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डॉ. वाईएस परमार विश्वविद्यालय में स्कूली विद्यार्थियों को मिलेगी वोकेशनल ट्रेनिंग

हिमाचलनाउ डेस्क • 6 Dec 2024 • 1 Min Read

Himachalnow / शिमला


हिमाचल में व्यावसायिक शिक्षा को नई दिशा

हिमाचल प्रदेश में व्यावसायिक शिक्षा को एक नई ऊंचाई देने के लिए समग्र शिक्षा हिमाचल और डॉ. वाईएस परमार बागवानी और वानिकी विश्वविद्यालय ने एक ऐतिहासिक करार (एमओयू) किया है। इस साझेदारी के तहत, विश्वविद्यालय कृषि और संबंधित क्षेत्रों में व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करने वाले स्कूली विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करेगा।

एमओयू के प्रमुख बिंदु:

  • कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में प्रशिक्षण
  • व्यावहारिक शिक्षा के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग।
  • समग्र शिक्षा और नौणी विश्वविद्यालय के बीच करार (एमओयू)

शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार और कौशल वृद्धि

इस अवसर पर राज्य परियोजना निदेशक राजेश शर्मा ने कहा कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप है। इस योजना का उद्देश्य शैक्षिक संस्थानों और उद्योगों के बीच समन्वय स्थापित करना और व्यावसायिक कौशल को बढ़ावा देना है।

योजना के लाभ:

  • व्यावहारिक कौशल को बढ़ावा मिलेगा।
  • कृषि और संबंधित क्षेत्रों में कॅरियर के अवसर खुलेंगे।
  • छात्रों को नवीनतम तकनीकों से सशक्त किया जाएगा।

कृषि को सम्मानजनक कॅरियर विकल्प के रूप में बढ़ावा देना

डॉ. राजेश्वर सिंह चंदेल, कुलपति, डॉ. वाईएस परमार विश्वविद्यालय ने इस पहल को कृषि क्षेत्र में एक सम्मानजनक कॅरियर के रूप में बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि हमारे समाज में कृषि को अक्सर निम्न समझा जाता है, लेकिन इस पहल से यह मानसिकता बदलने की कोशिश की जाएगी।

कृषि उद्यमिता के अवसर:

  • अधिकारियों ने कृषि क्षेत्र में अपार अवसरों की पहचान की
  • अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कृषि में कॅरियर की संभावना को उजागर किया जाएगा।

नौणी विश्वविद्यालय द्वारा प्रशिक्षण और सुविधाएं

इस परियोजना के तहत, समग्र शिक्षा ने नौणी विश्वविद्यालय को 2.8 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की है। इस राशि से विश्वविद्यालय में 1800-2400 वर्ग फुट क्षेत्र में एक अत्याधुनिक इं incubator केंद्र स्थापित किया जाएगा।

इं incubator केंद्र में सुविधाएं:

  • आधुनिक कृषि उपकरण
  • स्मार्ट क्लासरूम और प्रयोगशालाएं
  • इंटर्नशिप कार्यक्रम और फील्ड विजिट्स

विस्तार में प्रशिक्षण और वर्चुअल कार्यक्रम

इसके अतिरिक्त, नौणी विश्वविद्यालय 5000 स्कूली विद्यार्थियों को कृषि आधारित व्यावसायिक शिक्षा देगा, जो नौवीं से 12वीं कक्षा तक के छात्र होंगे। विद्यार्थियों को वर्चुअल प्रशिक्षण और कृषि विज्ञान केंद्रों में फील्ड विजिट भी कराई जाएगी।

समग्र शिक्षा की योजना का विस्तार:

  • स्कूलों में कृषि प्रशिक्षण के विस्तार की योजना।
  • हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों में फील्ड विजिट्स और वर्चुअल सत्र

निष्कर्ष

यह पहल हिमाचल प्रदेश में व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव लाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी। इसके तहत, छात्र न केवल आधुनिक तकनीकों से सशक्त होंगे, बल्कि कृषि को एक सशक्त कॅरियर विकल्प के रूप में देखेंगे।