Loading...

रामपुर से लापता 17 वर्षीय नाबालिग का पता चला, पुलिस ने परिजनों को सौंपा

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

रामपुर क्षेत्र से लापता हुए 17 वर्षीय नाबालिग को पुलिस ने खोज अभियान के दौरान सुरक्षित बरामद कर लिया। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी संसाधनों की सहायता से उसकी तलाश शुरू की थी। विभिन्न इकाइयों के साथ समन्वय स्थापित कर नाबालिग का पता लगाया गया। आवश्यक पूछताछ और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

शिमला

सूचना मिलते ही शुरू किया गया खोज अभियान

पुलिस थाना रामपुर को 14 जून की रात करीब 10:15 बजे सूचना प्राप्त हुई कि 17 वर्षीय एक नाबालिग घर से बिना बताए कहीं चला गया है। सूचना मिलने के बाद थाना रामपुर की टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर तत्काल खोज अभियान शुरू किया। पुलिस ने सबसे पहले परिजनों से नाबालिग की गतिविधियों, संभावित संपर्कों और अंतिम बार देखे जाने के स्थान संबंधी जानकारी एकत्र की। इसके साथ ही आसपास के क्षेत्रों, बस स्टैंड, बाजार और प्रमुख मार्गों पर तलाश की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न पुलिस इकाइयों को भी आवश्यक सूचना साझा की गई ताकि संभावित आवाजाही वाले क्षेत्रों पर निगरानी रखी जा सके।

सीसीटीवी फुटेज से मिला महत्वपूर्ण सुराग

तलाशी अभियान के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग-05 और आसपास के क्षेत्रों में स्थापित सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान नाबालिग दत्तनगर क्षेत्र से एक एचआरटीसी बस में सवार होता दिखाई दिया। इस सुराग के आधार पर पुलिस ने परिवहन विभाग और संबंधित इकाइयों के साथ समन्वय स्थापित किया। बस के रूट, समय और संभावित गंतव्य की जानकारी जुटाई गई। पुलिस ने संबंधित मार्ग पर संचालित बसों और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों से भी जानकारी प्राप्त की, जिससे नाबालिग की लोकेशन का पता लगाने में सहायता मिली।

ढल्ली क्षेत्र के पास मिला नाबालिग

सीसीटीवी फुटेज, परिवहन संबंधी जानकारी और विभिन्न इकाइयों के समन्वय के आधार पर पुलिस टीम ने नाबालिग की तलाश जारी रखी। जांच के दौरान प्राप्त तथ्यों के आधार पर पुलिस ने शिमला की ओर जाने वाले मार्गों पर भी निगरानी रखी। इसके बाद नाबालिग को थाना ढल्ली क्षेत्र के समीप सुरक्षित स्थिति में पाया गया। पुलिस ने उसे अपने संरक्षण में लिया और उसकी पहचान तथा परिस्थितियों की पुष्टि करने के बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी की। अधिकारियों के अनुसार नाबालिग के स्वास्थ्य और सुरक्षा की भी जांच की गई।

परिजनों को सौंपा गया नाबालिग

पुलिस के अनुसार सूचना मिलने से लेकर नाबालिग के पता लगने तक की पूरी कार्रवाई लगभग पांच घंटे के भीतर पूरी की गई। नाबालिग के मिलने के बाद आवश्यक पूछताछ और कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके उपरांत उसे उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया। जिला शिमला पुलिस ने बताया कि मामले में तकनीकी संसाधनों, सीसीटीवी निगरानी प्रणाली और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय का प्रभावी उपयोग किया गया। पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि किसी व्यक्ति के लापता होने की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।