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Coaching Centre / कांगड़ा में निजी कोचिंग संस्थानों के लिए पंजीकरण अनिवार्य, नियम तोड़े तो होगी सख्त कार्रवाई

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 1 Hour Ago • 1 Min Read

कांगड़ा जिले में 50 या इससे अधिक विद्यार्थियों वाले निजी कोचिंग संस्थानों (Coaching Centre ) के लिए अब पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा। हिमाचल प्रदेश निजी कोचिंग केंद्र (पंजीकरण और विनियमन) नियम-2026 के तहत संस्थानों को निर्धारित मानकों का पालन करना होगा। पंजीकरण के लिए 50 हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है और इसकी वैधता तीन वर्ष रहेगी। नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ पंजीकरण रोकने से लेकर उन्हें बंद करने तक की कार्रवाई की जा सकती है।

कांगड़ा/धर्मशाला

उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने निजी कोचिंग केंद्रों के पंजीकरण और विनियमन को लेकर गठित जिला स्तरीय कमेटी की बैठक में कहा कि प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश निजी कोचिंग केंद्र (पंजीकरण और विनियमन) नियम-2026 लागू किए हैं। इनका उद्देश्य निजी कोचिंग संस्थानों की व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के साथ विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना है। जिला प्रशासन पात्र संस्थानों का समयबद्ध पंजीकरण सुनिश्चित करेगा।

50 या अधिक विद्यार्थी तो पंजीकरण जरूरी

उपायुक्त ने बताया कि जिले में संचालित ऐसे सभी निजी कोचिंग संस्थान, जहां 50 या उससे अधिक विद्यार्थी कोचिंग ले रहे हैं, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा। इसके लिए सरकार द्वारा निर्धारित प्रारूप में आवेदन करना होगा। तय मानकों को पूरा करने वाले संस्थानों को पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। संबंधित संस्थान आवेदन प्रस्तुत करने के लिए नोडल अधिकारी उच्च शिक्षा से संपर्क कर सकते हैं।

50 हजार पंजीकरण शुल्क, तीन वर्ष रहेगी वैधता

निजी कोचिंग संस्थान के पंजीकरण के लिए 50 हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। एक बार जारी पंजीकरण तीन वर्ष तक वैध रहेगा। इसके बाद संस्थान को पंजीकरण जारी रखने के लिए 25 हजार रुपये शुल्क जमा करवाकर नवीनीकरण कराना होगा। उपायुक्त ने कहा कि सभी एसडीएम को भी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं, ताकि जिले के प्रत्येक पात्र निजी कोचिंग संस्थान तक नए नियमों की जानकारी पहुंच सके और पंजीकरण प्रक्रिया निर्धारित समय में पूरी हो।

सुरक्षा से लेकर काउंसलिंग तक करनी होगी व्यवस्था

नियमों के तहत प्रत्येक कोचिंग संस्थान को विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त स्थान और सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण उपलब्ध करवाना होगा। इसके अलावा अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन, आपातकालीन व्यवस्थाएं और विद्यार्थियों के मानसिक तनाव से निपटने के लिए काउंसलिंग सुविधा सुनिश्चित करना भी आवश्यक होगा। जिला प्रशासन इन प्रावधानों के अनुपालन की नियमित निगरानी करेगा और जिला स्तरीय समिति प्रत्येक तिमाही बैठक कर स्थिति की समीक्षा करेगी।

कमियां दूर नहीं कीं तो बंद करने तक की कार्रवाई

हेमराज बैरवा ने कहा कि निरीक्षण के दौरान किसी संस्थान में निर्धारित नियमों और मानकों के अनुरूप कमी मिलने पर उसे सुधार के लिए समय दिया जाएगा। निर्धारित अवधि में कमियां दूर नहीं करने पर संस्थान का पंजीकरण नहीं किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर नियमानुसार उसे बंद करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। उन्होंने सभी निजी कोचिंग संस्थानों से समय पर पंजीकरण करवाने और निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की। बैठक में पुलिस, उच्च शिक्षा, आईटीआई, कॉलेज, नगर निगम, स्वास्थ्य तथा महिला एवं बाल विकास विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।