Category: SOLAN

  • सोलन में नशे के विरुद्ध अभियान को मिली नई ताकत, मानस हेल्पलाइन 1933 से नागरिक बनेंगे सहभागी

    सोलन में नशे के विरुद्ध अभियान को मिली नई ताकत, मानस हेल्पलाइन 1933 से नागरिक बनेंगे सहभागी

    जन-जन को नशे के खिलाफ अभियान से जोड़ने के लिए केन्द्र सरकार ने मानस हेल्पलाइन शुरू की है। इस पर सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।

    सोलन

    उपायुक्त ने दी जानकारी, नागरिकों को किया प्रेरित
    उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने बताया कि नशीली दवाओं की तस्करी, भंडारण, अवैध खेती और संबंधित अपराधों की सूचना अब टोल फ्री नम्बर 1933 पर दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और इस हेल्पलाइन पर परामर्श व पुनर्वास संबंधी सहयोग भी उपलब्ध है।

    सुरक्षित डिजिटल प्लेटफार्म से बढ़ेगी भागीदारी
    यह एकीकृत डिजिटल प्लेटफार्म है, जहां नागरिक नशे के मामलों की रिपोर्ट कर सकते हैं और पुनर्वास संसाधनों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इस माध्यम से नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित होगी। हेल्पलाइन का उपयोग टोल फ्री नम्बर 1933 के अलावा www.ncbmanas.gov.in, ईमेल info.ncbmanas@gov.in और उमंग ऐप से भी किया जा सकता है।

    नशा मुक्त भारत के संकल्प की ओर कदम
    मनमोहन शर्मा ने कहा कि वर्ष 2047 तक नशा मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए योजनाबद्ध कार्य चल रहे हैं। जागरूकता बढ़ाने के लिए वीडियो, ब्रोशर और पोस्टर भी इस प्लेटफार्म पर उपलब्ध हैं। सोलन ज़िले में प्रशासन और पुलिस की अगुवाई में नशे के खिलाफ निरंतर अभियान चलाया जा रहा है, जिससे महत्वपूर्ण सफलता मिल रही है।

  • मनमोहन शर्मा ने घनीरी का दौरा कर लिया नुकसान का जायज़ा, 25 मकान क्षतिग्रस्त ; त्वरित बहाली के सख्त निर्देश

    मनमोहन शर्मा ने घनीरी का दौरा कर लिया नुकसान का जायज़ा, 25 मकान क्षतिग्रस्त ; त्वरित बहाली के सख्त निर्देश

    सोलन

    तुरंत राहत और पुनर्स्थापन पर जोर
    उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने ग्राम पंचायत बाह के घनीरी गांव का निरीक्षण कर प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि भारी वर्षा से प्रभावित लोगों के लिए सरकार और प्रशासन पूरी मजबूती से साथ खड़ा है और सभी व्यवस्थाएँ शीघ्र सुचारू की जाएंगी।

    स्कूलों का अस्थायी शिफ्टिंग
    डीसी ने क्षतिग्रस्त राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाह और राजकीय प्राथमिक पाठशाला गुज्जरहट्टी को चिन्हित सुरक्षित स्थानों पर अस्थायी रूप से स्थानांतरित करने के निर्देश दिए, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

    आवास, पानी-बिजली और सड़कें प्राथमिकता
    घनीरी में लगभग 25 मकान क्षतिग्रस्त होने और करीब 200 लोगों के प्रभावित होने की जानकारी देते हुए उन्होंने पेयजल योजनाओं, विद्युत आपूर्ति और अवरुद्ध सड़कों की त्वरित बहाली के आदेश दिए। इच्छाधारी मंदिर के समीप क्षतिग्रस्त पुल की भी शीघ्र मरम्मत को कहा गया।

    पुनर्वास और भूमि उपलब्धता
    राजस्व अधिकारियों को प्रभावितों के पुनर्निर्माण हेतु उपयुक्त भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, आवश्यकता अनुसार पशुओं के लिए अस्थायी शेड बनाने और मनरेगा के तहत आवश्यक कार्य जल्द शुरू करने को कहा गया।

    समन्वय बैठक और निरंतर मॉनिटरिंग
    नालागढ़ में बद्दी व नालागढ़ उपमंडलों की समीक्षा बैठक में डीसी ने विभागों को राहत-पुनर्वास कार्य तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू व्यक्तिगत रूप से नुकसान की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

