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Green Credit Programme / बंजर वनों के पौधरोपण के लिए शुरू हुआ ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम, निजी भागीदारी को बढ़ावा

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 2 Hours Ago • 1 Min Read

Himachalnow / धर्मशाला

Green Credit Programme / देश में बंजर वनों को हरा-भरा बनाने के लिए ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम शुरू किया गया है। इस योजना में सरकारी और निजी संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता को बढ़ावा देना है।

कांगड़ा/धर्मशाला

बंजर वनों को हरा-भरा बनाने की पहल

केंद्रीय वन और पर्यावरण राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने राज्यसभा में जानकारी देते हुए बताया कि देश में बंजर वनों के पौधरोपण के लिए ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम शुरू किया गया है। इस योजना के तहत सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की इकाइयों को सक्रिय रूप से जोड़ा जाएगा, ताकि अधिक से अधिक क्षेत्र में हरियाली विकसित की जा सके।

राज्य सरकार करेगी भूमि का चयन

उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत कवर किए जाने वाले बंजर वन क्षेत्रों का चयन संबंधित राज्य सरकारों के वन विभाग द्वारा मौके की परिस्थितियों के अनुसार किया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर बेहतर योजना बनाकर पौधरोपण कार्य को सफल बनाया जा सकेगा।

पांच साल बाद मिलेगा ग्रीन क्रेडिट

कार्यक्रम के तहत पौधरोपण करने वाले अभ्यर्थी पांच वर्षों के बाद ग्रीन क्रेडिट के लिए दावा कर सकेंगे। इसके लिए आवश्यक है कि संबंधित क्षेत्र में कम से कम 40 प्रतिशत तक हरियाली विकसित हो चुकी हो और क्षेत्र हरे-भरे पेड़ों से आच्छादित हो।

जैव विविधता और पर्यावरण को मिलेगा लाभ

ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य बंजर वनों को पुनर्जीवित करना, जैव विविधता को बढ़ावा देना और वन संसाधनों की पर्यावरणीय सेहत तथा उत्पादन क्षमता में सुधार लाना है। यह योजना दीर्घकालिक पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

आईसीएफआरई को बनाया गया प्रशासक

इस कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए इंडियन काउंसिल ऑफ फॉरेस्ट्री रिसर्च एंड एजुकेशन (आईसीएफआरई), देहरादून को प्रशासक नियुक्त किया गया है। यह संस्था कार्यक्रम की निगरानी और संचालन सुनिश्चित करेगी, जिससे योजना का लाभ व्यापक स्तर पर मिल सके।