राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश को 3,920 करोड़ रुपये केंद्रीय सहायता मिलने का किया स्वागत
Himachalnow / शिमला
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने हिमाचल प्रदेश को ‘एसएएससीआई के तहत प्राईड ऑफ हिल्स’ योजना के अंतर्गत 3,920 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता मिलने के निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह राशि राज्य के सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य आधारभूत ढांचे के विकास में उपयोग की जाएगी। राज्यपाल ने आश्वस्त किया कि वित्तीय संसाधनों का पारदर्शी और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।
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केंद्र सरकार की पहल और हिमाचल का लाभ
केंद्र सरकार ने सोलहवें वित्त आयोग फ्रेमवर्क के तहत नौ पर्वतीय राज्यों के विकास के लिए 25,000 करोड़ रुपये का विशेष कोष बनाया है। इसमें हिमाचल प्रदेश को 3,920 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो इसे सभी पर्वतीय राज्यों में दूसरे सबसे बड़े लाभार्थी के रूप में प्रस्तुत करता है। राज्यपाल ने इस निर्णय को महत्वपूर्ण और दूरदर्शी बताते हुए कहा कि यह हिमाचल प्रदेश के सतत विकास की दिशा में एक मजबूत कदम है।
वित्तीय सहायता के प्रभावी उपयोग की योजना
राज्यपाल ने कहा कि इस सहायता राशि का उपयोग सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचे के क्षेत्रों में सुधार के लिए किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजनाओं का कार्यान्वयन पारदर्शी और प्रभावी तरीके से किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने राज्य के सभी विभागों से कहा कि वित्तीय संसाधनों का समुचित प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए ताकि राज्य के सभी वर्गों का विकास हो सके।
राज्य के समग्र विकास में योगदान
राज्यपाल ने कहा कि यह विशेष वित्तीय पैकेज हिमाचल प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि राज्य सीमित संसाधनों और वित्तीय दबाव का सामना कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस राशि के उपयोग से राज्य की आधारभूत संरचना में सुधार के साथ-साथ ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समान विकास को सुनिश्चित किया जा सकेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस निर्णय की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि इससे केंद्र सरकार की पर्वतीय राज्यों के विकास के प्रति प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है।