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Crime / ऊना में वन विभाग की कार्रवाई, प्रतिबंधित लकड़ी से लदे 10 वाहन जब्त

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 7 Hours Ago • 1 Min Read

Crime : ऊना जिले के अम्ब और भरवाईं वन परिक्षेत्रों में वन विभाग ने विशेष जांच अभियान के दौरान प्रतिबंधित प्रजातियों की लकड़ी से लदे 10 वाहनों को जब्त किया है। विभाग ने भारतीय वन अधिनियम के तहत मामले दर्ज कर लकड़ी के स्रोत और परिवहन से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू कर दी है।

अम्ब

रात्रि जांच अभियान के दौरान हुई कार्रवाई

वन विभाग ने अम्ब और भरवाईं वन परिक्षेत्रों में विशेष जांच अभियान चलाकर प्रतिबंधित प्रजातियों की लकड़ी के परिवहन से जुड़े 10 वाहनों को जब्त किया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसके बाद वन मंडल अधिकारी (डीएफओ) ऊना के निर्देश पर विभिन्न स्थानों पर संयुक्त जांच और नाकाबंदी की व्यवस्था की गई। अभियान के तहत रात 1 बजे से सुबह 8 बजे तक लगातार वाहनों की जांच की गई और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखी गई। इस दौरान भरवाईं रेंज में दो तथा अम्ब रेंज में आठ वाहनों को रोका गया। जांच के दौरान वाहनों में लदी सामग्री, परिवहन दस्तावेजों और संबंधित अनुमति पत्रों का सत्यापन किया गया। विभागीय टीम में वन अधिकारियों और वन रक्षकों को शामिल किया गया था, जिन्होंने पूरी रात अभियान को संचालित किया।

वाहनों में मिली प्रतिबंधित प्रजातियों की लकड़ी

वन परिक्षेत्र अधिकारी अम्ब राहुल ठाकुर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में अधिकांश वाहनों में कैम्बल, सिम्बल तथा अन्य चौड़ी पत्ती वाली प्रजातियों की लकड़ी पाई गई, जबकि एक वाहन में आम की लकड़ी लदी हुई थी। अधिकारियों के अनुसार लकड़ी को वाहनों में इस प्रकार रखा गया था कि सामान्य निरीक्षण के दौरान उसकी पहचान करना कठिन हो। जांच के दौरान वाहन चालकों से लकड़ी के परिवहन से संबंधित अनुमति पत्र, ट्रांजिट पास और अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन किसी भी वाहन से वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा सके। दस्तावेजों के अभाव में विभाग ने नियमानुसार सभी वाहनों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी।

वन अधिनियम के तहत दर्ज किए गए मामले

वन मंडल अधिकारी (डीएफओ) ऊना विकल्प यादव ने बताया कि सभी 10 वाहनों के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम, 1927 की संबंधित धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। विभाग अब यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि बरामद लकड़ी का स्रोत क्या था, उसका कटान किस स्थान से किया गया और उसे किस उद्देश्य से परिवहन किया जा रहा था। जांच के दौरान लकड़ी की मात्रा, प्रजातियों की पहचान तथा परिवहन श्रृंखला से जुड़े व्यक्तियों की भूमिका का भी आकलन किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार मामले से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जांच में जुटा वन विभाग

वन विभाग ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार यह पता लगाया जा रहा है कि लकड़ी निजी भूमि से प्राप्त की गई थी या किसी वन क्षेत्र से उसका कटान किया गया था। इसके अतिरिक्त परिवहन में प्रयुक्त वाहनों, संबंधित व्यक्तियों और संभावित आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है। विभाग का कहना है कि वन संपदा संरक्षण के लिए नियमित निगरानी, गश्त और जांच अभियान जारी रहेंगे तथा वन कानूनों के उल्लंघन से जुड़े मामलों में निर्धारित प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

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