हमीरपुर में होर्डिंग लगाने के लिए नगर निगम की अनुमति अनिवार्य, ट्रेड लाइसेंस की अंतिम तिथि 15 मई
Himachalnow / हमीरपुर
नगर निगम हमीरपुर ने व्यापारियों को ट्रेड लाइसेंस 15 मई तक बनवाने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही निगम सीमा में होर्डिंग लगाने के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य की गई है और नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने का प्रावधान बताया गया है।
हमीरपुर
ट्रेड लाइसेंस और प्रक्रिया
आयुक्त ने विस्तार से बताया कि जिन व्यापारियों ने अभी तक ट्रेड लाइसेंस नहीं बनवाया है, वे 15 मई तक लोकमित्र केंद्रों के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। जिन लोगों को ऑनलाइन प्रक्रिया में किसी प्रकार की कठिनाई आ रही है, उनके लिए नगर निगम कार्यालय में ऑफलाइन सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई है, जहां वे सीधे जाकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना लाइसेंस बनवा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, निजी पार्किंग संचालित करने वाले व्यक्तियों को भी निगम से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त कर ट्रेड लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा, ताकि सभी गतिविधियां निर्धारित नियमों और प्रावधानों के तहत संचालित हो सकें और किसी प्रकार की अनियमितता न हो।
जुर्माना और नियमन
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यापारी 15 मई तक अपना ट्रेड लाइसेंस नहीं बनवाता है, तो उससे प्रतिमाह 500 रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। साथ ही निगम क्षेत्र के भीतर किसी भी प्रकार के प्रचार-प्रसार के लिए होर्डिंग या बैनर लगाने से पहले निगम की अनुमति लेना अनिवार्य किया गया है। बिना अनुमति लगाए गए होर्डिंग और बैनर को बिना पूर्व सूचना के हटाया जाएगा और यदि इससे सार्वजनिक संपत्ति को किसी प्रकार का नुकसान होता है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया जा सकता है। इन नियमों का उद्देश्य शहर में व्यवस्थित और नियंत्रित प्रचार व्यवस्था बनाए रखना है।
अन्य निर्देश
आयुक्त ने शहरवासियों से अपने पालतू कुत्तों का पंजीकरण भी 15 मई तक लोकमित्र केंद्रों के माध्यम से करवाने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि पंजीकरण की प्रक्रिया नगर निगम के रिकॉर्ड को अद्यतन रखने और नागरिक सेवाओं को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए आवश्यक है। यदि निर्धारित समय सीमा तक पंजीकरण नहीं कराया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति पर नियमानुसार जुर्माना लगाया जा सकता है। निगम प्रशासन का उद्देश्य सभी व्यवस्थाओं को नियमों के अनुरूप बनाए रखना और नागरिकों को आवश्यक सुविधाएं व्यवस्थित रूप से उपलब्ध कराना है।