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Crime / चेक बाउंस मामले में फरार आरोपी किन्नौर से गिरफ्तार, न्यायालय में किया जाएगा पेश

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 38 Mins Ago • 1 Min Read

Crime : करीब एक लाख रुपये के चेक बाउंस मामले में उद्घोषित अपराधी घोषित आरोपी को शिमला पुलिस ने किन्नौर जिले से गिरफ्तार किया है। वर्ष 2018 से लंबित इस मामले में आरोपी के विरुद्ध एनआई एक्ट की धारा 138 के तहत कार्रवाई चल रही है और उसे आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

शिमला

वर्ष 2018 के चेक बाउंस मामले में थी तलाश

शिमला पुलिस ने वर्ष 2018 में दर्ज लगभग एक लाख रुपये के चेक बाउंस मामले में लंबे समय से फरार चल रहे उद्घोषित अपराधी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान 46 वर्षीय विजय कुमार, पुत्र मोहन लाल, निवासी जुब्बल, जिला शिमला के रूप में हुई है। आरोपी के विरुद्ध परक्राम्य लिखत अधिनियम (एनआई एक्ट) की धारा 138 के तहत न्यायालय में मामला विचाराधीन है। न्यायालय द्वारा आरोपी को पहले ही उद्घोषित अपराधी घोषित किया जा चुका था।

किन्नौर के टापरी क्षेत्र से हुई गिरफ्तारी

पुलिस थाना जुब्बल की पीओ (Proclaimed Offender) सेल आरोपी की तलाश में लगातार कार्रवाई कर रही थी। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी की मौजूदगी संबंधी सूचना मिली, जिसके आधार पर टीम ने जिला किन्नौर के काक सथाल, टापरी क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं और संबंधित दस्तावेज तैयार किए।

न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू

पुलिस ने बताया कि आरोपी को न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) जुब्बल की अदालत में पेश किया जा रहा है। न्यायालय के निर्देशानुसार मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने कहा कि न्यायालयों में लंबित मामलों में उद्घोषित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान लगातार जारी है, ताकि लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके।

उद्घोषित अपराधियों के विरुद्ध जारी है अभियान

शिमला पुलिस के अनुसार विभिन्न न्यायालयों में लंबित मामलों से जुड़े उद्घोषित अपराधियों की तलाश एवं गिरफ्तारी के लिए नियमित अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में न्यायालय के आदेशों के अनुरूप कार्रवाई की जाती है तथा गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को संबंधित न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है।

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