Employee / दिवाली से पहले कर्मचारियों-पेंशनरों को मिल सकता है बकाया DA, सरकार की लोन लेने की तैयारी
Employee / हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों को दिवाली से पहले महंगाई भत्ते की लंबित किस्तों के भुगतान की उम्मीद जगी है। सरकार इसके लिए लोन लेने पर विचार कर रही है और वित्त विभाग को संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि कितना कर्ज लिया जाएगा और बकाया डीए की कितनी राशि जारी होगी, इस पर अंतिम फैसला वित्तीय स्थिति और लोन की उपलब्धता को देखते हुए लिया जाएगा।
शिमला
डीए की किस्तों के भुगतान के लिए जुटाए जाएंगे संसाधन
प्रदेश सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों की महंगाई भत्ते की लंबित किस्तों के भुगतान के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने की रणनीति बना रही है। खबर के मुताबिक सरकार लोन के जरिए राशि की व्यवस्था करने की संभावना पर काम कर रही है और वित्त विभाग इस दिशा में विकल्प तलाश रहा है। सरकार की कोशिश दिवाली से पहले कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत देने की है। हालांकि लोन की राशि और उसके जरिए कितने बकाया डीए का भुगतान किया जाएगा, यह अभी तय नहीं हुआ है।
600 से 800 करोड़ रुपये तक लोन लेने पर विचार
सरकार की ओर से करीब 600 से 800 करोड़ रुपये तक का लोन लेने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से लोन हासिल करने की प्रक्रिया और उपलब्ध संभावनाओं को देखा जा रहा है। लोन मिलने की स्थिति में सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों के बकाया भुगतान को लेकर आगे फैसला ले सकती है। कितनी राशि जारी की जाएगी, इसका निर्णय उपलब्ध वित्तीय संसाधनों के आधार पर होगा।
करीब 15 प्रतिशत डीए राशि लंबित
प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों की डीए की करीब 15 प्रतिशत राशि लंबित बताई गई है। सरकार के सामने चुनौती यह है कि सीमित वित्तीय संसाधनों के बीच कर्मचारियों की देनदारियों के भुगतान के लिए अतिरिक्त धन की व्यवस्था कैसे की जाए। खबर के अनुसार सरकार पहले भी लोन के माध्यम से वित्तीय जरूरतें पूरी करती रही है। अब दिवाली से पहले कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत देने के लिए एक बार फिर इसी विकल्प पर विचार चल रहा है।
दशहरे के बाद स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद
दशहरे के बाद सरकारी कार्यालय दोबारा खुलने पर इस मामले में आगे की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है। इसी दौरान वित्तीय स्थिति, उपलब्ध लोन और कर्मचारियों-पेंशनरों को दिए जाने वाले लाभ की राशि को लेकर फैसला लिया जा सकता है। सरकार कितना लोन लेती है और उसमें से कर्मचारियों व पेंशनरों के बकाया डीए के लिए कितनी राशि जारी होती है, इस पर अब कर्मचारियों और पेंशनरों की नजर रहेगी।