धर्मशाला में गुरण धार क्षेत्र में पैराग्लाइडिंग दुर्घटना के बाद हेलीकॉप्टर से दो पायलटों का सुरक्षित रेस्क्यू
Himachalnow / धर्मशाला
धर्मशाला के गुरण धार क्षेत्र में पैराग्लाइडिंग दुर्घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हेलीकॉप्टर की सहायता से रेस्क्यू अभियान शुरू किया। दुर्गम क्षेत्र में फंसे दोनों पैराग्लाइडरों को सुरक्षित निकालकर उपचार के लिए विवेकानंद अस्पताल पालमपुर में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
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रेस्क्यू ऑपरेशन तुरंत शुरू
बैजनाथ उपमंडल के गुरण धार क्षेत्र में पैराग्लाइडिंग दुर्घटना की सूचना प्राप्त होते ही जिला प्रशासन ने बिना विलंब राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। क्षेत्र अत्यंत दुर्गम होने और सड़क संपर्क उपलब्ध न होने के कारण तत्काल हेलीकॉप्टर सहायता का अनुरोध किया गया। समन्वित योजना के तहत एयरफोर्स, पुलिस और स्थानीय बचाव दल को सक्रिय किया गया, जिसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार रेस्क्यू ऑपरेशन संचालित किया गया और प्रभावित स्थान तक पहुंच सुनिश्चित की गई।
दोनों पैराग्लाइडर सुरक्षित निकाले गए
उपायुक्त हेमराज बैरवा के अनुसार राजस्थान निवासी पैराग्लाइडर पायलट अरुण सिंह दुर्घटना में घायल हुए थे, जबकि दूसरा पैराग्लाइडर रंजन गुप्ता पेड़ पर फंसा हुआ पाया गया। स्थिति को देखते हुए विशेष तकनीकी सहायता के साथ एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर की मदद ली गई। संयुक्त प्रयासों के माध्यम से दोनों व्यक्तियों को सावधानीपूर्वक सुरक्षित बाहर निकाला गया और प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध करवाई गई।
अस्पताल में उपचार जारी
रेस्क्यू ऑपरेशन पूर्ण होने के बाद दोनों घायलों को तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विवेकानंद अस्पताल पालमपुर में भर्ती कराया गया। अस्पताल प्रशासन द्वारा दोनों का आवश्यक परीक्षण और उपचार जारी है। जिला प्रशासन की ओर से उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नियमित निगरानी रखी जा रही है तथा आवश्यकतानुसार आगे की चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
दुर्गम क्षेत्र में हेलीकॉप्टर बना विकल्प
अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटनास्थल अत्यधिक जोखिमपूर्ण और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है, जहां पैदल पहुंचने में कई घंटे लग सकते थे और समय पर सहायता पहुंचाना चुनौतीपूर्ण था। ऐसी परिस्थिति में हेलीकॉप्टर के माध्यम से रेस्क्यू अभियान सबसे प्रभावी विकल्प साबित हुआ। पुलिस, स्थानीय बचाव टीम और एयरफोर्स के बीच समन्वय स्थापित कर निर्धारित समय में अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया गया।