Crime / चालक हत्या मामले में जांच आगे बढ़ी, तीन आरोपी पुलिस रिमांड पर
Crime : चंबा के चुराह क्षेत्र में चालक हरविंद्र सिंह की हत्या से जुड़े मामले में पुलिस जांच के दौरान संबंधों को लेकर विवाद का पहलू सामने आया है। पुलिस ने मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। जांच एजेंसियां फोरेंसिक साक्ष्यों, तकनीकी तथ्यों और पूछताछ के आधार पर मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही हैं।
चंबा
जांच में संबंधों से जुड़े विवाद का पहलू सामने आया
चंबा जिले के चुराह उपमंडल में चालक हरविंद्र सिंह की हत्या के मामले में पुलिस जांच लगातार आगे बढ़ रही है। तीसा थाना पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि मामला संबंधों से जुड़े विवाद से संबंधित हो सकता है। पुलिस के अनुसार मृतक हरविंद्र सिंह पेशे से चालक था और उसका स्थानीय स्तर पर एक युवती के साथ परिचय था। जांच के दौरान जुटाए गए प्रारंभिक तथ्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस इस पहलू को मामले के संभावित कारणों में शामिल कर रही है। मामले में गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। रिमांड अवधि के दौरान पुलिस घटनाक्रम, आरोपियों की भूमिका और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की विस्तृत जांच कर रही है।
कमरे से बुलाकर ले जाने का आरोप
पुलिस जांच के अनुसार आरोपियों ने हरविंद्र सिंह को भंजराडू स्थित उसके किराये के कमरे से बातचीत के बहाने बाहर बुलाया था। जांच एजेंसियों को मिले प्रारंभिक इनपुट के अनुसार इसके बाद सभी संबंधित व्यक्ति एक अन्य स्थान पर पहुंचे, जहां किसी बात को लेकर विवाद की स्थिति बनी। पुलिस का कहना है कि विवाद बढ़ने के बाद मारपीट हुई, जिसमें हरविंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। जांच अधिकारी घटनास्थल, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, आपसी संपर्क और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की समय-रेखा तैयार कर रहे हैं ताकि घटना के प्रत्येक चरण की पुष्टि की जा सके।
शव को नाले में फेंकने का आरोप
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि घटना के बाद शव को एक वाहन में रखा गया और बाद में उसे एक गहरे नाले में फेंक दिया गया। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि घटना के बाद साक्ष्यों को प्रभावित करने या वास्तविक परिस्थितियों को छिपाने का कोई प्रयास किया गया था या नहीं। पुलिस विभिन्न स्थानों से जुटाए गए भौतिक साक्ष्यों, प्रत्यक्ष और परिस्थितिजन्य तथ्यों के आधार पर मामले की कड़ियों को जोड़ रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और सभी तथ्यों की पुष्टि वैज्ञानिक एवं तकनीकी आधार पर की जाएगी।
वाहन से मिले महत्वपूर्ण साक्ष्य
तीसा थाना प्रभारी अशोक कुमार चौधरी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मामले की जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय स्तर पर जुटाई गई जानकारी और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आरोपियों को हिरासत में लिया। इसके बाद नूरपुर से विशेष फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम को जांच में शामिल किया गया। टीम ने घटनास्थल के साथ-साथ उस वाहन का भी निरीक्षण किया, जिसका उपयोग कथित तौर पर शव को ले जाने में किया गया था। जांच के दौरान वाहन के भीतर कुछ महत्वपूर्ण निशान और नमूने मिले हैं, जिन्हें वैज्ञानिक परीक्षण के लिए सुरक्षित रखा गया है।
फोरेंसिक जांच रिपोर्ट का इंतजार
फोरेंसिक विशेषज्ञों ने वाहन, घटनास्थल और अन्य संबंधित स्थानों से विभिन्न नमूने एकत्र किए हैं। इनमें जैविक साक्ष्य, संदिग्ध निशान और अन्य सामग्री शामिल है, जिनकी प्रयोगशाला में जांच की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट मामले की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और इससे घटनाक्रम की पुष्टि करने में सहायता मिलेगी। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों का मिलान कर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी। जांच एजेंसियां तकनीकी, वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की पड़ताल कर रही हैं।
पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ जारी
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार सकलानी ने बताया कि जांच के दौरान संबंधों से जुड़े विवाद का पहलू सामने आया है, जिसकी पुष्टि के लिए विस्तृत जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि अदालत ने तीनों आरोपियों को चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है और इस अवधि में उनसे विभिन्न बिंदुओं पर पूछताछ की जा रही है। पुलिस मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, घटनास्थल से प्राप्त साक्ष्यों और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के अनुरूप आगामी कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।