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  • न्यायिक जाँच तक जेल में रहूँगा”: लेह हिंसा पर सोनम वांगचुक का बड़ा बयान, मामला सुप्रीम कोर्ट में

    न्यायिक जाँच तक जेल में रहूँगा”: लेह हिंसा पर सोनम वांगचुक का बड़ा बयान, मामला सुप्रीम कोर्ट में

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ नई दिल्ली/लेह

    लद्दाख के जाने-माने सामाजिक और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने लेह में हुई हालिया हिंसा के दौरान चार लोगों की मौत की स्वतंत्र न्यायिक जाँच की मांग करते हुए एक बड़ा बयान दिया है।

    जोधपुर सेंट्रल जेल से रविवार, 05 अक्टूबर 2025 को जारी किए गए एक पत्र में वांगचुक ने स्पष्ट कहा है कि जब तक स्वतंत्र न्यायिक आयोग से इस घटना की जाँच नहीं होती, वह जेल में ही रहने को तैयार हैं।

    वांगचुक को लेह हिंसा भड़काने के आरोप में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत 26 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने अपने पत्र में हिंसा के शिकार हुए परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और लिखा कि “जिन लोगों ने अपनी जान गंवाई, उनके परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।

    मैं घायलों और गिरफ्तार लोगों के लिए प्रार्थना करता हूँ। हमारे चार लोगों की मौत की जाँच एक स्वतंत्र न्यायिक आयोग से होनी चाहिए, और जब तक ऐसा नहीं होता, मैं जेल में ही रहूँगा।

    ” यह संदेश लेह एपेक्स बॉडी (LAB) के कानूनी सलाहकार मुस्तफा हाजी और वांगचुक के भाई त्सेतन दोरजे ले ने 4 अक्तूबर को जोधपुर जेल में उनसे मुलाकात के बाद साझा किया।

    इधर, वांगचुक की गिरफ्तारी का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुँच गया है। उनकी पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो ने शीर्ष अदालत में बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus) याचिका दाखिल की है, जिसमें वांगचुक की गिरफ्तारी को अवैध, असंवैधानिक और ‘लोकतांत्रिक असहमति को दबाने की दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई’ बताया गया है।

    याचिका में लद्दाख प्रशासन को यह आदेश देने की मांग की गई है कि वांगचुक को तुरंत अदालत में पेश किया जाए और उनकी नजरबंदी रद्द की जाए। सुप्रीम कोर्ट की कार्यसूची के अनुसार, इस याचिका पर 06 अक्टूबर को सुनवाई होने की संभावना है।

    वांगचुक को उस आंदोलन के दौरान हिरासत में लिया गया, जो लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर किया जा रहा था। लद्दाख पुलिस ने उन पर भीड़ को उकसाने और हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है, जबकि वांगचुक के समर्थक इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रहे हैं।

  • छह महीने बाद मनाली-लेह हाईवे आम जनता के लिए फिर से खुला, भारी बर्फबारी के कारण 19 दिन की देरी

    छह महीने बाद मनाली-लेह हाईवे आम जनता के लिए फिर से खुला, भारी बर्फबारी के कारण 19 दिन की देरी

    मनाली/लेह

    हाईवे बहाली से पर्यटन और व्यापार को मिलेगी रफ्तार

    मनाली-लेह हाईवे, जो पिछले छह महीनों से बंद था, आखिरकार आम जनता के लिए फिर से खोल दिया गया है। बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (BRO) ने भारी बर्फबारी के बाद इस महत्वपूर्ण मार्ग को बहाल कर दिया। यह हाईवे 15 नवंबर से बंद था और इस बार अत्यधिक बर्फबारी के कारण इसे खोलने में 19 दिन की देरी हुई।

    सर्दियों की बर्फबारी ने रोका था मार्ग

    सर्दियों में 475 किलोमीटर लंबा मनाली-दारचा-सरचू-लेह सड़क मार्ग भारी हिमपात के कारण अवरुद्ध हो गया था। 6 महीने के लंबे इंतजार के बाद सोमवार को दीपक प्रोजेक्ट के तहत 38 टास्क फोर्स के कमांडर कर्नल गौरव बंगारी और हिमांक प्रोजेक्ट के 753 टास्क फोर्स के कमांडर कर्नल एएस शर्मा की मौजूदगी में सरचू में एक उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया।

    गोल्डन हैंडशेक सेरेमनी और रिबन कटिंग समारोह

    इस अवसर पर 5 साल के बच्चे तेंजिन देचन ने रिबन काटकर इस महत्वपूर्ण हाईवे को आधिकारिक तौर पर जनता के लिए खोला। BRO अधिकारियों ने जानकारी दी कि अब इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही सामान्य रूप से शुरू हो जाएगी।

    बर्फ हटाने के कार्य में 50 दिन लगे

    लाहौल के दारचा से सरचू तक बर्फ हटाने का कार्य 21 मार्च को शुरू हुआ था। 70 आरसीसी के ऑफिसर कमांडिंग मेजर तेजस मोरे ने बताया कि इस कठिन कार्य के लिए 12 मशीनें लगाई गई थीं, जिनमें 4 स्नो कटर, 2 इस्कालेटर, 2 डोजर और 1 जेसीबी शामिल थीं। बारालाचा पास में 26 हिमस्खलन संभावित क्षेत्र थे, जहां से 50 फुट तक बर्फ हटाने में 50 दिन लगे।

  • लापता वाहन चालक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत , 15 दिन बाद मिला शव

    लापता वाहन चालक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत , 15 दिन बाद मिला शव

    लेह के सफर पर निकले थे अशोक कुमार

    विकास खंड परागपुर के कटोह-टिक्कर निवासी और 15 दिन से लापता वाहन चालक अशोक कुमार की मौत हो गई है। वह लेह के लिए निकले थे। बुधवार को अशोक कुमार का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

    पुलिस थाना रक्कड़ के उप निरीक्षक किशोर चंद ने जानकारी दी कि तीन दिन पहले केलांग पुलिस से सूचना मिली थी। उन्होंने बताया कि एक बंद ट्रक बरामद हुआ है और उससे करीब दो किलोमीटर दूर एक व्यक्ति का शव मिला है।

    शव की पहचान अशोक कुमार के रूप में की गई। इस सूचना के बाद उनके परिजन तुरंत केलांग रवाना हो गए। हालांकि, उनकी मौत के कारण का अब तक पता नहीं चल सका है।