शुल्कविशेष दर्शन प्रणाली से श्रद्धालुओं को मिलेगा लाभ , न्यास की आय में होगी वृद्धि
उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां चिंतपूर्णी मंदिर में वीआईपी दर्शन के लिए अब श्रद्धालुओं को ₹300 का शुल्क देना होगा। मंदिर न्यास इस नई व्यवस्था को अगले सप्ताह तक लागू करने की तैयारी कर रहा है। इस कदम से मंदिर की आय में वृद्धि होगी और श्रद्धालुओं को विशेष सुविधाएं मिलेंगी।
दिन में केवल 500 पास जारी होंगे
मंदिर अधिकारी अजय मंडियाल ने बताया कि सुगम दर्शन प्रणाली के तहत प्रतिदिन 500 विशेष दर्शन पास जारी किए जाएंगे, ताकि मंदिर की पंक्ति व्यवस्था प्रभावित न हो। वीआईपी दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को बाबा श्री माई दास सदन में वेटिंग हॉल में बैठने की व्यवस्था दी जाएगी। वहां से उन्हें इलेक्ट्रिक गोल्फ कार्ट के जरिए मंदिर की लिफ्ट तक ले जाया जाएगा और लिफ्ट से मंदिर के दर्शन कराए जाएंगे।
तीन श्रेणियों में दर्शन की सुविधा
- सामान्य श्रद्धालु: हर श्रद्धालु के लिए ₹300 का शुल्क तय किया गया है।
- 65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग और दिव्यांग: इन्हें एक अटेंडेंट के साथ ₹100 शुल्क देना होगा।
- मंत्री, विधायक और सांसद: इनको निःशुल्क दर्शन की सुविधा प्रदान की जाएगी।
मेलों और भीड़भाड़ के दौरान शुल्क में बदलाव संभव
मंदिर न्यास विशेष आयोजनों और भीड़भाड़ के समय वीआईपी दर्शन का शुल्क ₹300 से बढ़ाकर ₹500 करने पर विचार कर रहा है। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल पर भी कार्य चल रहा है।
मंदिर प्रशासन का कहना है कि यह नई व्यवस्था दर्शन को और अधिक सुव्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने के लिए शुरू की गई है। इससे विशेष दर्शन के इच्छुक श्रद्धालुओं को आसानी होगी और मंदिर में भीड़ प्रबंधन में मदद मिलेगी।

