मुख्यमंत्री सुक्खू ने चंबा मेडिकल कॉलेज के लिए 3 टेस्ला एमआरआई समेत कई स्वास्थ्य सुविधाओं की घोषणा की
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने चंबा चिकित्सा महाविद्यालय में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। उन्होंने फैकल्टी को मजबूत बनाने के लिए आवश्यकतानुसार नियमों में छूट देने, अत्याधुनिक 3 टेस्ला एमआरआई मशीन, सीटी स्कैन मशीन, नई एक्स-रे मशीन और आधुनिक लेप्रोस्कोपिक उपकरण स्थापित करने की घोषणा की। इसके साथ ही चिकित्सा महाविद्यालय में 20 आईसीयू बेड स्थापित करने के लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए।
चंबा
मुख्यमंत्री ने चिकित्सा महाविद्यालय के फैकल्टी सदस्यों और विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए कहा कि संस्थान में स्वास्थ्य सुविधाओं को आधुनिक बनाने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि फैकल्टी के सुदृढ़ीकरण के बाद महाविद्यालय में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू करने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने अगले 10 दिनों के भीतर 40 स्टाफ नर्सों की तैनाती करने की घोषणा की। इसके अलावा रेडियोग्राफर और अन्य तकनीकी कर्मचारियों की नियुक्ति भी की जाएगी ताकि मरीजों को बेहतर और सुचारु स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
चिकित्सकों के लिए विदेश एक्सपोजर विजिट पर बन रही नीति
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार चिकित्सकों को विदेश में एक्सपोजर विजिट पर भेजने की नीति तैयार कर रही है। इससे चिकित्सकों को अन्य देशों की उन्नत चिकित्सा पद्धतियों और आधुनिक तकनीकों का अनुभव प्राप्त होगा, जिसका लाभ प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने पर लगभग 3,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से प्रदेशवासियों को लाभ मिलने के साथ-साथ स्वास्थ्य पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
फैकल्टी, छात्रावास और नए पदों पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों के फैकल्टी सदस्यों और विद्यार्थियों से संवाद कर सुझाव प्राप्त कर रही है तथा उन्हें नीति निर्माण में शामिल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चंबा चिकित्सा महाविद्यालय में कार्डियोलॉजी विभाग स्थापित किया जा चुका है। इसके अलावा सीनियर रेजिडेंट के 23 और पोस्ट ग्रेजुएट के 28 पद स्वीकृत किए गए हैं। सीनियर रेजिडेंट छात्रावास के निर्माण के लिए 18.98 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। सरकार ने पीजी और एसआर चिकित्सकों के स्टाइपेंड में वृद्धि करने के साथ स्वास्थ्य सेवा निदेशालय और चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय के कैडर भी अलग किए हैं।