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द्रुबल आंगनवाड़ी केंद्र में पोषण पखवाड़ा 2026 के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, बच्चों के विकास पर जोर

PRIYANKA THAKUR • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Himachalnow / मंडी

द्रुबल आंगनवाड़ी केंद्र में पोषण पखवाड़ा 2026 के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बच्चों के शुरुआती छह वर्षों में पोषण, देखभाल और मानसिक विकास के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में अभिभावकों और महिलाओं को संतुलित आहार, स्तनपान, पूरक पोषण और बच्चों के समग्र विकास से जुड़े पहलुओं के प्रति जागरूक किया गया।

मंडी

पोषण पखवाड़ा के तहत कार्यक्रम आयोजित
जोगिंद्रनगर क्षेत्र के आंगनवाड़ी केंद्र द्रुबल में पोषण पखवाड़ा 2026 के तहत एक विस्तृत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस वर्ष की थीम “जीवन के पहले छह वर्षों में बच्चों के मस्तिष्क विकास को अधिकतम करना” रखी गई, जिसके अंतर्गत बच्चों के प्रारंभिक विकास, पोषण और स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी रही, जिसमें महिलाओं और अभिभावकों ने उपस्थित होकर जानकारी प्राप्त की और अपने अनुभव भी साझा किए।

अभिभावकों को दी गई विस्तृत जानकारी
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अभिभावकों और महिलाओं को बच्चों के जीवन के पहले छह वर्षों में उचित पोषण, देखभाल और मानसिक विकास के महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। विशेषज्ञों द्वारा स्तनपान, पूरक आहार, संतुलित भोजन और बच्चों के समुचित विकास में खेल आधारित गतिविधियों की भूमिका को स्पष्ट किया गया। साथ ही बच्चों के स्क्रीन टाइम को सीमित रखने, दैनिक दिनचर्या में पौष्टिक आहार शामिल करने और जंक फूड के सेवन को कम करने के उपाय भी साझा किए गए, ताकि बच्चों के स्वास्थ्य और विकास को बेहतर बनाया जा सके।

समुदाय की भागीदारी पर जोर
कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय राजकीय प्राथमिक पाठशाला द्रुबल के मुख्याध्यापक नित्यानंद ने की। इस अवसर पर महिला मंडल प्रधान अंजना, पर्यवेक्षिका जयवंती सहित अन्य ग्रामीण महिलाओं ने भी भाग लिया। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास सुनिश्चित करने के लिए परिवार और समुदाय दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण है। आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से दी जा रही सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए सामुदायिक सहयोग आवश्यक बताया गया।

पोषण स्टॉल के माध्यम से जागरूकता
कार्यक्रम के दौरान एक पोषण स्टॉल भी स्थापित किया गया, जिसमें विभिन्न प्रकार के पौष्टिक खाद्य पदार्थों को प्रदर्शित किया गया। उपस्थित लोगों को इन खाद्य पदार्थों के पोषण मूल्य, उपयोग और दैनिक आहार में शामिल करने के तरीकों के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही संतुलित आहार अपनाने और बच्चों के विकास के लिए सही खानपान की आदतों को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया।