हादसा / समारोह में शामिल होने जा रहे परिवार पर रंगड़ों का हमला, तीन सदस्य घायल
हादसा : मंडी जिले के जोगिंद्रनगर उपमंडल में शनिवार को रंगड़ों के झुंड के हमले में एक ही परिवार के तीन सदस्य घायल हो गए। घटना उस समय हुई जब परिवार के सदस्य एक समारोह में शामिल होने के लिए जा रहे थे। हमले के बाद घायलों को स्थानीय लोगों की सहायता से सिविल अस्पताल जोगिंद्रनगर पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार सभी घायलों की स्थिति स्थिर है और उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध करवाई जा रही है।
मंडी
समारोह में जाते समय हुई घटना
मंडी जिले के जोगिंद्रनगर उपमंडल की बल्ह जोली पंचायत के डलाणा (गलू) क्षेत्र में शनिवार दोपहर एक परिवार पर रंगड़ों के झुंड ने हमला कर दिया। इस घटना में एक ही परिवार के तीन सदस्य घायल हो गए। घटना के समय परिवार के सदस्य एक सामाजिक समारोह में शामिल होने के लिए जा रहे थे। हमले के बाद स्थानीय लोगों की सहायता से घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
एक ही परिवार के तीन सदस्य घायल
प्राप्त जानकारी के अनुसार कुसमा, उनकी भाभी शीला और बेटा निखिल जगैहड़ा क्षेत्र में आयोजित एक समारोह में भाग लेने जा रहे थे। उनके साथ गांव और परिवार के लगभग दस अन्य लोग भी मौजूद थे। डलाणा क्षेत्र के समीप पहुंचने पर अचानक रंगड़ों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। हमले में तीनों घायल हो गए, जबकि अन्य लोगों ने सुरक्षित स्थान पर जाकर स्वयं को बचाया।
अस्पताल में चल रहा उपचार
घटना के तुरंत बाद घायलों को सिविल अस्पताल जोगिंद्रनगर ले जाया गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार तीनों का उपचार जारी है। वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास नाथ ने बताया कि रंगड़ों के हमले में घायल हुए सभी लोगों की स्थिति खतरे से बाहर है और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है।
स्थानीय लोगों ने उठाई सुरक्षा उपायों की मांग
घटना के बाद क्षेत्र के लोगों ने सार्वजनिक मार्गों और आबादी वाले क्षेत्रों के आसपास रंगड़ों के बढ़ते मामलों को देखते हुए आवश्यक सुरक्षा उपाय करने की मांग की है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ऐसे क्षेत्रों की पहचान कर समय रहते उचित कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि लोगों की आवाजाही सुरक्षित बनी रहे।
प्रशासनिक स्तर पर निगरानी की अपेक्षा
स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार की घटनाओं की रोकथाम के लिए संबंधित विभागों द्वारा नियमित निरीक्षण और आवश्यक प्रबंधन किया जाना चाहिए। इससे सार्वजनिक स्थानों पर आने-जाने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है।