  • ज़िला सोलन में 15 सितंबर तक चलेगा भांग उखाड़ो विशेष अभियान, नशे पर लगेगी लगाम

    ज़िला सोलन में 15 सितंबर तक चलेगा भांग उखाड़ो विशेष अभियान, नशे पर लगेगी लगाम

    ज़िला सोलन में नशामुक्त भारत अभियान के तहत 5 से 15 सितंबर तक भांग उखाड़ो विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान अवैध भांग की खेती को नष्ट किया जाएगा और लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से भी जागरूक किया जाएगा।

    सोलन

    नशे के खिलाफ सख्त कदम
    उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने कहा कि नशे जैसी कुरीति को जड़ से मिटाने के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। प्रशासन ने इस दिशा में ठोस कदम उठाते हुए विभिन्न विभागों और संस्थाओं को सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

    भांग की अवैध खेती पर रोक
    अभियान के दौरान पुलिस, वन विभाग और पंचायती राज संस्थाओं को पंचायतों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों के तहत आने वाले कस्बों व दुर्गम क्षेत्रों में अवैध भांग की खेती को उखाड़कर नष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। यह प्रयास नशे की जड़ों को कमजोर करने में अहम साबित होगा।

    जागरूकता भी प्राथमिकता
    उपायुक्त ने बताया कि केवल भांग की खेती नष्ट करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों को नशे से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करना भी जरूरी है। इस अभियान में ग्रामीणों, युवाओं और छात्रों को नशा मुक्त जीवन की दिशा में प्रेरित करने पर जोर दिया जा रहा है।

  • सोलन में विशाल चट्टान मकान पर गिरी, धर्मपुर में भूस्खलन से घरों में दरारें

    सोलन में विशाल चट्टान मकान पर गिरी, धर्मपुर में भूस्खलन से घरों में दरारें

    हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में भारी बारिश के बीच भूस्खलन की घटनाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ओच्छघाट क्षेत्र में देर रात एक विशाल चट्टान मकान पर गिरी, जबकि धर्मपुर क्षेत्र में घरों में दरारें आने से लोग दहशत में हैं।

    सोलन

    ओच्छघाट में बड़ा हादसा टला
    बुधवार देर रात ओच्छघाट क्षेत्र में पहाड़ से खिसकी एक बड़ी चट्टान दो मंजिला मकान पर आ गिरी। चट्टान कुछ पेड़ों पर अटक गई, जिससे इसका असर आसपास के घरों तक नहीं पहुंचा और बड़ा हादसा टल गया। मकान की छत और आंगन टूट गए, लेकिन स्थानीय पंचायत प्रधान पूनम की सतर्कता से मकान मालिक किरण शर्मा और उनकी बेटी की जान बच गई।

    धर्मपुर में भूस्खलन से घरों में दरारें
    सोलन जिले के धर्मपुर क्षेत्र में लगातार बारिश से भूस्खलन की घटनाएं हो रही हैं। बठोल गांव में भूस्खलन से तीन घरों में दरारें आ गईं। एहतियातन प्रशासन ने इन घरों को खाली करवा दिया है।

    गांव पर खतरे के बादल
    स्थानीय लोगों ने बताया कि भूमि का कटाव लगातार जारी है और खेतों में गहरी दरारें पड़ चुकी हैं। गांव के लोगों ने आशंका जताई है कि यदि बारिश जारी रही तो पूरे क्षेत्र को खतरा हो सकता है। पंचायत उपप्रधान अजय गरचा ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया और नुकसान का आकलन किया।

  • जन-जन के जीवन को संवारने की दिशा में अग्रसर सोलन जिला , उद्योग और कल्याणकारी योजनाओं से बढ़ा सशक्तिकरण

    जन-जन के जीवन को संवारने की दिशा में अग्रसर सोलन जिला , उद्योग और कल्याणकारी योजनाओं से बढ़ा सशक्तिकरण

    सोलन जिला प्रशासन ने अपने 53 वर्षों की विकास यात्रा में समाज के हर वर्ग तक कल्याणकारी योजनाएं पहुंचाकर उन्हें सशक्त बनाने का कार्य किया है । औद्योगिकीकरण, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र में हुए प्रयासों ने जिले को प्रदेश के अग्रणी जिलों में शामिल कर दिया है ।

