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Fraud / चंबा में बीमा प्रीमियम राशि से जुड़े मामले में सब पोस्टमास्टर के खिलाफ सीबीआई ने दर्ज की FIR

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Fraud : चंबा जिले के एक डाकघर से जुड़े बीमा प्रीमियम लेनदेन मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने एक डाक कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसी के अनुसार ग्राहकों से प्राप्त बीमा प्रीमियम और ऋण अदायगी से संबंधित कुछ राशि को सरकारी लेखा प्रणाली में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दर्ज नहीं किए जाने के आरोप सामने आए हैं। प्रारंभिक जांच में वित्तीय अनियमितता के संकेत मिलने के बाद मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

चंबा

सीबीआई ने दर्ज किया मामला

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की शिमला स्थित भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने चंबा जिले के सुल्तानपुर उप डाकघर में तैनात रहे एक कर्मचारी के खिलाफ नियमित मामला दर्ज किया है। एफआईआर के अनुसार राजीव कुमार, जो संबंधित अवधि के दौरान सब पोस्टमास्टर के पद पर कार्यरत थे, पर डाक जीवन बीमा (पीएलआई) और ग्रामीण डाक जीवन बीमा (आरपीएलआई) योजनाओं से संबंधित धनराशि के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। यह मामला चंबा मंडल के डाक अधीक्षक द्वारा प्रस्तुत शिकायत और विभागीय जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर दर्ज किया गया है। सीबीआई ने मामले को भ्रष्टाचार और सरकारी धन के कथित दुरुपयोग से जुड़े प्रकरण के रूप में दर्ज करते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

बीमा प्रीमियम और ऋण अदायगी राशि से जुड़ा मामला

एफआईआर में उल्लेख किया गया है कि 15 नवंबर 2018 से 20 अप्रैल 2022 के बीच संबंधित अधिकारी ने ग्राहकों से डाक जीवन बीमा और ग्रामीण डाक जीवन बीमा योजनाओं के तहत प्रीमियम तथा ऋण अदायगी की राशि नकद रूप में प्राप्त की थी। जांच एजेंसी का आरोप है कि कई मामलों में ग्राहकों की पासबुक और पॉलिसी रिकॉर्ड में प्रीमियम जमा होने की प्रविष्टियां दर्ज की गईं, लेकिन संबंधित राशि को विभाग की आधिकारिक लेखा प्रणाली में या तो दर्ज नहीं किया गया अथवा वास्तविक राशि से कम दर्ज किया गया। सीबीआई अब संबंधित अवधि के नकद लेनदेन, पॉलिसी रिकॉर्ड, लेखा पुस्तकों और डिजिटल एंट्री का मिलान कर रही है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि कितने मामलों में ऐसी विसंगतियां मौजूद थीं।

प्रारंभिक जांच में सामने आई वित्तीय अनियमितता

सीबीआई के अनुसार प्रारंभिक जांच में मार्च 2019 से सितंबर 2021 के बीच 1,06,291 रुपये की सरकारी राशि से संबंधित वित्तीय अनियमितता सामने आई है। एजेंसी का आरोप है कि यह राशि ग्राहकों से प्राप्त होने के बावजूद निर्धारित सरकारी खातों में पूरी तरह जमा नहीं की गई। जांच में विभिन्न बीमा खातों, प्रीमियम रसीदों, नकद संग्रह रिकॉर्ड और विभागीय लेखा दस्तावेजों का परीक्षण किया गया है। सीबीआई का कहना है कि यह राशि प्रारंभिक जांच में चिन्हित हुई है और विस्तृत जांच के दौरान अन्य वित्तीय लेनदेन की भी समीक्षा की जा रही है। यदि अतिरिक्त मामलों में भी इसी प्रकार की विसंगतियां पाई जाती हैं तो कथित अनियमितता की कुल राशि बढ़ सकती है।

विभागीय कार्रवाई भी जारी

डाक विभाग ने इस मामले में विभागीय स्तर पर कार्रवाई पहले ही शुरू कर दी है। विभागीय अधिकारियों द्वारा संबंधित अवधि के रिकॉर्ड, बीमा खातों, नकद जमा विवरण और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की समीक्षा की जा रही है। सूत्रों के अनुसार कुछ अन्य लेनदेन और खातों की भी जांच की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी जमा राशियां निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सरकारी खातों में दर्ज हुई थीं या नहीं। विभागीय जांच और सीबीआई जांच समानांतर रूप से चल रही हैं तथा दोनों एजेंसियां उपलब्ध दस्तावेजों और रिकॉर्ड के आधार पर तथ्यों का सत्यापन कर रही हैं।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मामला

सीबीआई ने राजीव कुमार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 409 (लोक सेवक द्वारा आपराधिक न्यासभंग) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। एफआईआर के अनुसार आरोप सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े हैं। वर्तमान में राजीव कुमार चंबा प्रधान डाकघर में पोस्टल असिस्टेंट (एलएसजी) के पद पर कार्यरत बताए गए हैं। जांच एजेंसी संबंधित बैंक रिकॉर्ड, विभागीय दस्तावेज, बीमा खातों के विवरण, नकद लेनदेन और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण कर रही है। सीबीआई का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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