बिलासपुर में स्वतंत्रता सेनानी की पत्नी ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, मकान मरम्मत और सुरक्षा की मांग
90 वर्षीय महिला ने अपने पुश्तैनी मकान की मरम्मत में बाधा डालने तथा पड़ोसियों द्वारा धमकी देने के आरोपों को लेकर जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। शिकायत के बाद उपायुक्त ने मामले की जांच और भूमि संबंधी प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
बिलासपुर
डीसी कार्यालय के बाहर दिया धरना
बिलासपुर जिले के घुमारवीं उपमंडल की ग्राम पंचायत करलोटी निवासी 90 वर्षीय राम प्यारी, स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय अमर नाथ डोगरा की पत्नी हैं। उन्होंने परिवार के सदस्यों के साथ जिला उपायुक्त कार्यालय के बाहर करीब दो घंटे तक धरना दिया और प्रशासन को लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि अपने पुश्तैनी मकान की आवश्यक मरम्मत करवाने के प्रयासों में उन्हें लगातार बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। महिला ने प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध करवाने, मामले की निष्पक्ष जांच करने और लंबित राजस्व संबंधी प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने की मांग की है।
मकान की मरम्मत को लेकर विवाद
शिकायतकर्ता के अनुसार उनके पुश्तैनी मकान की छत काफी पुरानी और जर्जर हो चुकी है, जिसके चलते उसकी मरम्मत जरूरी है। उन्होंने बताया कि जब मिस्त्रियों के माध्यम से मरम्मत कार्य शुरू करवाया गया तो कुछ लोगों ने इस पर आपत्ति जताते हुए काम रुकवा दिया। महिला का कहना है कि संबंधित भूमि की तक्सीम अभी लंबित है और उस पर स्टे होने के बावजूद मकान की मरम्मत करवाई जा सकती है। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया है कि विरोध के दौरान उन्हें धमकियां दी गईं। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि पूर्व में हुए एक विवाद के दौरान उन्हें चोटें आई थीं, जिसके कारण उपचार भी करवाना पड़ा था। इन सभी आरोपों की जांच संबंधित विभागों द्वारा की जानी है।
जर्जर मकान में रह रहा परिवार
महिला ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ उसी पुराने मकान में रह रही हैं, जिसकी स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। उनके अनुसार बरसात के मौसम में छत से पानी टपकने और संरचना को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रहती है। उन्होंने कहा कि परिवार के कुछ सदस्य रोजगार के कारण घर से बाहर रहते हैं, जबकि घर में महिलाएं और बच्चे भी निवास करते हैं। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि मकान के आसपास और भीतर समय-समय पर सांप जैसे जीव दिखाई देते हैं, जिसके चलते परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। इसी कारण उन्होंने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है।
प्रशासन ने दिए जांच के निर्देश
मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन के अनुसार एसडीएम घुमारवीं को भूमि संबंधी लंबित प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के लिए कहा गया है। साथ ही राजस्व और फील्ड स्टाफ को मौके पर भेजकर वास्तविक स्थिति का आकलन करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों और तथ्यों की जांच नियमानुसार की जाएगी तथा रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।