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चंडीगढ़ ट्राई सिटी में जमीन घोटाले का मामला, एक ही प्लॉट कई लोगों को बेचने पर FIR दर्ज

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 39 Mins Ago • 1 Min Read

Himachalnow / शिमला

चंडीगढ़ ट्राई सिटी क्षेत्र में जमीन खरीद-फरोख्त से जुड़े एक मामले में एक ही प्लॉट को कई लोगों को बेचने के आरोप सामने आए हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर संबंधित प्रॉपर्टी डीलरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शिमला

जमीन खरीद-फरोख्त से जुड़े मामलों का दायरा
चंडीगढ़ ट्राई सिटी क्षेत्र, जिसमें मोहाली, खरड़, जीरकपुर, कुराली और न्यू चंडीगढ़ शामिल हैं, में जमीन, प्लॉट और फ्लैट से जुड़े लेनदेन में अनियमितताओं से संबंधित शिकायतें सामने आई हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार कई मामलों में एक ही प्लॉट को एक से अधिक खरीदारों को बेचने के आरोप लगाए गए हैं, जिससे स्वामित्व और कब्जे से संबंधित विवाद उत्पन्न हुए हैं। इन मामलों में बड़ी संख्या में खरीदार हिमाचल प्रदेश से संबंधित बताए जा रहे हैं।

साहौरन गांव में प्लॉट विकसित करने और बिक्री की प्रक्रिया
प्रकरण के अनुसार वर्ष 2021 में खरड़ के गांव साहौरन में भूमि मालिकों के साथ समझौते के आधार पर एक बड़े भू-खंड पर प्लॉट विकसित किए गए। इसके बाद वर्ष 2021 से 2024 के बीच इन प्लॉटों को 100 से अधिक लोगों को बेचे जाने की जानकारी सामने आई है। कुछ खरीदारों के नाम पर रजिस्ट्री की गई, जबकि कई मामलों में पावर ऑफ अटॉर्नी के माध्यम से प्लॉट आवंटित किए गए, जिससे स्वामित्व से संबंधित स्थिति जटिल हुई।

निर्माण कार्य के दौरान स्वामित्व विवाद सामने आया
वर्ष 2024 में जब कुछ खरीदारों ने अपने प्लॉट पर निर्माण कार्य शुरू किया, तब एक व्यक्ति ने उक्त भूमि पर अपना स्वामित्व दावा किया और निर्माण कार्य को रुकवाया। इस स्थिति के बाद संबंधित खरीदारों ने प्रॉपर्टी डीलरों से संपर्क किया, लेकिन उन्हें स्पष्ट जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी। इसके चलते विवाद का दायरा बढ़ा और मामले ने कानूनी रूप ले लिया।

शिकायत, न्यायालय हस्तक्षेप और मामला दर्ज
पीड़ित पक्ष द्वारा मार्च 2025 में पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई थी, जिसके बाद मामले में कार्रवाई के लिए इसे पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के समक्ष भी प्रस्तुत किया गया। न्यायालय के निर्देशों के बाद पुलिस ने संबंधित प्रॉपर्टी डीलरों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 506 (धमकी) और 120-बी (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया है।

दस्तावेजों की जांच और आगे की कार्रवाई
पुलिस द्वारा इस मामले में संबंधित भूमि दस्तावेज, रजिस्ट्री, पावर ऑफ अटॉर्नी और अन्य लेनदेन से जुड़े अभिलेखों की जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान सभी पक्षों के बयानों और दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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