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मुख्यमंत्री पर अभद्र टिप्पणी बर्दाश्त नहीं, दोषी पर हो सख्त कार्रवाई : वीरेंद्र पाल

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

कांग्रेस लीगल सेल ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित अभद्र टिप्पणियों को लेकर पुलिस अधीक्षक को शिकायत पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मामले में एफआईआर दर्ज कर डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित करने और निष्पक्ष जांच की मांग की।

नाहन

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित अभद्र और मानहानिकारक टिप्पणियों को लेकर गुरुवार को जिला मुख्यालय नाहन में कांग्रेस लीगल सेल ने मोर्चा खोल दिया। जिला सिरमौर कांग्रेस लीगल सेल के मुख्य संयोजक एवं वरिष्ठ अधिवक्ता वीरेंद्र पाल के नेतृत्व में अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक निश्चिंत सिंह नेगी को विस्तृत शिकायत पत्र सौंपते हुए हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में प्रैक्टिस कर रहे अधिवक्ता विनय शर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की।

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि अधिवक्ता विनय शर्मा ने अपने फेसबुक अकाउंट के माध्यम से मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू तथा प्रदेश सरकार के वरिष्ठ पदाधिकारियों के खिलाफ लगातार अमर्यादित, मानहानिकारक और धमकीपूर्ण टिप्पणियां प्रकाशित की हैं। शिकायत में पुलिस से विनय शर्मा के फेसबुक अकाउंट से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों को तत्काल सुरक्षित करने, पोस्टों की तकनीकी जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर उनके विरुद्ध कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई है।

वरिष्ठ अधिवक्ता वीरेंद्र पाल ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की नीतियों की आलोचना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन अधिवक्ता विनय शर्मा द्वारा मुख्यमंत्री के खिलाफ जिस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल किए जाने का आरोप है, वह किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ता से समाज मर्यादित और जिम्मेदार आचरण की अपेक्षा करता है। यदि कोई अधिवक्ता ही सार्वजनिक मंच पर भाषा की मर्यादा लांघता है तो इससे पूरे अधिवक्ता समाज की प्रतिष्ठा प्रभावित होती है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कठिन आर्थिक परिस्थितियों और प्राकृतिक आपदाओं के बीच भी प्रदेश के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाना और अभद्र भाषा का प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।

वीरेंद्र पाल ने कहा कि सोशल मीडिया अभिव्यक्ति का मंच है, लेकिन इसे किसी की छवि धूमिल करने या झूठे एवं भ्रामक आरोपों के प्रसार का माध्यम नहीं बनने दिया जा सकता। उन्होंने पुलिस प्रशासन से विनय शर्मा के खिलाफ दर्ज शिकायत की निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुसार उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता शकील अहमद, अधिवक्ता करण चौहान, पार्षद एवं अधिवक्ता वसीम खान, अधिवक्ता अंशुल खान, अधिवक्ता विपिन ठाकुर, अधिवक्ता संजय थापा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।