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चमियाना अस्पताल में 7 महीने से खुले आसमान के नीचे चल रहा लंगर, बॉबी ने सरकार पर बोला तीखा हमला

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Himachalnow / शिमला

चमियाना स्थित अटल सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में पिछले 7 महीनों से चल रही लंगर सेवा को लेकर समाजसेवी सरबजीत सिंह बॉबी ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद लंगर के लिए स्थायी जगह उपलब्ध नहीं करवाई गई, जिससे मरीजों के परिजन खुले आसमान के नीचे भोजन करने को मजबूर हैं।

शिमला

राजधानी शिमला के चमियाना स्थित अटल सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए चल रही लंगर सेवा को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। प्रसिद्ध समाजसेवी और “वेला सरदार” के नाम से पहचान बना चुके सरबजीत सिंह बॉबी ने प्रदेश सरकार और अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उच्च न्यायालय के दो-दो आदेशों के बावजूद आज तक लंगर चलाने के लिए उन्हें स्थायी जगह उपलब्ध नहीं करवाई गई।बॉबी ने आरोप लगाया कि अस्पताल में रोजाना हजारों लोग इलाज के लिए पहुंचते हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन की उदासीनता के चलते मरीजों के परिजन आज भी सड़क किनारे और खुले आसमान के नीचे भोजन करने को मजबूर हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले सात महीनों से लगातार चमियाना अस्पताल में लंगर सेवा चलाई जा रही है, जहां प्रतिदिन करीब चार हजार लोगों को भोजन उपलब्ध करवाया जा रहा है। सुबह सात बजे से रात नौ बजे तक चलने वाली इस सेवा के लिए शहरभर से रोटियां एकत्रित की जाती हैं, जबकि खाना आईजीएमसी से तैयार होकर चमियाना पहुंचता है।बॉबी ने कहा कि बारिश और खराब मौसम के दौरान हालात और भी दर्दनाक हो जाते हैं। मरीजों के परिजन भीगते हुए सड़क किनारे बैठकर खाना खाने को मजबूर होते हैं, लेकिन न तो अस्पताल प्रशासन और न ही सरकार ने अब तक इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की कोशिश की।

उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि चमियाना अस्पताल में आज जो भी बुनियादी सुविधाएं दिखाई दे रही हैं, वे सरकार की इच्छाशक्ति से नहीं बल्कि अदालत के हस्तक्षेप से संभव हुई हैं। बॉबी ने कहा कि अस्पताल तक बस सेवा शुरू करवाने से लेकर बिजली के पोल लगाने तक के लिए अदालत को हस्तक्षेप करना पड़ा।उन्होंने सवाल उठाया कि यदि लंगर के लिए जगह, रैन बसेरा और मूलभूत सुविधाओं का फैसला भी अदालत को ही करना पड़े, तो फिर जनता सरकार और जनप्रतिनिधियों को क्यों चुनती है।

सरबजीत सिंह बॉबी ने कहा कि अस्पताल परिसर के आसपास न तो पर्याप्त शौचालय हैं और न ही जलपान की कोई उचित व्यवस्था। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य सचिव को खुली चुनौती देते हुए कहा कि वे खुद मौके पर आकर जमीनी हकीकत देखें कि मरीजों और उनके तीमारदारों को किन परिस्थितियों में दिन-रात गुजारना पड़ रहा है।उन्होंने सरकार की योजनाओं पर भी कटाक्ष किया। बॉबी ने कहा कि एक तरफ सरकार महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के बड़े-बड़े दावे करती है, जबकि दूसरी तरफ वही महिलाएं अस्पताल के बाहर सड़क किनारे बैठकर लंगर खाने को मजबूर हैं।

उन्होंने दावा किया कि वह इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से 15 से 18 बार मिल चुके हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। बॉबी ने कहा कि पिछली सरकार ने उनका बिजली और पानी तक काट दिया था और अब मौजूदा सरकार भी उसी राह पर चलती दिखाई दे रही है।स्थानीय विधायक पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आज तक किसी ने अस्पताल में आकर यह देखने की जरूरत नहीं समझी कि जनता किन हालात में इलाज कराने पहुंच रही है।

हालांकि बॉबी ने साफ कहा कि चाहे सरकार जगह दे या न दे, लंगर सेवा किसी भी हालत में बंद नहीं होगी। उन्होंने कहा कि समाजसेवा राजनीति से ऊपर है और जरूरतमंदों की सेवा उनका संकल्प है।बॉबी के इस बयान के बाद एक बार फिर चमियाना अस्पताल में सुविधाओं की कमी, मरीजों की परेशानियां और सरकार की कार्यशैली को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने के आसार बन गए हैं।

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