    सोलन

    औद्योगिकीकरण में अग्रणी
    सोलन जिला के बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन) क्षेत्र ने प्रदेश का सबसे बड़ा औद्योगिक हब बनकर रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा किए हैं। वर्तमान में जिले में 4,125 से अधिक औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं, जिनमें 86,000 से अधिक हिमाचली और 26,000 गैर-हिमाचली काम कर रहे हैं। एशिया का फार्मा हब अब एक समग्र औद्योगिक हब में बदल रहा है।

    सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाएं
    वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 193 करोड़ रुपये खर्च कर 51,409 पात्र लोगों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिला है। सुखाश्रय योजना के तहत बेसहारा बच्चों को शिक्षा, विवाह अनुदान और आवास निर्माण के लिए 1.24 करोड़ रुपये प्रदान किए गए।

    ग्रामीण विकास और आजीविका
    ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को फूड वैन उपलब्ध करवाई गई है, जिससे उनकी आय 3,500 रुपये प्रतिदिन तक पहुंची है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 37 सामुदायिक और 603 व्यक्तिगत शौचालय बनाए गए हैं। जिले के 1,989 गांव खुले में शौच मुक्त मॉडल घोषित किए गए हैं।

    कृषि और बागवानी
    सोलन जिला बेमौसमी सब्जी उत्पादन में प्रदेश में अग्रणी है। किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध करवाने के लिए मंडियों और उपमंडियों में 24 करोड़ रुपये की लागत से अधोसंरचना विकसित की जा रही है।

    स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार
    कथेड़ में 120 करोड़ रुपये की लागत से विश्वस्तरीय अस्पताल का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसे एक वर्ष के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। सोलन शिक्षा और फार्मा का हब होने के साथ-साथ मशरूम सिटी के नाम से भी विख्यात है।

    आर्थिक सशक्तिकरण की मिसाल
    सोलन जिला की मेहनती जनता की कर्मठता हिमाचल की प्रति व्यक्ति आय में झलकती है, जो प्रदेश में सर्वोच्च तीन जिलों में शामिल है।

  • पुनीत वर्मा बने हिमाचल अमेच्योर किक बॉक्सिंग संघ के कार्यकारी अध्यक्ष, मार्शल आर्ट को मिलेगा नया आयाम

    पुनीत वर्मा बने हिमाचल अमेच्योर किक बॉक्सिंग संघ के कार्यकारी अध्यक्ष, मार्शल आर्ट को मिलेगा नया आयाम

    प्रदेश में खेलों को नई पहचान देने की दिशा में बड़ा कदम, पुनीत वर्मा की नियुक्ति से खिलाड़ियों में उत्साह।

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    जिला सोलन के धर्मपुर निवासी और लंबे समय से मार्शल आर्ट्स से जुड़े पुनीत वर्मा को हिमाचल अमेच्योर किक बॉक्सिंग संघ का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रदेश प्रभारी, परशुराम अवार्डी संजय यादव द्वारा की गई।

    लंबी साधना और उपलब्धियों का मिला सम्मान
    47 वर्षीय पुनीत वर्मा मूल रूप से शिमला जिला के कुमारसैन तहसील के नाहल गांव से ताल्लुक रखते हैं। वे लगभग 35 वर्षों से मार्शल आर्ट की दुनिया से जुड़े हुए हैं। उन्होंने दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता और गोवा में चार नेशनल टूर्नामेंट खेले, जबकि मलेशिया और थाईलैंड में इंटरनेशनल प्रतियोगिताओं में भाग लेकर प्रदेश का नाम रोशन किया।

    कोचिंग और रेफरी के रूप में भी योगदान
    पुनीत वर्मा ने दो बार हिमाचल प्रदेश टीम का कोचिंग करते हुए नेतृत्व किया है। वे शितोरियु कराटे में थ्री डिग्री ब्लैक बेल्ट और ऑल इंडिया कराटे फेडरेशन से सेकंड डिग्री धारक हैं। अब तक वे हजारों खिलाड़ियों को प्रशिक्षित कर चुके हैं, जिनमें से कई खिलाड़ी पुलिस, आर्मी और शिक्षा विभाग में सेवाएं दे रहे हैं। वे राज्य और राष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताओं में रेफरी भी रह चुके हैं।

    पत्रकारिता और अन्य खेलों में भी सक्रिय
    खेलों के साथ-साथ पुनीत वर्मा पत्रकारिता में भी सक्रिय हैं। वे एक दशक से अधिक समय से दैनिक हिमाचल दस्तक में सोलन के ब्यूरो चीफ के पद पर कार्यरत हैं और हाल ही में जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष चुने गए हैं। इसके अलावा वे शतरंज और बिलियर्ड-स्नूकर के भी अच्छे खिलाड़ी हैं और कई प्रतियोगिताओं में जीत दर्ज कर चुके हैं।

    नई जिम्मेदारी से बढ़ी उम्मीदें
    प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष तिलक शर्मा ने कहा कि पुनीत वर्मा के अनुभव और योगदान से हिमाचल की किक बॉक्सिंग को नई उड़ान मिलेगी। उनकी नियुक्ति से खिलाड़ियों में उत्साह है और उम्मीद जताई जा रही है कि राज्य में इस खेल को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जाएगा।

  • EKYC / सोलन ज़िला में ई-केवाईसी में 70% काम पूरा, शेष लाभार्थियों से 31 अगस्त तक अपील

    EKYC / सोलन ज़िला में ई-केवाईसी में 70% काम पूरा, शेष लाभार्थियों से 31 अगस्त तक अपील

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    ई-केवाईसी में मिला बड़ा अपडेट
    सोलन ज़िला में विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के 70 प्रतिशत से अधिक लाभार्थियों का ई-केवाईसी सत्यापन पूरा कर लिया गया है। ज़िला कल्याण अधिकारी गावा सिंह नेगी ने बताया कि यह प्रक्रिया लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ पारदर्शिता और समय पर उपलब्ध कराने में सहायक होगी।

    लाभार्थियों से की अपील
    उन्होंने कहा कि 31 अगस्त तक सभी लाभार्थियों को ई-केवाईसी सुनिश्चित करनी होगी। इसके लिए लाभार्थी अपने नज़दीकी आंगनबाड़ी केंद्र से संपर्क कर आधार कार्ड और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करें।

    मोबाइल ऐप और आंगनबाड़ी केंद्रों से सुविधा
    ई-केवाईसी का कार्य ई-कल्याण मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जा रहा है और इसके लिए जिले के 1281 आंगनबाड़ी केंद्र सक्रिय हैं। अब तक 36,488 लाभार्थियों का सत्यापन पूरा हो चुका है।

    विभिन्न क्षेत्रों की स्थिति
    अर्की में 2605, बद्दी में 3701, दाड़लाघाट में 3634, कण्डाघाट में 1933, कसौली में 2444, कृष्णगढ़ में 2032, कुनिहार में 1333, लोहारघाट में 1039, ममलीग में 955, नालागढ़ में 4373, पंजेहरा में 3330, परवाणू में 477, रामशहर में 2381 और सोलन में 6251 लाभार्थियों का ई-केवाईसी पूरा किया जा चुका है।

    सभी को प्रेरित करने की अपील
    ज़िला कल्याण अधिकारी ने आम जनता से आग्रह किया कि वे अपने आसपास के सामाजिक सुरक्षा योजना लाभार्थियों को ई-केवाईसी के लिए प्रेरित करें, ताकि यह कार्य समय पर पूर्ण हो सके और भविष्य में लाभ वितरण और अधिक सुचारू बनाया जा सके।

  • युवा आपदा मित्र योजना के तहत 500 स्वयं सेवकों को दिया जाएगा प्रशिक्षण – राहुल जैन

    युवा आपदा मित्र योजना के तहत 500 स्वयं सेवकों को दिया जाएगा प्रशिक्षण – राहुल जैन

    जिला सोलन में युवा आपदा मित्र योजना के अंतर्गत 500 स्वयंसेवकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पहल से स्थानीय स्तर पर आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने का लक्ष्य है।

    सोलन

    स्वयंसेवकों का चयन और संख्या
    अतिरिक्त उपायुक्त एवं ज़िला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल जैन ने बताया कि प्रशिक्षण में एनसीसी के 200, एनएसएस के 100, नेहरू युवा केंद्र के 100 और भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के 100 स्वयंसेवक शामिल होंगे।

    पात्रता और शर्तें
    उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के लिए उम्मीदवार की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। साथ ही, उम्मीदवार सोलन ज़िला का निवासी और किसी न किसी संगठन से संबद्ध होना आवश्यक है। न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता सातवीं पास रखी गई है। उम्मीदवार शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से स्वस्थ होना चाहिए।

    महिला भागीदारी को प्रोत्साहन
    अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि प्रशिक्षण में महिलाओं की भागीदारी को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। लक्ष्य है कि कुल प्रतिभागियों में 50 प्रतिशत महिलाएं हों।

