Crime / मनाली में सीबीआई ने एमईएस के सिविल इंजीनियर को 93 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया
Crime : सीबीआई शिमला की टीम ने मनाली में ट्रैप कार्रवाई के दौरान एमईएस के एक सिविल इंजीनियर को 93 हजार रुपये की कथित रिश्वत स्वीकार करते हुए गिरफ्तार किया। एजेंसी के अनुसार, भुगतान जारी करने के बदले रिश्वत मांगने की शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई है और मामले की जांच जारी है।
मनाली
ट्रैप कार्रवाई के दौरान हुई गिरफ्तारी
सीबीआई शिमला की टीम ने प्राप्त शिकायत और गुप्त सूचना के आधार पर मनाली में ट्रैप कार्रवाई करते हुए सेना के मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज (MES) के सिविल विंग में तैनात एक सिविल इंजीनियर को गिरफ्तार किया है। एजेंसी के अनुसार, आरोपी को 93 हजार रुपये की कथित रिश्वत स्वीकार करते समय पकड़ा गया। इस संबंध में सीबीआई ने मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
भुगतान जारी करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप
सीबीआई के अनुसार, आरोपी इंजीनियर ने एक ठेकेदार के लंबित भुगतान को जारी करने के बदले भुगतान राशि का लगभग तीन प्रतिशत रिश्वत के रूप में मांगा था। शिकायत मिलने के बाद एजेंसी ने तथ्यों का सत्यापन किया और उसके बाद ट्रैप की योजना बनाकर कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान कथित रूप से 93 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
सीबीआई अधिकारियों की टीम ने की कार्रवाई
कार्रवाई सीबीआई शिमला के एसपी राजेश चहल के नेतृत्व में की गई। टीम में एएसपी सुमित पाल और डीएसपी सोलंकी सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे। गिरफ्तार आरोपी की पहचान केके सोनी के रूप में हुई है, जो मनाली में सेना के एमईएस सिविल विंग में असिस्टेंट गैरिसन इंजीनियर के पद पर तैनात था। गिरफ्तारी के बाद एजेंसी ने मामले से संबंधित दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों को भी अपने कब्जे में लिया है।
मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच जारी
सीबीआई ने आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार से संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका या किसी प्रकार का अतिरिक्त संबंध तो नहीं है। इसके अलावा आरोपी के कार्यकाल के दौरान किए गए अन्य कार्यों और संबंधित मामलों की भी जांच की जाएगी। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आरोपी को कोर्ट में किया जाएगा पेश
सीबीआई ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। एजेंसी आरोपी को सक्षम न्यायालय में पेश कर रिमांड का अनुरोध करेगी, ताकि मामले से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की पूछताछ की जा सके। जांच पूरी होने के बाद एजेंसी नियमानुसार आगे की कार्रवाई करेगी।
