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हरोली बना हिमाचल का पहला पूर्ण CCTV निगरानी वाला विधानसभा क्षेत्र, ‘आईना’ सेंटर का उद्घाटन

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

ऊना जिले के हरोली विधानसभा क्षेत्र में 195 सीसीटीवी कैमरों से लैस कमांड एंड कंट्रोल सेंटर ‘आईना’ का उद्घाटन किया गया। इस परियोजना के माध्यम से क्षेत्र में निगरानी व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और कानून-व्यवस्था से जुड़ी तकनीकी सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। केंद्र से संदिग्ध वाहनों की पहचान, सार्वजनिक स्थानों की निगरानी और त्वरित सूचना उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।

ऊना

‘आईना’ कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का उद्घाटन

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शुक्रवार को हरोली में 5.50 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर ‘आईना’ का लोकार्पण किया। यह केंद्र मिनी सचिवालय स्थित डीएसपी कार्यालय में स्थापित किया गया है और इसे सीसीटीवी आधारित निगरानी तथा तकनीक आधारित पुलिसिंग को मजबूत करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। इस प्रणाली के माध्यम से क्षेत्र में निगरानी, सूचना संकलन और पुलिस समन्वय को अधिक प्रभावी बनाने की व्यवस्था की गई है।

195 सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी

हरोली विधानसभा क्षेत्र के 60 महत्वपूर्ण स्थानों पर कुल 195 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनमें 103 ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे और 92 अन्य निगरानी कैमरे शामिल हैं। इन कैमरों के माध्यम से संदिग्ध वाहनों की पहचान, सार्वजनिक स्थानों पर गतिविधियों की निगरानी और यातायात नियमों के उल्लंघन पर नजर रखी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित सूचना तुरंत पुलिस तंत्र तक पहुंचाई जा सकेगी, जिससे कार्रवाई की प्रक्रिया अधिक तेज और व्यवस्थित होगी।

वायरलेस प्रणाली और ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि ‘आईना’ प्रदेश की पहली पूर्णतः वायरलेस कमांड एंड कंट्रोल प्रणाली है। केंद्र में 19 एलईडी वीडियो वॉल स्थापित की गई हैं, जिनके माध्यम से पूरे क्षेत्र की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। सिस्टम में तीन माह तक डेटा सुरक्षित रखने की क्षमता है। इसके साथ लगभग 1.50 करोड़ रुपये की लागत से सात इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) भी स्थापित किए गए हैं। इन प्रणालियों के जरिए यातायात प्रबंधन, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में तकनीकी सहायता उपलब्ध होगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं पर जोर

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में भी आधुनिक प्रशासनिक और सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार पर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि हरोली में विभिन्न सरकारी कार्यालयों, वाहन पंजीकरण सुविधा और अन्य सेवाओं के माध्यम से स्थानीय स्तर पर नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ किया गया है। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों की तर्ज पर ग्रामीण क्षेत्रों में भी आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए योजनाएं लागू की जा रही हैं।

बस डिपो और अन्य विकास परियोजनाएं

उन्होंने जानकारी दी कि हरोली बस डिपो का संचालन शीघ्र शुरू किया जाएगा। इसके लिए इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध हो चुकी हैं और विभिन्न रूट निर्धारित किए जा चुके हैं। इन बस सेवाओं के माध्यम से दिल्ली, चंडीगढ़, शिमला और एम्स बिलासपुर सहित प्रमुख गंतव्यों तक नियमित संचालन की योजना है। इसके साथ ही टाहलीवाल में नए पुलिस थाना भवन का निर्माण भी प्रस्तावित है। पुलिस विभाग की आवश्यकताओं के अनुसार अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी जारी है।

स्वास्थ्य, सिंचाई और शिक्षा परियोजनाएं

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि हरोली अस्पताल को 100 बिस्तरों तक विस्तारित करने के लिए 8.50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से चार करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं और शीघ्र निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। इसके अलावा क्षेत्र में पुल निर्माण, सिंचाई परियोजनाओं और कमांड एरिया डेवलपमेंट से संबंधित कार्य प्रगति पर हैं। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में संचालित 33 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों, तीन सरकारी कॉलेजों, दो आईटीआई, ट्रिपल आईटी, केंद्रीय विद्यालय, लॉ कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज और आयुर्वेदिक कॉलेज का भी उल्लेख किया।

बल्क ड्रग पार्क परियोजना और पुलिस वाहन

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि बल्क ड्रग पार्क परियोजना पर कार्य प्रगति पर है और आगामी महीनों में इसकी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना में प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार की ओर से एक-एक हजार करोड़ रुपये के निवेश का प्रावधान है। उन्होंने डीएसपी कार्यालय हरोली के लिए नए पुलिस वाहन को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे पहले पुलिस थाना टाहलीवाल और पुलिस चौकी पंडोगा को भी नए वाहन उपलब्ध कराए जा चुके हैं।

एसपी ने दी तकनीकी जानकारी

पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ ने बताया कि पंजाब सीमा से जुड़े हरोली उपमंडल के 60 स्थानों पर स्थापित कैमरों के माध्यम से सार्वजनिक स्थानों, बाजारों, औद्योगिक क्षेत्रों और संवेदनशील इलाकों की निगरानी की जाएगी। इनमें 103 ANPR और 92 अन्य कैमरे शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए ओवरस्पीडिंग, बिना हेलमेट वाहन चलाने, ट्रिपल राइडिंग और सीट बेल्ट नियमों के उल्लंघन पर निगरानी रखी जाएगी। इस व्यवस्था से संदिग्ध वाहनों की पहचान और यातायात प्रबंधन में पुलिस को तकनीकी सहायता मिलेगी।