    प्रशिक्षण की तिथियां और स्थान
    यह प्रशिक्षण डॉ. वाई.एस. परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी (सोलन) में आवासीय रूप से प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण की संभावित तिथियां 28 सितम्बर से 05 अक्तूबर 2025 और 21 नवम्बर से 27 नवम्बर 2025 तय की गई हैं।

    संपर्क सुविधा
    इच्छुक स्वयंसेवक पंजीकरण और अन्य जानकारी के लिए जिला आपदा संचालन केंद्र सोलन के टोल फ्री नंबर 1077 पर संपर्क कर सकते हैं।

  • बद्दी में 39 पदों पर भर्ती के लिए 2 सितम्बर को कैंपस इंटरव्यू, युवाओं को रोजगार का सुनहरा अवसर

    बद्दी में 39 पदों पर भर्ती के लिए 2 सितम्बर को कैंपस इंटरव्यू, युवाओं को रोजगार का सुनहरा अवसर

    बद्दी में 2 सितम्बर 2025 को विभिन्न कंपनियों में 39 पदों पर भर्ती के लिए कैंपस इंटरव्यू आयोजित होगा। यह इंटरव्यू मॉडल कैरियर सेंटर, उप-रोजगार कार्यालय बद्दी में सुबह 10:30 बजे शुरू होगा।

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    तीन कंपनियां देंगी रोजगार का अवसर
    जिला रोजगार अधिकारी जगदीश कुमार ने बताया कि मैसर्ज़ एक्वा विटो लैवोरेटरीज बद्दी में हेल्पर और कैमिस्ट के 14 पद, मैसर्ज़ बीटा ड्रग्स लिमिटेड बद्दी में कनिष्ठ अधिकारी, एग्जीक्यूटिव और सहायक प्रबंधक के 5 पद, तथा मैसर्ज़ इनोवा कैपटैब लिमिटेड बद्दी में अधिकारी और हेल्पर के 20 पद भरे जाएंगे।

    योग्यता और आयु सीमा
    इन पदों के लिए न्यूनतम योग्यता 10वीं, आईटीआई, बी.फार्मा, एम.फार्मा, बीएससी/एमएससी कंप्यूटर साइंस रखी गई है। उम्मीदवार की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

    कैसे करें आवेदन और इंटरव्यू प्रक्रिया
    इच्छुक उम्मीदवारों को विभागीय पोर्टल ई.एम.आई.एस. पर कैंडिडेट लॉगइन कर आवेदन करना होगा। साथ ही, इंटरव्यू के दिन सभी अनिवार्य दस्तावेज और प्रमाण पत्र साथ लाना जरूरी है। यात्रा-भत्ता देय नहीं होगा।

    संपर्क सूत्र
    अधिक जानकारी के लिए उम्मीदवार 01792-227242 या मोबाइल नंबर 98726-40412 और 98169-28706 पर संपर्क कर सकते हैं।

  • सोलन / डेंगू, स्क्रब टाइफस और जल जनित रोगों से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने के निर्देश

    सोलन / डेंगू, स्क्रब टाइफस और जल जनित रोगों से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने के निर्देश

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    वर्षा ऋतु में बढ़ता खतरा
    मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. अजय पाठक ने कहा कि बारिश के मौसम में डेंगू, स्क्रब टाइफस और जल जनित रोग तेजी से फैलते हैं। इनसे बचाव के लिए लोगों को पानी उबालकर पीने, जल स्रोतों को समय पर साफ करने और बर्तनों को ढककर रखने के लिए प्रेरित करना जरूरी है।

    स्वास्थ्य संस्थानों को दिशा-निर्देश
    डॉ. पाठक ने सभी स्वास्थ्य संस्थानों को निर्देश दिए कि स्क्रब टाइफस, डेंगू और जल जनित रोगों के उपचार हेतु दवाओं का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों के सहयोग से ग्राम स्तर तक जागरूकता अभियान चलाया जाए।

    गर्भवती महिलाओं पर विशेष ध्यान
    बैठक में अधिकारियों को अधिक जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उनकी नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। डॉ. पाठक ने कहा कि गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की स्थिति होने पर उन्हें आयरन और फोलिक एसिड की गोलियां अवश्य उपलब्ध कराई जाएं।

    बैठक में हुई चर्चा
    बैठक में एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम, प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, गैर-संचारी रोग, टीकाकरण और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमित रंजन तलवार और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।