Cyber Crime / क्रिकेट टिकट बुकिंग के नाम पर साइबर ठगी, फर्जी वेबसाइटों से लोगों को बनाया जा रहा निशाना
Cyber Crime : क्रिकेट मैच टिकट बुकिंग के नाम पर साइबर ठगी के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। साइबर अपराधी सोशल मीडिया विज्ञापनों और फर्जी वेबसाइटों के माध्यम से लोगों से बैंकिंग और निजी जानकारी हासिल कर वित्तीय धोखाधड़ी कर रहे हैं।
शिमला
फर्जी वेबसाइटों के जरिए हो रही ऑनलाइन ठगी
क्रिकेट मैचों, विशेषकर आईपीएल टिकट बुकिंग के नाम पर साइबर ठगी के मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 के डाटा सेंटर पर बीते कुछ दिनों में बड़ी संख्या में ऐसी शिकायतें दर्ज हुई हैं, जिनमें लोगों से ऑनलाइन टिकट बुकिंग के बहाने पैसे ठगे गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि साइबर अपराधी असली वेबसाइटों जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइटें तैयार कर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं।
सोशल मीडिया विज्ञापनों से पहुंच रहे लोग
जांच एजेंसियों के अनुसार अधिकांश लोग फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिखाई देने वाले विज्ञापनों या साझा किए गए लिंक के माध्यम से इन वेबसाइटों तक पहुंचते हैं। इन फर्जी वेबसाइटों का डिजाइन और स्वरूप आधिकारिक पोर्टलों से काफी मिलता-जुलता होता है, जिसके कारण लोग आसानी से इन्हें असली समझ लेते हैं। टिकट बुकिंग के दौरान लोग अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी और अन्य निजी विवरण साझा कर देते हैं, जिसके बाद उनके खातों से राशि निकाल ली जाती है।
अन्य ऑनलाइन ऑफर्स के जरिए भी ठगी
साइबर अपराधी केवल क्रिकेट टिकट बुकिंग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ऑनलाइन लॉटरी, पैसा दोगुना करने, निवेश पर अधिक लाभ और आकर्षक ऑफर्स के नाम पर भी लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित किए जा रहे ऐसे फर्जी ऑफर्स के जरिए वित्तीय धोखाधड़ी के मामले सामने आ रहे हैं। जांच एजेंसियां इन मामलों की निगरानी कर रही हैं और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
साइबर एजेंसियों ने जारी की सलाह
साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन टिकट बुकिंग, निवेश या वित्तीय लेन-देन से पहले संबंधित वेबसाइट और एप्लीकेशन की सत्यता अवश्य जांचें। केवल आधिकारिक वेबसाइटों और विश्वसनीय प्लेटफॉर्म का उपयोग करें। किसी भी अनजान लिंक, विज्ञापन या संदिग्ध संदेश पर क्लिक करने से बचें और अपनी बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
यदि किसी व्यक्ति को साइबर धोखाधड़ी की आशंका हो या वह किसी प्रकार की ऑनलाइन ठगी का शिकार हो जाए, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या आपातकालीन हेल्पलाइन 112 पर शिकायत दर्ज करवाने की सलाह दी गई है। एजेंसियों का कहना है कि समय पर शिकायत दर्ज होने से जांच और राशि रिकवरी की प्रक्रिया में मदद मिल सकती है।
