प्रदेश में कमर्शियल उपभोक्ताओं पर नया बिजली सेस लागू, 10 श्रेणियों पर बढ़ी दरें
हिमाचल प्रदेश में कमर्शियल बिजली उपभोक्ताओं की 10 श्रेणियों पर एक रुपये प्रति यूनिट नया बिजली सेस लागू किया गया है। ऊर्जा विभाग की अधिसूचना के बाद अब संबंधित उपभोक्ताओं को संशोधित दरों के अनुसार बिजली बिल जारी किए जाएंगे।
शिमला
कमर्शियल बिजली उपभोक्ताओं पर लागू किया गया नया सेस
हिमाचल प्रदेश सरकार के बहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा विभाग ने राज्य के कमर्शियल बिजली उपभोक्ताओं की 10 श्रेणियों पर नया बिजली सेस लागू किया है। विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अब संबंधित उपभोक्ताओं से प्रति यूनिट बिजली खपत पर एक रुपये अतिरिक्त सेस वसूला जाएगा। इससे पहले इन श्रेणियों के उपभोक्ताओं को 6 रुपये 20 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली बिल जारी हो रहे थे, जबकि नए प्रावधान लागू होने के बाद अब उन्हें 7 रुपये 20 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिल प्राप्त होंगे। विभाग ने इस संबंध में आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए हैं और बिजली बोर्ड को बिलों के माध्यम से सेस वसूली के निर्देश दिए गए हैं।
ऊर्जा विभाग ने 8 मई को जारी की अधिसूचना
जानकारी के अनुसार यह अधिसूचना 8 मई को बहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा विभाग द्वारा जारी की गई थी। अधिसूचना सचिव ऊर्जा राकेश कंवर की ओर से जारी हुई है। विभागीय आदेशों के अनुसार बिजली बोर्ड उपभोक्ताओं से नियमित बिजली बिलों के साथ यह अतिरिक्त सेस वसूलेगा। इससे पहले राज्य सरकार बैंकिंग, वित्तीय और बीमा क्षेत्र से जुड़े संस्थानों पर भी बिजली खपत के आधार पर सेस लागू कर चुकी है।
इन श्रेणियों के उपभोक्ताओं पर पड़ेगा सीधा प्रभाव
ऊर्जा विभाग की अधिसूचना के अनुसार बिजनेस हाउस, निजी कार्यालय, निजी अस्पताल, पेट्रोल पंप, होटल-मोटल, निजी नर्सिंग होम, निजी रिसर्च संस्थान, निजी कोचिंग संस्थान, शॉपिंग मॉल और मल्टीप्लेक्स जैसी श्रेणियों के उपभोक्ताओं को अब अतिरिक्त बिजली सेस देना होगा। विभागीय जानकारी के अनुसार इन सभी श्रेणियों में आने वाले उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में नए शुल्क स्वतः शामिल किए जाएंगे। इससे संबंधित व्यावसायिक संस्थानों के बिजली खर्च में बढ़ोतरी होगी।
पहले से लागू हैं दूध और पर्यावरण सेस
हिमाचल प्रदेश में फरवरी 2025 से उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में दूध और पर्यावरण सेस भी जोड़ा जा चुका है। इसके तहत घरेलू उपभोक्ताओं पर दूध सेस लागू किया गया था, जबकि अन्य श्रेणियों के उपभोक्ताओं को दूध और पर्यावरण दोनों प्रकार के सेस का भुगतान करना पड़ रहा है। विभागीय जानकारी के अनुसार इससे घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली शुल्क में 10 पैसे प्रति यूनिट तक वृद्धि हुई थी, जबकि अन्य श्रेणियों में अलग-अलग दरों के अनुसार शुल्क बढ़ाए गए थे।
विद्युत शुल्क संशोधन अधिनियम के तहत लागू हुआ प्रावधान
सरकार द्वारा यह व्यवस्था वर्ष 2024 के विधानसभा मानसून सत्र में पारित विद्युत शुल्क संशोधन अधिनियम 2024 के तहत लागू की गई है। अधिनियम के तहत विभिन्न श्रेणियों के बिजली उपभोक्ताओं पर अलग-अलग प्रकार के शुल्क निर्धारित किए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि शून्य बिल वाले घरेलू उपभोक्ताओं से दूध उपकर नहीं लिया जाएगा, जबकि अन्य श्रेणियों के उपभोक्ताओं पर लागू प्रावधानों के अनुसार शुल्क जारी रहेगा।
आगामी बिजली बिलों में दिखाई देंगी नई दरें
ऊर्जा विभाग के आदेश लागू होने के बाद संबंधित श्रेणियों के उपभोक्ताओं को आगामी बिजली बिलों में संशोधित दरों के अनुसार शुल्क दिखाई देगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार बिजली बोर्ड को नई व्यवस्था के अनुसार बिलिंग प्रणाली अपडेट करने के निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही उपभोक्ताओं को नए प्रावधानों और संशोधित दरों की जानकारी देने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
