अमेरिकी डॉलर पर दिखेंगे Donald Trump के हस्ताक्षर, पहली बार मौजूदा राष्ट्रपति करेंगे साइन
अमेरिका में इस साल के अंत तक डॉलर नोटों में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल सकता है। राष्ट्रपति Donald Trump के हस्ताक्षर अब अमेरिकी करेंसी पर दिखाई देंगे। U.S. Department of the Treasury ने इस फैसले की आधिकारिक पुष्टि की है।
यह कदम अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के मौके पर उठाया जा रहा है, जिसे प्रतीकात्मक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बदलाव के बाद ट्रंप ऐसे पहले मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति बन जाएंगे, जिनके हस्ताक्षर डॉलर नोट पर छपेंगे।
इस नई व्यवस्था के तहत ट्रंप के सिग्नेचर, ट्रेजरी सेक्रेटरी Scott Bessent के नाम के साथ दिखाई देंगे। खास बात यह है कि इस बदलाव के बाद अमेरिकी ट्रेजरर का नाम, जो पिछले एक सदी से करेंसी पर छपता आ रहा था, अब हटाया जा सकता है।
ट्रेजरी विभाग की ओर से इस फैसले को ऐतिहासिक बताया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम देश की उपलब्धियों और राष्ट्रपति के योगदान को दर्शाने के उद्देश्य से लिया गया है।
व्हाइट हाउस में वापसी के बाद Donald Trump लगातार राष्ट्रीय संस्थानों में अपनी पहचान को मजबूत करने की दिशा में कदम उठा रहे हैं। इससे पहले उन्होंने अपने चित्र वाली 1 डॉलर कॉइन जारी करने का प्रस्ताव रखा था और 24 कैरेट गोल्ड स्मारक सिक्का बनाने की पहल भी की थी।
इसके अलावा, उन्होंने John F. Kennedy Center for the Performing Arts से अपना नाम जोड़ने और Dulles International Airport का नाम बदलने का प्रस्ताव भी रखा था। अपने पहले कार्यकाल के दौरान उन्होंने कोविड-19 राहत चेक्स पर भी अपने हस्ताक्षर शामिल करवाए थे।
अमेरिकी करेंसी पर हस्ताक्षर की परंपरा 1861 में शुरू हुई थी, जब Abraham Lincoln ने इससे जुड़ा कानून पास किया था। इसके बाद 1914 से ट्रेजरी सेक्रेटरी और ट्रेजरर दोनों के हस्ताक्षर नोटों पर छपते रहे हैं।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप के हस्ताक्षर सभी डॉलर नोटों पर होंगे या केवल कुछ सीमित सीरीज में शामिल किए जाएंगे। ट्रेजरी विभाग ने इस संबंध में अभी विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है।
इस फैसले को लेकर अमेरिका में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। ट्रेजरर Brandon Beach ने इसे सही कदम बताते हुए कहा कि ट्रंप का आर्थिक योगदान महत्वपूर्ण रहा है और उनका नाम करेंसी पर होना उचित है।
वहीं, रिपब्लिकन अर्थशास्त्री Douglas Holtz-Eakin ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसका राष्ट्रीय हित से सीधा संबंध स्पष्ट नहीं है। उनका मानना है कि डिजिटल लेनदेन के बढ़ते दौर में इस तरह के बदलाव का प्रभाव सीमित रह सकता है।
पूर्व ब्यूरो ऑफ एन्ग्रेविंग एंड प्रिंटिंग के निदेशक Larry Felix के अनुसार, ट्रंप के हस्ताक्षर वाले नोट भविष्य में दुर्लभ हो सकते हैं और कलेक्टर्स के बीच इनकी मांग बढ़ सकती है।
अमेरिकी करेंसी में बदलाव पहले भी विवाद का कारण बनते रहे हैं। Barack Obama के कार्यकाल में Harriet Tubman को 20 डॉलर नोट पर शामिल करने की योजना बनाई गई थी, लेकिन वह लागू नहीं हो सकी।