हमीरपुर के सुजानपुर में मक्की की फसल पर फॉल आर्मी वर्म का प्रभाव, कृषि विभाग ने किसानों को दी सलाह
सुजानपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत करोट में किसानों द्वारा बोई गई मक्की की फसल पर फॉल आर्मी वर्म के प्रभाव की सूचना सामने आई है। किसानों ने कृषि विभाग से प्रभावित खेतों का निरीक्षण कर आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन देने की मांग की है, जबकि विभाग ने समय पर अनुशंसित दवा का छिड़काव करने और फसल की नियमित निगरानी रखने की सलाह जारी की है।
सुजानपुर
करोट पंचायत में मक्की की फसल पर कीट का प्रभाव
हमीरपुर जिले के विकास खंड सुजानपुर की ग्राम पंचायत करोट में किसानों द्वारा बोई गई मक्की की फसल पर फॉल आर्मी वर्म (Fall Armyworm) के प्रभाव की सूचना सामने आई है। किसानों के अनुसार कीट मक्की के पौधों के अंकुर निकलने वाले भाग पर प्रभाव डाल रहा है, जिससे पौधों की सामान्य वृद्धि प्रभावित हो रही है। स्थानीय किसानों ने कृषि विभाग से प्रभावित खेतों का निरीक्षण कर आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की मांग की है।
किसानों ने विभाग से मांगा तकनीकी मार्गदर्शन
करोट पंचायत के पूर्व उपप्रधान डॉ. जय गोपाल राणा ने बताया कि खेतों में मक्की के पौधों पर फॉल आर्मी वर्म का प्रभाव देखा गया है। उनके अनुसार यह कीट पौधे के शुरुआती विकास वाले हिस्से पर असर डाल रहा है, जिससे कई पौधों का तना प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में इस प्रकार के कीट का प्रभाव पहले देखने को नहीं मिला था। किसानों का कहना है कि विशेषज्ञों की टीम प्रभावित खेतों का निरीक्षण कर रोकथाम के प्रभावी उपाय सुझाए, ताकि फसल को होने वाले संभावित नुकसान को कम किया जा सके।
कृषि विभाग ने दी रोकथाम की सलाह
कृषि विषयवाद विशेषज्ञ डॉ. अरविंद चाहल ने बताया कि फॉल आर्मी वर्म की रोकथाम के लिए किसान सुबह या शाम के समय खेतों में इनामेक्टिन बेंजोएट (Emamectin Benzoate) अथवा कोराजन (Coragen) का अनुशंसित मात्रा में छिड़काव करें। उन्होंने कहा कि इन दवाओं का उपयोग कृषि विभाग की सलाह के अनुसार किया जाना चाहिए। संबंधित दवाएं कृषि विभाग के अधिकृत विक्रय केंद्रों पर उपलब्ध हैं। किसानों को फसल का नियमित निरीक्षण करते रहने तथा कीट का प्रकोप बढ़ने पर तुरंत कृषि विभाग से संपर्क करने की भी सलाह दी गई है।
