घुमारवीं में भाजपा नेताओं का अनशन खत्म, जयराम ठाकुर ने निष्पक्ष पुलिस कार्रवाई की मांग उठाई
घुमारवीं में एक सप्ताह से अधिक समय से अनशन कर रहे भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का आंदोलन पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने जूस पिलाकर समाप्त करवाया। भाजपा कार्यकर्ता पार्टी नेताओं के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणियों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज नहीं होने के विरोध में अनशन कर रहे थे। जयराम ठाकुर ने कहा कि अनशन समाप्त हुआ है, लेकिन इस मुद्दे को लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से उठाने का संघर्ष जारी रहेगा।
बिलासपुर/घुमारवीं
जयराम ठाकुर ने अनशन पर बैठे भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं से आंदोलन समाप्त करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं ने अपनी मांग को लेकर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष किया है। उनके अनुसार, भाजपा संघर्ष से पीछे नहीं हटेगी और मुकदमों, प्रशासनिक दबाव या पुलिस तंत्र के कथित दुरुपयोग से कार्यकर्ताओं का मनोबल नहीं टूटेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी कानून और संविधान के दायरे में रहते हुए अपनी बात उठाती रहेगी और जहां नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आएगा, वहां आवाज बुलंद करेगी।
नेता प्रतिपक्ष ने अधिकारियों से संविधान, कानून और अपनी शपथ के अनुसार निष्पक्ष होकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को किसी सरकार या राजनीतिक दल के दबाव के बजाय नियम-कानून के दायरे में अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। जयराम ठाकुर ने दावा किया कि राजनीतिक दबाव में काम करने से प्रशासनिक व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने अधिकारियों को अपनी पहली जिम्मेदारी संविधान और कानून के प्रति रखने की बात कही।
शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप
जयराम ठाकुर के अनुसार, भाजपा नेताओं के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणियां करने वालों के विरुद्ध शिकायत दी गई थी, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। उन्होंने कहा कि इसी मांग को लेकर भाजपा नेता और कार्यकर्ता एक सप्ताह से अधिक समय तक अनशन पर बैठे रहे। उनका आरोप है कि कांग्रेस नेताओं की शिकायतों पर भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ तत्काल मामले दर्ज किए जाते हैं, जबकि भाजपा की शिकायत पर कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कानून के समान इस्तेमाल और निष्पक्ष पुलिस कार्रवाई की मांग की।
जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार पर राजनीतिक विरोधियों और भाजपा कार्यकर्ताओं पर मुकदमों तथा प्रशासनिक दबाव के माध्यम से उनकी आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के लिए अलग-अलग मापदंड नहीं होने चाहिए। उनके मुताबिक, सरकार को कथित दोहरा रवैया समाप्त कर शिकायतों पर कानून के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक अधिकारों के कथित हनन या कानून के इस्तेमाल में भेदभाव से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच ले जाएगी और संवैधानिक दायरे में आवाज उठाती रहेगी।