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हरोली में पेयजल-सिंचाई योजनाओं पर 500 करोड़ का लक्ष्य, 350 करोड़ रुपये खर्च

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 50 Mins Ago • 1 Min Read

हरोली विधानसभा क्षेत्र में पेयजल और सिंचाई व्यवस्था मजबूत करने के लिए वर्तमान सरकारी कार्यकाल में जल शक्ति विभाग की योजनाओं पर 500 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के अनुसार इनमें से करीब 350 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। शुक्रवार को उन्होंने 36 करोड़ रुपये की विभिन्न पेयजल एवं सिंचाई योजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के साथ टाहलीवाल सीवरेज योजना की आधारशिला भी रखी।

ऊना/वीरेंद्र बन्याल

मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हरोली में पेयजल उपलब्धता और खेतों की सिंचाई से जुड़ी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए वर्तमान जरूरतों के साथ भविष्य की मांग को ध्यान में रखकर काम किया जा रहा है। करीब 101 करोड़ रुपये की योजना के तहत 136 पुराने ट्यूबवेलों की दोबारा ड्रिलिंग की जा रही है। ये ट्यूबवेल पहले लगाए गए थे, लेकिन बाद में बंद हो गए या काम करना छोड़ चुके थे। इस योजना में लगभग 50 नए जल भंडारण टैंक बनाने और पाइपलाइन बिछाने का प्रावधान भी शामिल है।

बीत क्षेत्र से बटकलां तक बढ़ेगी सिंचाई सुविधा

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि बीत क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर करीब 75 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। योजना से बीत क्षेत्र के साथ पालकवाह तथा कर्मपुर से बटकलां तक की जमीन को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इसके लिए पालकवाह-कर्मपुर के आसपास मुख्य पंप हाउस बनाया जा रहा है। परियोजना में सौर ऊर्जा के उपयोग की व्यवस्था भी प्रस्तावित है, जिससे किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने और क्षेत्र की सिंचाई प्रणाली को अधिक मजबूत बनाने में सहायता मिलेगी।

उन्होंने कहा कि हरोली विधानसभा क्षेत्र में अब तक 88 जल भंडारण टैंक तैयार किए जा चुके हैं, जबकि 50 अन्य टैंकों का निर्माण किया जाएगा। इससे जल भंडारण क्षमता बढ़ने के साथ भविष्य की पेयजल जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है। करीब 100 करोड़ रुपये की एक अन्य योजना भी स्वीकृति के करीब है, जिसका लाभ पंडोगा क्षेत्र को मिलेगा। क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाने, जल भंडारण ढांचे तैयार करने और खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने का कार्य लगातार जारी है।

प्रदेश की वित्तीय सहायता पर विपक्ष को घेरा

आपदा राहत राशि के उपयोग को लेकर विपक्ष के आरोपों पर मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश की वित्तीय कठिनाइयों को दूर करने में भाजपा ने सहयोग नहीं किया। उनके अनुसार राजस्व घाटा अनुदान, जीएसटी मुआवजे और केंद्र से मिलने वाली अन्य महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता में कमी का असर प्रदेश के संसाधनों पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि संघीय व्यवस्था के तहत राज्यों को करों में निर्धारित हिस्सा मिलना उनका अधिकार है और वित्तीय चुनौतियों के बावजूद सरकार विकास संबंधी जरूरतें पूरी करने के प्रयास कर रही है।

मुकेश अग्निहोत्री ने भाजपा नेताओं पर विकास कार्यों का श्रेय लेने का आरोप भी लगाया। उन्होंने बताया कि हरोली विधानसभा क्षेत्र में इस समय 18 पुलों का निर्माण किया जा रहा है और छूटे हुए संपर्क मार्गों को जोड़ने का कार्य जारी है। पंडोगा-त्यूड़ी पुल सहित विभिन्न परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र से मिलने वाली धनराशि में प्रदेश का निर्धारित हिस्सा भी शामिल होता है। उन्होंने दावा किया कि सरकार क्षेत्र में पेयजल, सिंचाई, पुल और संपर्क मार्गों से जुड़ी परियोजनाओं को आगे बढ़ा रही है।