संत गुरु रविदास जी की कलश वंदन यात्रा का संतोषगढ़ में भव्य स्वागत, समरसता का दिया संदेश
संत शिरोमणि धन-धन सतगुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे “समरसता संकल्प अभियान” के तहत रविवार को ऊना जिले के संतोषगढ़ में पहुंची कलश वंदन यात्रा का श्रद्धा और उत्साह के साथ भव्य स्वागत किया गया। यात्रा के स्वागत में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और पूरे क्षेत्र में भक्ति एवं सामाजिक समरसता का वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान गुरु रविदास जी के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान भी किया गया।
ऊना
कार्यक्रम में हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर, राज्यसभा सांसद सिकंदर कुमार तथा ऊना सदर के विधायक सतपाल सिंह सत्ती सहित कई गणमान्य व्यक्ति, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। सभी ने कलश वंदन यात्रा का पुष्पवर्षा और जयघोष के साथ स्वागत किया। इस दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला और आयोजन पूरी श्रद्धा एवं अनुशासन के साथ संपन्न हुआ।
गुरु रविदास जी के विचार अपनाने का किया आह्वान
वक्ताओं ने अपने संबोधन में संत गुरु रविदास जी महाराज के जीवन, उनके आदर्शों और समाज को दिए गए समरसता, समानता, भाईचारे तथा मानव सेवा के संदेश पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी के विचार आज भी समाज को एकजुट करने और सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने सभी लोगों से गुरु रविदास जी की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने और उनके संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का आग्रह किया।
समरस समाज के निर्माण का दिया संदेश
वक्ताओं ने कहा कि समानता, सद्भाव और परस्पर सम्मान की भावना को मजबूत किए बिना समरस समाज की कल्पना पूरी नहीं हो सकती। आयोजकों ने बताया कि “समरसता संकल्प अभियान” का उद्देश्य संत गुरु रविदास जी महाराज के विचारों को जन-जन तक पहुंचाकर सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ बनाना है। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता का संदेश स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।