Crime / कंडवाल बैरियर पर अवैध लकड़ी से लदा वाहन जब्त, वन विभाग ने शुरू की कार्रवाई
Crime : वन विभाग ने कांगड़ा जिले के कंडवाल बैरियर क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान अवैध रूप से परिवहन की जा रही लकड़ी से लदे एक वाहन को जब्त किया है। विभाग ने वाहन को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है तथा संबंधित प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इंदौरा
नाकाबंदी के दौरान रोका गया संदिग्ध वाहन
नूरपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कंडवाल बैरियर चौक पर वन विभाग की टीम नियमित जांच और नाकाबंदी अभियान चला रही थी। इसी दौरान देर रात एक मालवाहक वाहन को जांच के लिए रोका गया। वाहन की तलाशी के दौरान उसमें बड़ी मात्रा में लकड़ी लदी हुई पाई गई। जांच के समय वाहन चालक से लकड़ी के परिवहन से संबंधित वैध अनुमति पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा गया, लेकिन वह निर्धारित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कर सका। इसके बाद वन विभाग ने वाहन संख्या HP 38C-3537 को लकड़ी सहित अपने कब्जे में ले लिया।
प्रारंभिक जांच में नहीं मिले वैध दस्तावेज
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार वाहन में लदी लकड़ी के परिवहन से संबंधित आवश्यक अभिलेख मौके पर प्रस्तुत नहीं किए गए। इसके चलते विभाग ने वन अधिनियम और संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। जब्त लकड़ी की मात्रा, प्रजाति और स्रोत की जानकारी जुटाई जा रही है। विभागीय अधिकारी मामले से जुड़े सभी तथ्यों का सत्यापन कर रहे हैं ताकि लकड़ी के परिवहन की पूरी श्रृंखला की जांच की जा सके।
पंजाब की ओर ले जाई जा रही थी खेप
वन रेंज अधिकारी अब्दुल हामिद ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि लकड़ी की खेप को पड़ोसी राज्य पंजाब की ओर ले जाया जा रहा था। विभाग अब यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि लकड़ी कहां से काटी गई और इसके परिवहन में कौन-कौन लोग शामिल थे। मामले में संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ और दस्तावेजों की जांच भी की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
वन संपदा संरक्षण को लेकर अभियान जारी
वन विभाग ने बताया कि क्षेत्र में वन संपदा के संरक्षण और अवैध कटान की रोकथाम के लिए नियमित निरीक्षण और नाकाबंदी अभियान चलाए जा रहे हैं। विभागीय टीमों को संवेदनशील मार्गों और सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने कहा कि वन उत्पादों के परिवहन से जुड़े मामलों में निर्धारित नियमों का पालन अनिवार्य है और उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।