Crime / होशियारपुर जिला जेल में कैदियों तक मोबाइल फोन और नशीले पदार्थ पहुंचाने के आरोप में डिप्टी सुपरिंटेंडेंट व कांस्टेबल गिरफ्तार
Crime : होशियारपुर जिला जेल में कैदियों तक कथित रूप से मोबाइल फोन और नशीले पदार्थ पहुंचाने के मामले में जांच के बाद डिप्टी सुपरिंटेंडेंट और एक कांस्टेबल को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ा दी है।
होशियारपुर
एसआईटी जांच के बाद दो अधिकारियों की गिरफ्तारी
होशियारपुर जिला जेल से जुड़े मामले में पुलिस ने जांच के बाद डिप्टी जेल सुपरिंटेंडेंट हरभजन सिंह और कांस्टेबल रविंदर सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार दोनों अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि दोनों जेल के भीतर बंद कैदियों तक मोबाइल फोन और नशीले पदार्थ पहुंचाने के बदले धनराशि लेते थे। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच जारी है।
वायरल वीडियो के बाद गठित हुई एसआईटी
पुलिस के अनुसार कुछ दिन पहले जिला जेल में बंद मनप्रीत सिंह मन्ना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था। वीडियो में जेल प्रशासन पर प्रताड़ना, अवैध वसूली और जेल के भीतर मोबाइल फोन व नशीले पदार्थ पहुंचाए जाने से जुड़े आरोप लगाए गए थे। इसके बाद पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। जांच के दौरान एसआईटी ने कई कैदियों से पूछताछ की, उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया और मामले से जुड़े विभिन्न तथ्यों का सत्यापन किया।
जांच में दोनों अधिकारियों की कथित भूमिका सामने आई
पुलिस के अनुसार एसआईटी जांच और पूछताछ के दौरान डिप्टी जेल सुपरिंटेंडेंट हरभजन सिंह और कांस्टेबल रविंदर सिंह की कथित भूमिका सामने आई। आरोप है कि दोनों अधिकारी जेल के भीतर कैदियों तक मोबाइल फोन और नशीले पदार्थ पहुंचाने में कथित रूप से सहयोग करते थे तथा इसके बदले धनराशि प्राप्त करते थे। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस मामले में अन्य व्यक्तियों की कोई भूमिका है या नहीं तथा कथित गतिविधियां कब से संचालित हो रही थीं।
एसएसपी ने गिरफ्तारी की पुष्टि की
होशियारपुर के एसएसपी संदीप मलिक ने दोनों अधिकारियों की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि एसआईटी जांच और कैदियों से पूछताछ के दौरान उनकी कथित संलिप्तता सामने आई। उन्होंने कहा कि दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले में वित्तीय लेनदेन, आपूर्ति श्रृंखला और अन्य संबंधित पहलुओं की भी जांच कर रही है।
