जिला कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया है।

    कांग्रेस का यह कदम भाजपा के लिए भी साफ राजनीतिक चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है। संगठन के मोर्चे पर आक्रामक होकर कांग्रेस यह संकेत देना चाहती है कि 2027 के चुनाव से पहले पार्टी सरकार और संगठन—दोनों स्तरों पर पूरी तरह तैयार है।

    कुल मिलाकर, 11 जिला अध्यक्षों की यह घोषणा कांग्रेस की उस रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है, जिसमें जमीनी संगठन को धार देकर भाजपा को राजनीतिक तौर पर घेरने की तैयारी शुरू हो चुकी है।